पुणे में अपनी कॉलेज दोस्त की ठुकाई-3

Pune me college dost ki thukai-3

कुछ देर फिल्म देखने के बाद उसमे एकदम हॉट सीन चलने लगा था, जिसको देखकर मेरा लंड अब खड़ा होने लगा था और में धीरे धीरे जोश में आने लगा था. फिर मैंने तुरंत अपना एक हाथ उसकी गोरी, गरम, मुलायम जाँघ पर रखकर हल्के से मसलना शुरू किया, वो भी अब मुझे चोर नजर से देख रही थी और हमारे पास में कुछ लड़के बैठे हुए थे, वो उसके गोरे सेक्सी बदन को देखकर गलत गलत बातें बोलने लगे थे.

फिर हम दोनों आधी फिल्म देखकर ही बाहर आ गये. मैंने उसे अपनी बाईक पर पीछे बैठने को कहा और वो झट से मेरे पीछे बैठ गयी, में अपनी गाड़ी को सीधा अपने फ्लेट पर ले गया और वो चुपचाप मेरे पीछे बैठी रही. मैंने जब अपने रूम का दरवाजा खोला तो वो देखकर मुझसे बोली कि वाह यह तुम्हारा फ्लेट है, यह तो बहुत अच्छा है? तो मैंने उससे कहा कि यह मेरा नहीं किराए का है, लेकिन हमारे लिए बहुत है और इतना कहकर मैंने तुरंत उसके दोनों हाथों को पकड़कर दरवाजे से लगाकर उसे किस करना शुरू किया और किस करते वक्त मैंने अपना एक हाथ उसकी कमर में डालकर उसे वहां से घुमा दिया और फिर मैंने उसकी पीठ को दीवार से लगा दिया. उसके साथ यह सब करना अब मेरा एक सपना भी था और आज में कैसे भी अपने सपने को पूरा करना चाहता था, चाहे अब मुझे उसके साथ कुछ भी करना पड़े.

अब मैंने अपने दोनों हाथ उसके बूब्स पर रख दिए और बहुत धीरे धीरे दोनों बूब्स को में सहलाने लगा और उसके कान पर, गाल पर, गले पर में किस करने लगा और उसे चूमने, चाटने लगा और साथ साथ उसके बूब्स को ज़ोर ज़ोर से दबाने, निचोड़ने लगा था, जिसकी वजह से उसकी सांसे अब बहुत तेज हो रही थी और उसने अपने एक हाथ से मेरे सर के बालों को बहुत ज़ोर से दबा रखा था, वो पूरी तरह से जोश में आकर गरम हो चुकी थी और अब वो धीरे धीरे मोन करने लगी थी.

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फिर मैंने तुरंत मौके का फायदा उठाते हुए उसका टॉप उतार दिया और उसकी ब्रा के ऊपर से ही उसके बूब्स को में काटने लगा था और अब मैंने एक हाथ उसकी पेंट में डाल दिया और फिर में अपनी दो उँगलियों को उसकी चूत में डालने लगा था और उसकी चूत को धीरे धीरे सहलाने लगा था, उसकी चूत तो अब तक जोश में आकर पूरी गीली हो चुकी थी और उस वजह से वो ज़ोर ज़ोर से उह्ह्हह्ह आअहह्ह्ह् करने लगी.

अब मैंने उसकी पेंटी को भी उतार दिया और में खुद भी पूरा नंगा हो गया. उसने मेरे लंड को देखा तो वो मुझसे बोली कि यह तो बहुत बड़ा है, में इसे कैसे ले सकती हूँ? नहीं में ऐसा नहीं कर सकती. अब तुम मुझे छोड़ दो, इससे मुझे बहुत दर्द होगा, में मर जाउंगी, प्लीज तुम मेरे बॉयफ्रेंड का तुमसे बहुत छोटा है, तुम्हारा तो बहुत मोटा है, मुझे तो इसको देखकर अब डर भी लगने लगा है. फिर मैंने उससे कहा कि आज तो तू मेरे केले का मज़ा चख ले और फिर मैंने उसे अचानक से बेड पर धकेल दिया और में अब उस पर टूट पड़ा. मैंने उसके दोनों बूब्स को हाथ में ले लिए और उसके एक पैर को मोड़कर ऊपर किया और मैंने अब उसकी चूत का रस से अपने लंड को नहलाया तो वो चमकने लगा था. फिर लंड को उसकी चूत के मुहं पर रख दिया और एक जोरदार धक्का लगा दिया, जिसकी वजह से मेरा लंड उसकी चूत को चीरता हुआ अंदर चला और वो एकदम ज़ोर से चिल्ला उठी.

