सरला दीदी का चुदक्कड बेटा

Sarla Didi ka chudakkad Beta

हेल्लो दोस्तों आज जो कहानी मैं आप लोगों को बताने जा रही हूँ , वो मेरी पहली और सच्ची कहानी हैं , जो की मेरे और मेरे एक चुदक्कड भांजे के साथ हुई पहली चुदाई के बारे में हैं ।
मेरा नाम बरखा नायक है , मैं 42 साल की तलाक़शुदा औरत हूँ , मैं एक सरकारी टीचर हूँ, मैं दिखने में सुंदर , सुडौल होने के साथ आकर्षित भी हूँ , मेरी कद 5’8″ हैं और मेरी फिगर की साइज 38–32–40 हैं ।
ये बात तब की है जब मेरी तलाक को दो साल हुई थी और मैं टीचर की ट्रेनिंग कर रही थी , मैं तब 32–33 साल की थी और सरला दीदी के घर में रहती थी ।

सरला दीदी और मैं एक ही गाँव की है और वो अपने बेटे विक्की के साथ शहर में रहती थी , सरला दीदी भी एक तलाकशुदा थी।
सरला दीदी एक छोटे से किराए के घर में रहती थी , जिसमें सोने के लिए एक कमरा और एक रसोई था और उनका बेटा विक्की तब 23–24 साल का था ।
और विक्की गोरा मुंडा था , पर था अबल नंबर का बदमाश , मुझे ये बात वहां रहे दो दिन हुए थे तब पता चला की विक्की का चरित्र कैसा है ।
तो गर्मी का मौसम था और वहां पर बिजली जाना और घंटों बाद आना लगा रहता था , तो ऐसे ही एक रात मैं गहरी नींद में सोई हुई थी , विक्की के साथ ।

विक्की और मैं ज़मीन पर साथ में सोए थे और सरला दीदी पलंग पर और बिजली जाने के बाद उमस वाली गर्मी लगने लगी तो मेरी नींद टूट गई ।
पर नींद टूटने के बाद मुझे एहसास हुई की मेरी नाईटी ऊपर हो गई है और मेरी गांड की दरार में चिप चिप सी लगने लगी ।
तो मैं अपनी गांड की दरार में ऊँगली लगाई और नाईटी को ठीक की , मैं अपनी ऊँगली को देखि और सूंघी तो मैं समझ गई की वो लसलसीला चीज क्या है ।
पर मैं विक्की को कुछ नहीं बोली , पर सोचने वाली बात तो ये थी की , विक्की कुछ ज्यादा ही जोशीला हो गया है , और विक्की को चाहिए था ।
अगले दिन मैं सोच ली की मैं सोऊंगी नहीं जागे रहूंगी , पता नहीं ये विक्की कब मेरी गांड में अपना लंड पेल जाता है और मुठ झाड़ देता है ।
तो रात होते ही मैं खाना खा कर लेट गई और आँख बंद कर के सोने का नाटक की , तो मैं काफी देर रात जाएगी हुई थी और विक्की मेरे साथ सोया हुआ था ।
पर मुझे नींद आ रही थी , इसीलिए मैं विक्की के तरफ पीठ दिखा कर करभट बदल ली और विक्की कुछ हरकत नहीं कर रहा था ।
तो मैं सोची शायद आज विक्की का मूड नहीं होगा , तभी अचानक मुझे एहसास हुई की विक्की मेरी नाईटी को ऊपर उठा रहा है ।
और विक्की मेरी नाईटी ऊपर उठा के मेरी पेंटी को नीचे सरका दिया और अपने गर्म लंड को मेरी गांड की दरार में पेल दिया …उउफफफ… विक्की का लंड था भी मोटा और बड़ा ।

