जब एक माँ ने अपने ही सौतेले बेटे से काम वासना शांत की-4

बस फिर तो विकास ने मेरे कूल्हे पकडे और अपनी मर्दानगी दिखानी शुरू करी ,वो मेरे बदन को उसी पोजीशन में करीब ७ मिनट तक मस्ताता रहा ,बीच बीच में वो मेरे चूतड़ों पर हथेली मारता था जिससे मुझे अजीब सा सुख और मिल रहा था ,वो एक अनुभवी मर्द बन चूका था आखिर मैं उसकी पहली बीबी तो नहीं थी और उसने अपनी पहली बीबी को भी ऐसे ही मस्ताया होगा ,मेरी सिसकारियाँ आहें उसे और कामुक बना रही थी ,मेरी योनि से हवा भी निकलने लगी थी ,मेरी जांघें अब हल्का हल्का दर्द करने लगी थी ,मैने उसे कहा विकास पोजीशन बदल लो ,उसने कहा मम्मी काश उस दिन आपने मैगजीन का वो पेज मोड़ा न होता ,

अब मुझे आपकी इच्छाएं पता चल चुकी हैं इसलिए अब तक तक चोदने दो जब तक मेरा मन नहीं भरता ,और इसके साथ उसने जोर से गहरा धक्का मारा और मेरी कमर दुहरी हो गयी मुझे इतना काम सुख मेरे पति ने कभी नहीं दिया था ,विकास ने अपनी बाएं हाथ से मेरी छाती घेर ली मैं अब भी वैसे ही पड़ी हुई थी और दूसरे हाथ से उसने मुझे ऊपर उठा लिया उसने मेरा मुंह अपनी तरफ करके मेरी योनि के नीचे अपना मोटा लण्ड छुवा दिया ,मेरे पुरे जिस्म के रोंगटे उसकी ये हरकत देख कर खड़े हो गए थे ,आज रात मुझे ऐसा लगा की शायद मैं उसकी मर्दानगी नापने में भूल कर गई थी विकास ने मुझे ऊपर से धीरे धीरे छोड़ना शुरू कर दिया और फिर वो जिसकी मेने कल्पना तक नहीं की थी ,वो बार बार मेरी जांघों के नीचे हाथ लगाकर मुझे उठा रहा था और फिर नीचे छोड़ रहा था हर कोई समझ सकता है की मेरी फुद्दी का क्या हाल हुआ होगा ?

आखिर कार मैने विकास से रिक्वेस्ट की ,यार अब मुझे नीचे तो उतार दे ,उसने कहा मम्मी हाँ उतार रहा हूँ और सचमुच उसने मुझे धीरे से फर्श पर खड़ा कर दिया ,मेरी योनि का अच्छी तरह मर्दन हो चूका था ,विकास ने मुझे अपनी बाँहों में कस लिया ,वो मेरे चूतड़ों से खेलने लगा ,मेरा हाथ उसके चिकने लण्ड को सहलाने लगा उसकी आँखें बंद होने लगी वो मेरे गालों को लगातार चूम रहा था ,जैसे ही मैने विकास के मोटे लौड़े की खाल आगे पीछे करनी शुरू की वो मस्ताने लगा ,कमरे में सफ़ेद रौशनी बिखरी हुई थी ,तभी विकास बुदबुदाया ,उसने कहा मेरी जानतुम इतने दिनों से क्यों तड़फा रही थी ?

