सच्चे प्रेम की पहली चुदाई

(Sachhe prem ki pahli chudai)

हेलो दोस्तों मेरा नाम विशाल है।मैं पहली बार ऐसी कोई कहानी लिखने जा रहा हूँ आपको पसंद आये तो लाइक करियेगा. मैं दिल्ली का रहने वाला हूँ।मिडिल क्लास फेमिली से हूँ, अभी मेने CA पास किया है। मेरा शरीर गठीला है सीना बहार की तरफ उठा हुआ है,गोरा रंग है और फिट बॉडी है जिम की वजह से.

दोस्तों यह कहानी मेरी और मेरी प्रेमिका की है जो मेरे साथ CA का कोर्स कर रही थी. उसका नाम प्रतीक्षा है.

प्रतीक्षा और में कॉलेज के दिनों से एक दूसरे को जानते है. कॉलेज में 1st ईयर में ही हम दोनों में काफी अच्छी दोस्ती हो गयी थी क्योंकि हम दोनों ही थोड़े पढ़ाकू किस्म के थे.हम लोग मन ही मन एक दूसरे को बहोत पसंद भी करते थे.मेने उस से प्यार का इज़हार भी किया था लेकिन उसने कहा कि पहले परीक्षा पर ध्यान देते है फिर इस बारे में सोचेंगे.मुझे भी यही सही लगा क्योंकि परीक्षा नजदीक थी.

दोस्तों प्रतीक्षा के बारे में बता दूं तो दूध जैसा गोरा रंग है उसका। गुलाब की पंखुड़ियों जैसे गुलाबी पतले से होठ, आँखे उसकी बहोत नशीली थी और उसका फिगर 32 28 32 था जो की मुझे काफी ज्यादा उतेजित कर देता था.

परीक्षा आ रही थी तो कई बार हम लोग पढाई करने के लिए कॉलेज के बाद लाइब्रेरी में जाकर रुकने लग गए थे पहले पहले तो मैने उसके बारे में कभी ऐसा कुछ सोचा नहीं था. लेकिन एक दिन जब हम दोनों पढ़ रहे थे अकेले में, तब उसको कुछ सवाल में परेशानी हो रही थी ।

इसलिए वो मुझसे पूछने के लिए मेरे पास आ गयी अब वो मेरे इतना सट के बैठ गयी की उसकी झाँघे मेरी झाँघो को छूने लगी। न जाने क्यों उसकी झाँघे गर्म सी थी. उसकी गर्मी मेरी झाँघो से होते हुए मेरे दिल तक पहोच गयी. मेरा दिल एकदम से जोर जोर से धड़कने लग गया.

अब वो मेरे थोड़ी और पास आई. जिससे उसके खुले बालो की खुशबु मुझे मदहोश कर रही थी. उसके जिस्म से आती हुई वो खुशबू आज भी मेरे मन में कैद है.उसने ढीला सा टीशर्ट पहना हुआ था जिसमे मैं साफ साफ उसके बूब्स देख पा रहा था.मैं पहली बार किसी लड़की के बूब्स देख रहा था.

उसका रंग जितना गोरा था उस से भी ज्यादा गोरे उसके बूब्स थे.गोरे गोरे गोल गोल से एकदम टाइट . मेरा लण्ड खड़ा होकर बहोत टाइट हो गया था.मैं बहोत उतेजित हो गया था और मन कर रहा था कि अभी उसके बूब्स को अपने हाथों में दबोच लूँ. प्रतीक्षा ने भी शायद मेरे लैंड के उभार को महसूस कर लिया था. इसलिए उसने मेरी आँखों में देखा और आँखों से कुछ इशारे किये और उसके बाद वो मुस्कुराई। मैं कुछ समझ पाता उस से पहले ही उसने मेरी झांग पर हाथ रख दिया. और फिर नाटक करने लग गयी की ये सवाल मुझसे हो ही नहीं रहा है यार.

मेरी उत्तेजना अब काबू से बहार हो रही थी की इतनी देर में लाइट चली गयी। अब उसके हाथ की पकड़ मेरी झाँघो पर मजबूत हो रही थी. हम लाइब्रेरी के एकदम पिछले भाग में बैठे थे जिसकी वजह से वहाँ एकदम अँधेरा हो गया था.प्रतीक्षा ने अपना हाथ मेरे लण्ड की ओर बढ़ाया इतने में मैं पुरे जोश में आ गया तो मैने उसका चेहरा पकड़ा और उसके गुलाबी मुलायम होठों को चूम लिया.

उसके रसीले होठो को चूमने में इतना मजा आ रहा था कि हम भूल ही गये थे की हम लोग लाइब्रेरी में बैठे है. उसने मेरे गालों पर हाथ रखा और मुझे कस के किस करने लगी। वही मेने उसके बूब्स पर बाहर से ही हाथ फेरना शुरू कर दिया.

