सेक्सी फ्रेश माल की सील तोडी–2

Sexy fresh maal ki sheel todi-2

अब मुझे हर्षिता को चोदने का मौका ढूंढ़ना था।लेकिन मुझे हर्षिता को चोदने का कोई मौका नहीं मिल रहा था।तभी एक दिन फिर से मुझे हर्षिता छत पर अकेली मिल गई।
मैं– यार हर्षिता अब सब्र नहीं हो रहा है।जल्दी से कोई चांस बनाओ ना।
हर्षिता– मुझे कोई चांस नहीं बनाना।
मैं– लेकिन मुझे तो चांस चाहिए,नहीं तो मेरा लन्ड चुप नहीं बैठेगा।
लंड का नाम सुनते ही हर्षिता चुप हो गई।तभी मैंने आसपास मौका देखकर फिर से हर्षिता को मेरे लन्ड के दर्शन करा दिए।
हर्षिता– अरे यार,यहां कोई देख लेगा।इसे तो अंदर डाल लो।
मैं– यार तुम पहले बोलो कि चांस बनाओगी।
हर्षिता– अच्छा ठीक है,जब मुझे मौका मिलेगा,तब मै तुझे बता दूंगी।
मैं– पक्का?
हर्षिता– हां पक्का।
अब मैं हर्षिता के मौका देने का इंतजार करने लगा।लेकिन हर्षिता मुझे चोदने का कोई मौका नहीं दे रही थी।हर्षिता को चोदने के इंतजार में दो तीन दिन निकल गए। तभी एक दिन 11 बजे मैंने देखा कि हर्षिता की मम्मी आरती भाभी घर से बाहर जा रही थी।तब तक हर्षिता एग्जाम देकर घर आ चुकी थी। अब हर्षिता को चोदने का इससे अच्छा मौका मुझे दूसरा नहीं मिल सकता था।तभी मै जल्दी से छत के गेट से हर्षिता के घर के अंदर पहुंच गया।उस टाइम हर्षिता टीवी देख रही थी।
मुझे देखकर हर्षिता चौंक गई।इसके चेहरे की हवाइयां उड़ गई।तभी वो भागकर दूसरे रूम में जाने लगी।तभी मैंने हर्षिता को पकड़ लिया।
हर्षिता– रोहित,यार छोड़ो मुझे।मम्मी आ जाएगी।
मैं– मम्मी तो बाहर गई है।वो नहीं आयेगी।
हर्षिता– अरे वो यही पड़ोसी आंटी के घर गई है।
मैं– कहीं भी गई हो,उन्हें आने में टाइम लगेगा। अब तू चुपचाप चूत चोदने दे।
हर्षिता– नहीं,मै नहीं करने दूंगी।
मैं– यार अब यार क्या नखरा है,पहले हां बोल देती हो,फिर मना कर देती हो।
हर्षिता– यार मुझे बहुत डर लग रहा है।
मैं– कोई डर नहीं लगेगा बस एक बार चुदवा लो।फिर तुम्हारा सारा डर दूर हो जाएगा।
हर्षिता– नहीं प्लीज , मुझे नहीं करवाना।
हर्षिता चुदवाने के लिए बहुत ज्यादा नखरे कर रही थी।इधर मेरे पास उसे चोदने के लिए बहुत कम टाइम था।तभी मैंने उसके लोवर के हाथ डाल दिया और हर्षिता की फ्रेश, टाइट चूत को मसलने लगा।
अब हर्षिता बार बार मेरे हाथ को उसके लोवर में से बाहर निकालने की कोशिश करने लगी।लेकिन वो मेरे मजबूत हाथ को लोवर में से बाहर नहीं निकाल पा रही थी।
हर्षिता– यार प्लीज रोहित,मत कर ना।
मैं– बहुत दिनों से तड़प रहा हूं तुम्हे चोदने के लिए।आज तो मै तुम्हारी चूत की सील तोड़कर ही मानूंगा।
मैं बुरी तरह से हर्षिता की फ्रेश चूत को मसल रहा था।मुझे हर्षिता की चूत मसलने में बहुत ज्यादा मज़ा आ रहा था।हर्षिता अभी भी मुझे हटाने की कोशिश कर रही थी।
मैं– आह आह ओह आह ,तेरी चूत बहुत ज्यादा टाइट है।
फिर मैंने थोड़ी देर हर्षिता की चूत को रगड़कर हर्षिता को फटाफट बेड पर पटक दिया। हर्षिता फिर से उठकर भागने की कोशिश करने लगी तभी मै हर्षिता के ऊपर चढ गया और उसके रसीले होंठों को जोर जोर कसकर किस करने लगा। मैं अब ताबड़तोड़ तरीके से हर्षिता के होंठो को चूसने लगा।मुझे हर्षिता के होंठो को चूम में बड़ा मज़ा आ रहा था। हर्षिता अभी भी अपने आप को मुझसे छुड़ाने की कोशिश कर रही थी।वो बार बार हाथो और पैरों को इधर उधर फेंक रही थी।
मैं हर्षिता को अच्छी तरह से दबोचकर किस कर रहा था।इधर मेरा लन्ड हर्षिता की चूत में घुसने के लिए तड़प रहा था।फिर कुछ देर में ही मैंने हर्षिता के होंठो को चूस डाला।
अब मैं हर्षिता की टीशर्ट के ऊपर से ही उसके टाइट फ्रेश बूब्स को अच्छी तरह से दबाने लगा।मुझे हर्षिता के बूब्स दबाने में बहुत ज्यादा मज़ा आ रहा था।हर्षिता अभी भी मेरे हाथो को बूब्स पर से हटाने की कोशिश कर रही थी लेकिन अब मैंने उसके हाथों को झटक कर दूर हटा दिया था। अब मैं अच्छी तरह से हर्षिता के बूब्स को मसल और दबा रहा था।
मैं– आह आह क्या मस्त बूब्स है यार।आह कसम से बहुत ज्यादा मज़ा आ रहा है।आह आह आह।बहुत दिनों से मै इन बूब्स को दबाने के लिए तड़प रहा था।आह आह आह आह।
मैं दे दना दन हर्षिता के बूब्स को मसल रहा था।हर्षिता अब चुपचाप होकर बूब्स को मस्लवा रही थी। अब वो समझ चुकी थी कि अब नखरे दिखाने का कोई मतलब नहीं है।

