रूचि की कुंवारी चूत 5

Ruchi ki kunwari chut-5

अब हम दोनों एक दूसरे को खाने की कोशिश कर रहे थे… !!

जब मुझे लगा की मैं रूचि के मुँह में ना झड़ जाऊँ, तो मैंने उसे उतरने को कहा; पर वो तो रुकने का नाम ही नहीं ले रही थी… … …

जब टाइम देखा तो रात के 1 बज गये थे, तब मैंने उसे कहा – अब तुम्हें पूरी तरह से “कली से फूल”बनाने का समय आ गया है…!!!

अब रूचि पूरी तरह से मेरे वश में थी… … …

अब मैंने उससे कहा – जान!! अब नीचे आ जाओ… और वो एक आज्ञाकारी की तरह; मेरे बगल मे लेट गई और ज़ोर ज़ोर से साँस लेने लगी।

फिर उसने मुझसे कहा – तुषार, मुझे इतना मज़ा और खुशी एक साथ कभी नहीं मिली… !!!

मैंने देर ना करते हुए अपना लण्ड उसकी चूत पर रगड़ दिया, तो वो अपनी आँखें बंद करके मेरे अगले कदम का इंतेज़ार करने लगी…

मेरे लिए भी यह पहली बार था; तो, मैंने धीरे से उसकी पूरी तरह गीली हो चुकी चूत में अपना लण्ड डालने लगा पर वो फिसल गया… …

दोबारा फिर वही हुआ, तो उसने कहा कि एक तकिया उसकी कमर के नीचे रख लो फिर ट्राइ करो!! !!!

मैंने वैसा ही किया, देखा तो रूचि की चूत जो गुलाबी थी अब बेगनी हो गई थी… …

मित्रो, अब वह पूरी तरह से चुदने को तैयार थी!!…

अब मुझे मस्ती सूझी तो मैंने अपना लण्ड रूचि की चूत के ऊपर से रगड़ना शुरू किया; इससे मेरा लण्ड रूचि की चूत के रिसाव से पूरा नहा गया और चमकने लगा… !!

रूचि अपनी कमर ऊपर नीचे करते हुए लण्ड को अंदर लेने की नाकाम कोशिश करने लगी… थोड़ी देर बाद वो अचानक बोल पड़ी – तुषार, फक मी… प्लीज़ चोदो मुझे… अब मैं और नहीं रुक सकती… मैं पागल हो रही हूँ… डालो ना… जल्दी डालो… !!

मुझे भी तो जल्दी थी; सो, मैंने उसे कहा, सही जगह पर लण्ड को लगाए और फिर मैंने धीरे से धक्का लगाया तो मेरा लण्ड का सुपाड़ा रूचि की चूत में समा गया… …

वो इस के लिए पूरी तरह तैयार थी, फिर भी उसकी थोड़ी सी चीख निकल गई और आँखों से आँसू आने लगे… …

कुछ देर हम उसी पोज़िशन में रुके और मैं उसे चूमने लगा!! थोड़ी देर में थोड़ा और धक्का लगाया तो आधा लण्ड रूचि की चूत में समा गया… !!!

उसने अपने होंठ भीच लिए और मुझे अपने नाखूनों से घायल कर दिया!! !!!

थोड़ी देर बाद रूचि की टाइट चूत ने मेरे लण्ड को अपना लिया और उसे थोड़ा आराम मिला, अब बस जैसे ही आख़िरी धक्का मारा तो उसकी चीख निकल गई और उसकी आँखें बाहर निकल आईं!! !!!

मैंने तुरंत रूचि के होंठों को अपने होंठों से बंद कर दिया… !!! उसने दर्द के मारे मेरे होंठों को काट लिया और मैंने महसूस किया की कुछ गरम गरम तरल सा रूचि की चूत से बाहर आ रहा है!!!

दोस्तो, वो उसकी कुंवारी चूत फटने का सबूत था यानी “खून” !!

