पंजाबी गर्लफ्रेंड के मजे लिए घर जाकर-1

(Punjabi Girlfriend Ke Maje Liye Ghar Jakar-1)

मेरा नाम सरताज़ है, मेरी उम्र 24 साल है, में लुधियाना का रहने वाला हूँ, और हर दिन कसरत करने की वजह से मेरा बहुत बहुत गठीला है। दोस्तों में दिखने में बहुत अच्छा भी लगता हूँ और मेरे लंड का आकार सात इंच लम्बा है। दोस्तों आज में आप सभी को जो कहानी सुनाने जा रहा हूँ, वो आज से करीब एक साल पहले की सच्ची घटना है और यह घटना मेरी एक गर्लफ्रेंड के साथ घटी, जिसका नाम सिमरन था। दोस्तों वो मेरे घर के पास ही रहती थी और चुदाई से कुछ दिन पहले ही मैंने अपने प्यार का उसके सामने इजहार किया था, वो सिर्फ़ 20 साल की है और वर्जिन भी थी। दोस्तों उसका गोरा रंग, सुंदर चेहरा, लंबा कद, पतले होंठ, बड़े आकार के बूब्स, बड़ी ही मस्त सेक्सी गांड, टाईट चूत, बस उसका वो हुस्न मेरे ऊपर बिजलियाँ गिराता था। एक दिन जब वो किसी काम से मेरे घर आई, तब मैंने उसको पहली बार देखा और देखते ही में उस पर मर मिटा और रात को देर तक में बस मन ही मन सोचते हुए उसी को चोदने के बारे में सोचता रहता था। Punjabi Girlfriend Ke Maje Liye Ghar Jakar.

फिर कुछ दिन तक ऐसा चलता रहा और बहुत दिनों के बाद वो दोबारा मेरे घर आ गई, लेकिन इस बार मुझसे रहा नहीं गया और मैंने उसको साफ साफ कह दिया कि सिमरन आप मुझे बहुत अच्छी लगती हो, मुझे आपसे प्यार हो गया है। फिर बड़े ही शरारती अंदाज में सिमरन बोली कि अच्छा, तो कैसे आपको मुझसे प्यार हो गया? और यह सब कब हुआ? वैसे सभी लड़के एक जैसे होते है, कुछ दिनों के बाद प्यार ख़त्म जब कोई और मिल जाए तो वो उसके पीछे दौड़ने लगते। अब मैंने उसको कहा कि नहीं जान ऐसी कोई भी बात नहीं है जैसा तुम सोच रही हो में सच में तुमसे बहुत प्यार करता हूँ। अब वो मुस्कुराते हुए कहने लगी कि अच्छा, में सोचकर बताऊंगी और वो इतना कहकर मुस्कुराती हुई चली गई। फिर उसके बाद मेरी तड़प उसके लिए और भी ज्यादा बढ़ गई और अब में रात को उसके सपने देखने लगा था। फिर अचानक से एक दिन वो दोबारा से मेरे घर आ गई और मौका मिलते ही में उसके पास गया और मैंने अपना जवाब माँगा। अब उसने अपना सर हिलाकर हाँ का इशारा कर दिया, तब मेरी खुशी का कोई ठिकाना ही नहीं रहा में उस दिन में उसका वो जवाब सुनकर पागल हो चुका था।

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अब मुझे विश्वास ही नहीं हो रहा था कि सच में उसने मुझसे हाँ कह दिया है। फिर थोड़ी देर के बाद मुझे एक अच्छा मौका मिला और में उसके करीब जाकर खड़ा हो गया और उसके साथ हाथ मिलाने के लिए मैंने अपना एक हाथ आगे किया। अब उसने तुरंत मेरा हाथ पकड़ा और थोड़ी देर के बाद छुड़ा लिया। फिर उस दिन सिर्फ़ इतना ही हुआ, एक दो बार हाथ पकड़ा और उससे ज्यादा कुछ हम दोनों नहीं कर सके और ना ही हमे कोई ऐसा मौका मिला था, जिसका हम दोनों फायदा उठाते। फिर कुछ दिन ऐसे ही गुजरे और वो एक दिन दोबारा मेरे घर आ गई। दोस्तों उस दिन रविवार था, में हर रविवार को सुबह देर तक सोता हूँ, लेकिन वो जल्दी ही मेरे घर आ गई थी और उस समय भी में सो रहा था। अब घर पर सिर्फ़ माँ थी और उनके अलावा कोई नहीं था, में अपने कमरे में सो रहा था और मेरी माँ टी.वी पर खबरे सुन रही थी, में उस समय गहरी नींद में सो रहा था। तभी अचानक से एक बहुत ही प्यारी सी आवाज में मैंने अपना नाम सुना और आंखे खोली, तब मैंने देखा कि मेरे सामने सिमरन खड़ी थी। “Punjabi Girlfriend Ke Maje”

में : अरे आप? इतनी सुबह और वो भी मेरे कमरे में, आज सूरज कहाँ से निकला है जनाब?
सिमरन : मैंने सोचा आज आपकी छुट्टी है, इसलिए में आपसे कुछ देर मिल आऊँ और आप है कि अभी तक सो रहे है, हमारे लिए अब क्या हुक्म है? मतलब हम जनाब का इंतजार करें या चले जाए, क्योंकि आंटी भी टी.वी देख रही है और में यहाँ अकेली क्या करूँगी?
में : हम जो है आपको कंपनी देने के लिए, लेकिन सिर्फ़ थोड़ी देर इंतजार करो, हम अभी तैयार हो जाते है और अब इस दौरान मैंने उसके हाथ पर बहुत सारे चुम्मे किए थे।
अब उसने कुछ भी नहीं कहा और ना ही मना किया बस मेरे सामने आराम से बैठी रही। फिर थोड़ी देर तक हम बातें करते रहे और उसके बाद मैंने उसको कहा क्या में आपको चुम्मा कर सकता हूँ? तब उसने कहा कि इतने तो कर लिए और अब इजाजत माँग रहे है, वाह क्या बात है आपकी?
“Punjabi Girlfriend Ke Maje”

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में : जनाब इस बार हम आपके होंठो पर चुम्मा करना चाहते है, अगर आपको बुरा ना लगे और आपकी तरफ से इस काम की इजाजत हो तो?
सिमरन : में क्या कह सकती हूँ? क्योंकि मुझे बहुत शरम आती है, बस आपकी मर्ज़ी।
में : हैल्लो मेडम, जब आप यहाँ आया करो तो उस समय शरम को अपने घर पर छोड़कर आया करो, यहाँ हमारे साथ शरम का कोई काम नहीं है समझे।
सिमरन : हाँ ठीक है जो दिल चाहे कर लो, लेकिन सिर्फ़ ऊपर तक ही रहना है, अभी नीचे नहीं जाना।
में : अरे डरो नहीं, हमारा हक सिर्फ़ आपके पेट के ऊपर तक है, नीचे हमारा क्या काम? वैसे क्या आपको मुझसे डर लगता है?
सिमरन : जी लगता तो है, लेकिन बहुत कम मतलब 20% डर लगता है और 80% नहीं लगता है।

फिर उसके बाद में उठा और बाथरूम में चला गया और नहाधोकर तैयार होकर वापस आ गया। अब मैंने वापस आकर देखा कि वो उस समय मेरी माँ के साथ बैठी हुई थी। फिर जब में पूरी तरह से तैयार हो गया, तब में टी.वी वाले कमरे में चला गया और मैंने देखा कि वहां माँ नहीं थी, वो उस समय बाथरूम में थी।

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