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विक्की मेरी गांड की दरार में अपना लंड रगड़ता और मेरी चिपकी जांघों के बिच पेलता , जिससे विक्की का लंड मेरी चूत से रगड़ाती …ईईईसस… आह!…
जी तो कर रहा था की विक्की मेरी चूत में घुसा ही दे , पर शायद विक्की घबरा रहा था , विक्की काफी देर रात अपना लंड रगड़ता रहा मेरी गांड और चूत में ।
और फिर विक्की अपना मुठ छोड़ा मेरी जांघों के बिच और वापस से मेरी पेंटी चढ़ा दिया , पर नाईटी वैसा ही छोड़ दिया और सो गया ।
विक्की मुझे ऊपरी मज़ा इतना अच्छा दिया था और मैं सोच रही थी की , क्या होता अगर विक्की मुझे अंदरूनी मज़ा देता ।
एक तो मैं भी बहुत समय से मरवाई नहीं थी , जिससे मैं गलत को भी सही समझ रही थी , तो एक दिन सरला दीदी मुझे बोली की ,

सरला दीदी :– बरखा मेरे साथ मेरी सहेली की बेटी की शादी में जाएगी?
मैं :– नहीं दीदी मुझे तो ट्रेनिंग में जाना है ।
सरला दीदी :– तो दो दिन छुट्टी कर दे ना , क्या पता तेरे लिए कोई मिल जाए ।

सरला दीदी की बात तो सही थी , पर मैं ये सोच कर नहीं गई क्यूंकि मैं उसी चक्कर में पहले भी बर्बाद हुई हूँ , और बस मुझे एक नौकरी चाहिए थी ।
तो सरला दीदी विक्की से भी पूछी तो , विक्की भी मना कर दिया तो सरला दीदी , विक्की को बस सबेरे में स्टेशन छोड़ने के लिए बोली और विक्की , सरला दीदी को सबेरे छोड़ने गया था ।
तो मैं उस दिन खाना बना कर ट्रेनिंग के लिए निकल गई थी , और मैं उस समय सोच रही थी की , आज , कल और परसो सरला दीदी नहीं रहेगी ।
क्यों ना मौके का फ़ायदा उठाया जाए , तो मैं ट्रेनिंग से वापस आते समय विक्की और मेरे लिए बिरयानी लेकर आई थी , जो की विक्की को बहुत पसंद था ।

और साथ ही तीन वियाग्रा की गोली और एक पैकेट कामसूत्र कंडोम , मैं उस रात सोने से पहले सब कुछ तयार कर के राखी थी की मुझे कब और कैसे शुरू करना है ।
तो मैं उस रात नाईटी ही पहनी हुई थी और कुछ नहीं , ताकि विक्की को कोई मुस्कील ना हो , बिरयानी खाने के बाद मैं विक्की के लिए सरबत बनाई थी ।
जिसमें वियाग्रा की एक गोली डाल दी थी और विक्की पुरा पी गया था , अब बस मुझे सोने का बहाना बनाकर सोना था ।
तो मैं सो गई और गहरी नींद में सोने का नाटक करने लगी , विक्की अपने लंड को निकल चूका था और सहला रहा था , मुझे सब पता चल रही थी ।
तो मैं सीधे सोइ हुई थी और विक्की आहिस्ता–आहिस्ता मेरी चूचियों पर हाँथ लगा रहा था , और फिर विक्की मेरी नाईटी की खुली हुई बटन देख अपना हाँथ अंदर डाला ।
और मेरी चूचियों को दबाने लगा धीरे–धीरे , मेरी तो निप्पल ही टाइट हो गई थी और विक्की उन्हीं निप्पल को दबा रहा था अब मुझसे रहा नहीं गया और मैं विक्की को बोली ,

मैं :– अब ज़रा ज़ोर से दबा ही लो विक्की ।

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विक्की घबरा कर हाँथ निकल लिया और दूसरे तरफ मुँह घुमा लिया और मुझे बोला की ,

