सीमा को चोदकर उसकी गोद भरी-2

Seema ko chodkar uski god bhari-2

फिर मैंने देखा कि वहाँ पर सीमा की मुलायम सिल्की ब्रा भी लटकी हुई थी. मैंने उसे भी उठा लिया और सूंघने लगा. कुछ ही देर में मेरा लंड अब तनकर खड़ा हो चुका था और उस दर्द से फटा जा रहा था. फिर मैंने जल्दी से अपनी पेंट को उतारकर उसकी सलवार पर मुठ ही मारने लगा, जहाँ पर चूत की जगह होती है, में अब उस जगह को अपने लंड पर रखकर धीरे धीरे मसलने लगा और कुछ देर बाद मेरा वीर्य निकल गया. मुझे इस बात का बिल्कुल भी पता ही नहीं चला और में बिल्कुल मदहोश हो चुका था, मुझे कुछ भी पता नहीं था.

दोस्तों अब मुझे बहुत देर हो गई थी. इतने में सीमा ने मुझे बाहर से आवाज़ दी और में उसकी आवाज को सुनकर अचानक से बहुत घबरा गया और इससे पहले कि में कुछ भी समझ पाता, मैंने पीछे की तरफ पलटकर देखा तो बाथरूम का दरवाज़ा खुला हुआ था और सीमा वहाँ पर ठीक मेरे सामने खड़ी हुई वो मुझे घूर घूरकर देख रही थी.

दोस्तों में जल्दी में बाथरूम का दरवाज़ा बंद करना ही भूल गया था. अब तो मेरे जिस्म में जैसे जान ही नहीं थी और में बहुत घबरा गया था और में जल्दी से सलवार और ब्रा को अपनी जगह पर लटकाकर में तुरंत बाहर आ गया और फिर अपने घर पर जाने के लिए में उसके घर से बाहर निकल गया.

तभी पीछे से मुझे सीमा की आवाज़ आई कि सेम तुम कहाँ जा रहे हो? खाना तो खाकर जाओ. अब मैंने जब इतना सुना तो तब जाकर मेरी कुछ जान में जान आई, में कुछ सेकिंड रुककर सोचने लगा कि जाऊँ या नहीं? फिर सीमा ने मुझे एक बार फिर से आवाज़ दी और में लौटकर वापस अंदर चला गया. सीमा मेरे लिए खाना लेकर आ गई, लेकिन अब मुझे उससे बहुत डर लग रहा था, में मन ही मन सोचने लगा था कि अब क्या होगा? में बिल्कुल चुपचाप बैठा हुआ था. तभी सीमा ने मुझसे कहा कि खाना तो खा लो, तुम डरो नहीं और उसके कहने पर मैंने अपना सर नीचे करके चुपचाप खाना खाया और अब चुपचाप बैठ गया.

तभी सीमा ने मुझसे कहा कि तुम इतना घबराए हुए क्यों हो? अब मैंने झट से उसको सॉरी कहा तो सीमा मेरी वो बात सुनकर हंसी और वो मुझसे पूछने लगी कि तुम मुझसे माफ़ी किस बात की मांग रहे हो? तो उससे मैंने कहा कि अभी कुछ देर पहले तुमने मुझे उस हालत में देख लिया था.

तभी उसने मुझसे कहा कि कोई बात नहीं, तुम उस बात की बिल्कुल भी चिंता मत करो, यह बात यहीं पर रहेगी, लेकिन मेरी तुमसे एक शर्त है और में दोबारा घबरा गया. तब सीमा ने मुझसे पूछा कि तुम मुझे सच सच यह बात बताओ कि तुम मुझे चाहते हो या नहीं?

मैंने साफ मना कर दिया और फिर सीमा ने मुझसे कहा कि नहीं तो तुम मेरी सलवार को क्यों चाट रहे थे? दोस्तों में उसके मुहं से यह बात सुनकर शरमा गया और फिर मैंने कहा कि हाँ में तुम्हें चाहता हूँ और उस दिन से जब से मैंने तुम्हें शादी में पहली बार देखा था, जब तुम पीले रंग की उस ड्रेस में थी और तुम बहुत ही सुंदर लग रही थी, में उस दिन से तुम्हें चाहने लगा था और तुम्हें किसी भी तरह से में पाना चाहता था.

