सेक्स के लिए लड़की ने मुझे पटाया-1

Sex ke liye ladki ne mujhe pataya-1

हॉट सेक्सी गर्ल की चुदाई का मौक़ा मिला मुझे. लड़की ने खुद मुझसे दोस्ती बनाकर सेक्स के लिए कहा. हमने सेक्स चैट से शुरुआत की और फिर एक दिन होटल में …

दोस्तो, मैं आपका अपना सागर साहू … छत्तीसगढ़ से आपके सामने फिर से हॉट सेक्सी गर्ल की चुदाई की कहानी लेकर हाजिर हूँ.

आप लोगों ने मेरी पिछली सेक्स कहानी चुदाई से ज्यादा मजा चूत लंड चूसने में आया पढ़ी और बहुत सारे ईमेल के माध्यम से प्यार दिया, उसके लिए मैं आप सबका आभारी हूं.

कुछ लोगों से पहले ईमेल पर फिर फोन पर बात हुई और उन्होंने मुझे अपने अनुभव बताए.

इनमें से एक लड़की का ईमेल भी था, जो मेरी सेक्स कहानी से काफी प्रभावित थी और मुझसे मिलना चाहती थी.

इधर मैं आपको उसके बारे में किसी भी तरह की जानकारी साझा नहीं कर सकता हूँ क्योंकि उसकी गोपनीयता मेरे लिए महत्वपूर्ण है.

खैर … उस लड़की से मेरी बात शुरू हुई. बाद में मैंने उसके साथ चुदाई भी की. लेकिन मैंने अपनी पसन्दीदा क्रिया अर्थात उसकी चूत की चुसाई की और उसकी चूत से मलाई निकाल कर चाट ली. इससे उसे बड़ा मजा आया और आज की ये सेक्स कहानी उसी विषय पर आधारित है.

ये सत्य घटना अभी कुछ दिन पहले की ही है. मेरे कहानी पढ़कर उस लड़की ने मुझे धन्यवाद का ईमेल किया. उसका मेरे पास दोस्ती के लिए संदेश भी आया. उस लड़की का नाम लता था.

लता ने मुझे ईमेल लिखा. ‘हैलो सागर जी, मुझे आपकी कहानी बहुत अच्छी लगी है. मुझे इस तरह की सेक्स कहानी पढ़ना बहुत पसंद है.’

मैंने उत्तर लिखा- धन्यवाद लता जी. लता- सागर जी, मैं आपसे एक बात पूछना चाहती हूँ. मैं- हां पूछो.

लता- आपने जो सेक्स कहानी लिखी है … क्या वो घटना सच में हुई थी! मैं- हां मेरे साथ जो सत्य घटना होती है … उसी को मैं कहानी के माध्यम से बताता हूँ. फर्जी बातें मुझे लिखना पसंद नहीं हैं.

लता- वाह … इतनी मस्त सेक्स कहानी और वो भी एक सच्ची घटना … मुझे तो सच में कुछ कुछ होने लगा है. क्या मैं आपसे मेल पर आगे भी बात कर सकती हूं? मैं- हां आप बिल्कुल कर सकती हो.

फिर लता जी और मेरे बीच बहुत सारी बातें हुईं. लता बार बार मुझे बधाई पर बधाई दिए जा रही थी कि मुझे आपकी सेक्स कहानी में जो आपने किया है … वो बहुत पसंद है. मैं भी उसी तरह की कहानी में आपके साथ शामिल होना चाहती हूँ.

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जब मैंने उसके मुँह से ये सुना कि ये भी मेरे साथ सेक्स में शामिल होना चाहती है, तो मुझे यकीन ही नहीं हुआ.

मैंने उसके साथ बातचीत जारी करते हुए उसकी चाहत के बारे में पूछा- आप मेरे साथ क्या क्या करना चाहती हैं! वो बोली- बस आप यूं समझिए कि उस लड़की की जगह मैं अपने आपको देखना चाहती हूँ.

