Aunty Sex Story

प्यासी चाची की गरम चूत का पानी निकाल दिया

दोस्तों, मेरा नाम रंजीत है और मेरी उम्र अभी 22 साल की है। मैं काफी हैंडसम हूँ, मेरी ऊँचाई भी अच्छी है और मेरे लंड का साइज भी काफी अच्छा है। मेरे लंड का साइज 6 इंच है और काफी अच्छा है जिससे चुत की प्यास को खत्म किया जाता है।

मैं कॉलेज जाता हूँ और बहुत ही मस्ती भी करता हूँ। मैंने अपनी ज़िंदगी में अब तक 3 लड़कियों को चोद चुका हूँ और तीनों को चोदने के बाद मुझे बहुत ही मजा आया है।

यह कहानी मेरी और मेरी चाची प्रिया की है। मेरी प्रिया चाची बहुत ही सेक्सी और बहुत ही सुंदर हैं। उसका फिगर बहुत ही कमाल का है। उसका फिगर 38-32-38 का है जिसे देखकर हर किसी का लंड खड़ा हो जाता है।

मेरी चाची की उम्र 38 साल की है। भले ही उम्र अच्छी खासी है पर वो अभी भी काफी जवान लगती हैं। मैं उनका गांड जब भी देखता हूँ तो मेरे मन में उनको चोदने का मन करता है। और जब वो अपना गांड हिलाते हुए चलती हैं तो मेरा लौड़ा खड़ा हो जाता है।

एक दिन की बात है। मैं अपनी चाची के घर गया था। हमारे सबका घर एक ही कॉलोनी में है इसलिए मैं उनके पास गया था और तब मैं जब वहाँ गया तो वो नाइटी में थी और घर पर कोई नहीं था।

मैंने चाची से चाचा जी और बच्चों बारे पूछा तो उन्होंने कहा कि तुम चाचा जी को तो पता है कि वो कहाँ जाते हैं और बाकी बच्चों की तो स्कूल गई है।

अब मैं उनके वहीं बैठ गया और थोड़ी ही देर बाद जाने लगा। तो मुझे उठते देखकर चाची ने कहा – तुम्हें क्या कोई काम है?

मैं – नहीं चाची मुझसे कोई काम नहीं है।

तब चाची ने मुझसे कहा कि घर पर कोई नहीं है इसलिए तुम थोड़ी देर बैठ जाओ। इतना मैं ना कर आती हूँ। मैं भी उनकी बात सुनकर वहीं बैठा रहा और उनके आने का इंतजार करने लगा।

मैं आपको एक बात बता दूं कि मेरे चाचा जी के लंड से वो बिलकुल भी खुश नहीं थी और वो लंड लेने की प्यासी थी।

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अब मैं उनके कमरे में बैठा गया और फिर तब मैंने देखा कि वहाँ बिस्तर पर टॉवल, ब्रा और पैंटी पड़े थे जिसे देखकर मेरा लंड खड़ा हो गया। मैं देख ही रहा था कि तब चाची ने मुझसे आवाज दी और कहा कि टॉवल पकड़ो तो मैंने पकड़ दिया और फिर उन्होंने मुझसे कहा कि ब्रा और पैंटी भी पकड़ो तो मैंने वो भी पकड़ दिए।

अब वो भारी आई तो मैंने देखा कि उन्होंने काले रंग का सूट डाल रखा था जो बहुत ही ज्यादा अच्छा लग रहा था। उसमें से उनकी ब्रा भी दिख रही थी और वो बहुत ही सेक्सी लग रही थी। अब उनके जाने के बाद मैं वहाँ से खड़ा हुआ और वहाँ से जाने लगा तो उन्होंने फिर से रोका।

चाची – तुम्हें क्या कोई काम जरूरी है क्या?

मैं – नहीं तो क्यों क्या हुआ।

चाची – तो तुम मेरे साथ ही बैठ जाओ, मैं घर पर अकेली हूँ मेरा मन लग जाएगा।

मैं भी उनकी ये बात सुनकर उनको हां कर दिया और वहीं उनके पास बैठा गया। मुझे उनके पास बैठकर बहुत अच्छा लग रहा था। वेसे मेरी चाची बहुत ही गुस्से वाली हैं इसलिए मैं खुद उनसे डरता था।

अब हम दोनों बैठकर बातें करने लगे तब वो मुझसे मेरी गर्लफ्रेंड बारे पूछने लगीं तो मैंने नहीं बताया। तब चाची ने मुझसे कहा कि मैं सब जानती हूँ कि तुमने किस किस को चोद रखा है और तो और मैंने तुम्हारे लंड को भी देखा है।

मैं उनकी मुंह से ये सब सुनकर काफी हैरान था और फिर मैंने उनसे पूछा कि आपने कब देखा तो उन्होंने कहा कि जब तुम मेरे वॉशरूम में गए थे।

