सेक्सी नर्स का गांड चुदवाने का शौक-1

Sexy nurse ka gand chudwane ka shok-1

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम जीतू है और में रायपुर छत्तीसगढ़ का रहने वाला हूँ. दोस्तों में आज आप सभी को अपनी पहली सच्ची कहानी, एक घटना सुनाना चाहता हूँ, जिसमें मैंने अपने साथ काम करने वाली एक नर्स को चोदकर उसके साथ बड़े मस्त मज़े लिए और उसको बहुत जमकर चोदा और में उम्मीद करता हूँ कि यह मेरी कहानी आप लोगों को जरुर पसंद आएगी.

अब में आप लोगों को ज्यादा बोर ना करते हुए सीधे अपनी उस कहानी पर आता हूँ. दोस्तों में एक प्राइवेट हॉस्पिटल में डॉक्टर हूँ और मेरी उम्र 26 साल है और में जिस हॉस्पिटल में काम करता हूँ, वहाँ मेरे साथ बहुत सारी मलयाली नर्स भी काम करती है, उनमें से सीनियर नर्स शादीशुदा है और ज़्यादातर उनके पति अरब देशों में अपनी नौकरी करते है. वैसे तो में बहुत शरीफ स्वाभाव का लड़का हूँ, लेकिन में क्या करूँ जवानी का गरम खून और उसके ऊपर आईसीयू में घंटों तक उन मलयाली सुंदरियों के बीच घिरे रहना, उस वजह से मेरा लंड कितने बार खड़ा हो ही जाता है, वैसे मेरे मासूम चेहरे से किसी को अंदाज़ा भी नहीं लगता होगा कि मेरा लंड खड़ा हो गया है और वैसे मेरे लंड का स्वाभाव भी बड़ा ही विचित्र है. दोस्तों आज तक कभी भी मेरा लंड किसी भी नर्स के बूब्स को देखकर खड़ा नहीं हुआ, मेरा लंड हमेशा से तीन चीज़ों से खड़ा होता है, पहला तो आँखों में मासूमियत और शरारत, दूसरा सेक्सी पर्फ्यूम की गंध और तीसरा उनके गोलमटोल कूल्हे. यह तीन चीज़ दोस्तों यदि किसी एक सुंदरी में हो तो फिर क्या कहना? फिर तो मेरा दिमाग़ एकदम बंद और लंड तनकर खड़ा हो जाता है.

दोस्तों मेरे हॉस्पिटल में अभी भी सभी नर्स सफेद रंग की स्कर्ट ही पहनती है और जब भी किसी मरीज का खून टेस्ट लेना हो या उसको दवाई देनी हो तो चार पांच नर्स आगे मरीज की तरफ झुककर काम करती है और में उनके पीछे खड़ा होकर उन्हें काम बताता रहता हूँ और उस समय सभी नर्स की पीठ मेरी तरफ होती है और झुकने से उनके कूल्हों का आकार उनकी उस टाईट स्कर्ट से साफ साफ दिखता है और अक्सर मेरा लंड इस नज़ारे से तीन चार इंच की दूरी पर रहता है. दोस्तों अक्सर ऐसे मौके पर में मन ही मन उनकी मोटी गांड को सहलाता हूँ और जोश में आकर स्कर्ट को ऊपर उठाकर पेंटी को खोलकर दोनों कूल्हों को सहलाकर अपने लंड को उनकी चूत में डाल देता हूँ और उस वजह से मेरा पूरा जिस्म गरम हो जाता है.

दोस्तों मेरे मन में आता है कि काश मुझे जमाने का डर नहीं होता तो में पीछे से उनकी कमर को पकड़कर उन सबकी बारी बारी से खड़े खड़े जमकर चुदाई कर देता, लेकिन यारों वो सारा मामला सपनों तक ही था, लेकिन एक दिन वो सब कुछ एकदम बदल गया, जब लाली नाम की एक नर्स आईसीयू में आई, उसकी आँखें बिल्कुल नटखटी और शराबी थी, उसका पर्फ्यूम मुझे हमेशा बिल्कुल मदहोश कर देता था, उसके लंबे काले बाल थे और बूब्स बिल्कुल मस्त ज्यादा बड़े नहीं थे, लेकिन उसके वो दोनों कूल्हे बाहर निकले हुए थे और उसकी टाईट स्कर्ट से दोनों कूल्हों का आकार एकदम सेक्सी दिखता था और उसकी एक आदत भी थी कि वो कभी भी सीधी नहीं खड़ी रहती थी, वो हमेशा टेबल पर झुककर और वो अपनी गांड को टेबल से दूर और पैरों को सीधा करके खड़ी होती थी.

