सीमा को चोदकर उसकी गोद भरी-1

Seema ko chodkar uski god bhari-1

हैल्लो दोस्तों, मैंने अब तक बहुत सारी सेक्सी कहानियाँ पढ़ी है और मज़े भी बहुत किए है. दोस्तों एक बार हुआ यूँ कि में अपने किसी मिलने वाले की एक शादी में गया हुआ था, वहाँ पर मुझे एक लड़की दिखी, जो दिखने बहुत सुंदर थी और उसने पीले कलर का पटियाला सलवार सूट पहना हुआ था और वो उन कपड़ो में बहुत हॉट, सेक्सी लग रही थी, मेरा लंड तो उसे देखते ही तुरंत खड़ा हो गया और पेंट के बाहर आने को बेताब हो गया, लेकिन वहाँ पर उस समय बहुत सारे लोग थे तो मुझे कुछ शर्म भी आ रही थी और मैंने जैसे तैसे अपने आप को कंट्रोल किया, लेकिन फिर भी मेरे दिमाग में बस उस लड़की को चोदने का भूत सवार था.

अब मन ही मन बहुत सोचने लगा कि ऐसा क्या किया जाए, जिससे मुझे इसकी चुदाई का मौका मिल जाए? फिर में उस लड़की पर ध्यान देने लगा और अपनी पूरी नज़र रखने लगा था.

तभी मैंने देखा कि वो शादीशुदा थी और उसका पति उससे कुछ बात कर रहा था और अब मैंने मन ही मन विचार करके उसके पति से दोस्ती करने की बात मन में ठान ली और अब में उस मौक़े की तलाश में लग गया. तभी कुछ देर बाद मैंने देखा कि उसका पति अब हमारे एक जानने वाले से बात करने लगा था.

फिर में भी सही मौका देखकर तुरंत वहाँ पर पहुंच गया और अब में भी उनके साथ गप शप करने लगा था और हम सभी के बीच बहुत हंसी मजाक हुआ और हम सभी बहुत हंस हंसकर बातें कर रहे थे और तब बातों ही बातों में उसने मुझे बताया कि उसकी शादी को दो साल हो गये है और अभी तक उनका कोई बच्चा नहीं है और उन्होंने उसके लिए बहुत बार कोशिश की है, लेकिन हमेशा नाकाम रहे, वो इस बात को लेकर बहुत दुखी थे, क्योंकि वो जब यह बात हमे बता रहे थे, तब उनका चेहरा थोड़ा उतरा हुआ सा था, वो मुझे बहुत दुखी उदास से नजर आने लगे थे.

दोस्तों फिर हमने उन्हें बहुत समझाया और कहा कि यह सब उस ऊपर वाले के हाथ है, हम तो बस मेहनत कर सकते है. दोस्तों मेरी अच्छी किस्मत से वो मेरे घर से क़रीब चार किलोमीटर दूर ही रहते थे और अब हमारे बीच बहुत ज्यादा बातचीत होने लगी थी.

फिर हमने एक दूसरे से एक दूसरे का मोबाईल नंबर ले लिया और हमारी बहुत पक्की दोस्ती हो गई. उसके बाद कुछ देर रुकने के बाद में अपने घर पर आ गया और फिर में आकर उस लड़की को सोच सोचकर उसके नाम की मुठ मारने लगा था, मेरे दिमाग से उसका चेहरा निकलने को तैयार ही नहीं था और सच पूछो तो मुझे ऐसा करने में बहुत मज़ा आ रहा था, लेकिन अब भी मुझे पूरा सुकून नहीं मिल पा रहा था.

कुछ दिन बाद मैंने उसके पति राज को फ़ोन किया और उसने मुझे तुरंत पहचान लिया. उसके बाद हमारे बीच बहुत देर तक बातें होती रही और थोड़ी देर इधर उधर की बातें करने के बाद मैंने उससे भाभी के बारे में भी पूछा तो उसने मुझे बताया कि उनकी तबियत खराब है और वो इस समय घर पर ही आराम कर रही है.

दोस्तों मैंने मन ही मन सोचा कि यह बहुत अच्छा मौक़ा है और इस वजह से मुझे उनके घर के अंदर जाने का मौका तो मिल ही जाएगा. अब मैंने उनसे पूछा कि आप आपका घर का पता मुझे बताए तो उन्होंने मुझसे कहा कि आपको तकलीफ़ करने में कोई ज़रूरत नहीं है? तो मैंने कहा कि मुझे आपसे नहीं मिलना, किसी बीमार को देखने जाना यही तो एक इंसानियत है. फिर उन्होंने मुझे अपने घर का पता दे दिया और में बहुत खुश था.