अब चाची अच्छे से बात करने लगीं और मैं भी। मैंने कभी सोचा नहीं था कि जिसको मैं चोदना चाहता हूँ वो खुद ही मेरे पास आएगी। अब चाची ने ऐसे ही बैठे बैठे मेरे लंड पर हाथ रख दिया और फिर तब उन्होंने कहा इसको बाहर निकालो और मुझे चोद दो।

मैं भी अब चाची के साथ काफी ओपन हो गया था और फिर मैंने अपना लंड पैंट से बाहर निकाला और फिर उनके हाथों में थमा दिया।

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मुझे उनका हाथों में अपना लंड देखकर बहुत अच्छा लग रहा था और फिर उसके बाद उन्होंने अपने हाथों में लेकर ऊपर नीचे करनें लगी। मुझे ये सब करवाने में बहुत मजा आ रहा था। और फिर उसके बाद मैंने उनसे उनके कमर को उतारने को कहा तो उन्होंने उतार दिया।

अब मैंने उनकी ब्रा को खोला और उनके बूब्स जोर जोर से दबाने लगा। मुझे ये सब करने में बहुत मजा आ रहा था और फिर उसके बाद धीरे धीरे मैंने उन्हें पूरा नंगा कर दिया।

अब उन्होंने भी मेरे लंड को मुंह में ले लिया और चूसना शुरू कर दिया। मुझे ये सब करवाने में बहुत ही मजा आ रहा था और मैं काफी खुश भी था।

अब मैंने उनके बूब्स को जोर जोर से दबाना शुरू कर दिया और साथ ही साथ अब मैंने उन्हें बिस्तर पर ले लिया और उनकी चुत पर हाथ लगाने लगा। मैं ये सब करते हुए बहुत अच्छा फील कर रहा था और वहाँ वो भी आह्ह आह्ह कर रही थीं।

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मुझे उनका आह्ह से और भी बहुत मजा आ रहा था और मैं पागल की तरह उसकी चुत को चूसने में लगा हुआ था। अब इसी तरह काफी देर बाद मैंने उसे चुत को चाटना शुरू कर दिया। जिससे उसे बहुत ही मजा आ रहा था।

अब इसी तरह मैं भी ऊपर आ गया पर ऊपर आने से पहले उसके मुंह में लंड डालकर मैंने खूब लंड चूसवाया और फिर खूब मस्ती मारी और अब मैंने अपना लंड उसकी चुत पर रख दिया।

उसकी चुत काफी tight थी तो मैंने धीरे धीरे करनें शुरू किया और अब धीरे धीरे ही मैंने अपना लंड उसकी चुत में पूरा उतार दिया। उसके मुंह से आह्ह आह्ह की आवाज आ रही थी और मैं बस जोर जोर से चोद रहा था और बस चोद रहा था।

अब काफी देर तक ऐसा करते हुए मैं भी उसके बूब्स को चूस रहा था और बूब्स को जोर जोर से दबा रहा था और वहाँ वो आह्ह आह्ह की आवाज निकाल रही थीं।

अब मैंने उसे काफी देर तक चोदना जारी रखा और बस जोर जोर से चोद रहा था और बस चोद रहा था। मुझे भी उसको चोड़ने में बहुत मजा आ रहा था और साथ ही साथ उसके लिप्स को चूसने में भी बहुत मजा आ रहा था।

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अब काफी देर तक चोदने के बाद अब मेरा ब्ब निकलने वाला था और उसका एक बार निकल गया था। तो मैंने जब उसे कहा कि मेरा निकलने वाला है तो उसने कहा कि अंदर मत निकालना तो मैंने खींचकर अपना लौड़ा उसके बूब्स पर रख दिया और फिर उसके बाद मैंने अपना पानी निकाल दिया जिसे उसने बहुत ही मजे से पिया।

अब थोड़ी देर हमने आराम किया तो मैंने अब उससे कहा कि मुझे गांड भी चाहिए तो वो राजी हो गई। और ये सुनकर मैं काफी खुश हुआ और उसके बाद मैंने उसकी गांड को चाटना शुरू कर दिया।

गांड चाटने के बाद मैंने अब उसे घोड़ी बनाया और धीरे धीरे करके उसकी चुत में लंड डालने लगा। मुझे ये सब करने में बहुत ही ज्यादा मजा आ रहा था। अब मैं उसकी गांड को चोद रहा था और वो आह्ह आह्ह कर रही थीं।

मैं भी ये सुनकर पागल हो रहा था और फिर काफी जोर से चोदना शुरू कर दिया था। मैं ये सब करते हुए पागल हो रहा था और तो और मुझे बहुत ही मजा आ रहा था। अब इसी तरह काफी देर तक चोदने के बाद मैंने उसकी गांड को ही अपने पानी से भरा और जोर जोर से चोदने के बाद पानी निकालकर खूब मजा लिया।

और फिर मैं उसके पास आकर ले गया और फिर उसके बाद मैंने उससे खूब बातें की। वो भी मेरे साथ खूब बातें करने लगी और हम अब दोनों काफी क्लोज हो गए। और तब उसने ये भी कहा कि जब भी हमारे मन करेगा हम दोबारा सेक्स करेंगे और हमेशा करते रहेंगे।