उसकी चूत पूरी तरह से गीली हो चुकी थी क्योंकि उसने लेगीज पहनी थी और उसके नीचे पेंटी नहीं थी। इस वजह से लेगिज चूत के भाग से गीली हो चुकी थी। वो मुझे खीच कर जोरो से किस करने में लगी हुई थी की मेने उसके टीशर्ट में नीचे से हाथ डाल दिया और उसके पेट पर हाथ फेरने लगा.

इतने में ही लाइट आ गयी तो हम दोनों को अलग होना पड़ा. लेकिन हम दोनों को ही ये चाहिये था। फिर हमने पढ़ाई की और शनिवार को मेरे रूम पर मिलने का प्लान बनाया। मेरे रूममेट को मैने बहार भेज दिया था.

इंतेजार की घड़ी खत्म हुई और शनिवार आ गया. दोपहर के करीब 1 बजे थे वो बैग लेकर रूम पर आयी. शायद घर पर पढ़ाई का बहाना बना कर आई थी. उसने लाल रंग का क्रॉप टॉप पहना था और नीचे ब्लैक लेगिज थी खुले बाल थे लाल लिपस्टिक और काजल लगा कर आई थी जिसमे वो कातिल लग रही थी. मैं तो उसको घूरता ही रह गया . तभी प्रतीक्षा बोली बाहर ही घूरोगे या अंदर भी बुलाओगे.

मेने कहा सॉरी अंदर आओ तुम. तुम बहोत सुन्दर लग रही हो मेने उसकी तारीफ की और गेट बंद किया. जैसे ही मेने गेट बंद किया उसने अपना बैग फेक और आकर मुझसे लिपट गयी। कुछ देर प्यार से गले लगाने के बाद में उसे अपने कमरे में ले गया ।

वहाँ मेने उसकी कमर पर हाथ रख और उसने मेरे गालो पर
हम दोनों एक दूसरे की आँखों में देख रहे थे.मेने उसे धीरे धीरे अपने करीब खीच लिया उसने मेरे चेहरे को अपनी तरफ खींचा.
हम लोग इतने करीब थे की उसकी गर्म सांसे मुझे अपने होठों पर महसूस हो रही थी. और मेरी गर्म सांसे उसे। उसके बदन की वो खुशबू मुझे फिर आने लगी। मेरी आँखे अपने आप ही बंद हो गयी और में उसके बदन की खुशबु और साँसों की गर्माहट में ही खो गया।

उसके रसीले लाल होठ जब मेरे होठों से स्पर्श हुए तब उसकी भी आँखे बंद हो गयी अब वो मेरे होठो का रसपान कर रही थी और में उसके। मेने उसे कस के पकडे रखा था । वो बहोत ज्यादा उतेजित हो चुकी थी। मुझे बहोत तेजी से किस करने लगी। कभी मेरे होठो पर जोर से किश करती तो कभी काट लेती तो कभी अपनी जीभ से मेरी जीभ को स्पर्श करती और खेलती। इस तरह हमने करीब 15 20 मिनट तक किस किया।

उसकी पूरी लिपस्टिक मेरे होंठो और गालो पर लग चुकी थी। मेरा लण्ड खड़ा हो चूका था एकदम टाइट होकर। उसकी भी चूट गीली हो गयी थी। किस करते करते मेने उसके टीशर्ट में हाथ डाल दिया और वहां से ब्रा में हाथ दाल दिया. वो मेरे सीने पे अपना हाथ सहला रही थी वही में उसके बूब्स दबा रहा था.

धीरे धीरे मेरा हाथ उसकी लेगिज में जाने लगा । अब मेरा हाथ उसकी लेगिज में जा चूका था और उसकी चूत एकदम क्लीन शेव थी जो की मुझे बहोत पसंद है। मेने उसकी चूत पर हाथ रखा और उसकी चूत का दाना रगड़ने लगा। उसकी आँखे एकदम से बंद हो गयी और वो अहह अहह उम्म की आवाजें निकलने लग गयी। उसने मेरी पेन्ट में हाथ डाला और मेरा लण्ड हिलाने लग गयी काफी देर किस और ऊँगली करने के बाद उसने बोला अब चलो न बिस्तर पर। मेरी बुर अब तुम्हारे लण्ड के बिना नहीं रह सकती.

यह सुनने के बाद जैसे मेरे अंदर जोश का ज्वालामुखी फूट गया था. मेने उसे अपनी गोद में उठाया और उसे अपने बिस्तर पर पटक दिया। वो मुस्कुराई और बाहे फैलाये लेटी थी। में उसके ऊपर कूद गया और उसका टीशर्ट निकाल दिया। वो बहोत जोश में आ चुकी थी तो उसने बोला मुझे जंगली (wild) सेक्स पसंद है। तो मैने उसकी ब्रा को फाड़ दिया और उसके बूब्स को चूसने लग गया। उसके गोरे गोल गोल बूब्स बहोत रसीले थे। उसके निप्पल भी कड़क हो चुके थे ।

बूब्स चूसते चूसते में उसकी नाभि तक पहोंचा। उसने अपने हाथों से चद्दर को पकड़ा हुआ था और उम्म अहह की आवाजे निकालने लगी। में और नीचे गया और मैने उसकी लेगिज निकल दी उसकी चूत बहोत रसीली और गीली थी।
में उसपर भूखे शेर की तरह झपट पड़ा।