दोस्तों अब अचानक से मेरी पूरी बात को सुनकर सीमा ज़ोर ज़ोर से हंसने लगी और फिर उसने मुझे भी अपने जीवन की वो पूरी कहानी सुनाई और उसने मुझसे कहा कि राज के साथ वो बहुत खुश है, लेकिन आज तक उसके एक भी औलाद नहीं हुई है और वो अब थोड़ा उदास सी हो गई. दोस्तों में तुरंत समझ गया कि सीमा मुझसे अब क्या कहना चाहती है?

मैंने उससे पूछा कि क्या तुमने किसी डॉक्टर को दिखाया? तब उसने कहा कि हाँ राज में कुछ कमी है, जिस वजह से मेरे औलाद नहीं हो रही है. फिर में बोला कि तो तुम उस बीमारी का इलाज करा लो. तब उसने कहा कि उसे जो बीमारी है उसका कोई इलाज नहीं है और फिर मैंने तुरंत उससे पूछ लिया कि अब आप क्या करोगी? तो सीमा ने कहा हाँ कुछ तो करना होगा वर्ना में बगैर औलाद के में भी क्या करूँगी? और में राज को भी कभी छोड़ नहीं सकती हूँ, क्योंकि में उनसे बहुत प्यार करती हूँ, इस काम में क्या तुम मेरी मदद करोगे?

दोस्तों में उसके मुहं से यह शब्द सुनकर बहुत खुश हो गया, क्योंकि आज मेरी माँगी मुराद पूरी होने जा रही थी. मैंने तुरंत हाँ कर दी और तभी वो मुझसे कहने लगी कि सेम यह बात हम दोनों के बीच में ही रहनी चाहिए, किसी को भी इसके बारे में पता चला तो मेरी ज़िंदगी बर्बाद हो जाएगी. अब मैंने सीमा को अपनी तरफ से पूरा पूरा भरोसा दिला दिया.

मैंने उससे कहा कि यह बात कभी भी किसी को पता नहीं चलेगी और फिर सीमा अपने बेडरूम में चली गयी और कुछ देर बाद उसने आवाज़ दी. फिर सेम ने कहा कि हाँ तो सीमा ने मुझे अपने बेडरूम में बुला लिया, में तभी उसे देखकर एकदम से चौंक गया था, क्योंकि सीमा पीले रंग की ड्रेस वही जो मैंने शादी में पहली बार उसे पहने हुए देखा था, वो सजीधजी मेकप करके बेड पर बैठी हुई थी और में उसको देखकर बिल्कुल पागल हुआ जा रहा था, में अंदर गया और बेड पर बैठ गया. उसने बहुत ही अच्छा पाउडर लगाया हुआ था. में अब पागल हुआ जा रहा था, उसके बूब्स बहुत बड़े बड़े थे और उस ड्रेस से साफ साफ नज़र आ रहे थे.

मैंने हिम्मत करके सीमा को अपने पास खींच लिया, वो मेरे ऊपर ही गिर गयी और उसके बालों की खुशबू में आपको क्या बताऊँ? मैंने सीमा को अब गले से लगा लिया और उसके माथे पर किस करने लगा और अब सीमा भी धीरे धीरे गरम हो रही तो उसने भी मेरे गाल पर किस करना शुरू किया.

मैंने उसके होंठो पर किस करना शुरू किया और अब में उसकी जीभ को अपने मुहं में लेकर चूसने लगा. मेरा लंड तो मानो अब किसी भी समय फट ही जाएगा. मैंने जल्दी से अपने कपड़े उतार दिए और में अब तक उसके सामने बिल्कुल नंगा हो चुका था और फिर सीमा मेरे तनकर खड़े लंड को देखकर बहुत खुश हो गई. मेरा लंड ज़्यादा बड़ा तो नहीं, लेकिन टाईट बहुत था.

मैंने अब सीमा के बूब्स को ज़ोर ज़ोर से दबाना निचोड़ना शुरू किया, वो बहुत गरम हो चुकी थी और बहुत ज़ोर से सिसकियाँ ले रही थी. मैंने जल्दी से सीमा की सलवार के ऊपर से ही लंड को अब रगड़ना शुरू कर दिया था और मैंने महसूस किया कि अब तक उसकी चूत बहुत गरम हो चुकी थी, वो बिल्कुल पागल हो रही थी और उसने मेरे सर को पकड़कर अपनी रूमाली पर ज़ोर से झटका दे दिया और अब लंड को चूत से लगा लिया.

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फिर मुझसे अब बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं हो रहा था और मैंने जल्दी से सीमा के कपड़े उतार दिए. अब वो जालीदार ब्रा में मेरे सामने नंगी थी और मैंने ब्रा के ऊपर से ही बूब्स को चूसना शुरू कर दिया और उसकी सिसकियों की आवाज उस पूरे कमरे में गूँज रही थी.

