सेक्सी धोबन और उसका बेटा-21

Sexy Dhoban Aur Uska Beta-21

“हाँ माँ तो फिर कैसा लग रहा है अपने बेटे से चुदवाने में, मज़ा आ रहा है ना, मेरा लंड अपने चूत में ले के, बोलो ना बुर मारनी, साली मेरा लंड तुझे मज़ा दे रहा है या ऩही”
“हाँ गजब का मज़ा आ रहा है राजा, तेरा लंड तो मेरी चूत के जर तक टकरा रहा है और मेरी चूत के दीवारो को मसल रहा है और मेरी नाभि तक पहुच जा रहा है, तू बहुत सुख दे रहा है अपनी माँ को मार कस के मार धक्का बन जा माधरचोद…, चोदु राम ….हलवाईचोद… ले अपनी मैया के चूत को और इसको दो फाँक कर दे मेरे प्यारे माधरचोद..”
“हाँ जब चुदवाने में इतना मज़ा आ रहा है और चोद्वाने का इतना मन था तो फिर सोते वक़्त इतना नाटक क्यों कर रही थी, जब मैं तुझे नंगा हो कर दिखाने को बोल रहा था”

“हाय रे मेरे भोलू राम, इतना भी ऩही समझता क्या, इसको कहते है नखरा, औरते दो तरह का छिनालपनी दिखा सकती है या तो सीधा तेरा लंड पकड़ के कहती की चोद मुझे या फिर धीरे धीरे तुझे तदपा तदपा के एक एक चीज़ दिखाती और तब तदपा तदपा के च्दवाती.. मुझे सीधे चुदाई में मज़ा ऩही आता, मैं तो खूब खेल खेल के चुदवाना चाहती थी, चक्की जितनी धीरे चलती है उतना ही महीन पीसती है साले, इसलिए मैने थोरा सा छिनालपन दिखया था, समझा अब बाते चोदना बंद कर और लगा ज़ोर ज़ोर से धक्का और चोद मेरी बुर को माधरचोद , तेरी मा की छूततततत्त में डंडा डालु बहन्चोद माररर्ररर ज़ोर से और बक्चोदि बंद कर”
“ठीक मेरी छिनाल माँ अब तो मैं भी पूरा सीख गया हू, देख अब मैं कैसे चोदता हू तेरी इस मस्तानी चूत को और कितना मज़ा देता हू तुझे, देख साली बुरचोदि रंडी…फिर ना बोलना की बेटे ने ठीक से चोदा ऩही, रंडी जितना तूने मुझे सिखाया है मैं उस से कही ज़यादा मज़ा दूँगा तुझे,,,,,,, ,,साली माधरचोद..”

