पूजा की मक्खन सी मुलायम चूची 2

Pooja ki makhan si mulayam chuchi-2

अब मैं उसे और गरम करने के लिये उसके गले को चाटने और काटने लगा और वो एकदम पागल हो गई!!!

फ़िर मैंने उसका टॉप निकाल दिया… उसने सफ़ेद रंग का ब्रा पहना था!! उसे भी मैंने निकाल कर फेंक दिया और उसकी नरम नरम, दूध सी सफेद गोरी चुचियों को मसलने और बेतहाशा चूसने लगा!!!…

उफ़!! क्या मस्त चूची थी, उसकी एकदम गोल और सुडौल, मक्खन सी मुलायम और ऊपर से हल्का भूरा, छोटा सा निप्पल!! !!!

मैंने उसे बहुत देर तक चूसा और फ़िर मैं उसकी स्कर्ट निकालने लग गया… पर अब उसने मुझे रोक दिया और बोलने लगी कि उसका पीरीयड चल रह है।

तो मैं तुरंत ही रुक गया और उससे बोला – प्लीज़ जान!! मेरा लण्ड मुँह में लेकर चूस लो…

पहले तो वो मना करने लगी पर जब मैंने अपना लण्ड बाहर निकाल कर उसके हाथ में थमाया तो उसने पहले मेरे लण्ड को पकडकर हिलाया और फ़िर मुँह में लेकर गपा गप चूसने लगी।

दोस्तो, पहली बार किसी लडकी ने मेरे लण्ड को अपने मुँह में लिया था।

कुछ देर बाद पूजा मेरे लण्ड के सुपाड़े को अपने जीभ से चाटने लगी और मैं जन्नत में खोने लगा… ऐसा मजा मुझे पहले कभी नहीं आया था!!!…

मैं अपनी आँखों को बन्द करके मजा लेने में मगन था और पूजा को भी मेरा लण्ड चूसते हुए 20 मिनट हो गये थे…

अब मेरा पूरा बदन अकडने लगा और मेरा मूठ पूजा के मुँह में लबा लब भर गया और वो बेधड़क उसे पी गई!! दोस्तो, उसने एक बूँद भी जमीन पर नहीं गिरने दी और सारा का सारा पी गई!!

पर पूरी पक्की रंडी पूजा फिर भी मेरा लण्ड चूसती रही…

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मेरा लण्ड कुछ ही देर में फिर से खडा था कि तभी मुझे मेरे दोस्त पवन का फोन आया कि विजय घर के लिये निकलने वाला है।

क्या करता दोस्तो, मजबूरी थी… मैंने जल्दी से अपने कपड़े पहने और वो भी अपने कपडे ठीक करने लगी और मैं तुरंत दरवाजे के पास चला गया।

उसे एक छोटा सा किस किया और घर पर आ गया…

घर पहुँच कर मेरे दिल और दिमाग़ में बस पूजा का ही खयाल था कि कब उसकी चूत मारूँगा, कैसे मारूँगा??

अब तक हम दोनों की बेकरारी बढ़ गई थी और हम दोनों फोन या मेसज में भी सेक्स की ही बातें करते थे।

आख़िरकार फ़िर कुछ दिनों बाद वो दिन आ ही गया, जब उसके घर वाले किसी रिश्तेदार की शादी में गये और वो बिमारी का बहाना बना कर, घर पर ही रुक गई।

मैं तो यही चाहता था। उसके घर वालो के जाते ही, तुरंत ही मैं उसके घर में गया तो देखा की वो बेड पर सोयी थी!!

मुझे देखते ही वो हँसी और उठ कर दरवाजा बन्द कर दिया…

मैं उसे देखा और मुस्कुराया और बोला – अरे!! मैंने तो सुना था कि आप बीमार हैं।

वो बोली – हाँ थी तो, पर मेरी दवा मेरे पास खुद आई है तो बीमारी कैसे पास रह पाएगी।

उसके बोलते ही बोलते मैंने अपने होंठ उसके होंठों पर रख दिए और किस करने लगा…

आज मैं सोच कर आया था कि आज पूरे जोश में उसे चोदूंगा, बिल्कुल भूखे शेर की तरह!!