यह उसका खड़ा रहना करीब आधा डॉगी पोज़िशन होता था, जिसकी वजह से हाल यह हो गया था कि मेरा लंड सिर्फ़ उसके पर्फ्यूम और पसीने की गंध से ही खड़ा हो जाता था और जब भी मेरा लंड खड़ा होता तो में डॉक्टर की कुर्सी पर बैठकर गहरी गहरी साँस लेता था. एक दिन दोस्तों मैंने एक सिंगल रूम वाले मरीज को दवा देने के लिए नर्स को बुलाया, तो लाली आ गई. में तब दीवार से सटकर खड़ा हुआ था और दवाई देने के लिए जब वो आई तो वो मेरे सामने खड़ी होकर झुक गई.

अब मेरा फिर वही नजारा, लंड से तीन इंच आगे उसकी स्कर्ट में कसमसाती हुई गांड, मेरा लंड खड़ा हो गया और में गहरी साँस लेने लगा. फिर वो जानबूझ कर थोड़ा सा पीछे सरक गई और उसकी गांड बिल्कुल मेरे खड़े लंड को दबाने लगी, जिसकी वजह से मेरे पूरे जिस्म में बिजली दौड़ गयी, लेकिन फिर भी मैंने अपने पर काबू रखा, मेरा पूरा लंड धड़क रहा था और उसे भी मेरे लंड की धड़कने अपनी गांड पर महसूस हुई होगी.

फिर करीब तीन मिनट तक ऐसे ही रहने के बाद वो वहाँ से हट गयी और मुझे बिल्कुल एक शरारती मुस्कान देकर बाहर चली गयी. अब में एक बार फिर से डॉक्टर की कुर्सी पर जाकर बैठ गया, में अब बहुत लंबी गहरी सांसे ले रहा था और जैसे तैसे करके मैंने अपने को कंट्रोल किया था.

दोस्तों उस समय रात के करीब 11.00 बजे थे और सभी नर्स अपने अपने मरीज के रूम में थी और में अकेला बीच के हॉल में डॉक्टर की कुर्सी पर बैठा हुआ था. तभी लाली आकर मेरे सामने की टेबल पर झुककर खड़ी हो गयी और अब वो मेरी आँखों में देखकर मुझे घूरने लगी थी और उस वजह से में भी अब बिल्कुल बेशरम होता जा रहा था.

दोस्तों अब मुझे उसकी गंध से ऐसा लगता था कि जैसे हम दोनों एक जानवर है और वो भी पूरी तरह से गरमाये हुए. में भी उसकी आँखों में घूरने लगा और उसकी गंध का मज़ा लेने लगा. फिर उसने आँखें नीचे कर ली और मैंने हिम्मत की और अपनी ऊँगली से उसके होठों को में सहलाने लगा.

तभी उसने एक झटके से अपने मुहं को खोलकर मेरी ऊँगली को तुरंत अंदर ले लिया और चूसने लगी. फिर में अपने दोनों हाथों से उसके कंधों, गले को और उसके चेहरे को सहलाने लगा, लाली अब सामने से हटकर मेरे पास में आकर वैसे ही झुककर खड़ी हो गयी. अब हम दोनों टेबल के पीछे थे और वो मेरे सामने एक खुली किताब को पढ़ने का दिखावा करने लगी और में अपने एक हाथ से उसकी पीठ को सहलाने के बाद उसकी गांड को भी सहलाने लगा और उसके बाद मैंने उसकी जांघ को सहलाया और स्कर्ट के अंदर से हाथ ऊपर ले गया और उसकी पेंटी के ऊपर से उसके उभरे हुए कूल्हों को दबाने लगा.

अब हम दोनों लंबी गहरी सांसे ले रहे थे. तभी अचानक एक मरीज को पेशाब की ट्यूब डालने की ज़रूरत आ गयी, तो मैंने झट से अपना हाथ उसकी पेंटी के अंदर से बाहर निकाला और वो मुझसे तुरंत दूर हट गयी. दोस्तों उस रात को मुझे ऐसा लग रहा था कि मेरा लंड किसी भी समय दर्द से फट जाएगा. फिर मैंने उस मरीज के लंड को पकड़कर साफ किया और फिर उस मरीज के लंड को मैंने लाली की तरफ घुमा दिया और लंड को उसकी चूत की तरफ करके हिला दिया.