अब शाम होने का इंतज़ार करने लगा और चार बजे में तैयार होकर उनके घर के पास पहुंच गया और मैंने उन्हें फ़ोन किया तो राज मुझे लेने बाहर सड़क पर आ गये. फिर हम दोनों उनके घर पर चले गये. मैंने वहाँ पर पहुंचकर देखा तो वो बहुत ही सुंदर फ्लेट था, जिसमें वो रह रहे थे और मुझे ड्राइंगरूम में बैठाकर वो पानी लेने चले गये और उन्होंने मेरे लिए पानी लाकर दे दिया, लेकिन में अब बैठा हुआ इधर उधर भाभी को ही ढूंड रहा था.

तभी इतने में राज ने आवाज़ लगाई और बोला कि सीमा यहाँ आओ देखो सेम भाई आपकी तबियत के बारे में पूछने के लिए आए है. फिर कुछ देर बाद वो उठकर बाहर आई तो मैंने देखा कि उसने सिल्वर कलर का जालीदार गाउन पहना हुआ था, वो उसमें क्या मस्त बला हॉट सेक्सी लग रही थी? में आप सभी को अपने किसी भी शब्दों में बता नहीं सकता कि वो उस समय कैसी दिख रही थी.

फिर उन्हें देखकर मेरा लंड तुरंत तनकर खड़ा हो गया और जैसे तैसे मैंने उसे कंट्रोल किया. फिर मैंने उनसे उनकी तबियत के बारे में पूछा और तब उन्होंने मुझे बताया कि अब में थोड़ी ठीक हूँ. फिर वो मेरे लिए नाश्ता लेने चली गयी. फिर राज ने मुझे बताया कि वो चार महीने पहले ही यहाँ पर आया है, क्योंकि वो यहाँ पर किसी प्राइवेट कंपनी में नौकरी करता है और अब उसका तबादला यहाँ पर हो गया है और वो यहाँ पर अकेला ही रहता है.

दोस्तों सच पूछो तो उसके मुहं से यह बात सुनकर मुझे मन ही मन बहुत खुशी हुई और में ना जाने क्या क्या सोचने लगा? अब उसके आगे राज ने मुझे बताया कि मेरी कंपनी गुड़गावं में है और में हर दिन सुबह अपनी कंपनी में जाता हूँ और रात को 8 बजे तक वापस आ पाता हूँ, इसलिए भाभी को घर पर अकेले रहने में बहुत समस्या होती है, उन्हें कुछ सामान वगेरा लाना है तो घर से बहुत दूर जाना पड़ता है और यहाँ पर उनका कोई रिश्तेदार भी नहीं है, जो मेरे चले जाने के बाद उनकी किसी भी छोटे बड़े कामों में उनका हाथ बंटा दे.

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तभी मैंने उनकी बात खत्म होने से पहले ही जल्दी से कहा कि कोई बात नहीं वो काम मुझे बता दिया करो, में इनको वो सभी जरूरी सामान लेकर दे जाया करूँगा और वैसे भी मेरे पास अपनी खुद की बाईक तो है ही बस आप बता दिया करो, में पांच मिनट में पहुंचा दिया करूँगा. फिर उसने पहले तो मुझसे मना किया कहा कि नहीं यार मेरी वजह से तुम परेशान ना हो, लेकिन मेरे बार बार कहने पर वो राज़ी हो गये और एक बार फिर से मैंने उसकी तबियत के लिए पूछा तो उन्होंने बताया कि हाँ अब में ठीक हूँ. फिर राज ने मुझे खाने को कहा, लेकिन मैंने साफ मना कर दिया.

मैंने उससे कहा कि अभी में थोड़ा जल्दी में हूँ, मुझे और किसी काम से भी जाना है और में फिर कभी आ जाऊंगा और में इतना कहकर अपने घर पर वापस आ गया, लेकिन में अब बहुत खुश था कि मेरा सीमा के घर आना जाना शुरू हो गया था. अब मुझसे ज्यादा सब्र भी नहीं हो रहा था और में हमेशा रात दिन सुबह शाम बस उनके बारे में सोचने लगा और उनसे मिलने के सपने देखने लगा था और करीब 10-15 दिन ही गुज़रे होंगे कि एक दिन मेरे पास अंजान नंबर से फोन आया.

