प्यारी सासू माँ मोहिनी का कमर दर्द-1

Pyari Sasu ma Mohini Ka Kamar Dard-1

यह मेरी पहली कहानी है HotSexStory.xyz पर जिसे मैं आप सबको बताना चाहता था मगर समय ही नहीं मिल पाता था।

यह कहानी मेरी और मेरी प्यारी सासू माँ की है जिसका नाम मोहिनी है। वो उस वक़्त करीब 45 की रही होगी और उसका फिगर करीब 34-32-36 होगा। मेरी शादी से पहले से ही जबसे मैंने उसे देखा था उसकी भारी हुई गाण्ड हमेशा से ही मुझे आकर्षित करती थी। करीब दो साल तक मैं उसके नाम से मुठ मारता रहा था और यहाँ तक कि जब भी अपनी बीवी को चुदाई करता था तब भी मेरे दिमाग़ में वही रहती थी और में यही सोचा करता था कि मैं मोहिनी को ही ठोक रहा हूँ।

तो बात उस समय की है जब हम लोग सास ससुर के साथ मेरे साले के घर पुणे घूमने गये थे। तभी अचानक से एक खबर आई कि मेरे ससुर के कोई रिश्तेदार गुजर गए हैं और हम सबको मुंबई जाना था।

हम सबने तैयारी कर ली कि तभी मोहिनी को अचानक से कमर में दर्द होने लग गया। अब जाना भी ज़रूरी था और उसे इस हालत में लेकर भी नहीं जा सकते थे तो मैंने कह दिया कि आप लोगों के रिश्तेदार हैं, आप लोग जाओ, मैं और मम्मी जी यहीं रह जाएँगे और जब इनकी तबीयत ठीक होगी तब हम आ जाएँगे।

अब और कोई चारा भी नहीं था उन लोगों के पास और मैं मन ही मन सोच रहा था कि शायद आज मेरे भाग जाग जाएँ।

फिर मैं उन लोगों को पुणे से मुंबई की बस में बिठा कर आया। मोहिनी घर में ही थी।जैसे ही घर गया मैंने घण्टी बजाई तो मोहिनी ने दरवाजा खोला। मैंने देखा कि उसने अपने कपड़े बदल लिए हैं, अब उसने एक मैरून रंग की नाइटी पहन ली है जिसमें वो बहुत सेक्सी लग रही थी।

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मैंने पूछा- कैसी हैं आप?

तो वो बोली- हाँ, थोड़ी भीड़ कम हुई है घर की तो अच्छा लग रहा है !

असल में वो जाना ही नहीं चाहती थी क्योंकि जिनकी मृत्यु हुई है उनसे मोहिनी का पंगा चलता था और इसीलिए मेरे ससुर जी ने भी शायद उसे रहने दिया।

खैर मैंने कहा- अब तो 3-4 दिन की कम से कम फ़ुर्सत ही है। आप और मैं आराम करेंगे घर में !

तो वो बोली- हाँ बिल्कुल दामाद जी ! आपको आराम मिले, यही तो मैं चाहती हूँ !

और इतना बोलकर उसने एक कुटिल मुस्कान दी।

मैंने उसको पूछा- क्या सही में आपकी कमर में दर्द है? तो मैं मालिश कर देता हूँ, थोड़ा आराम मिल जाएगा !

तो वो बोली- इतना ज़्यादा दर्द तो नहीं है, मगर हाँ, अगर आप मालिश कर दोगे तो शायद आराम ही मिल जाए मेरे इस शरीर को।

मैंने कहा- चलो तो फिर आज मैं आपको बॉडी मसाज देता हूँ।

और इतना कहकर मैंने उसे इशारा किया की चलो बेडरूम में चलते हैं।

और हम दोनों बेडरूम में आ गये।

उसने कहा- बेटा, आप कपड़े बदल लो, वरना तेल आपके कपड़ों में लग जाएगा और कपड़े खराब हो जाएँगे।

तो मैंने कहा- यहाँ इतनी गर्मी है, तो बदलना क्या, जो पहना हूँ वही उतार दूँगा।

वो बोली- ठीक है, जैसी आपकी मर्ज़ी।

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फिर मैंने तेल की शीशी उठाई और टीवी चला दिया।

मैंने कहा- आप बिस्तर पर बैठे रहो, मैं मालिश शुरु करता हूँ !

