पति के साथ ब्रूटल सेक्स-2

Pati ke sath sex hot-2

फिर उनके फ्रेश होने के बाद मैंने उन्हें अपने हाथों से खाना खिलाया और उन्हें बहुत प्यार किया और कहा कि जान आज में तुम्हें हर तरह से खुश करूँगी, चाहे इसके लिए मुझे कुछ भी क्यों ना करना पड़े? तो उन्होंने मुझे अपने से दूर कर दिया और बड़ी बेरूख़ी से कहा कि तुम इस लायक नहीं हो.

अब मुझे बहुत दुख हुआ, मगर मैंने उनसे कहा कि आज बस तुम देखते जाओ. फिर में विस्की की बोतल लेकर बालकनी में आ गयी और अकेले बैठकर पीने लगी और फिर उन्हें भी पीने को कहा. अब वो तो जैसे हैरान हो गये और मेरे चेहरे पर एक कातिलाना स्माईल आ गयी, क्योंकि आज में पहली बार पी रही थी, इसलिए मैंने बहुत थोड़ी सी ही पी और उन्हें भी थोड़ी सी ही पिलाई, ताकि मेरा सारा प्लान बर्बाद ना हो. अब वो बहुत खुश लग रहे थे. उसके बाद में उन्हें रूम में ले गयी और उन्हें कपड़े खोलने को कहा.

अब वो यह नहीं जानते थे कि में आज क्या करने वाली हूँ? इसलिए उन्होंने मना कर दिया और कहा कि मेरा मूड नहीं है. अब मुझे यह प्रूफ करना था कि में आज रियली में उन्हें खुश करना चाहती हूँ. फिर मैंने एक बार अपने मन में दुबारा से ब्लू फिल्म में देखे गये सीन को याद किया और अपने आपको आने वाले पल के लिए अंदर से तैयार किया और दुबारा से उन्हें थोड़े गुस्से में अपने कपड़े खोलने को कहा, मगर उन्होंने फिर से मना कर दिया.

तभी मैंने उन्हें खींचकर एक थप्पड़ उनके गाल पर मारा और कहा कि खोल मादरचोद नहीं तो फाड़ दूँगी. अब वो एकदम से हैरान हो गये और अपने गाल सहलाने लगे, इससे पहले कि में दूसरा थप्पड़ मारती, उन्होंने तुरंत अपने कपड़े खोल दिए और नंगे हो गये. फिर मैंने अपनी टी-शर्ट उतारी और कसकर उनके बालों को पकड़कर मेरे बूब्स उनके मुँह में दबा दिए और बोली कि चूस कुत्ते जी भरकर चूस. अब मैंने उनके बाल इतने ज़ोर से पकड़े थे कि उनकी आँखों से आँसू निकल गये थे.

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फिर मैंने अपनी पकड़ थोड़ी ढीली की और ज़ोर-ज़ोर से सिसकारियां लेने लगी. अब मेरे मुँह से निकलती सिसकारियों को सुनकर वो खुश हो गये और ज़ोर-ज़ोर से मेरे बूब्स चूसने लगे, अब मुझे भी मज़ा आने लगा था.

अब में बीच-बीच में उनके गालों पर धीरे-धीरे थप्पड़ मारती जा रही थी और अपने बूब्स चुसवाए जा रही थी और उन्हें गालियाँ भी देती जा रही थी. अब उनके चेहरे पर वर्षो की दबी हुई चाहत पूरी होने की खुशी और दर्द का मिला जुला असर था. अब मुझे काफ़ी मज़ा आ रहा था. फिर मैंने अपनी स्कर्ट खोल दी और जैसे ही मैंने अपनी स्कर्ट खोली तो उनका दिमाग़ घूम गया, क्योंकि मैंने स्कर्ट के नीचे उनसे छुपाकर बहुत पहले से ही एक बहुत ही मोटा और लंबा रबड़ का लंड पहना हुआ था, जिसे देखकर उनकी आँखें फटी की फटी रह गयी थी और मेरे चेहरे पर एक कातिलाना स्माईल आ गयी थी.

फिर मैंने उनके बालों को पकड़ा और उनके मुँह में रबड़ का लंड डाल दिया. अब में ज़ोर-ज़ोर से अपना लंड उनके मुँह में अंदर बाहर करती रही, जिससे उन्हें बहुत तकलीफ़ हो रही थी, लेकिन मुझे बहुत मज़ा आ रहा था.