फिर मैंने बात करना शुरू किया और दूसरी तरफ से मुझे किसी औरत की बहुत मीठी आवाज़ सुनाई दी कौन सेम? तो मैंने कहा कि हाँ में बोल रहा हूँ, लेकिन आप कौन हो? तब उन्होंने मुझसे कहा कि में सीमा बोल रही हूँ. फिर में बस इतना सा शब्द सुनते ही तुरंत खिल उठा और में बहुत खुश था, मुझे जिसका इंतज़ार था वही हुआ.

फिर मैंने उनसे पूछा कि सब ठीक तो है ना भाभी जी, बताए आज आपने मुझे कैसे याद किया? तब उन्होंने कहा कि सब कुछ ठीक ठाक है, लेकिन अभी अचानक से एक छोटी सी समस्या आ गई है. फिर मैंने पूछा कि हाँ आप मुझे बेझिझक बता सकती है, मेरे पास आपकी हर एक समस्या का हल है और तब उसने मुझे बताया कि शायद उसके घर पर तार की थोड़ी दिक्कत है, इसलिए पूरे घर की लाईट चली गयी है और राज भी रात तक घर पर आएँगे और तब तक सभी लाईट वालोँ की दुकान भी बंद हो जाएगी, प्लीज आप आकर किसी लाईट वाले को बोल दो तो वो हमारे घर की लाईट सही कर देगा.

फिर मैंने कहाँ कि ठीक है, में अभी कुछ मिनट में आता हूँ और यह बात कहकर में जल्दी से तैयार हुआ और फिर उनके घर पर पहुंच गया. मैंने पहुंचकर देखा कि वो उस समय घर पर अकेली थी और मैंने उनसे कहा कि पहले में खुद देख लेता हूँ, अगर मुझसे नहीं हुआ तो में किसी लाईट वाले को बुलाकर ले आऊंगा. फिर मैंने बोर्ड में देखा तो उसमें सप्लाई नहीं थी और जब मैंने थोड़ा आगे बढ़कर दूसरे बोर्ड में देखा तो वहां पर भी वही समस्या थी. अब में मीटर के पास वाले बोर्ड पर पहुंच गया, जहाँ पर जाकर मैंने देखा कि किसी कारण से एम.सी.बी. नीचे हो गयी थी. मैंने तुरंत उसे ऊपर किया तो लाईट आ गयी और सीमा खुश हो गयी.

फिर उन्होंने मुझसे कहा कि चलो आपने मेरे पैसे बचा दिए और ये कहकर उन्होंने मुझे अब बैठने के लिए कहा और में तुरंत बैठ गया. इतनी देर में उसके पास राज का फ़ोन आ गया और उसने सीमा से पूछा कि क्या काम हो गया?

सीमा ने उसे बताया कि हाँ मैंने सेम को फोन करके बता दिया था तो उसने वो ठीक कर दिया है. अब राज ने सीमा से कहा कि तुम आज सेम को खाना खिलाकर ही उसके घर पर जाने देना, उसे ऐसे ही नहीं जाने देना और सीमा ने भी कहा कि हाँ ठीक है. फिर कुछ देर बाद उनकी बात खत्म हो गई और तब सीमा ने मुझसे कहा कि आज आप खाना खाकर ही जाना, उन्होंने मुझसे आपको खाना खिलाकर ही जाने के लिए कहा. फिर में भी उसकी वो बात तुरंत मान गया और अब वो जल्दी जल्दी खाना बनाने के लिए किचन में चली गई और में अकेला बैठकर टी.वी. देखने लगा. बहुत देर बाद मैंने आवाज़ देकर पूछा कि सीमा बाथरूम कहाँ है?

तब उन्होंने मुझे बताया कि अंदर बेडरूम के पास है और में उठकर चला गया. मैंने बाथरूम में पेशाब वगेरा किया और बाहर आने लगा, लेकिन तभी मेरी नज़र वहाँ पर लटके हुए सीमा के कपड़ो पर पड़ी, वहां पर उसके जालीदार सलवार क़मीज़ लटक रहे थे, जिनको देखकर में अब बिल्कुल पागल हो गया था. मैंने तुरंत उस सलवार को उठाकर अपनी नाक पर लगा लिया, वाह क्या खुशबू आ रही थी, में आप लोगों को अपने किसी भी शब्दों में नहीं बता सकता.