सर्दी में प्रिंसिपल मेम ने चुदवा लिया–3

Shardi me principal madam ne chudwa liya-3

मैं– ऊंह आह आह आह ओह ऊंह आह अभी तो मज़ा आया है।आह आह ऊंह आह आह आऊंह।
मेम– भेनन के मामे, साले तू तेरी ही मेम को चोद रहा है,आह आह आह थोड़ी तो दया कर।
मैं– आप भी तो कोई दया नहीं करती हो।बच्चो पर। अब झेलों मेरे वार को।आह आह आह ऊंह ओह।
अब तक मेम की चूत बुरी तरह से पनीया चुकी थी। अब मुझे चूत में उबाल महसूस होने लगा।
मेम–आईईईई साले मै तो निपट गई।

अब कुछ ही पलों में मेम ने मेरे हाथ में गरमा गर्म लावा उड़ेल दिया।पूरा लावा मैंने उनकी पैंटी में ही रगड़ डाला।मेम पानी पानी होकर बोर्ड से चिपक गई। अब मैंने मेम के जैकेट की चेन खोलकर उनके जिस्म पर से जैकेट को खोल फेंका। अब मैंने मेम के ब्लाऊज को भी उतार फेंका।ब्लाउज खुलते ही मेम की छरहरी पीठ मेरे सामने नंगी हो गई। अब मैंने तुरंत ही पेटीकोट में से मेम की साड़ी को निकाल कर नीचे गिरा दिया और फिर पेटीकोट का नाड़ा खुलते ही पेटीकोट तुरंत नीचे जा गिरा। अब मेम के मादक जिस्म पर एकमात्र पैंटी ही बाकी बची थी।

मेम अब सर्दी से कांपने लगी। तभी मैंने उन्हें जिस्म की गर्मी देते हुए अच्छी तरह से बाहों में जकड़ लिया और उनके बड़े बड़े बूब्स को मसलते हुए मेम की नंगी पीठ को किस करने लगा।
मैं– ऊंह आह आह आह ऊंह आह आह।आपका जिस्म तो पूरा रस की जलेबी है ओह मेम आह आह।
मेम–तो इस जलेबी को पूरी खाजा मेरे चोदु लंड।

मैं– हां खा जाऊंगा,मेरी चुदक्कड़ रण्डी।
मैंने कुछ ही देर में मेम की पूरी पीठ को किस करके रगड़ डाला। अब मैं नीचे बैठ गया और मेम की पैंटी को खोलकर उनके मस्त बड़े बड़े चूतड़ों को सहलाने लगा। वाह मेम के इतने शानदार चूतड़,कसम से मेम के चूतड़ों को सहलाने में बहुत ज्यादा मज़ा आ रहा था। मैं उन्हें बीच बीच में किस भी कर रहा था।मेम बोर्ड को पकड़े हुए धीरे धीरे सिसकारियां भर रही थी। मैं मेम के चूतड़ों के साथ साथ मेम की मोटी मोटी जांघो को भी चूमने लगा।आज तो मै मेम के जिस्म को ढंग से ही रगड़ रहा था।
अब मैं खड़ा हो गया और मेम को पलट कर वापस मेरी तरफ खींच लिया। अब मैंने उन्हें बड़े बड़े बूब्स पर हमला बोल दिया और उन्हें बुरी तरह से कुरेदने लगा।मेम दर्द से कराहते हुए आह आह ऊंह आह ओह करने लगी।
मेम– ओह आह आह आह आह ओह कुत्ते साले धीरे धीरे दबा ना।
मैं– ओह साली, जगत की चोदी, चुप रह, दबाने दे, आह आह आह ओह मज़ा आ रहा है मेरी रण्डी।आह आह आह आह आह आह।
मेम– आह आह आह ऊंह। कर ले तेरी मन की। आह आह आह ऊंह।