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मैं अब पूरे जोश के साथ धक्का मरने लगा था और मेरा पूरा लंड सुपाडे तक निकल कर बाहर आ जा रहा था, फिर सीधा सरसरते हुए गचक से अंदर मा की चूत की गहराइयों में समा जा रहा था. लंड की चमडी तो अब शायद पूरी तरह से उलट चुकी थी, और चुदाई में अब कोई दिक्कत ऩही आ रही थी. माँ की चूत एकदम से गरम भट्टी की तरह तप रही थी और मेरे लंड को सटासट लील रही थी. मुझे ऐसा लग रहा था जैसे मैं जन्नत की सैर कर रहा हू. मेरी गांड पर माँ का हाथ था और वो उपर से दबाते हुए मुझे अपनी चूत पर दबा रही थी और साथ में नीचे गांड उछल कर मेरे लंड को अपनी चूत में ले रही थी. बुर के होंठो को मसलते हुए मेरा लंड सीधा बुर की जड़ से टकराता था और फिर उतनी ही तेज गति से बाहर आ कर फिर घुस जाता था. कमरे का माहौल फिर से गरम हो गया था और वातावरण में चुदाई की महक फैल गई थी. पूरे कमरे में गछ गछ फ़च फ़च की आवाज़ गूँज रही थी. हम दोनो की साँसे धोकनि की तरह से चल रही थी. दोनो के बदन से निकलता पसीना एक दूसरे को भिगो रहा था मगर, इसकी फिकर किसे थी.
माँ ने अपने तेज चलती सांसो के बीच से बडबडाते हुए मेरा उत्साह बढ़ाया “ओह चोदो और ज़ोर से पेलो अपना डंडा, घुमा घुमा के डालो राजा, अब तो बस अपने रस से बुझा दे मेरी चूत के प्यास को, चोद दे मुझे माधरचोद , साले मेरे सैया, ऐसे ही धक्का मारे जा, ऐसे ही चोद कर मुझे ठंडा कर दे, तेरे डंडे से ही ठंडी होगी तेरी माँ , पँखे से ठंडे होनी वाली ऩही हू मैं, तेरी माँ को तो तेरा मोटा मुसलांड चाहिए जो की उसकी बुर को दो फाँक कर के उसकी चूत के अंदर की ज्वाला को ठंडा कर दे, मार साले बहिनचोद , बुरचत्ता… ज़ोर से मार ना, बेतिचोद गांडू..हाय रे आज से तू ही मेरा भतार है तू ही मेरा सैय्या और तू ही मेरा चोदु है”
“हाँ , ले साली बुर्चोदी और ले, और ले मेरे लंड को अपनी मस्तानी चूत में, ले ना छिनाल खा जा मेरे लंड को अपनी बुर से, पूरा लंड खा जा साली बेटाचोदी माँ , ,तेरी बहन के गांद में भी लंड डालूं. , हाय रे मेरी चुदक्कड मैया, कहा से सीखा है तूने इतना मज़ा देना, एक दम से रंडी कि तरह करती है रे तू तो मेरी जान..ओह मेरा तो जनम सफल हो गया साली और ले माधरचोद माँ ”
“दे और कस कस के दे बेटा, इसी लंड के लिए तो मैं इतनी प्यासी थी, ऐसे ही लंड से चुदवाने की चाहत को पाले हुए थी मैं मन में ना जाने कब से, आज मेरी तम्माना पूरी हो गई, आने दे तेरे उस भडुए बाप को.. उसके सामने तुझसे चुदवाउंगी. तब दिखाउंगी तेरा लंड उसे ..और बताउंगी देख साले इसको कहते हैं औरत की चुदाई… उसने अगर कभी हाथ भी लगाया मेरे इस बदन को या कोई रुकावट डाली तो साले के गांड पर चार लात मार कर घर से निकल दूँगी, साला माधरचोद वो क्या जानेगा चोदना , अभी यहा होता तो दिखाती कि चोदना किसको कहते है, तू लगा रह बेटा चोद के मेरी चूत को मथ दे और इसमे से अपने लिए मक्खन निकाल ले, मेरे चुदक्कर बलम”
अब तो बस आँधी आए या तूफान कोई भी हमें ऩही रोक सकता था हम दोनो अब अपने चरम पर पहुच चुके थे और चुदाई की रफ़्तार में कोई कमी ऩही चाहते थे. चाहते थे तो बस इतना की कैसे भी एक दूसरे के बदन में समा जाए और मार मार के चोद चोद के एक दूसरे के लंड और चूत का भुर्ता बना दे. माँ की सिसकारिया तेज हो गई थी और अब दोनो में से कोई भी एक दूसरे को छोड़ने वाला ऩही था दोनो, जी जान से एक दूसरे से चिपके हुए धक्के धक्के पर धक्का लगाए जा रहे थे मैं ऊपर से और माँ नीचे से.

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माँ सिसकते हुए बोली “हाय मेरे राजा ऐसे ही मेरा निकलने वाला है, मारता रह धक्का.. धीरे मत करियो, ऐसे ही माधरचोद … अब निकल जाएगा मेरा, निकल जाएगा साले आआआह्ह्ह्ह….मेरा निकल रहा हाईईईईईईईईई ,, ,,,,,,,, चोद कस के और ज़ोर ज़ोर से माआआआआअरर्र्र्ररर र्र, गंद्द्द्द्द्द्द्द्द्दद्डुऊऊउ अयू, छोद्द्द्द्द्द्द्दद्ड डाआाआल मिटा दे खुज्जज्ज्ज्ज्ज्ज्जलीइीईई ईई, चोद, चोद ज़ोर ज़ोर सीईईईईई, तेरी माँ के बुर में गधे का लौदा डालुउउुुुुुुुुउउ चोद ना साले और मारीईईई जा, निकलाआआआआआअ रे मेरा तो निकलाआाआ, झारी रीईईई मैं तो झरीईईईईईईई कह कर मेरे मेरे कंधो पर अपने दाँत गड़ा दिए.

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मेरा भी अब निकलने वाला था और मैं भी ज़ोर ज़ोर से धकका लगते हुए चोदने लगा और गालिया बकते हुए झरने लगा “ओह साली मेरा भी निकल रहा है रीईईई, रंडी , निकल रहा हैओह रंडी, छीनाल साली, तूने तो आज जन्नत की सैर करा दी रे.. मेरी जान. मेरी सोना..मेरी रानी.. मेरी माँ , ओह गया मैं तो, ओह चुड़ैल …डायन…. तेरी बुर में मेरा पानी निकल रहा है रीईईईईई ले पी ले अपनी चूत से मेरे लौड़े के पानी को पी ले और निगल ज़ा…मेरे लंड को पूरा का पूरा बुर मारनी बुरचोदी “”’ ”……. ……… … हाय रे रंडी निकल गया रे मेरा तो पूरााआआआआआ” कह कर मैं माँ के उपर लेट गया. हम दोनो की आँखे बंद थी और दोनो एक दूसरे बदन से चिपके हुए थे. थकान के मारे दोनो में से किसी को होश ऩही था कि क्या हो गया है.
एक दूसरे से चिपके हुए कब आँख लगी कब मेरा लंड उसकी चूत से बाहर निकल गया कब हम दोनो सो गये इसका पता हमे ऩही लगा.

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//समाप्त//

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