रंडी माँ की चुदक्कड़ बेटी-2

Randi maa ki chudakkad beti-2

फिर एक दिन जब पापा घर पर नहीं थे और जब दीदी सो रही थी, तो अंकल ने कई बार उसकी चूची भी दबाई थी और मेरी भी दबाई थी. अंकल अक्सर जब पापा दूसरे शहर जाते है तो तब आते है, तो में सोती नहीं हूँ और सोने का नाटक करके उनकी बातें सुनती हूँ और उनकी हरकते देखती हूँ. अंकल मम्मी की गांड भी चोदते है, मम्मी को उनकी एक सहेली के पति ने भी चोदा है.

अब मेरा तो दिमाग़ ये सब सुनकर सन्न रह गया था, अब मैंने सोच लिया था कि में संगीता को भी चोदूंगा, लेकिन पहले सानिया की चूत का मज़ा ले लूँ. फिर मैंने सानिया से कहा कि तुम तो बहुत समझदार हो गयी हो, अभी से सब कुछ सीख गयी हो, अब ये बताओ किसी ने तुम्हें चोदा है? तो वो बोली कि नहीं चोदा.

फिर मैंने कहा कि तुम जैसी कच्ची कली का स्वाद लेने के लिए कोई भी कुछ कर सकता है. आज से तुम मेरी रंडी हो और में जल्द ही संगीता को भी रंडी बना दूँगा तो तब तुम्हें आसानी होगी, मुझे आज पता चला कि तुम्हारी माँ, बहन सब रंडी है. में तुम तीनों को चोदूंगा, लेकिन सबसे पहले में तेरी चूत का भोसड़ा बनाऊंगा.

फिर वो बोली कि इतने गुस्से में क्यों हो भैया? आओ और मेरी चूत में अपना लंड डालकर मुझे चोदो, ये मेरी खुशकिस्मती है कि मेरी चूत की सील आपके मोटे और लंबे लंड से टूटेगी.

फिर मैंने कहा कि हाँ कुत्तियाँ आज में तेरी वो चुदाई करूँगा कि तू याद रखेगी. फिर वो बोली कि आ जाओ ना, मैंने कब मना किया है? में आज अपनी चूत की प्यास आपके लंड से मिटाऊँगी. फिर मैंने कहा कि हरामजादी खूब बोलना सीख गयी, चल आज में तुझे पूरी रंडी बना देता हूँ और यह कहकर मैंने उस कच्ची कली को अपनी गोद में बैठा लिया और उसकी चूची को मसलना चालू कर दिया. अब मेरा लंड उसकी गांड में लगा हुआ था.

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फिर मैंने उसे सीधा लेटा दिया और उसके ऊपर आ गया और बोला कि साली आज ऐसे ही डालूँ या तेल या क्रीम लगाकर? तो वो बोली कि जैसे जी चाहे चोद लो, लेकिन जल्दी करो मेरी चूत में बहुत खुजली हो रही है. फिर मैंने कहा कि हाँ मेरी जान, ले अभी तेरी चूत का बाजा बजाता हूँ और यह कहकर में क्रीम ले आया और उसकी मखमल जैसी कुँवारी चूत के अंदर क्रीम भर दी और थोड़ी क्रीम अपने लंड पर भी लगा ली.

फिर में उसके ऊपर लेट गया और उसकी दोनों पतली टांगो को अपनी कमर पर लपेट लिया और अपने लंड के सुपाड़े को उसकी चूत के छेद में फंसाया और हल्का सा दबाव दिया तो उसकी चूत की फाँक इतनी टाईट थी कि मेरा लंड फिसलकर उसकी गांड की तरफ चला गया.

फिर मैंने अपने लंड को उसकी चूत पर लगाया और जोर से एक धक्का मारा तो वो उूउउइईईईईईईईईईई करके ज़ोर से चीखी तो मैंने उसका मुँह अपने मुँह से बंद कर दिया और फिर एक धक्का मारा तो मेरे लंड का सुपाड़ा उसकी चूत के अंदर चला गया और वो छटपटाने लगी.