विक्की :– अरे मामी आप को पता चल गया?
मैं :– हाँ विक्की… अब शर्माओ मत और करो जो कर रहे थे ।

तो मैं विक्की के लिए अपनी नाईटी उतर दी और पूरी नंगी हो कर लेट गई और फिर विक्की जब मुझे देखा तो मुझे नंगी देख खुद भी नंगा हो गया ।
विक्की मेरे ऊपर आ गया और मेरी बड़ी–बड़ी चूचियों को दबाते हुए मसलते हुए मुँह लगा के चूसने लगा और मैं ,

मैं :– उउफफफ… ईईईसस… अअआह… विक्की चुसो और चुसो मैं आज तुम्हें रोकूंगी नहीं ।
विक्की :– उउममहह… उउमम… ईईईसस…मामी आपकी चूचियां बहुत मस्त है जी करता है चुस्त रहूँ ।

विक्की मेरी चूचियों को इसकदर चूस , चाट रहा था की मैं ये भूल गई की , विक्की मेरा भांजा है और मैं उसकी मामी ।
विक्की मेरी चूचियों को चूसते , चाटते हुए नीचे जाने लगा , और मेरी नाभि में अपना जीभ दाल दिया और मेरी नाभि को चाटते हुए बोला ,

विक्की :– लललममम… उउउममम… ईईईसस…मामी मैं तो इसे चाटने के लिए पागल हो …उउममहह‌…रहा था , आज मौका मिल ही गया ।
मैं :– ईईईसस…उउफफफ…ओह! विक्की ।

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विक्की मेरी नाभि को चाट–चाट के लटपट कर दिया और नीचे जाने लगा , मैं पागल होती जा रही थी , तभी विक्की मेरी दोनों टांगों को ऊपर उठाया ।
और मेरी झांटों वाली चूत को चूसने लगा और मैं सिसक उठी ,

मैं :– ईईईईईससससस… ऊऊऊऊहह…विक्की नहीं… नहीं…
विक्की :– उउममहह…लललममम…मुझे चाटने दो मामी , पूरा रास पि जाऊंगा आपका…उउममहह ।

विक्की मेरी दोनों टांगों को पूरा फैला दिया और मेरी चूत के साथ मेरी गांड की छेद को भी चाट रहा था और बहुत ही गंदा चाट रहा था विक्की ।
विक्की मेरी चूत में अपना जीभ बहुत गहराई तक घुसा रहा था और मेरी चूत के क्लीट को भी चूस रहा था , पूरा चूस–चूस के मुझे पानी–पानी कर दिया था ।
विक्की उसके बाद मेरी चूत में अपना लंड घुसना चाहता था , पर मैं विक्की को बोली की ,

मैं :– विक्की रुको–रुको मेरे पास कुछ है ।

और मैं विक्की को तकिया के नीचे से कंडोम निकल कर दी और फिर विक्की अपने लंड में कंडोम लगाया और मेरी दोनों टांगों को अपने कन्धों पर लाद दिया ।
और फिर विक्की मेरी चूत में अपना लंड रगड़ते हुए अपना लंड सेट किया और अंदर घुसा दिया और मैं सिसक गई ,

मैं :– ईईईसस… अअआह…विक्की कितना मस्त लंड है रे तेरा ।
विक्की :– सब आपको देख–देख के ऐसा हो गया है , अअअहहह… ।

विक्की मुझे चोदने लगा , विक्की का लंड मेरी चूत में पूरा अंदर जा रहा था और थापा–थप… थापा–थप चोद रहा था ।
विक्की पहले भी किसीना किसी को चोदा था , और ये मैं विक्की के चोदने के अंदाज़ से समझ रही थी ।
विक्की मेरी चूचियों को ऊपर–नीचे उछलते देख उन्हें अपने दोनों हाथों से दबोच लिया और मेरी चूत में चोदे जा रहा था , हम दोनों ही पसीने से भीग रहे थे ।
और विक्की का लंड मेरी चूत भीगा रहा था, मुझे सालों बाद एसा मज़ा आ रही थी , विक्की मेरी चूत चुदाई के बाद मुझे उल्टा घुमाया और मुझे बोला ,

