सर्दी में प्रिंसिपल मेम ने चुदवा लिया–4

Shardi Me Principal Madam Ne Chudwa Liya-4

कहानी के पहले भाग में आपने पढ़ा कि किस तरह प्रिंसिपल मेम को मुझे फिर से बजाने की इच्छा हो रही थी लेकिन मेम चुदाने में बहुत ज्यादा नखरे दिखा रही थी।फिर मैंने उन्हें लंड लेने के लिए मना ही लिया था।उसके बाद स्कूल में बुलाकर मैने मेम को अच्छी तरह से रगड़ डाला था।अब आगे……………
मेम– ओह साले, कुत्ते,अब मुझे तेरा भी तो चुसवा दे।
मैं– हां मेरी रण्डी, लेे चूस ले।
अब में बोर्ड से सटकर खड़ा हो गया। अब मेम ने मेरा लन्ड को पकड़ लिया और उसे अच्छी तरह से मसलने लगी।
मेम– साले कुत्ते के मुत,आज तो तेरे लंड की खैर नहीं। पूरा निचोड़ डालूंगी।

मैं– तो निचोड़ दे।मेरी रण्डी,तुझे किसने रोका है।
मेम– देख अब तू, मेम के लौड़े।
अब मेम ने मेरे लन्ड को अच्छी तरह से मसलकर मुंह में डाल लिया और जल्दी जल्दी लंड को चूसने लगी।मेम मेरे लन्ड को पूरा मुंह में डालने की कोशिश करने लगी लेकिन उनसे मेरा पूरा लंड मुंह में नहीं लिया जा रहा था।
मैं– आह आह आह ओह मेरी रण्डी,आह आह आह और चूस आह आह मज़ा आ रहा है।आह आह आह आह।
मेम लपालप मेरे लन्ड को चूसे जा रही थी।मेम के लंड चूसने के तरीके से लग रहा था कि मेम को लंड चूसने का लंबा चौड़ा अनुभव है।थोड़ी ही देर में मेम ने मेरे लन्ड की हालत खराब कर दी।

मैं– आह आह आह ऐसे ही चूसो मेरी रण्डी,आह आह आह पानी निकाल दो मेरे लन्ड का।आह आह आह ओह मेम।आप तो पक्की खिलाड़ी निकली।
मेम को लंड चूसते हुए बहुत देर हो चुकी थी लेकिन अभी भी उनसे मेरे लन्ड का पानी नहीं निकला था। अब उन्होने मुझे चेयर पर बैठा दिया और फिर से मेरे लन्ड को ज़ोर ज़ोर से चूसने लगी।अबकी बार तो मेरी गांड फट गई और मेरे लन्ड ने कड़क सर्दी में गर्मा गर्म पानी छोड़ दिया। तभी मैने मेम को मेरे लन्ड पर दबा लिया और पूरा माल मेम के मुंह में भर दिया।मेम आह ऊंह करते हुए पूरा माल गटक गई। अब मैं बुरी तरह से पानी पानी हो गया था।

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अब मेम ने मुझे ठंडे ठंडे फर्श पर लेटने के लिए कहा।मेरी तो गांड़ फटने लगी थी।एक तो इतनी सर्दी ऊपर से गीला फर्श।लेकिन फिर मजबुर होकर।मुझे फर्श पर लेटना ही पड़ा। नीचे लेटते ही ठंड के मारे मेरी गांड़ फट गई।तभी मेम मेरे जिस्म के ऊपर चढ़ गई और पूरी बॉडी पर चुंबनों की बारिश कर दी।मैंने भी उन्हें अच्छी तरह से छाती से चिपका लिया था। अब मेम ने फिर से मेरे लन्ड को पकड़ लिया और उसे सहलाने लगी।कुछ ही देर में मेरा लन्ड लोहे की रॉड की तरह तन चुका था। मेम ने फिर मेरे लन्ड को वापस बुरी तरह से चूस डाला।
अब मेम ने चूत में लंड रख लिया और फिर गांड़ उचका उचका कर चुदने लगी।मेरा लन्ड मेम की चूत में अंदर तक दस्तक दे रहा था।मेम के पपीते जैसे बूब्स ज़ोर ज़ोर से हिल रहे थे।

