पति के सामने बीवी की घमासान चुदाई-2

Pati ke samne biwi ki ghamasan chudai-2

अब में मन ही मन में सोचने लगा था कि इसकी बीवी का क्या होता होगा? क्योंकि ये तो समलिंगी है.  फिर तभी हम चलते-चलते उसकी बीवी के पास पहुँच गये, उसकी फेमिली के नाम पर उसकी बीवी और एक छोटा बच्चा था. फिर उसने मुझे अपनी बीवी से मिलवाया, उसका नाम सोनाली था.  अब में तो उसकी बीवी को देखता ही रह गया था, कहते है ना कि लंगूर के हाथ अंगूर, वो वही जोड़ी थी, कहाँ वो अधेड़ उम्र का 40-45 साल का आदमी और कहाँ वो 28-30 साल की जवान औरत.  खैर फिर मैंने उसको नमस्ते कहा और उसने भी मुझे नमस्ते कहा.  फिर उसने अपने पति से कहा कि आप कहाँ चले गये थे

उसके पति ने उससे कहा कि विक्की के साथ ही गया था और उसका ये लास्ट का शब्द “गया था” कहने का स्टाईल मुझे जरा खटका.  फिर मैंने उसकी बीवी को ठीक से देखा, तो वो मस्त बदन की मल्लिका थी, मस्त बड़े-बड़े बूब्स, भरा-भरा शरीर, हाईट करीब 5 फुट 3 इंच होगी, उसने साड़ी पहनी थी और जरा खुले अंदाज में पहनी थी, जिसके कारण उसका पेट उसके बूब्स के उभार साफ-साफ दिख रहे थे.

फिर मैंने देखा कि वो भी मुझे बड़े ध्यान से और गहरी नजरों से देख रही है.  में चुदक्कड़ तो था ही, तो उसकी नजरो को समझना मेरे लिए मुश्किल नहीं था.  तभी उसके पति ने उसके कान में धीरे से कुछ कहा.

फिर मैंने देखा कि उसकी बीवी ने अपना सर हाँ में हिलाया और ओके कहा.  अब में कुछ समझ पाता उसके पहले ही उसके पति ने मुझसे कहा कि विक्की तुम्हारा रिज़र्वेशन किसमें है? तो मैंने कहा कि एसी-2 में.  फिर उन्होंने कहा कि अगर तुम्हें कोई प्रोब्लम ना हो तो क्या तुम हमारे साथ एसी-1 में चल सकते हो? तो मैंने कहा कि मुझे तो कोई प्रोब्लम नहीं है, लेकिन रिज़र्वेशन अपडेट होगा या नहीं.

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फिर उसने कहा कि चलो देखते है और फिर में अपना सामान वही उसकी बीवी के पास रखने लगा.  अब उसकी बीवी ने मुझे मस्त प्यारी और सेक्सी सी स्माईल दी, तो मैंने भी उसी तरह रिप्लाई किया.  फिर में और पंकज जी टी.टी. के पास गये और उससे एसी-2 को एसी-1 में ट्रान्सफर करने को कहा, तो उसने नाटक किया.

तभी पंकज जी ने अपनी जेब से एक 500 रुपए का नोट निकालकर उसके हाथ में देते हुए कहा कि सर कर दीजिए ना, ये 500 रुपए आपके लिए और कितना देना है बताइए? तो मैंने उन्हें रोका कि पैसे में देता हूँ, लेकिन उन्होंने मुझे मना कर दिया और बोले कि तुम मुझसे छोटे हो, इसलिए चुप रहो, तो में चुप हो गया.  फिर टी.टी. ने बाकी पैसे जो कि करीब 1100 रुपए था उसकी रसीद बनाई और बोला कि सीट नंबर ट्रेन में ही बता दूँगा, फिर हम लोग ओके कहकर चले गये.

अब ट्रेन जो कि 30 मिनिट के बाद 1 घंटे लेट हो गयी थी, वो अब 5-10 मिनट में ही आने वाली थी.  फिर हम सोनाली के पास पहुँचे, तो उसको भी खुशी हुई कि में उनके साथ ही चलूँगा.  अब हम बात ही कर रहे थे कि इतने में ट्रेन आ गयी और हम अपना सामान चढ़ाने लगे.  उनका 2 सीट का पहले से ही रिज़र्वेशन था, तो हमने अपना सामान उनकी सीट पर रख दिया और वहीं बैठ गये.

