प्यासी भाभी को चुदवाना था-1

Payasi bhabhi ko chudwna tha-1

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम जतिन है. मैंने अब तक बहुत सारी कहानियों को पढ़कर उनके बहुत मज़े भी लिए, जिनको पढ़कर मेरा मन खुश हो जाता है. दोस्तों इन कहानियों को पढ़कर एक दिन मेरे मन में अपनी भी एक सच्ची घटना को आप तक पहुँचाने का विचार आ गया.

अब में अपना परिचय देकर अपनी कहानी को भी शुरू करता हूँ. दोस्तों में सूरत का रहने वाला हूँ और फेसबुक पर मेरी दोस्ती पूजा नाम की एक असंतुष्ट भाभी से हुई और हमारी चेट हुई. हमारे बीच बहुत सारी बातें हुई वो सभी में पूरी तरह खुलकर बताना चाहता हूँ उसको आपको पढ़कर बड़ा मज़ा आएगा.

फिर मैंने पूजा के साथ चेट करना शुरू किया तो उसने तब मुझे बताया कि वो एक शादीशुदा औरत है और उसकी उम्र 25 साल है और अभी तक उनके कोई बच्चे भी नहीं है, उसकी शादी को पूरे तीन साल हो चुके है वो अभी सूरत में रहती है और वो एक बहुत बड़े मकान में रहती है और उस मकान में सिर्फ तीन लोग रहते है एक वो, उसका पति और उसकी एक छोटी बहन जिसकी उम्र उसने 16 बताई और उसकी बहन का नाम उसने सीमा बताया. वो अभी 11th में है और वो सारा दिन स्कूल और ट्यूशन में ही रहती है और उसके पति अपने काम की वजह से सारा दिन घर से बाहर ही रहते है और वो हर बार देर रात को करीब 12 बजे तक घर आते है.

उनका टेक्सटाईल का बिजनेस था और इसलिए वो सारा दिन घर में अकेली रहकर बहुत बोर होती है और उसकी सबसे बड़ी समस्या सेक्स की थी, क्योंकि उसने अपने पति से शादी हो जाने के बाद बहुत कम सेक्स का मज़ा लिया था और वो एक असंतुष्ट औरत है. तो मैंने उससे पूछा कि में आपकी इन सभी समस्याओ में क्या मदद कर सकता हूँ आपको क्या लगता है कि में आपके कैसे काम आ सकता हूँ आप मुझे बताए? तो उसने मुझसे कहा कि तुम अगर चाहो तो तुम मेरा दिल बहला सकते हो, मुझे अपने काम से खुश कर सकते हो.

अब में उसकी वो बात सुनकर बहुत खुश हुआ और में तुरंत ही तैयार हो गया और मैंने उससे कहा कि मेरी लम्बाई 5.9 मेरा वजन 65 किलो, में गठीले बदन का अच्छा दिखता हूँ और करीब मेरा लंड पांच इंच का है और मेरा पूरा परिचय लेकर वो हंसते हुए कहने लगी कि वो सभी में तुम्हे अपने सामने आने के बाद देख लूंगी कि तुम्हारे अंदर कितना दम और जोश है, में एक बार तुमसे मिलना चाहती हूँ.

मैंने उससे उसके घर का पता पूछा तब उसने मुझे अपने घर का पता नहीं दिया और फिर उसने मुझसे कहा कि में तुमको अपने घर का पता तो नहीं दूँगी, लेकिन में तुमको जहाँ पर आने के लिए कहूँ तुम वहीं पर चले आना.

मेरे पास कार है और तुम उस कार में आकर बैठ जाना, लेकिन मेरी एक शर्त है, तो मैंने तुरंत उससे उसकी वो शर्त पूछ ली, तब उसने मुझसे कहा कि कार में बैठने के बाद में तुम्हारी आँख पर एक पट्टी बाँध दूँगी क्योंकि तुम उसकी वजह से मेरे घर का रास्ता ना जान सको और वो काम खत्म होने के बाद तुम्हे वापस बाहर निकलने पर भी तुम्हे पट्टी बांधनी होगी.

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मैंने उससे उसकी सभी बातों शर्तो के लिए तुरंत हाँ कर दिया, तब उसने मुझसे कहा कि उसके पति तो सुबह जल्दी ही चले जाएँगे और उसकी बहन भी सुबह अपनी ट्यूशन और फिर वहां से ही वो अपने स्कूल चली जाएगी और फिर वो शाम को करीब 6:00 बजे तक वापस आएगी. फिर हम दोनों ने एक दूसरे से दूसरे दिन दोपहर 2:00 का समय मिलने के लिए तय किया और मुझे उसने वो जगह बताई जहाँ पर मुझे जाकर खड़ा रहना है. में उसकी वो सभी बातें सुनकर बहुत खुश था, क्योंकि मुझे एक प्यासी तड़पती हुई चूत को उसके घर पर जाकर चोदकर अपनी चुदाई से संतुष्ट करके पूरे मज़े देने थे.

दोस्तों उससे बातें करने के बाद वो सभी बातें सोच सोचकर पूरी रात नींद नहीं आई और फिर में सुबह से ही दो बजने का इंतज़ार करने लगा उसके बाद में दिन में ठीक दो बजे से पहले ही वहां पर जाकर खड़ा हो गया और ठीक दो बजे एक कार आकर मेरे पास आकर रुक गई उसने मुझे जिस रंग की कार और जो कोड मुझे बताया था वो सब एकदम ठीक था और फिर वो कार थोड़ी दूर जाकर खड़ी हो गई. उसके बाद कार का दरवाजा उसने खोल दिया और में यहाँ वहां देखकर उस कार में जाकर बैठ गया.

दोस्तों मैंने देखा कि कार में जो भाभी बैठी हुई थी उसको देखकर मेरा तो लंड तुरंत ही तनकर खड़ा गया और में उसकी सुंदरता को देखकर मन ही मन बहुत खुश हो गया. उसका रंग दूध जैसा गोरा, बड़े गले के सूट से उसके बूब्स बाहर निकलकर झांक रहे थे और उसका गोल सा चेहरा जिस पर बड़ी बड़ी आखें जो दिखने में ऊपर से लेकर नीचे तक बड़ी ही सुंदर आकर्षक नजर आ रही थी, उसको देखकर मेरी ख़ुशी का कोई ठिकाना ना रहा और में मन ही मन में सोचने लगा कि आज तो मुझे एक बड़ी ही मस्त हॉट सेक्सी भाभी की चुदाई करने को मौका मिलेगा, में जिसकी चुदाई के बारे में कभी सपने में भी नहीं सोच सकता था और में आज वो काम करने जा रहा हूँ.

यह बातें सोचकर में पागल हुआ जा रहा था. फिर भाभी ने मेरी आँख पर एक पट्टी को बाँध दिया और उसके बाद वो कार को चलाने लगी. फिर थोड़ी देर के बाद कार अचानक से रुककर एक जगह पर खड़ी हो गई और अब भाभी ने मुझसे कहा कि में अब तुम्हारी इस पट्टी को खोल रही हूँ और इसके बाद तुम तुरंत गाड़ी से नीचे उतरकर घर के अंदर चले जाना. फिर मैंने कहा कि हाँ ठीक है और फिर मेरी आखों से पट्टी के खुलते ही में झट से बिना देर किए उस बड़े से मकान के अंदर चला गया और उसके बाद भाभी भी मेरे पीछे पीछे अंदर आ गई.