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दोस्तो, मैं उसे इतने जोश से किस कर रहा था कि वो एकदम पागल सी हो गई और खुद ही फ़टाफ़ट मेरे कपडे निकालने लगी, कुछ ही पलो में उसने मुझे पूरा नंगा कर दिया।

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अब मैंने भी उसे बिल्कुल नंगा कर दिया, वो किसी परी से कम नहीं लग रही थी!! !!!

हम दोनों नंगे एक दूसरे के बदन को बेतहाशा चूस और चाट रहे थे।

फिर हम दोनों 69 की अवस्था में आ गये और करीब 15 मिनट तक हम दोनों एक दूसरे को चूसते रहे और फ़िर उसका निकल गया और थोडी देर बाद मेरा भी निकल गया।

फ़िर मैं उसके ऊपर आ गया और करीब 10 मिनट तक मैं उसके ऊपर लेट कर उसकी चूची को चूसता रहा!! अब तक मेरा लण्ड वापस खडा हो गया और मैंने अपना लण्ड उसके मुँह में डाल दिया और वो पागलों की तरह मेरे लण्ड को चूसने लगी और बोलने लगी – अब और मत तडपाओ, जानेमन… डाल भी दो अन्दर मेरी चूत में!!

मैं भी उस पर तरस खा गया और नीचे उसकी टांग के पास आ कर बैठ गया। फिर मैंने उसकी टांग को ऊपर कर दिया और चूत पर अपना लण्ड रगडने लगा…

वो तो एकदम मस्त हो गई और मेरे लण्ड को अपने हाथ से चूत में डालने लगी!! !!!

पर लण्ड चूत में गया नहीं, तो मैं अपने लण्ड पर थूक लगा कर उसकी चूत में डालने लगा… अभी बस सुपाड़ा ही गया था की वो चिल्लाने लगी, पर मैं रुका नहीं और एक और धक्का लगा दिया और लण्ड आधा अंदर घुस गया और उसकी चूत से खून निकलने लगा!!!…

अब मैं उसके ऊपर लेट गया और उसके मुँह पर मुँह रख दिया और उसकी अवाज बंद कर दी और थोड़े समय तक वैसे ही लेटा रहा।

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फिर जब वो शांत हुई तब मैं धीरे धीरे लण्ड अन्दर बाहर करने लगा। जब देखा की उसको थोडा आराम हो गया, तब मैंने एक और जोर का झटका मारा और पूरा लण्ड अन्दर घुस गया।

फ़िर मैं उसे 20 मिनट तक चोदता रहा और मेरा निकल गया, इस बीच उसका 2 बार निकल चुका था।

कुछ देर बाद मैं उसे लेकर बाथरुम में गया और वहाँ मैंने उसे एक बार फ़िर चोदा और शोवर के नीचे उसकी गाण्ड भी मारी!!!

शाम होने तक एक बार फिर मैंने उसकी गाण्ड और चूत मारी और अपने घर पर आ गया।

फिर मुझे मस्त नींद आ गई…

सुबह जब उठा और वो मुझे दिखी तो वो भी बहुत खुश थी।

दोस्तो, इसके बाद उसके गाँव जाने से पहले, मैंने उसको करीब 20 बार चोदा होगा। पर हमने इस बात का पता किसी को चलने नहीं दिया, विजय को भी नहीं।

मैंने विजय से बोला – यार!! तेरी बहन मुझसे नहीं पटेगी, सच में वो बहुत सीधी है!! !!!

इसके बाद तो मैंने बहुत सारी लड़कियाँ चोदी, कभी कॉलेज की तो कभी अडोस पडोस की… किसी की चुदाई कॉलेज की सीढ़ियों पर की, तो कभी रोड पर बस के पीछे और कई बार तो रात को अपने कॉलेज की लड़की के घर में घुस कर उसे चोदा!! !!!

ये सब कहानियाँ, फ़िर कभी।

दोस्तो आप सब को मेरी कहानी कैसे लगी??

प्लीज़, जरुर मेल करके बताना…

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