मेने सीधा उसपर किस किया। और प्रतीक्षा की उतेजना और बढ़ गयी. उसने मेरे सर के पीछे से मुझे चूत की और धकेला.
उसकी चूत बहोत गर्म हो चुकी थी। उसका गर्म गर्म गिला रस में अपनी जीभ पर महसूस कर सकता था। जिसका स्वाद थोड़ा नमकीन था। मेरी जीभ अब उसकी चूत के द्वार के अंदर घुस चुकी थी। जैसे जैसे जीभ अंदर जा रही थी वैसे वैसे प्रतीक्षा की आहट उसकी अहह अहह की आवाजें बढ़ती जा रही थी ।

और में उसे अपनी जीभ से लगातार चोद रहा था। में उसकी चूत को पूरे जोश से चाट और चूस रहा था। उसकी चुत के दाने पर जब मैने अपनी जीभ रगड़ी तब वो बहोत उतेजित हो गयी और मुझे जोर से अपनी चुत की तरफ धकेलने लगी। मेने उसकी चुत पर काट लिया और उसके बाद जोर जोर से चूसने लगा बहोत जोर से। कुछ देर चाटने के बाद उसने अपना पानी छोड़ दिया जो सीधे मेरे मुंह में आ गया था।

उसके बाद में लेट गया और वो मेरे ऊपर आ गयी । मुझे किस करते करते लण्ड तक पहोच गयी और उसे चूसना शुरू कर दिया। वो बहोत जोर जोर से लण्ड को चूस रही थी के में पागल सा हो रहा था। मेने उसके बाल पकडे और उसका मुंह ऊपर नीचे करने लग गया ।

उसके बाद वो मेरे ऊपर आ गयी और नीचे से हाथ डाल कर मेरा लण्ड अपनी चूत में डाल दिया। प्रतीक्षा की चूत एकदम गोरी थी और उतनी ही टाइट भी। मेरा लण्ड मुश्किल से अंदर जा रहा था। फिर हमने तेल का सहारा लिया और तेल लगाया।

तेल लगाने के बाद लण्ड को मैने उसकी चुत के द्वार पर रखा और एक ही झटके के साथ अंदर डाल दिया. जिसके बाद वो जोर से चिल्ला उठी। ओ मम्मा अहह अहह आह ये क्या डाल दिया तुमने मुझे बहोत दर्द हो रहा है।
मेने कहा जान बस 2 मिनीट और दर्द होगा उसके बाद मजा आएगा।

और वो मान गयी। फिर मेने कुछ शॉट मारे तो उसकी सील टूट गयी और वो रो पड़ी। उसको बहोत दर्द होने लग गया। मेने उसे किस किया और धीरे से लण्ड वापस अंदर घुसा दिया। उसकी आँखे एकदम से बड़ी हो गयी और उसकी सांस चढ़ गई वो
जोर से चिल्लाने लग गयी। आह उह।

उसके बाद उसको भी मजा आने लग गया। तो वो भी चुदाई में मेरा पूरी तरह से साथ दे रही थी । अब वो मेरे ऊपर आ चुकी थी। मेरा लण्ड उसकी चूत में घुस चूका था और वो मेरे लण्ड पर जोर जोर से कूद रही थी। मुझे पूरा मजा मिल रहा था । और वो बहोत जोर जोर से चिल्लाने लग गयी अहह आह आह उह उम् आह की आवाजें निकालने लगी।

अब मेने उसे घोड़ी बनाया और पीछे से लण्ड डाल दिया। वो एकदम से चीख पड़ी। मेने उसके बाल पकड़ लिए और उसको जोर जोर से झटके देने लग गया। और वो चिल्ला रही थी … आह जानू और चोदो और जोर से … फाड् दो मेरी बुर को आज आह आआह अहह उम् हाय मम्मी आआह चोदो मुझे जान चोदो में पूरे जोश में आकर उसे चोदने लगा।

उसकी आवाजे बढ़ती गई और मेरी स्पीड भी बढ़ती चली गयी। बहोत तेजी से में उसे शॉट मार रहा था। और पीछे से उसके बूब्स भी दबा रहा था कुछ देर चुदाई करने के बाद उसका पानी छूट गया और उसके साथ साथ मेरा भी छूट गया और हम दोनों ही हांफने लग गए।

हम बहोत थक गए थे तो जैसे थे वैसे ही पड़े रहे और नींद आ गयी मेरा लण्ड अभी भी उसकी चूत में ही था .
फिर शाम को हम उठे और नहाते समय फिर चुदाई की।
उसके बाद में उसे उसके घर छोड़ आया। उस दिन वो चलने की हालत में भी नहीं थी इतनी चुदाई के बाद।

इस तरह अब जब भी मन होता है पढाई करने के बहाने वो मेरे रूम पर आ जाती है और हम जम कर चुदाई करते है।

THANK YOU दोस्तों
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