पति के सामने बीवी की घमासान चुदाई-4

Pati ke samne biwi ki ghamasan chudai-4

फिर उसने अपनी बीवी की दोनों टांगे पकड़कर अपनी तरफ खींच ली, जिससे सोनू की चूत बिल्कुल खुलकर मेरी नजरों के सामने अपना मुँह खोलकर आ गयी, एकदम मस्त छेद था उसकी चूत का, बिल्कुल गुलाबी, चिकना.

फिर मैंने झुककर एक बार और उसे किस किया और फिर अपना लंड पकड़कर उसकी चूत के पास ले गया, तो पंकज ने कहा कि घुसाना मत, पहले इसकी चूत से गांड तक खूब रगड़ो, ऐसा करने से औरत बहुत ज़्यादा चुदासी हो जाती है और बहुत ज़्यादा पानी छोड़ने लगती है, जिससे वो झड़ती भी जल्दी है और पेट से लगने की संभावना भी ज़्यादा रहती है.  फिर मैंने वैसा ही किया तो नतीज़ा ये हुआ कि सोनू एकदम मचलने लगी और मेरे लंड के चूत के पास जाते ही अपनी गांड ऊपर करके मेरे लंड को उसमें घुसाने की नाकाम कोशिश करने लगी.

अब उसकी इस हरकत से मुझे मज़ा आने लगा था और वो अपनी चूत से बेतहाशा पानी छोड़ने लगी थी.  फिर तभी पंकज ने कहा कि अब अपना लंड इसकी चूत में घुसेड़ दो, ये बिल्कुल सही टाईम है, देखो ये लंड के लिए कैसे लपलपा रही है?

इस पर सोनू भी कहने लगी कि डाल दो ना मेरे जालिम राजा, क्यों इतना तरसा रहे हो? चोद दो ना मेरी चूत को अपने इस तगड़े लंड से.  फिर मैंने बिना कुछ कहे अपने लंड को उसकी चूत के छेद पर रखा और एक जोरदार धक्का मारा तो मेरे लंड का सुपड़ा उसकी चूत के अंदर चला गया, जिससे सोनू मचल उठी और ऊपर की तरफ हुई.  अब पंकज वाह-वाह कह रहा था और ज़ोर से चोदने को उकसा रहा था.  फिर मैंने भी आव देखा ना ताव और दुबारा एक और धक्का मार दिया तो मेरा आधा लंड उसकी चूत के अंदर चला गया.

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फिर सोनू इस बार चीख उठी और बोली कि धीरे रे कमीने मेरी चूत को फाड़ ही देगा क्या? तो उसके पति ने कहा कि हाँ रे बहनचोद आज तेरी छोटी सी चूत को बड़ा सा भोसड़ा ही बनवाकर ही दम लूँगा.

फिर में उसकी बात सुनकर मुस्कुरा दिया और अपने लंड पर दबाव बढ़ाने लगा और साथ ही साथ अपने दोनों हाथों से उसकी तेल लगी चूचीयों को भी मसलने लगा, उसकी चूचीयाँ मस्त चिकनी लग रही थी.  अब मुझे उन्हें मसलने में बहुत मज़ा आ रहा था.  फिर मैंने इस बीच अपने लंड को पूरा बाहर खींचा, क्योंकि अब सोनू को भी मज़ा आने लगा था और वो भी अपनी गांड को उछालने लगी थी.

मैंने अपने लंड को पूरा बाहर खींचकर एक ज़ोर से शॉट मारा तो मेरे पूरे लंड ने एक बार में ही उसकी चूत में जाकर उसकी बच्चेदानी को टक्कर मार दी, तो उसको दर्द के साथ-साथ मज़ा भी आया और वो ज़ोर से कराहती हुई सहम सी गयी और मुझे जोर से अपनी बाँहों में लेती हुई बोली कि हाए राजा तुम्हारा ये लम्बा मूसल जैसा लंड मेरे पेट तक घुस गया है, अब ज़्यादा मत डालना वरना मेरे मुँह से निकल जाएगा.

