सहेली की शादी में अंकल सेक्स का मजा-2

Saheli ki shadi me uncle sex ka maza-2

Shadi sex, अंकल ने हामी भर दी और कार में बैठ गए. अब हम दोनों बात करने लगे. उन्होंने मेरे बारे में सब पूछा. फिर अपने बारे में सब बताया.

फिर कुछ देर बाद वो गाड़ी से उतर गए और सामने एक वाइन शॉप से एक व्हिस्की की बोतल ले आए. उनकी कार में गिलास पानी वगैरह रखे रहते थे.

वो मुझसे बोले- तुमको चलेगी?
मैंने कहा- नहीं अंकल, मैंने पहले से दो पैग लिए हुए हैं.
उन्होंने बोला कि अरे दो पैग से क्या होता है … और वैसे भी तुम्हें लिए हुए देर हो गई है … लो थोड़ी और ले लो.

वो मुझे फोर्स करने लगे, तो मैं पीने को तैयार हो गयी.

उन्होंने शुरुआत के दो पैग हार्ड बनाए, जिसको पीते ही मुझे चढ़ गयी. उन्होंने भी दो पैग लिए और सिगरेट जला ली. वो मुझे देखते हुए शराब और सिगरेट का मजा ले रहे थे.

शराब पीते समय सेक्स का मजा साथ में हो, तो नशा बड़ा मस्त लगता है. हम दोनों इधर उधर की बात करने लगे.

अंकल- तुम्हारे पास कौन सी कार है?
मैं- मेरे पास कार नहीं है … क्योंकि मुझे कार चलाना नहीं आती.
संजय अंकल हंस पड़े और बोले कि अरे अब तक तुमने कार चलाना नहीं सीखा.

मैं- वहां पर कोई सिखाने वाला है ही नहीं मिला.
अंकल- बस इतनी सी बात … चलो मैं तुम्हें अभी सिखा देता हूँ.
मैंने- अभी इतनी रात को?
संजय अंकल- तो क्या हुआ … गाड़ी में हेडलाइट तो है.
मैं- अरे अंकल मैंने पी रखी है, कहीं गाड़ी कहीं लड़ गयी तो?
अंकल- तुम उसकी चिंता मत करो और अपनी सीट से बाहर निकल कर इस तरफ आ जाओ.

मैंने वैसा ही किया और उनकी तरफ जा कर खड़ी हो गयी.

संजय अंकल बोले- आओ मेरे साथ ही बैठ जाओ … अगर कुछ होगा, तो मैं संभाल लूँगा.

मैं सोचने लगी कि कार की सीट में बगल में तो इतनी जगह होती नहीं है, तो क्या मुझे इनकी गोद में बैठना पड़ेगा. मैं समझ गयी थी अंकल सेक्स के लिए मेरे साथ ये सब कर रहे हैं.

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तभी संजय अंकल ने मेरा हाथ पकड़ा और मुझे खींच कर अपनी गोद में बैठा लिया. मैंने भी कुछ नहीं बोला और बैठ गयी.

अब संजय अंकल ने मुझे ब्रेक, गियर और सब चीजों के बारे में समझाया और फिर गाड़ी स्टार्ट करके मुझसे चलाने को बोला.

मैंने भी धीरे धीरे एक्सीलेटर छोड़ा और कुछ दूर चलने के बाद सुनसान एरिया आया, तो मैंने एकदम से रेस ले ली.

तभी संजय अंकल ने तुरंत ब्रेक मारा. एकदम से ब्रेक लगने से मैं झटके से आगे लड़ने वाली थी, तो संजय ने मुझे पकड़ लिया. उन्होंने मेरे दोनों मम्मों पर हाथ रख कर मजा लिया. तभी गाड़ी रुक गई. कार रुकने के बाद भी संजय अंकल ने मेरे दोनों मम्मों से अपने हाथों को नहीं हटाया. मैंने भी कोई विरोध नहीं जताया.

वो धीरे धीरे मेरे 36 साइज़ की चुचियों को सहलाने लगे. मैं भी नशे में थी, तो मुझे भी अब मज़ा आने लगा. मैं निढाल होकर संजय अंकल की छाती पर ढेर हो गयी.

अब वो पहले तो नाइटी के ऊपर से मेरे मम्मों को ज़ोर ज़ोर से दबा रहे थे … पर जब मैंने भी कुछ मजा लेना शुरू किया तो अंकल ने मेरे मम्मों को मेरी बेबीडॉल नाइटी से बाहर निकाल कर मजे से दबाने लगे.
अंकल मेरे निपल्स सहलाने लगे और साथ ही साथ मेरे गले पर भी क़िस करने लगे.

संजय अंकल की इस सेक्सी हरकत ने तो मुझे बहुत ही ज़्यादा कामुक कर दिया था.

कुछ देर बाद उन्होंने अपनी सीट एकदम पीछे सरका ली और पूरी खोल कर नीचे बिछा दी.

अब अंकल ने मुझे लिटा दिया और खुद मेरे ऊपर आ गए. वे एक हाथ नीचे से मेरी नाइटी उठा कर मुझे मसलने लगे. पहले तो अंकल ने मेरी चूत चाटी और मेरी गांड के छेद में अपनी जीभ से घुसाने लगे. मैं तो बस आँख बंद करके इस सुख का मज़ा ले रही थी और मादक सिसकारियां भर रही थी.