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विक्की :– ईईईसस…मामी ‍आपकी तो मस्त गांड है उउममहह…उउममहह
मैं :– उउफफफ… ईईईसस…विक्की सोची नहीं थी तुम इतने बड़े खिलाडी निकलोगे ।

विक्की तो रुक ही नहीं रहा था और मेरी गांड फैलाए मेरी गांड चाटे जा रहा था , मेरी गांड की छेद में भी अपना जीभ लगा रहा था विक्की और मैं ,

मैं :– ईईईसस… अअआह…ओह!… विक्की आज मेरी हालात ख़राब कर डाल ईईईसस…
विक्की :– उउममहह… उउमम… आज तो पूरा मुतवा दूंगा आपको उउममहह… लललममम…

विक्की मेरी गांड चाट के उठा और मेरे ऊपर चढ़ गया और मेरी चूत में अपना लंड घुसाया और आगे से मेरी मेरी दोनों चूचियों को दबोच लिए ।
और फिर जो मेरी चूत में बजाना शुरू किया मैं तकिया को अपनी दांत से दबा ली और विक्की पुरे जोश और ज़ोर के साथ मेरी चूत मरने लगा ।
क्या ज़ोर ज़ोर के धक्के लगा रहा था विक्की उफ्फ्फ… लग रहा था जैसे कोई दिवार की छेद में बार–बार कील हथोड़ा से मार रहा था और निकल रहा है ।
पूरा टपा–टप–टपा–टप कमरे में गूंज रहा था , और पसीने से तरबतर हम दोनों का जिस्म एक दूसरे से रगड़ा रहा था और बदबू भी आ रहा था ।
मैं ज्यादा देर तक विक्की के भार को संभल नहीं सकीय और सीधा लेट गई और ये विक्की तब भी मुझे चोदता रहा , और फिर विक्की ने चार–पांच ज़ोर–ज़ोर से धक्का दिया ।
और विक्की अपना लंड निकला , कंडोम मेरी गांड में फेंका और मेरी गांड में अपना गरम मुठ झाड़ दिया और बगल में लेट गया और चैन की साँस लेने लगा ।
उस रात मेरी चूत और गांड दोनों गीली हो गई थी,उसके बाद भी मैं विक्की के लंड को अपनी मुँह में लेके देर रात चुस्ती रही और कब सो गई मुझे पता ही नहीं चली ।
लेकिन अगली सुबह जब मैं जाएगी तो देखि की मैं विक्की के लंड पे सोई हुई हूँ , जिसमें से कंडोम का फ्लेवर का महक आ रहा था , और ऐसे में मैं रूकती कहाँ ।
मैं सबेरे–सबेरे जूठे मुँह विक्की के 7.5 इंच के लंड को मुँह में लेकर चूसने लग गई और विक्की भी जग गया था और वो तो पुरे मज़े में कह रहा था ,

विक्की :– ईईईसस… अअआह…मामी आज ट्रेनिंग में नहीं जाओगी क्या?
मैं :– उउममहह…उउउममम…आज रविवार है तुम्हें पता नहीं है क्या?
विक्की :– ओह! अच्छा फिर तो सारा दिन चढ़ा रहूँगा ।

विक्की , अपनी माँ यानि की मेरी सरला दीदी के गैरहाजरी में मेरी जम कर चुदाई करता रहा और मैं जब तक वहां थी , विक्की मेरे साथ खूब चुदाई करता था ।
फिर मैं विक्की से उसके शादी में चुदाई थी , और उसके दोनों मामा ने भी मुझे मिल कर चोदे थे , उसके बारे में मैं दूसरी कहानी में बताउंगी।

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