अब में रबड़ के लंड को ज़बरदस्ती उनके मुहं के अंदर घुसाने लगी थी, जिससे उन्हें उल्टी आनी शुरू हो गयी थी, लेकिन मैंने इसकी कोई परवाह नहीं की और ज़ोर-ज़ोर से उनका मुँह चोदती रही, अब उन्हें काफ़ी उल्टी हुई थी. फिर में काफ़ी देर तक अलग-अलग पोजिशन और स्टाईल से उनका मुँह चोदती रही. अब में उनके चेहरे पर और उनके मुँह के अंदर थूकती जा रही थी और उनके गालों पर कभी थप्पड़ और कभी रबड़ के लंड से मारती जा रही थी.

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अब उनका पूरा चेहरा मेरे और उनके थूक से भर गया था और थप्पड़ की चोट से पूरा लाल हो गया था. अब यह देखकर में सोचने लगी थी कि में यह क्या कर रही हूँ? अपने पति के मुँह पर थूक रही हूँ और मार भी रही हूँ, लेकिन आख़िर मैंने अपने मन में आते ख्यालों को बाहर निकाला, क्योंकि आज मेरा असली टारगेट उन्हें पूरी तरह से खुश करके हमारे बीच के प्यार को दुबारा जिंदा करना था, वैसे भी आज मुझे हर काम हद से ज़्यादा ही करना था.

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फिर मैंने बार-बार स्टाईल और तरीका चेंज कर-करके और अपने रबड़ के लंड पर बीच-बीच में हनी डाल डालकर उनसे रबड़ का लंड चुसवाया. फिर मैंने उन्हें बेड पर पटक दिया और उन्हें पेट के बल सुलाकर उनकी गांड की क्रीम से मसाज करने लगी. अब काफ़ी देर तक मसाज करने के बाद मैंने उनकी गांड में बहुत सारा नारियल तेल भर दिया और बहुत सारी क्रीम भी भर दी, जिससे उनकी गांड एकदम सॉफ्ट हो गयी.

फिर मैंने अपने रबड़ के लंड पर कंडोम लगाया और फिर में उनके ऊपर चढ़ गयी और अपना रबड़ का लंड उनकी गांड में घुसाना शुरू किया, क्योंकि रबड़ का लंड बहुत ज़्यादा मोटा था, इसलिए वो उनकी गांड में घुस नहीं रहा था और बार-बार फिसल रहा था. फिर मैंने उनसे अपने दोनों हाथों से चूतड़ को पूरा फैलाने को कहा, लेकिन वो नहीं माने.

फिर मैंने पास में पड़ी हुई उनकी बेल्ट से कसकर उनके चूतड़ पर एक बेल्ट मारी तो वो ज़ोर-जोर से चिल्लाने लगे और उन्होंने तुरंत अपने चूतड़ फैला दिए. फिर मैंने थोड़ी और क्रीम अपने रबड़ के लंड पर लगाई और फिर अपने रबड़ के लंड को उनकी गांड के छेद पर सेट किया और एक जोरदार झटका मारा.

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अब मेरा आधा रबड़ का लंड उनकी गांड को फाड़ते हुए अंदर घुस गया था. अब वो इतनी ज़ोर से चिल्लाए जैसे मैंने उनकी गांड में कोई चाकू घुसेड़ दिया हो और मुझे धक्का देकर अपने ऊपर से हटाने लगे.

फिर मैंने तुरंत बेल्ट उठाई और 3-4 बेल्ट खींचकर उनके चूतड़ और पीठ पर मारे, तो वो ज़ोर- ज़ोर से चिल्लाने और रोने लगे. फिर मैंने अपनी पेंटी उनके मुँह में घुसेड़ दी और बोली कि चुप हो ज़ा मादरचोद तुझे ब्रूटल सेक्स की बहुत चाहत थी ना, तुम दिनभर मोबाईल में यही देखते हो ना, इसी सेक्स के लिए तुमने हमारे बीच के रिश्तों को खराब किया हुआ था, आज में तेरी हर चाहत पूरी करूँगी, चुप हो जा और शांति से मुझे तेरी गांड फाड़ने दे, नहीं तो बेल्ट से मार-मारकर तेरा पूरा बदन छील दूँगी.

अब मेरा इतना रुद्र और वहसी रूप देखकर रोहित चुप हो गया था. अब उनकी गांड में मेरा रबड़ का लंड आधा घुस चुका था. फिर मैंने अपना लंड थोड़ा सा बाहर निकाला और फिर से एक जोरदार शॉट मारा तो मेरा लंड आधा अंदर घुस गया.

आगे की कहानी अगले भाग में-

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