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फिर संजय अंकल सीट पर लेट गए और मैं उनके लोवर को उतार कर उलटी हो गई. इस तरह से हम दोनों 69 की पोज़िशन में आ गए. मैं उनके ऊपर चढ़ी थी … और वो मेरे नीचे थे.

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संजय अंकल का लंड एकदम गधे के लंड जैसा था … पूरा 7 इंच का मोटा सा.

मैंने उनके लंड की चमड़ी को खींचा और सुपारे को खोल लिया. बड़ा ही मस्त सुपारा था. मैंने जीभ फेरी, तो संजय अंकल की आह निकल गई. मैंने अगले ही पल लौड़ा मुँह में भर लिया. मुझे तो संजय का लंड चूसने में बहुत मज़ा आ रहा था. वो भी पूरे जोश से जीभ को ऊपर से नीचे तक चलाते हुए मेरी चूत और गांड के छेद को चाट रहे थे.
अंकल सेक्स के लिए मुझे पूरा गर्म कर रहे थे.

कुछ देर की लंड चुत की चुसाई के बाद मैं अलग हो गई. संजय अंकल ने मुझे झटके से अपने ऊपर बैठाया और चुदाई की पोजीशन सैट कर ली. मैंने अभी सम्भल पाती कि अंकल ने अपना पूरा लंड मेरी चूत में डाल दिया.

अंकल का मोटा लंड मेरी चुत को चीरता हुआ अन्दर घुसा, तो मेरी चीख निकल गई ‘उम्म्ह… अहह… हय… याह…’
लेकिन अंकल मुझे दबादब चोदने लगे.

अंकल के इतने बड़े लंड से चुद कर मुझे दस धक्के के बाद बहुत ही ज़्यादा मज़ा आने लगा.
मेरे मुँह से तेज स्वर में मादक कराहें और सिसकारियां निकलने लगीं- उफ्फ़ … अहह … मर गई … हाय अंकल … कितना भीतर तक पेल रहे हो … उफ्फ़ … फक मी.

संजय अंकल भी लंड ठोकते हुए बोल रहे थे- ले … आह … मेरी रानी ले लंड ले … आह … तुम बहुत मस्त माल हो … आज तुमको चोदने में जितना मज़ा आ रहा है … अब तक मुझे किसी को चोदने में नहीं आया … आंह … ले … रानी … मुझे सपना की मम्मी को भी चोदने में इतना मजा नहीं आया.

मैं- यस अंकल … सेक्स में मजा आ गया … आज न जाने कितने दिन बाद लंड मिला है … आह … फक मी फक मी हार्ड … उफ्फ़ अह.

कुछ देर तक मेरी फुद्दी पेलने के बाद संजय अंकल ने मुझसे गांड मरवाने को कहा, तो मैं फ़ौरन मान गयी. मुझे खुद भी इतना मस्त लंड अपनी गांड में लेने का कर रहा था.

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फिर संजय अंकल ने मुझे घोड़ी बनाया और मेरी गांड के छेद में खूब सारा थूक लगा कर अपना लंड लगा दिया. पहले अंकल ने सुपारा मेरी गांड के छेद में फंसाया, तो मेरी आंखें फटने लगीं.

धीरे धीरे करके अंकल ने तीन बार में अपना पूरा मूसल सा लंड मेरी गांड में पेल दिया. मुझे बड़ा दर्द भी हुआ, लेकिन मैं नशे में थी, तो ज़्यादा कुछ मालूम नहीं चला.

संजय अंकल ने कुछ देर तक मेरी गांड मारी और उसके बाद वो मुझको सीधा करके मेरे मुँह पर आ गए. मैं समझ गई कि अब अंकल मलाई की धार छोड़ने वाले हैं. अंकल ने अपने लंड को मेरे मुँह में लगा दिया और पहले हाथ से मुठियाने लगे. मैंने उनके लंड को अपने हाथ से पकड़ा और मुँह में भर लिया. अंकल मेरे मुँह में लंड आगे पीछे करके मेरे मुँह को चोदने लगे.

तकरीबन एक मिनट बाद संजय अंकल ने अपना सारा वीर्य मेरे मुँह में छोड़ दिया. मैं भी उनके लंड रस को पूरा निगल गयी.

एक मिनट तक उनके लंड की पिचकारियां मेरे अन्दर आती रहीं.

कुछ देर बाद अंकल सेक्स खत्म कर चुके थे. मैंने अंकल से एक सिगरेट मांगी. हम दोनों ने एक ही सिगरेट से मजा लिया और अपने अपने कपड़े पहन कर तैयार हो गए.

कार वापस स्टेशन के करीब आ गई. संजय अंकल स्टेशन के अन्दर चले गए और मैं कार में बैठी उनसे हुई चुदाई को एक बार फिर से याद करने लगी.

इसके बाद पूरी शादी में मुझे पांच और लंड अपनी चुत में लेने का मौका कैसे मिला, इस सबको विस्तार से अगली कहानी में लिखूँगी.

तब तक आप मेरी चुत की कल्पना में अपना लंड हिला सकते हैं. लेकिन मेरी जान … पहले मुझे मेल लिख दो कि मेरी अंकल सेक्स की कहानी कैसी लगी? फिर मुठ मारते रहना.
आपकी मदभरी माधुरी.

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