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अब हमारे अलावा उस बोगी में मुश्किल से 6 लोग ही रहे होंगे और वो भी दूसरी तरफ बैठे थे.  फिर 5 मिनट में ट्रेन चल पड़ी, तो थोड़ी देर में टी.टी. आया और हमें देखकर बोला कि आपकी बाकी की 2 सीट नंबर कौन सी है? तो तब पंकज जी ने कहा कि सीट नंबर 7 और 8 है.  तब टी.टी. ने कहा कि 9 और 10 दोनों खाली है, आप आराम से किसी में भी बैठिए.

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अब ट्रेन में हम कुछ इस तरह बैठे थे, एक सीट में, में और पंकज, दूसरी सीट में सोनाली और उसका बेटा बैठे थे.  अब ट्रेन लेट हो गयी थी, तो उसके बेटे को भूख लगने लगी थी, तो तब हम सभी ने साथ ही खाना खाया और फिर बातें करने लगे.  अब उसका बेटा सो गया था और अब उसे पंकज ने ऊपर की बर्थ पर सुला दिया था और फिर मेरे बगल में बैठे ही मेरी जाँघो को सहलाते हुए अपनी बीवी से बोले कि यार सोनू (सोनाली का निक नाम) पता है, विक्की मस्त सेक्सी लड़का है और उसका हथियार भी बहुत मस्त और शानदार है.  मुझे थोड़ा अज़ीब लगा कि ये कैसे एकदम खुले बोल रहा है?

खैर फिर उसकी बात सुनकर उसकी बीवी ने कहा कि हमें क्या पता? हमें तो लगता है जैसे विक्की जी हमसे नाराज है, तभी तो ना ही हमसे ज़्यादा बात कर रहे है और इतने दूर-दूर बैठे है.  तब उसके पति ने मेरी तरफ घूरते हुए मज़ाक में कहा कि क्या? क्यों विक्की तुम मेरी बीवी का ध्यान क्यों नहीं रख रहे हो? तो मैंने कहा कि सॉरी ऐसी कोई बात नहीं है.  तब पंकज ने कहा कि कैसे कोई बात नहीं है? अगर तुम सोनू का ध्यान रखते तो ये सुनने के बाद भी यही नहीं बैठे रहते बल्कि उठकर उसके बगल में जाकर बैठते.

फिर मैंने ओके कहा और उसकी बीवी को देखते हुए उसके बगल में बैठ गया.  अब उसने मेरी बाँह को कुछ इस तरह से पकड़कर अपनी तरफ खींच लिया कि उसकी चूचियाँ मेरी बाँह से चिपक गयी, जिसे वो मेरी बाँह में रगड़ने लगी थी, क्या मस्त चूचियाँ थी उसकी? तो तभी पंकज खड़ा हुआ और हमारी बोगी के पर्दे लगा दिए और 2 में से 1 लाईट ऑफ कर दी और खुद भी हमारी सीट पर ही मेरी दूसरी तरफ बैठ गया और मेरी जाँघो को सहलाते हुए बोला कि विक्की तुम कही शर्मा तो नहीं रहे हो ना?

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फिर मैंने कहा कि नहीं तो, तो उसने कहा कि फिर मेरी बीवी का मज़ा क्यो नहीं ले रहे हो? क्या मेरी बीवी सोनू खूबसूरत नहीं है? तो तब मैंने कहा कि नहीं ऐसी कोई बात नहीं है और इतना कहते हुए मैंने सोनू को अपने सीधे हाथ से पकड़कर अपने पास खींचकर उसके लिप्स पर किस करने लगा, तो वो भी मेरे होंठो को चूमने लगी और अपनी जीभ मेरे मुँह में घुसेड़ दी.

फिर में उसकी जीभ को चूसने लगा और अपने एक हाथ से उसकी एक चूची को दबाने, मसलने लगा, क्या मस्त साईज थी उसके बूब्स की? मुझे दबाने, मसलने में मज़ा आ गया था.  फिर अचानक से उसका पति जो कि मेरी जाँघ और लंड को मेरी पैंट के ऊपर से ही सहला रहा था, वो उठा और में फ्रेश होकर आता हूँ बोलकर बाथरूम में चला गया.  अब उसके जाते ही में एक तरह से सोनू पर टूट पड़ा और उसके गाल, होंठ, गले, सीने सभी जगह पर बेतहाशा चूमने, चाटने लगा.

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