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मैंने तुरंत अपना एक हाथ उसके मुहं पर रख दिया और अब मैंने अपने धक्को को ज़ोर ज़ोर से बढ़ा दिया था और वो मुझे गाली देने लगी साले, कुत्ते, हरामी क्या तूने कभी किसी को चोदा नहीं क्या? उफ्फ्फ्फफ्फ् प्लीज थोड़ा आह्ह्हह्ह धीरे धीरे से चोद ना आईईईइ क्या तू आज मेरी चूत को फाड़ ही देगा क्या? स्सईईईईईईईइ माँ मुझे बहुत दर्द हो रहा है.

दोस्तों मैंने उसकी बिना सुने अपने धक्के लगातार जारी रखे और कुछ देर बाद मेरे साथ साथ अब वो भी बहुत मज़ा ले रही थी. करीब बीस मिनट के बाद में झड़ गया और मैंने अपना सारा वीर्य उसकी चूत के अंदर ही डाल दिया और मैंने महसूस किया कि वो तो अब तक करीब दो बार झड़ चुकी थी और वो अब बहुत थककर चूर हो चुकी थी, लेकिन फिर भी मैंने उसे उल्टा लेटा दिया और अब में उसकी गांड को चाटने लगा.

फिर उसे तुरंत समझ में आ गया कि अब उसकी गांड की बारी है और में अब उसकी गांड को भी चोदना, फाड़ना चाहता हूँ और उस दर्द की वजह से वो अब मुझसे ना ना करके मना करने लगी. उसने मुझे दो तीन बार धक्के देकर मुझे दूर हटाने की कोशिश भी की, लेकिन मैंने उसकी एक भी बात पर बिल्कुल भी ध्यान ना देते हुए उसे बहुत दबाकर रगड़ा और उसकी गांड को चाटकर साफ किया और उसकी चूत का रस अपने लंड पर लगा लिया और फिर अपने लंड को उसकी चूत पर रखा और फिर सही मौका देखकर मैंने तुरंत एक ज़ोर का धक्का लगा दिया, जिसकी वजह से मेरा लंड उसकी गांड को चीरता हुआ अंदर जा पहुंचा, लेकिन उसने थोड़ा सा अंदर जाते ही तहलका मचा दिया और वो अब मुझसे छूटने के लिए तड़पने लगी चीखने, चिल्लाने लगी, लेकिन मैंने उसकी कमर को बहुत कसकर पकड़ा हुआ था, जिसकी वजह से वो कुछ ना कर सकी.

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फिर मैंने उसे एक और धक्का लगा दिया और तब मैंने महसूस किया कि उसकी गांड को मारना तो बहुत दूर की बात थी, उसको किसी ने छुआ तक भी ना था. मैंने पूरे ज़ोर से उसकी गांड मारी तो वो अब बस करो प्लीज, अब छोड़ दो मुझे, उफ्फ्फ्फ़ माँ में मर जाउंगी, मुझे बहुत दर्द हो रहा है करके लगातार चिल्ला रही थी. दोस्तों करीब 25 मिनट के धक्कों के बाद मैंने अपना लंड उसकी गांड से बाहर निकाल लिया और तुरंत उसके मुहं में डालकर मैंने उसको अपना सारा वीर्य पिला दिया और उसके तो अब तक पूरे होश ही उड़ गए थे और वो बिल्कुल बेहोश सी होकर बेड पर वैसे ही पड़ी रही और में भी उससे लिपटकर उसे अपनी बाहों में लेकर सो गया.

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