फिर मैंने तुरंत अपना लंड सीमा के मुहं के सामने कर दिया और उसने जल्दी से लंड को पूरा अपने मुहं में ले लिया और उसने अब लंड को चूसना शुरू कर दिया, जैसे कोई लोलीपोप चूसते है, वो ऐसे मेरे लंड को चूस रही थी, जिसकी वजह से उसके साथ साथ अब मुझे भी बहुत अच्छा लगने लगा था. उसके कुछ देर चूसने के बाद मेरा पानी निकलने लगा था, जो मैंने उसके मुहं में ही भर दिया और सीमा ने उसे पी लिया. अब में बिल्कुल निढाल सा हो रहा था.

फिर मैंने सीमा से कहा कि अब तुम मुझे कुछ देर आराम करने दो तो सीमा तुरंत उठकर खड़ी हो गई और वो ऐसे ही पूरी नंगी ही मेरे लिए चाय बनाने किचन में चली गई, में उसकी मटकती हुई गांड को देखने लगा, वो पीछे से भी बहुत सेक्सी दिख रही थी और वो कुछ देर बाद वापस चाय लेकर आ गई. अब तक मेरा लंड एक बार फिर से तैयार होकर खड़ा हो चुका था.

मैंने चाय पी और फिर सीमा को नीचे लेटाकर मैंने उसकी चूत में अपनी जीभ को डाल दिया और चूत को चाटने चूसने लगा था, जिसकी वजह से वो एक बार फिर से सिसकियाँ भरने लगी थी और अपने चूतड़ को उठाकर जीभ को पूरी अंदर तक लेने लगी थी, वो उस समय बहुत जोश में थी. तभी कुछ देर बाद अचानक से उसकी चूत से कुछ सफेद सफेद पानी निकलने लगा था, जिसकी वजह से चूत पूरी गीली हो चुकी थी.

फिर अच्छा मौका देखकर में जल्दी से उठा और मैंने अपना लंड सीमा की चूत के मुहं पर रखकर एक ज़ोर से धक्का देकर पूरा का पूरा लंड अंदर डाल दिया, जिसकी वजह से मेरा लंड अब फिसलता हुआ उसकी चूत के अंदर था और अब उसे बहुत मज़ा आ रहा था और में सीमा को उठा उठाकर धक्के देकर चोद रहा था. फिर मैंने कुछ देर धक्के देने के बाद लंड को चूत से बाहर निकाल लिया और फिर मैंने सीमा को अपने ऊपर बैठने के लिए कहा. सीमा उठकर तुरंत मेरे ऊपर आकर बैठ गई.

मैंने अपना लंड चूत के मुहं पर पकड़े रखा और वो धीरे धीरे उस पर बैठती हुई लंड को अंदर लेने लगी. अब वो लंड पर ज़ोर ज़ोर से लगातार उछल उछलकर अपनी चुदाई वो खुद करने लगी थी. दोस्तों उसको लंड पर उछलते हुए देखकर मुझे ऐसा लगने लगा था, जैसे कि उसे इस काम में बहुत अनुभव है और शायद वो अपने पति के साथ हर एक तरीके से अपनी चुदाई करवा चुकी है.

फिर में भी नीचे से उसे धक्के देता रहा और लगातार कुछ देर धक्के देने के बाद ही मेरा वीर्य निकलने लगा था और मैंने अपना पूरा वीर्य उसकी चूत में निकाल दिया, वो अब भी मेरे ऊपर ही बैठी रही और अब हम दोनों बहुत थक चुके थे.

फिर मैंने टाईम देखा तो उस समय शाम के 6 बज चुके थे और में कुछ देर बाद उठकर बाथरूम में फ्रेश होने चला गया, मेरे पीछे से सीमा भी आ गई और अब हम दोनों मिलकर बहुत देर तक एक साथ नहाते रहे और इस बीच में मैंने सीमा को खड़े होकर भी एक बार चोदा. हम दोनों ने नहाते समय भी चुदाई के मज़े लिए और फिर कुछ देर बाद बाथरूम से बाहर आकर कपड़े पहनकर में सीमा से विदा हुआ और वो मेरा बहुत अच्छा अनुभव था. मैंने उसको अपनी चुदाई से एकदम संतुष्ट कर दिया, उसने मुझे उस चुदाई के लिए धन्यवाद कहा.

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