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फिर मैंने उसकी टागों को उतार दिया तो वो मुझे हटाने लगी, लेकिन वो कमसिन कितना ज़ोर लगाती? मैंने उसे बहुत मजबूती से जकड़ रखा था और बिना उसकी परवाह किए जोर से एक धक्का मारा, तो उसकी आआआआ उउम्म्म्म की आवाज़ दबकर रह गयी और मेरा लंड उसकी सील को तोड़ता हुआ अंदर घुस गया. अब वो छटपटा रही थी और अब में वैसे ही दबाब बनाते हुए रुका था और अब उसकी आँखो से आँसू निकल रहे थे.

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फिर मैंने अपना मुँह उसके मुँह से हटाया तो वो ज़ोर-ज़ोर से सिसकारियां लेने लगी और बोली कि में नहीं चुदवाऊँगी, मुझे छोड़ दो, तो मैंने कहा कि साली अभी तो लंड लेने के लिए चिल्ला रही थी और अब रो रही है, तो वो बोली कि मुझे नहीं मालूम था कि इतना दर्द होगा, मेरी चूत फट गयी, मुझे छोड़ दो प्लीज़. फिर मैंने कहा कि अब लंड घुस ही गया है तो चोदकर ही छोड़ूँगा.

फिर में धीरे-धीरे उस कच्ची कली की चूत में अपना लंड चलाने लगा, अब मेरा मोटा लंड उसकी टाईट चूत में पिस्टन की तरह चल रहा था. अब वो दर्द से कराह रही थी कि मैंने चोदना रोक दिया और अपने लंड को उसकी चूत में ही रहने दिया और उसकी नन्ही सी चूची को चूसने लगा, तो कभी उसके होंठ चूसता, तो कभी उसके चेहरे को चाटता, तो कभी उसकी चूची मसलता, इस तरह से आधे घंटे तक में उसे चूसता चाटता रहा.

फिर जब मुझे लगा कि अब उसे दर्द नहीं हो रहा है, तब मैंने अपने लंड को फिर से उसकी टाईट चूत में आगे-पीछे करना चालू कर दिया. फिर लगभग 10 मिनट तक में उसे धीरे-धीरे चोदता रहा और तब उसने अपनी दोनों टांगे मेरी कमर पर लपेट ली. फिर मैंने अपनी स्पीड थोड़ी और बढाई तो 5 मिनट में ही उसके मुँह से आहहह उहहहह की आवाजे निकलनी शुरू हो गयी.

अब मैंने उससे कहा कि कैसा लग रहा है मेरी जान? तो वो बोली कि अब दर्द नहीं हो रहा है, थोड़ा तेज चोदो. फिर मैंने अपनी स्पीड थोड़ी और बढ़ा दी और उसके होंठ चूसने लगा. अब वो भी मेरा होंठ चूसने में साथ देने लगी थी. फिर उसके बाद अचानक से उसने अपना बदन कड़क कर लिया और आआआआआ उूउउउउ उईईईईईईईई करने लगी, तो मैंने भी अपने धक्को की रफ़्तार बहुत तेज़ कर दी. फिर वो एकदम सुस्त हो गयी और फिर मेरे लंड ने भी अपना सारा पानी छोड़ दिया और सारा रस उसकी चूत में भर दिया और उस पर निढाल होकर थम गया.

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फिर 15 मिनट तक वैसे ही पड़े रहने के बाद में उठा और उसे भी उठाया और फिर हम दोनों बाथरूम में चले गये. फिर बाथरूम में हम दोनों ने लंड और चूत को साफ किया और फिर में उस कच्ची कली के बदन को सहलाने लगा, जिससे मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया.

फिर मैंने उससे पूछा कि और चुदवाओगी? तो वो बोली कि हाँ क्यों नहीं? अब तो जितना जी चाहे चोदो, अब तो में तुम्हारी हो गयी हूँ. फिर मैंने कहा कि लगता है कि तुम्हें मेरे लंड का स्वाद लग गया है, अभी थोड़ी देर पहले तो चिल्ला रही थी कि नहीं चुदवाना है और अब लंड लेने के लिए मेरी रंडी बन रही हो, लेकिन इस वक़्त रात के 10 बज रहे है और अब डिनर का भी समय हो गया था और उस दिन मेरा लंड कच्ची कली को पाकर तृप्त हो गया था, इसलिए मेरा उसे चोदने का कोई मन नहीं हुआ और सो गया.

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