पुलिस वाले ने चूत को चोदकर फाड़ दिया-1

Policewale ne chut ko faad diya-1

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम महक है और मेरी उम्र 21 साल है. मेरी शादी को हुए करीब 6 महीने हुए है और आज में आप सभी चाहने वालों को मेरी खुद की एक सच्ची घटना सुनाने जा रही हूँ, जो कुछ समय पहले मेरे साथ घटित हुई, यह कोई फेंक कहानी नहीं है. दोस्तों मेरे पड़ोस में रहने वाले मेरे एक पड़ोसी ने मुझे लगातार घूर घूरकर देखना शुरू किया और पहले मैंने उस पर ज्यादा घ्यान नहीं दिया, लेकिन अपनी प्यासी तड़पती हुई चूत के सामने मुझे झुकना ही पड़ा और में उससे चुद गई.

दोस्तों मेरे पति का खुद का अपना व्यापार होने की वजह से उनको हमेशा लगातार दूसरे शहर में घूमना पढ़ता है और उस वजह से मुझे मेरे बहुत बड़े घर में अक्सर अकेले रहना पढ़ता है. मेरे फिगर का आकार 36-28-36 है और मेरी लम्बाई 5.6 है और अक्सर में स्कर्ट या जीन्स ही पहनना पसन्द करती हूँ, चलिए अब में अपनी आज की सच्ची कहानी पर आती हूँ.

दोस्तों मेरे घर पर मेरे पास ऐसा कोई ख़ास काम नहीं होता है, क्योंकि हमने घर पर काम करने के लिए एक नौकरानी रखी हुई है, वो हर दिन हमारे घर आती है और घर का सारा काम वही संभालती है, में बस कपड़े ही सुखाती हूँ, क्योंकि मेरे कपड़े कोई और छुए मुझे यह बिल्कुल भी पसन्द नहीं है और इसलिए में हर रोज़ की तरह उस दिन भी कपड़े सुखाने बाहर आई और कपड़े सुखाते हुए मैंने ध्यान दिया कि एक हट्टाकट्टा नौजवान मेरी तरफ बहुत देर से लगातार घूर रहा है.

फिर मैंने उसकी इस हरकत को बस ज्यादा ध्यान देकर में अपने कपड़े सुखाकर जल्दी से अंदर की तरफ आ गई. फिर में रोज़ की तरह टी.वी. देखती रहती या फोन पर गेम खेलती या ऐसे ही बैठी रहती. उस दिन भी मेरे पति अपने किसी काम के सिलसिले में कहीं बाहर गए हुए थे और तभी मुझे उस लड़के के बारे में ख्याल आ गया कि वो कौन होगा, जो मुझे ऐसे देख रहा था? तो यह बात सोचते सोचते मेरी उंगलियाँ मेरी चूत पर जा पहुंची और उसको ही अपने ख्याल में लाकर ना जाने कब से में चूत में उंगलियाँ करने लगी थी. मैंने सोफे पर ही बैठकर अपने सारे कपड़े उतार लिए और मुझे कोई डर भी नहीं था, क्योंकि में उस पूरे घर में अकेली थी.

अब में अपनी चूत पर उंगली को फेरने लगी, में अपने एक हाथ को चूत पर और दूसरे हाथ से मेरे बूब्स को सहलाने लगी थी, लेकिन कुछ देर बाद में जोश में आकर बहुत ज़ोर से उँगलियों को अपनी चूत के अंदर बाहर करके खुद को चोदने लगी और साथ साथ सिसकियाँ भी भरने लगी, उूउउईईईइ उफ़फ्फ़ उऊउक्कच उउम्माह और अब में बहुत ज्यादा गरम होने के कारण झट से आईई हहुउऊ उफफफ्फ़ करके झड़ गई और फिर में कुछ देर ऐसे ही लेटी रही.

उसके बाद में अपने कपड़े पहनकर ऐसे ही बैठ गई और अब यह मेरा हर रोज़ का काम हो गया था और में हर रोज़ उसे अपनी तरफ रिझाने के लिए छोटे छोटे कपड़े पहनकर बाहर जाती और में जानबूझ कर झुक जाती और फिर में आअहह की ज़ोर से आवाज़ लगाती, जिससे वो मेरी आवाज को सुन ले. दोस्तों अब यह मेरा हर रोज़ का काम हो गया था कि वो मुझे रोज़ ताकता और में जल्दी से काम करके जल्दी से अंदर की तरफ चली आती, वो मेरे पड़ोसी थे और ऊपर से पुलिस वाले.