अब मैं लता से एकाएक कैसे हां बोल देता. अभी मुझे सारी बातें साफ़ करना जरूरी थीं.

मैंने कहा- क्यों न हम दोनों कुछ दिन तक चैट करें … फिर मिलना मिलाना देखेंगे. वो राजी हो गई.

फिर हम दोनों ने कुछ दिनों तक ऐसे ही ईमेल के माध्यम से बात की.

लता के बारे में उसकी पर्सनल जानकारी हासिल कर ली; उसके बारे में काफी कुछ जाना.

उसने बताया था कि वो एक सरकारी जॉब करती है और अपनी सुरक्षा के प्रति ज्यादा जागरूक है. उसे मेरी तरफ से कुछ गोपनीयता बनी रहने की गारंटी चाहिए थी.

इस पर मैं उससे बोला- इस बात की तुम टेंशन न लो. मैं तुम्हारी सारी बातें सुरक्षित रखूंगा. लता ने कहा- प्लीज सागर जी, अब मैं आपसे जल्दी ही मिलना चाहती हूँ.

मगर मैंने अभी भी मिलने की अपेक्षा उससे कुछ दिन तक बात करना ज्यादा सही समझा. क्योंकि अभी भी हमारे बीच सेक्स को लेकर कुछ खुली खुली बातें नहीं हुई थीं जो कि मिलने पर सेक्स होता तो शायद उसके लिए कुछ असहज होता.

मैंने उससे कहा- मिलने से पहले क्यों न हम दोनों कुछ खुल कर सेक्स चैट करें? वो एकदम से राजी हो गई और बोली- हां, मैं भी पहले यही चाहती हूँ.

अब हम दोनों ने सेक्स चैट करना शुरू कर दिया.

दो दिन में ही हम दोनों के बीच सेक्स को खुली खुली बात करना शुरू हो गया. अब हम दोनों जब भी चैट करते तो सेक्स को लेकर ही बात करते थे.

पहले दिन मैंने उससे पूछा कि तुमने क्या पहना है? वो बोली- इस समय मैं एक नाइटी पहनी हूँ.

मैंने पूछा- और नाइटी के अन्दर क्या पहना है? वो बोली- सिर्फ पैंटी.

मैंने कहा- ब्रा नहीं पहनी है? वो बोली- नहीं, इस समय नाइटी में मुझे अपने बूब्स खुले रखना ही पसंद हैं.

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मैंने कहा- बूब्स की जगह चूचियां कहो न! वो बोली- हां मुझे अपनी चूचियों को आजाद रखना पसंद है. मैं जब भी कमरे में होती हूँ तो अपनी नाइटी भी उतार देती हूँ और अपनी चूचियां मसलती रहती हूँ.

यह कहानी आप HotSexStory.xyz में पढ़ रहें हैं।

मैंने पूछा- और चूत का क्या करती हो? वो बोली- चूत में उंगली करने की कोशिश करती हूँ पर बहुत जल्दी आग लग जाती है और बिना मर्द की संगत के मुझे बहुत बेचैनी होने लगती है.

मैंने कहा- यूँ कहो न कि तुमको अपनी चूत के लिए मोटे लंड की जरूरत है! वो बोली- हां यार, तभी तो तुमसे मिलने के लिए कह रही हूँ.

इसी तरह की सेक्स चैट के बाद हम दोनों अपनी मुठ मारकर खुद को शांत करने लगे थे.

फिर एक दिन हम दोनों ने मिलने का प्लान बनाया. मिलने की जगह फाइनल करने में कुछ दिक्कत आ रही थी.

लता ने रायपुर में मिलना पसंद किया. रायपुर छत्तीसगढ़ की राजधानी है … और एक बड़ा शहर है.

हम दोनों ने मिलने का दिन तय किया और अपने आने की तैयारी कर ली.

अब हम दोनों में ही मिलने के लिए बहुत उत्सुकता थी क्योंकि मैं उससे सेक्स चैट के माध्यम से तो बहुत खुल चुका था … लेकिन सामने से उसके साथ मिलने का ये पहला मौका था. वो हॉट सेक्सी गर्ल भी कुछ इसी तरह से उत्साहित थी.