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मेरे ऐसा करने की वजह से वो शरमा रही थी. दोस्तों हमारे काम की जगह में एक नर्स का प्राइवेट कमरा होता है, जिसमें फोन भी लगा होता है और अंदर से लॉक करने की भी सुविधा होती है और अपने हाथ धोने के लिए हम लोग कभी कभी उसमें चले जाते है और में यह भी बता दूँ कि अक्सर रात में नर्स के पति के बाहर से फोन आते है और नर्स उस अपने रूम को अंदर से बंद करके उसमें बहुत गरमागरम बातें करती है.

फिर में मरीज की पेशाब नली डालने के बाद नर्स के प्राइवेट रूम में जाकर आराम से हाथ धोने लगा. तभी लाली के पति का फोन आ गया और वो बिना मुझे देखे अंदर आकर दरवाजा बंद करके फोन उठाकर उससे बातें करने लगी और उसकी आदत के हिसाब से वो उसी तरह डॉगी की स्टाईल में थी, मतलब वो टेबल पर झुकी हुई थी और उसकी कमर 90 डिग्री पर मुड़ी हुई उसके पैर एकदम सीधे टेबल से दूर और वो कुर्सी खाली.

दोस्तों में बता दूँ कि हर नर्स अपने पति से कम से कम एक घंटे ज़रूर बात करती है और तब तक बाकी नर्स उनको अपनी तरफ से बिल्कुल भी परेशान नहीं करती. दोस्तों अब में लाली के साथ उस कमरे में बंद था और लाली फोन पर किस कर रही थी और वो मलयाली में अपनी मीठी सुरीली आवाज़ में कुछ बातें कर रही थी.

फिर मैंने वो खाली पड़ी कुर्सी उठाई और में उसको उसकी गांड के पीछे रखकर उस पर बड़े आराम से बैठ गया. अब मैंने उसकी कमर को पीछे से पकड़कर उसकी गांड पर स्कर्ट के ऊपर से ही एक किस किया. तभी उसने एकदम चकित होकर मेरी तरफ मुड़कर देखा और उसके मुहं से आह निकल गई, लेकिन उसके पति ने उसका कुछ भी मतलब नहीं समझा होगा, क्योंकि वो लोग उस समय फोन एक दूसरे से सेक्स कर रहे थे.

अब उसने अपने दोनों पैरों को सीधा कर लिया, जिसकी वजह से उसकी गांड अब मेरे चेहरे के सामने आ गयी. मैंने अपनी नाक उसकी गांड पर सटाकर उसकी गंध ली और साथ साथ उसकी दोनों मोटी गोरी जांघो को भी सहलाने लगा, जिसकी वजह से उसको अब हल्की सी गुदगुदी होने लगी थी और वो खिलखिलाकर हंसने लगी. अब मैंने उसकी स्कर्ट को ऊपर कमर पर करके उसकी कमर को कसकर पकड़ लिया, पेंटी पर किस करने लगा और उसके दोनों कूल्हों को अपने दाँतों से हल्के हल्के काटने लगा. अब वो कसमसाते हुए मेरी तरफ देखकर बोली तुम बहुत शरारती हो.

दोस्तों उसके जैसी बेशर्म पत्नी मैंने पहले कभी नहीं देखी थी, जो मज़े से अपने पति को उल्लू बना रही थी. मैंने फिर पास में रखी कैंची से उसकी पेंटी को कमर के पास से काटा और फिर चूत के पास से भी उसकी पेंटी से उसके पसीने और पर्फ्यूम की बहुत जबर्दस्त गंध आ रही थी और अब उसकी उभरी हुई गांड मेरे सामने मक्खन की तरह मुलायम दिख रही थी और उसके दोनों कूल्हों को अपने हाथ से हटाने के बाद मैंने उसकी गांड भी देखी, मुझे तो उसकी गांड का छेद और चूत का छेद भी साफ दिख रहा था. अब वो भी मस्त होकर सिसकियाँ भरकर मलयाली में कुछ बातें किए चली जा रही थी.

मैंने भी उसके दोनों कूल्हों के बीच में अपनी नाक को डाल दिया और अब मेरा पूरा चेहरा उसकी झांटो के बीच था. अब मेरी नाक उसकी गांड के छेद पर और मुँह उसकी चूत पर था और मैंने दोनों हाथों से उसकी दोनों जांघो को कसकर पकड़ रखा था और अब में पागलों की तरह उसकी चूत और गांड को चाटने लगा और बीच में उसके कूल्हों को भी काट लेता और अब में पूरी तरह से डॉक्टर नहीं एक कुत्ता बन चुका था, जो एक गरमाई हुई कुतिया की चूत को लगातार चाट रहा था और तभी लाली ने फोन पर कहा कि तुम अब चोदो मुझे. फिर क्या था?