वो बोली- आपकी जैसी मर्ज़ी, वैसी मालिश कर दो दामाद जी ! मैं तो कब से बॉडी मसाज का इन्तजार कर रही हूँ, मगर आपके ससुर तो कभी करते ही नहीं।

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फिर वो बेड से टिक कर बैठ गई और मैं उसके पास बैठ गया, मैंने कहा- मैं पहले आपके सिर से शुरु करता हूँ !

वो बोली- ठीक है।

मैंने उसके बाल खोल दिए और वो खुले बालों में और मैरून नाइटी में कयामत लग रही थी। फिर मैं उसके पीछे बैठ गया और अपने दोनों पैर उसके दोनों तरफ डाल कर उसे बीच में अपने से टिका लिया और अपने हाथों में तेल लेकर उसके सिर में मालिश शुरु की हल्के हल्के हाथों से !

इतने में ही मेरी पैंट में हलचल होने लगी थी जिसे उसने पहचान लिया, वो बोली- अरे दामाद जी, ऐसा लग रहा है कि आप भी काफ़ी दिनों से मेरी मसाज करने की इंतज़ार में थे?

मैं कुछ नहीं बोला, बस मुस्कुरा दिया।

फिर उसने मुझे कहा- ऐसे तो आपकी पैंट खराब हो जाएगी, आप आराम से रहो, इतने फॉर्मल मत बनिए, जैसे आप अपने घर में रहते हो, वैसे भी रह सकते हो, मैं आपको कुछ नहीं कहूँगी और ना ही कुछ करूँगी।

तो मैंने कहा- अब ठीक है, आप इतना बोल रही हैं तो मैं अपनी पैंट उतार देता हूँ।

कह कर मैंने अपने पैर बाहर निकले तो वो पीछे घूम गई बोली- रहने दो, आपसे शायद नहीं होगा, मैं आपकी मदद कर देती हूँ पैंट उतारने में !

और इतना बोल कर उसका हाथ सीधे मेरी जीन्स के हुक पर गया और मैं पीछे बेड पर टेक लगा कर बैठ गया अपने दोनों पैर फैला कर और उसने मेरी जीन्स के बटन खोल कर ज़िप खोल दी।

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मैं आराम से बैठा हुआ था तो वो बोली- अरे, आप तो आराम से बैठ गये, अब उतरुँगी भी मैं ही क्या आपकी जीन्स?

तो मैंने कहा- प्लीज़ उतार दीजिए ना।

तो वो मुझे देख कर मुस्कुरई और बोली- ठीक है, अब अपनी तशरीफ़ उठाएँ तो मैं निकालूँ उसे।

तो मैंने अपनी गाण्ड उठाई और उसने दोनों हाथ मेरी गाण्ड के नीचे डाल कर मेरी जीन्स निकाल दी, फिर वो बोली- लाइए अब एक बार उठे हैं तो टीशर्ट भी निकाल ही देती हूँ, मुझे पता है कि आप घर में बॉक्सर और टॉपलेस ही रहते हो।

कहकर उसने मेरी टीशर्ट भी निकाल दी। अब मैं उसके सामने सिर्फ़ बॉक्सर में ही था। तभी उसने मेरे बॉक्सर में बने तम्बू को देखा तो बोली- अरे लगता है कि कोई तो आज किसी और ही मसाज के मूड में है।

यह कहानी कुल पाँच भागो में है, आगे की कहानी अगले भाग में पढ़ें-

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