हम दोनों ने रायपुर के बस स्टैंड में मिलने की योजना बना ली. चूंकि हम दोनों ने ही अब तक एक दूसरे को नहीं देखा था. फोटो से भी पहली बार में पहचानने में दिक्कत होती है. हम आसानी से एक दूसरे को पहचान सकें … इसलिए दोनों ने कपड़े के रंग भी बता दिए.

तय समय पर हम दोनों सैट जगह पर पहुंच गए थे. उधर हम कुछ दूरी पर ही थे … लेकिन दोनों की ही धड़कनें बढ़ी हुई थीं. ऐसा होना स्वाभाविक भी था.

मैंने इधर उधर नजर दौड़ाई तो सामने से वो दिखी. मैंने हाथ हिला कर उसकी तरफ इशारा किया. वो भी समझ गई और उसने भी हाथ हिला दिया.

फिर मैं उसके करीब गया और बोला- आप लता जी हो न! वो मुस्कुरा कर बोली- हां … और आप सागर जी!

मैंने भी मुस्कुरा कर जवाब दिया- जी.

उसने मेरी तरफ देख कर अपनी नजरें झुका लीं और मंद मंद मुस्कुराने लगी.

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मैंने हाथ बढ़ा दिया और उससे कहा- हाथ तो मिला लो यार!

उसने धीरे से इधर उधर देखा और हाथ बढ़ा दिया. उसका हाथ अपने हाथ में लेते ही हम दोनों एक अजीब सी सनसनी हुई.

मैंने अपनी इंडेक्स फिंगर से उसकी हथेली को कुरेद दिया और कहा- कैसा लगा मैं? वो आंख उठा कर और हाथ छुड़ाती हुई बोली- जैसा सोचा था … उससे भी कहीं ज्यादा अच्छा.

मैं मुस्कुरा दिया तो उसने पूछा- और मैं कैसी लगी? मैंने कहा- मस्त कांटा माल … अभी अन्दर से खोल कर देखूंगा … तब फाइनल कहूँगा.

वो हंस पड़ी.

चूंकि हमारे पास कोई ख़ास सामान तो था नहीं, बस वो एक बड़ा सा हैंडबैग लिए थी … और मैं एक थैला लिए था, जिसमें मेरे एक जोड़ी कपड़े थे.

उसके बाद हम दोनों काफी जगह घूमे और शाम को एक होटल में आ गए. वहां पहले से उसने कमरा बुक किया हुआ था. कमरे में जाने से पहले लता ने खाना खाने के लिए पूछा. मैंने हां कह दी.

होटल के रेस्तरां में हम दोनों बैठ कर खाना आर्डर करने लगे. खाना आर्डर करने से पहले मैंने उससे पूछा कि तुम कुछ ड्रिंक्स लेना पसंद करोगी!

लेकिन लता ड्रिंक वगैरह नहीं लेती थी और मैं भी नहीं लेता, तो हम दोनों ने सिर्फ खाने के लिए ही कुछ मंगा लिया.

खाना खाने के बाद मैंने एक बार पेमेंट करने के लिए कोशिश की … मगर उसने मना कर दिया.

वो बोली- आज का सारा खर्च मुझको ही करना है. मैंने कुछ नहीं कहा.

अब हम दोनों कमरे की तरफ बढ़ गए. कमरे में जाकर हम दोनों फ्रेश हुए. पहले वो बाथरूम में गई और उसके बाद मैं फ्रेश हुआ.

जब मैं बाथरूम से बाहर निकला तो देखा कि लता ने ड्रेस चेंज कर ली थी और वो इस ड्रेस में पहले से भी ज्यादा हॉट लग रही थी. मुझे ऐसा लगा मानो मेरे सामने कोई स्वप्न सुंदरी खड़ी हो.

आगे की कहानी अगले भाग में.

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