अब मैंने जमकर मेम के बड़े बड़े बूब्स को दबा डाला। अब मेम के बूब्स की रंगत बदल चुकी थी।
अब मैं मेम के बूब्स को चूसने लगा।
मेम– ओह आह आह ऊंह ओह आह ओह कुत्ते खाजा मेरे बूब्स को।आह आह पूरा दबा लेे मुंह में।
मैं मेम के बाद को पूरा निचोड़ निचोड़ कर चूसने लगा।मुझे मेम के बूब्स को चूसने में बहुत ज्यादा मज़ा आ रहा था।आह आज इतने दिनों बाद मेम के बूब्स मुझे फिर से चूसने को मिल रहे थे। मैं मेम के बूब्स को ताबड़तोड़ चूसे जा रहा था।मेम मेरे बालो में हाथ डालकर मुझे प्यार कर रही थी।
मेम– आह आह आह ऊंह आह ओह मेरे सैंया।आह आह आह और चूस आह आह।दबा दबा चूस ना।
मेम बूब्स को चुसवाते हुए मदहोश हुए जा रही थी। मैं लगातार मेम के बूब्स को मुंह में दबा रहा था लेकिन फिर भी मेम के बूब्स को पूरा मुंह में दबा लेना मेरे बस की बात नहीं थी।

मेम– आह आह आह ओह मेरे चोदु, मज़ा आ रहा है आह आह आह ओह आह आह।
अब तक मैने मेम के बूब्स को अच्छी तरह से चूस डाला था। अब मैंने फिर से मेम के होंठो को रगड़ डाला और चूत में फिर से उंगलियां घुसा डाली।मेम फिर से सिहर उठी। अब मैं मेम के मखमल जैसे पेट को चूमने लगा।आह क्या शानदार पेट था मेम का।मेम मदहोश होकर मचलने लगी।वो मेरे बालो को नोचने लगी। मैं मेम के पेट को चूमे जा रहा था।
मेम– आह ऊंह ऊंह आह उमह ऊंह आह आह ऊंह।

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थोड़ी देर देर में मैंने मेम के पेट को चूमकर पूरा गीला कर डाला। अब मेरे सामने मेम की चूत बिल्कुल नंगी पड़ी थी।चूत में बहुत सारा लावा लगा हुआ था।आज तो मेम की चूत पर एक भी बाल नहीं था।शायद मेम स्कूल आने से पहले चूत की सफाई करके आई थी। अब मैं उनकी जांघो को पकड़कर कर मेम की चूत को अच्छी तरह से चाटने लगा।
मेम– आह आह आह ओह आह और अच्छे से चाट तेरी रण्डी की चूत को, साले भड़वे।आह आह आह।
मैं पूरी शिद्दत से मेम की चूत को चाट रहा था।धीरे धीरे मेम पागल होने लगी।

मेम– आह आह ओह आह साले हरामी की औलाद, और ज़ोर ज़ोर से चाट ना।तेरे पूरी जीभ को मेरी चूत में घुसा दे। आह आह आह ओह ओह मेरे सैंया।
तभी मैंने मेम की चूत के खांचे में मेरी जीभ घुसा दी। अब मैं फुल स्पीड में मेम की चूत को चाटने लगा। अब तो मेम ने मेरे सिर को चूत पर दबा लिया।
मेम– आह आह आह आह ओह ऊंह आह ऊंह बस ऐसे ही चाटता रहे।मज़ा आ गया आज तो।
फिर मैंने बहुत देर तक मेम की चूत को इसी तरह से चाटा।

अब मैं मेम की मोटी मोटी नारियल के तने जैसी जांघो को चूमने लग गया।तभी मेम ने एक टांग मेरे कंधे पर रख दी। अब मुझे मेम की जांघो को चूमने में और भी ज्यादा मज़ा आने लगा।मेम तो बस धीरे धीरे सिसकारियां भर रही थी।
मेम– ओह मेरे सैंया,मेरी चूत तृप्त हो गई आज तो।
कहानी जारी है………………..
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