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जब कि तुम 6 सालोंं बिना मर्द की हो और मैं बिना बीबी का ,इससे पहले कि मैं उसे जवाब देती वो घूमा और पीछे से अपने हाथ मेरी छाती पर रख दिए ,वो मेरे दुदियों को प्यार से मसलने लगा उसका कड़क लण्ड मेरे चूतड़ों पर टच हो रहा था ,मुझे स्वर्गिक काम सुख का अनुभव होने लगा तभी उसने मुझे उठाया और फिर से बैडरूम में ले गया ,उसने मुझे बिस्तर पर लिटाया और अपनी तरफ जमीन पर खड़े होकर खींचा और मुझेे दायीं करवट दे दी उसकी आँखोंं में कामवासना के लाल डोरे फिर से तैरने लगे तभी विकास ने अपनी दायीं टाँग बिस्तर पर रखी और मेरी गीली चूत को धीरे से थपथपाया विकास ने मेरी बायीं टाँग पाजेब के पास से पकड़ कर ऊपर उठा दी ,मुझे आज रात पहली बार लगा कि किसी मर्द से पाला पड़ा था उसने मेरी जांघों बीच में बस एक बार देखा और मोटा लौड़ा धीरे से घुसेड़ना शुरू कर दिया बस इसके बाद तो विकास धक्के मारता रहा और मेरे उस कुँवें की बाउण्ड्री तोड़ने में लग गया जिसकी मरम्मत करने के लिये मैने उसे लिखा था वो खड़े होकर पहले राउंड से कहीं ज्यादा ताकत इस्तेमाल कर रहा था ,मेरी फुद्दी जितनी वो फैला सकता था फैला रहा था हम दोनों के गुप्ताँगोंं के कठोर घर्षण से झाग निकल कर मेरी जाँघ तक आ गया था मेरे बदन में काम तरंगें नीचे से लेकर दुदियों तक उठ रही थी,मुझे पता ही नहीं चला की उसने मुझे कितनी मिनट तक रगड़ा ? पर कुछ मिनटों के बाद मैने अपनी योनि की दीवारें जबरदस्त ढंग से दबी हुई महसूस की मेरी बच्चेदानी का मुँह उसके बड़े गरम सुपाड़े से चन्द लम्हों तक दबा रहा ,और फिर विकास के मुँह सेअ अ आ आह ाहहआ: आह। मम मम्मी ई इ इ इ। …. निकलता चला गया और फिर मेरी योनि दुबारा से उसके गाढ़े गरम वीर्य से भरती चली गयी ,

हम दोनों करीब एक मिनट तक जुड़ी हुई हालत में रहे ,इसके बाद विकास निढाल होकर मेरे बिस्तर पर ही नंग धडंग लेट गया जल्दी ही उसकी आँख लग गयी वो दो बार मेरे बदन से अपनी कामवासना की पूर्ति कर चूका था ,मैं भी अपना बदन काफी हल्का महसूस कर रही थी ,मैं भी उसकी बगल में लेट गयी और मैने एक पतली चादर से उसे और अपने आप को ढक लिया ,विकास ने अपने मोटे और लम्बे हथियार से मेरी योनि की अच्छी क्या बेहद ही अच्छी मरम्मत कर डाली थी मेरी फुद्दी का टाइट माँस काफी ढीला पड़ चुका था ,मेरा घमंड उसने चूर चूर कर दिया था मैं तो यही सोच रही थी कि दो चार झटके मार के ये सो जायेगा पर हुआ उल्टा।
मैं इस घटना के बारे में सोच ही रही थी कि सुबह को मैं इसे क्या कहूँगी ? पर मुझे भी कब नींद आ गयी पता ही नहीं चला ,मेरी नींद सुबह करीब साढ़े तीन बजे तब खुली जब वो फिर से अपना हथियार मेरे अंदर कर चूका था वो मेरी उस रात तीसरे राउण्ड की चुदाई कर रहा था , मेरा पूरा बदन उस रात उसने तोड़ कर रख दिया था , और फिर से उसने मेरी योनि तर कर दी और फिर से हम दोनों सो गए। विकास ने अपनी जवानी का रस मेरी तरसती योनि में लबालब भर दिया था ,