मेरे पति अक्सर उनसे बातें किया करते और वो आदमी मुझे ऐसे ही ताकता रहता था. अब वो हर कभी मेरे घर पर आ जाता और बहुत देर तक बैठा रहता, इसलिए अब तक मेरे पति और वो बहुत करीबी दोस्त हो गये थे. एक दिन जब मेरे पति महीने भर के लिए कहीं बाहर जाने वाले थे तो उन्होंने मेरे उसी पड़ोसी से बोला कि तुम मेरी पत्नी का ख्याल रखना और यह बात कहकर वो चले गये. अब वो मेरे पति के जाने के कुछ घंटो बाद ही मेरे घर पर आ पहुंचा और वो मुझसे बोला कि भाभी जी कैसे हो आप? में उसकी यह बात सुनकर सकपका गई कि आख़िर में उसको क्या जवाब दूँ? और में कुछ सोचने लगी.

फिर वो मुझसे कहने लगा कि आप मुझसे इतनी डरती क्यों हो? क्या मैंने कुछ ग़लत किया है? तो मैंने बस ना में अपना सर हिला दिया और उससे बोला कि आप अंदर क्यों आए हो, मेरे पति तो इस समय घर पर नहीं है? तब उन्होंने मुझसे बोला हाँ जी मुझे सब पता है कि वो इस समय घर पर नहीं है, क्योंकि उसने खुद मुझसे आपका ख्याल रखने के लिए कहा है और उसने मुझसे बोला है कि आपकी जो भी ज़रूरत हो वो पूरी कर देना.

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दोस्तों में उसके मुहं से यह सभी बातें सुनकर एकदम से बहुत चकित थी, क्योंकि इससे पहले मेरे पति ने कभी भी ऐसा नहीं कहा था, मुझे माफ़ करना दोस्तों में तो आप लोगों को बताना ही भूल गई कि उसका नाम कार्तिक था और उसकी उम्र करीब 32 साल होगी और देखने में वो एकदम फिट और उसकी लम्बाई 6.2 होगी. फिर उसने मुझे कुछ फल लाकर दे दिए और घर पर आकर बैठ गया.

दोस्तों में सच कहूँ तो उसका बहुत मस्त शरीर देखकर तो मेरी चूत वैसे ही अपना पानी छोड़ने लगती थी और तो और वो उससे चुदवाने के लिए भी तिलमिला उठती थी, शायद उसने यह देख रखा था.

फिर मैंने उसे पीने का पानी लाकर दे दिया और फिर में ठीक उसके सामने झुकी, जिसकी वजह से मेरे लटकते हुए बूब्स अब उसकी आखों के सामने थे और उसकी भूखी आँखें मेरे बूब्स के अंदर ऐसे पड़ी, जैसे वो मेरे बूब्स को अभी खा जायेगा. फिर में सही से खड़ी हो गई और फिर वो कुछ देर रुककर वापस चला गया.

में टी.वी. देखने लगी और तब तक शाम हो गई थी. दोस्तों में जब स्कर्ट पहनती हूँ तो मेरे झुकने की वजह से मेरी चूत के बहुत अच्छी तरह से दर्शन हो जाते थे, इसलिए मैंने उसके शाम को मेरे घर पर आने के बाद में जानबूझ कर किसी काम को करने के बहाने से पीछे की तरफ इस झुकी और वो यह नजारा कुछ देर देखकर झट से मेरे पीछे आकर खड़ा हो गया और वो मुझसे कहने लगा कि अरे भाभी जी क्या आप मुझसे डर गई? तो मैंने तुरंत सीधे खड़े होकर उससे कहा कि क्या हुआ? और मेरे इतना कहने पर ही उसने मुझे झट से अपनी बाहों में दबोच लिया और फिर दीवार की तरफ ले गया. सच दोस्तों मैंने कई दिनों से इस दिन का कितना इंतज़ार किया था? जो पूरा होने जा रहा था, लेकिन में एक शादीशुदा हूँ, इसलिए मुझे नाटक करना पड़ा इस हेंडसम मस्त लड़के को यह सब करने से रोकना पड़ा.