फिर मैंने कहा कि अब बचा ही कहाँ है मेरी रानी? तुम्हारी चूत मेरे लंड को पूरा तो खा चुकी है.  फिर उसे यकीन नहीं हुआ और उसने अपने पति से पूछा कि क्यों जी देखो तो क्या विक्की का इतना बड़ा लंड पूरा मेरी चूत में घुस गया है क्या? तो उसके पति ने कहा कि और नहीं तो क्या? इसके लंड को देखकर तू और तेरी चूत इतनी चुदसी हो गयी थी कि अगर इसका लंड 2-4 इंच और बड़ा होता, तो तू वो भी खा लेती छिनाल.

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फिर मैंने उसकी चूत को रगड़ना स्टार्ट किया और मस्त तेज़ी से अपने लंड को उसकी चूत में अंदर-बाहर करता रहा.  अब वो भी मेरे साथ-साथ अपने चूतड़ को उछाल-उछालकर मेरा साथ देने लगी थी और साथ ही साथ बड़बड़ाने भी लगी थी और अपने पति से कहने लगी कि वाह डार्लिंग तुम क्या लंड लाए हो? कितना प्यारा मर्द है? कितने मज़ेदार तरीके और ज़ोर से चोद रहा है? मज़ा आ गया.

फिर पंकज ने कहा कि डार्लिंग में यूं ही किसी को तो लाने से रहा, इसे वहाँ देखा और इसे बार-बार अपने लंड को छूते सहलाते देखा तो तभी में समझ गया था कि ये नंबर 1 का चुदक्कड़ है.  फिर भी मैंने पहले इसे परखा और इससे अपनी गांड फड़वाई, जिसका दर्द अभी तक मेरी गांड में है, ये बिल्कुल बेदर्दी से चोदता है.

फिर इस पर मैंने कहा कि पंकज जी लंड को दर्द देने और लेने दोनों में ही बहुत मज़ा आता है और इतना कहकर मैंने सोनू को उठाया और घोड़ी की तरह खड़ा कर दिया और पीछे से उसकी चूत में अपना लंड डाल दिया और उसे चोदने लगा.  अब में जितना उसे आगे धक्का देता, तो वो भी उतना ही अपनी गांड से मुझे पीछे धक्का देते हुए हम दोनों के मजे को और बढ़ाती.  फिर मुझे एक मस्ती सूझी और मैंने उसे चोदते हुए ही अपनी एक उंगली उसकी गांड के छेद में डाल दी.

तो वो चीख गयी और उसके मुँह से उूउऊययययययययईईई निकल पड़ा, ये क्या कर रहे हो? विक्की अपनी उंगली मेरी गांड से बाहर निकालो.  फिर मैंने कहा कि जानू तुम बस मज़ा लो, में तो तुम्हें एक साथ दोनों छेदो का मज़ा दे रहा हूँ, तुम बस मज़े लो.  फिर वो चुप हो गयी और में उसकी चूत को रगड़ने लगा, तो करीब 5 मिनट के बाद ही सोनू झड़ गयी और उसकी हरकतें बंद हो गयी.

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अब में समझ गया था कि उसका माल निकल गया है, तो में उसकी कमर को पकड़कर बहुत तेज़ी से चोदने लगा, ताकि में भी फ्री हो जाऊँ और फिर 20-25 धक्को के बाद ही में भी अपने लंड के रस को उसकी चूत के अंदर डालने लगा.  तब उसके पति ने कहा कि विक्की लंड पूरा अंदर कर दो और जब तक में ना कहूँ बाहर मत निकालना, तो हम 3-4 मिनट तक वैसे ही पड़े रहे.

मैंने अपना लंड बाहर खींच लिया, तो पंकज एक प्यासे जानवर की तरह मेरे लंड पर टूट पड़ा और अपनी बीवी से कहने लगा कि आओं डार्लिंग तुम भी थोड़ा सा विक्की के लंड का रस चखकर देखो और फिर बाद में मुँह से मुँह ज़ोड़कर इसके लंड का पूरा वीर्य पीकर देखना कि विक्की के लंड का पानी कितना स्वादिष्ट है?

इस पर सोनू भी मेरे लंड के पास अपना मुँह ले आई और फिर वो दोनों पति-पत्नी मिलकर मेरे लंड को चूसने, चाटने लगे.  ये सीन देखकर मुझे बहुत मज़ा आया और में उन्हें देखते ही रहा.  फिर इसके बाद पूरे सफ़र में चुदाई ही चुदाई चलती रही.  दोस्तों ये मेरा वो पहला सफ़र था जिसे में कभी नहीं भूल सकता हूँ.

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