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सुबहः मेरी नींद खुली तो हम दोनों नंग धडंग पड़े हुए थे और हमारे कपडे कुछ बिस्तर पर और कुछ नीचे फर्श पर गिरे हुए थे विकास पीठ के बल सीधा लेता हुआ था उसके लण्ड की आगे की खाल पीछे उलटी हुई थी और सुपाड़ा ढीला पड़ा हुआ था उस समय उसका लण्ड करीब साढ़े पांच इंच लंबा रह गया था लेकिन मोटाई में कोई ज्यादा कमी नहीं हुई थी ये उसका नार्मल साइज था ,बिस्तर की कुचली हुई चादर रात का हाल बयाँ करने के लिए काफी थी ,उस पर कई जगह सफ़ेद रंग के बड़े बड़े चकत्ते पड़ गए थे ,ये विकास का वो वीर्य था जो मेरी योनि धारण नहीं कर पाई थी ,मैं थोड़ी देर उसके नगें बदन का दर्शन करती रही ,शायद ही मेरी तरह कोई माँ होगी जो अपने जवां बेटे के बदन से सारी रात अपना जिस्म कुचलवाती रही हो ,वो भी सिर्फ कामवासना की पूर्ति के लिए ,खैर मैने जल्दी इस विचार को त्याग दिया क्योंकि भविष्य में मैं इस आनन्द से वंचित नहीं होना चाहती थी ,

मैने अपने मोबाइल से फटाफट अपनी और विकास की 10-12 तस्वीरें ले ली ,ताकि वो मना न कर सके कि मैने कुछ नहीं किया था।मैने आहिस्ता से उसके ढलके हुए लण्ड को सीधा किया ,उस समय उसके लण्ड की हालत ऐसी थी जैसे रेशम का केला हो। मैने उसके मोठे बड़े चूतड़ ढंग से उस समय देखे वाकई विकास मर्द था उसके डौले और बलिष्ठ जिस्म देख कर मेरे मन में पाप आया कि बहुत अच्छा हुआ कि इसकी बीबी अब इस दुनिया में नहीं है ,लेकिन साथ ही विकास पर बहुत दया भी आई ,मुझे अपनी गन्दी सोच पर बहुत पश्चाताप हुआ कि मैं अपने बदन की आग शांत करने के लिये किस हद तक गिर चुकी हूँ मैं भी उस समय पूरी नंगी थी,

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मैं थोड़ा सा झुकी और जैसे ही मैने उसके लण्ड की चुम्मी ली वो जाग गया ,उसने मेरे पूरे बदन को ऊपर से नीचे तक देखा और सॉरी मम्मी कह कर जल्दी से छाती के बल लेट गया मैं समझ गई कि उसे सारी घटना याद है ,वो मुझसे शरम के मारे आँख नहीं मिलाना चाहता था पर ऐसा कैसे हो सकता था मैं भी तो उतनी ही कसूरवार थी जितना , हम दोनों ने ही तो रात को माँ बेटे के रिश्ते को शर्मसार कर दिया था ,मैने उसके चूतड़ों पर हौले से 3 -4 बार थपथपाया तो उसने कहा मम्मी सोने दो ना प्लीज। मैने उसे कहा खड़ा हो और वाशरूम होकर आ ,उसने कहा मम्मी नहीं अभी आप जाओ मुझे शरम आ रही है मैने उसे हँस कर कहा अच्छा शैतान ,तुझे रात को शरम नहीं आयी जब तू रात को मेरे बदन से अपनी आग बुझाने में लगा पड़ा था ,मैने उसकी शरम मिटाने के लिए उसे चादर दिखायी और कहा कि तूने रात तीन बार मेरे बदन को को मसला था और इसके साथ ही उसका हाथ पकड़ कर बिस्तर से उठा दिया और मैने अपने होंठ उसकी चौड़ी छाती पर रख दिए ,उसने मुझे अपनी बाँहों में कस कर कहा सॉरी मम्मी रात मुझसे बहुत बड़ी गलती हो गई मैने उसे प्यार डांटा और कहा कि चुप ,रात जो हुआ अच्छा हुआ आज से तू मेरे साथ सोएगा ,अब से मैं ही तेरी माँ भी हूँ और बीबी भी। वो हैरानी से मुझे देखता रहा और फिर तेजी से अपना कच्छा बनियान उठाकर अपने कमरे में भाग गया।

मैं भी पेटीकोट को ढूंढने लगी जिसे उतार कर विकास ने मेरी और अपनी सुहाग रात मना ली थी।

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