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टाइट बूब्स को दबाने का मज़ा क्या होता है ये हम तभी महसूस कर पाते है जब हमने फ्रेश बूब्स और पकी पकाई चूत के बूब्स को दबाया हो।
मैं– ऊंह आह आह ओह आह आह ऊंह आह आह ओह आह,मज़ा आ गया आह।
ज़ोर ज़ोर से बूब्स को रगड़ने से अब हर्षिता को दर्द हो रहा था।वो अब धीरे धीरे सिसकारियां भर रही थी।
हर्षिता– आह आह आह आह ओह आह आह आह आह
मैं– आज तो मै तेरे बूब्स को उखाड़ ही फेकुंगा।
मैं ताबड़तोड़ बल्लेबाजी करते हुए हर्षिता के बूब्स को दबाए जा रहा था और हर्षिता सिसकारियां लेते हुए जा रही थी।
फिर मैंने थोड़ी देर थोड़ी देर तक हर्षिता के बूब्स को अच्छी तरह से दबाया।
अब मैं हर्षिता की टीशर्ट खोलने लगा तभी हर्षिता ने हर्षिता न टीशर्ट पकड़ ली।वो मुझे उसकी टीशर्ट नहीं खोलने दे रही थी। डर के मारे हर्षिता की बुरी तरह से गांड़ फट रही थी।
हालांकि कोई भी लड़की हो,जब वो पहली बार चूत की सिल तुडवाती है तो उसे थोड़ा डर तो लगता ही है और यही हर्षिता के साथ हो रहा था।
मैं हर्षिता की टीशर्ट खोलने की पूरी पूरी कोशिश कर रहा था और हर्षिता टीशर्ट नहीं खोलने देने की कोशिश में लगी हुई थी।तभी मैंने हर्षिता की टीशर्ट को थोड़ी थोड़ी ऊपर सरकाते हुए उसके जिस्म से टीशर्ट को निकाल फेंका। अब हर्षिता टीशर्ट को पकड़ते ही रह गई। अब मैंने उसकी ब्रा को एक ही पल में उतार फेंका।
ऊपर से सब कुछ खुलते ही हर्षिता के टाइट फ्रेश बूब्स उछल कर बाहर निकल पड़े।हर्षिता के नंगे फ्रेश बूब्स को देखकर मेरा लन्ड उन्हें सलामी देने लगा।हर्षिता ने अब शरमा कर आंखे बंद कर ली थी।अब मैंने तुरंत प्रभाव से हर्षिता के बूब्स पर धावा बोल दिया और उन्हें हाथो में भरकर अच्छी तरह से मसलने लगा।मुझे हर्षिता के नंगे टाइट बूब्स को ज़ोर से अच्छी तरह से कसने में मज़ा आ रहा था।
मैं– आह बहुत कड़क बूब्स है यार तेरे।
तभी मैंने हर्षिता के बूब्स को ज़ोर से मसल डाला।हर्षिता दर्द से चीख पड़ी।
हर्षिता– आईईईई आईईईई आह आह आह आईईईई।
मैं– बहुत दिनों बाद आज तेरे बूब्स को निचोड़ने का चांस मिला है।
फिर मैंने थोड़ी देर अच्छी तरह से हर्षिता के बूब्स को दबा दबाकर मज़ा लिया। अब मैंने हर्षिता के टाइट बूब्स को चूसना शुरू कर दिया।।मुझे हर्षिता के टाइट फ्रेश बूब्स चूसने में बहुत ज्यादा मज़ा आ रहा था।बहुत दिनों के बाद मुझे टाइट बूब्स को चूसने का मौका मिला था।
हर्षिता अब चुप होकर उसके बूब्स को मुझे दे बैठी थी।उसने अब खुद के बूब्स को मुझे सौंप दिया था। मैं बड़े आराम से हर्षिता के टाइट बूब्स को चूस रहा था।
मैं– ऊंह आह ऊंह आह आह आह ऊंह ऊंह ओह यार ये तेरे बूब्स।बहुत ज्यादा स्वाद है इनमें।
हर्षिता– यार प्लीज जल्दी जल्दी कर ले ना।मम्मी आ जाएगी।
मैं– अभी तो चूसना ही शुरू किया है मेरी जान।थोड़ी देर अच्छी तरह से तो चूसने दे।
हर्षिता– चूस लिया। अब रहने दे।
मैं– ऐसे कैसे रहने दू।
हर्षिता की डर के मारे गांड़ फट रही थी। मैं भूखे कुत्ते की तरह हर्षिता के टाइट बूब्स को दबा कर चूस रहा था।थोड़ी देर में ही उसके टाइट बूब्स मेरे थूक से गीले हो चुके थे।फिर मैंने हर्षिता के बूब्स फ्रेश बूब्स को चूस चूस कर लाल कर डाला।
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