मेम– आह आह आह ऊंह ओह मेरे सैंया,तुझसे चुदाने में बड़ा आनंद आ रहा है।आह आह आहआह।
मैं– आह आह आह और अच्छे से लंड डाले लें मां की लौड़ी, चूत चूद्वानी कहीं की।
मेम– आह आह आह आह आज तो मै जन्नत की सैर कर रही हूं। मेरे सैंया।
तभी मेम ने मुझे बाहों में कस लिया और चूत में लंड फिट करवाती रही।
मेम– आह आह आह ओह आह आह ऊंह । मादार चोद तेरा लंड बड़ा कातिल है।
मैं– साली तू तो बड़ी कुत्ती है।
अब मैं भी गांड़ उछाल उछाल कर मेम की चूत चोदने लगा।लेकिन मुझे इस पोजिशन में मेम को चोदने में ज्यादा मज़ा नहीं आ रहा था।तभी मैंने मेम को अचानक पलट दिया। अब मेम की टांगो को हवा में लहरा कर मेम की अच्छी तरह से क्लास लेने लगा।मेम फिर से चर चर करने लगी।

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मेम– आईईईई आईईईई आई ओह आह आह साले मेम चोद कहीं के।आह आह।
मैं– अब आया है चोदने का मज़ा।आह आह आह ओह।
कुछ देर देर में मैंने मेम को अच्छी तरह से बजा डाला। अब तक मेम की चूत का भोसड़ा बन चुका था।कड़ाके की सर्दी में हम दोनों चुदाई का बहुत ज्यादा मज़ा ले रहे थे। अब मैं 69 पोजिशन में आ गया। अब। मैं मेम के मुंह को अच्छी तरह से चोदने लगा।मेम को सांस भी बड़ी मुश्किल से आ रहा था।मेरा लन्ड गपागप मेम के मुंह में घुस रहा था।फिर मेम के मुंह में लंड फांसकर उनकी गीली चूत को चाटने लगा। मैं मेम की चूत को बुरी तरह से कुरेदने लगा।मेम मेरे मुंह को मुंह में से बाहर निेकालने की कोशिश करने लगी लेकिन मैंने उन पर पूरा दबाव डाल रखा था जिससे मेम हिल नहीं नहीं पा रही थी।फिर मैंने मेम की चूत को अच्छी तरह से चाट डाला।

अब मेम की गांड़ मारने की बारी थी।तभी मैंने मेम को उठाकर बेंच के सहारे खड़ा कर दिया।मेम मेरा इरादा तुरंत समझ गई।
मेम_मेरे सैंया गांड़ मत मारो ना।बहुत दर्द होगा।
मैं– क्यो नखरे कर रही है मेरी रण्डी, तूने तो पहले से ही गांड़ मरवा रखी है तो फिर इतनी ज्यादा क्यो डर रही है।
मेम– वो तो बहुत टाइम पहले मरवाई थी।
मैं– अच्छा बताओ किसने मारी थी आपकी गांड़, सर को देखकर तो नहीं लगता कि उन्होने कभी आपकी गांड मारी होगी?
मेम–तुझे इससे क्या,अब तू भी मार लेे।
मैं– पहले बताओ,तभी मै आपकी गांड़ मारूंगा। अब मेरी रण्डी ज्यादा शरमा मत और जल्दी से बता दे।
मेम– अरे मेरे सैंया।

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मैं– चलो बताओ अब।
मेम– विजय सर को तो तू जानता ही होगा।
मैं– हां,
मेम– उनसे मेरा सेटिंग हो गया था तो पहल बार उन्होंने ही मेरी गांड़ मारी थी।
मैं– तो अब आप उनसे नहीं चुदवाती हो क्या?
मेम– अब वो तो बाहर जॉब करते हैं तो कभी कभी ही मौका मिल पाता है।अभी पांच दिन पहले ही उन्हीने मुझे स्कूल में ही जमकर चोदा था।बड़ी मुश्किल से गांड़ का दर्द कम हुआ है।

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