तो, फाइनली मैंने अपना किल्लाह फ़तह कर लिया था और रूचि की सील टूट गई… … …

थोड़ी देर बाद उसने नीचे से अपनी चूत को टाइट और ढीला करके मुझे आगे बढ़ने का सिग्नल दिया तो मैं धीरे धीरे अपने काम मे जुट गया और लण्ड रूचि की चूत से बाहर निकाल कर और फिर से अंदर डाल दिया।

करीब करीब 5-7 मिनट बाद रूचि को भी मज़ा आने लगा और वो अपनी कमर को मेरे लण्ड के अंदर बाहर होने की लय में मिलाने लगी और मज़े से दोनों टाँगों को फैला कर चुदने लगी… …

वो मुझसे अपनी चूत चुदवाते हुए बार बार – “आई लव यू” बोलती जा रही थी और मुझे अपने अंदर और अंदर खींचती जा रही थी!!!…

करीब करीब 10 मिनट बाद मैंने अपनी रफ़्तार बढ़ाई और ज़ोर ज़ोर से रूचि को चोदने लगा!!!

रूचि भी अब पूरी तरह से अपनी चूत खोल कर मेरे लण्ड का मज़ा ले रही थी!!! !! अचानक रूचि ने मुझे ज़ोर से अपनी ओर खींचते हुए मुझे मेरी छाती पर काट लिया और पूरी ताक़त से झड़ गई!!… …

उसके चूत से गरम गरम पानी बाहर निकलने लगा।

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रूचि के काटने से मेरे मुँह से चीख निकल गई, मुझे गुस्सा और मज़ा दोनों एक साथ आया और अब मेरी भी उत्तेजना चरम सीमा पर थी; मैंने अब उसके दोनों पैरों को उठाया जिससे रूचि की चूत पूरी तरह ऊपर आ गई और देर ना करते हुए उसे चोदने लगा…

रूचि इस चुदाई से फिर से अपने होश खोने लगी और – उम्म ऊंह ईश इस्स आहह अहह अहः आ अ उफ़ आ… की आवाज़ें निकालने लगी…

फिर करीब 4-5 मिनट में मैंने रूचि की चूत को अपने कामरस से भर दिया… … …

दोस्तो, इतना आनंद मिला हम दोनों को कि अपने होश खो कर हम उसी पोज़िशन में लेटे रहे!!

करीब 5 मिनट बाद मैं उठ कर उसके बगल मे लेट गया। रूचि आँखें बंद किए हुए मेरे बाजू पर सिर रख कर लेट गयी…

करीब 3 बजे मेरी नींद खुली तो मैंने सोचा मैं सपना देख रहा हूँ पर जब रूचि को अपने बगल में पाया तो विश्वास हुआ की ये सच है!!!

मेरे लण्ड मे पहली बार चुदाई के कारण जलन हो रही थी!!!

मैं रूचि से अलग हुआ और एक कपड़े से रूचि की चूत जो खून और हम दोनों के कामरास से भीगी हुई थी; उसे साफ़ किया।

रूचि भी नींद से उठी और मुस्कुरकर मुझे चूम लिया…

मैंने लाइट जलाई तो पाया सारी चादर हमारी पहली चुदाई की गवाह बन चुकी थी… !!!

हम दोनों ने एक दूसरे को साफ़ किया और मैं वो चादर अपनी पहली चुदाई की सौगात के रूप मे अपने साथ ले आया… !!

जैसा की आप जानते हैं, यह मरी पहली कहानी है।

आशा है आप सबके लण्ड से पानी निकलने लगा होगा और लड़कियो की चूत लण्ड लेने के लिए तड़फ़ रही होगी!!! !!

पूरी कहानी कैसी लगी, ज़रूर बताइगा…

जवाब के इंतज़ार में…

आपका दोस्त –
तुषार… …

 

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