स्वाती ने मुझसे अपनी माँ चुदवाई-2

Swati ne mujhse apni maa chudwai-2

आज तुम्हारी जमकर पिटाई करूँगी और तुम्हें नशे में मालूम नहीं कि क्या बोल रही हो? तो स्वाती बोली कि में जानती हूँ कि में क्या बोल रही हूँ रंडी? और ये कहते हुए उसने गीता की चूत पर अपना हाथ रख दिया और उसकी चूत पर घनी झांटे थी और पेशाब भी लगा हुआ था. फिर स्वाती बोली कि साली तेरी चूत कितनी बड़ी है मादरचोद? ऐसा लगता है 1000 मर्द तुझे चोद चुके है. तो गीता (स्वाती को पीछे धकेलते हुए और लगभग चीखते हुए) बोली कि तुरंत कमरे से बाहर निकल जाओ, नहीं तो में तुम्हें जान से मार दूँगी.

फिर स्वाती बोली कि आज के बाद तू मेरा कुछ नहीं कर पाएगी मादरचोद, चुपचाप टट्टी कर और फिर इतने में उसने मुझे अंदर आने का इशारा किया और जैसे ही में अंदर आकर गीता के सामने खड़ा हुआ तो स्वाती उठी और गीता के पीछे बैठकर उसे कसकर पकड़ लिया. गीता तो बिल्कुल चकित रह गयी और कुछ सेकेंड के बाद लगभग काँपते हुए बोली कि ये कौन है? तो स्वाती बोली कि मेरा यार है तुझे चोदने आया है.

गीता बोली कि स्वाती तुरंत इसे लेकर चली जाओ, नहीं तो में आत्महत्या कर लूँगी. फिर स्वाती बोली कि जो मन में आए करना, लेकिन पहले इससे मरवा ले और फिर मुझसे बोली कि हरामी कैमरा इस रंडी की गांड की तरफ कर तो मैंने कैमरा उसकी गांड पर फोकस कर दिया और स्वाती बोली कि चल टट्टी कर कुतिया.

अब गीता का चेहरा सफेद पड़ चुका था और अब वो जान चुकी थी कि वो फँस गयी है और अपना सिर झुकाते हुए बोली कि हे भगवान में मर क्यों नहीं जाती? तो स्वाती (गीता की गांड सहलाते हुए) बोली कि रंडी भगवान ने इतनी बढ़िया गांड मरने के लिए नहीं मरवाने के लिए दी है और फिर इसके बाद उसने गीता का ब्लाउज ज़बरदस्ती उतार दिया और पीछे से उसकी बड़ी-बड़ी चूची पकड़कर सहलाने लगी और मुझसे बोली कि चल अपनी पेंट उतार और अपना लंड मेरी माँ को दिखा.

फिर मैंने झट से अपनी पेंट और अंडरवेयर एक बार में ही उतार दी और मेरा लंड फँनफनाया हुआ था. फिर स्वाती ने कहा कि चल कहाँ से शुरू करेगा? ऐसा कर कि पहले अपना लंड इसके मुँह में दे, तो में गीता के ठीक सामने मुँह के पास खड़ा हो गया और अपना लंड उसके मुँह में देने की कोशिश करने लगा, लेकिन वो अपना मुँह कसकर भींचे हुए थी और दूसरी तरफ मुँह कर ले रही थी.

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फिर स्वाती बोली कि चुपचाप मुँह में ले ले, नहीं तो बहुत बुरा होगा, लेकिन गीता हार मानने को तैयार नहीं हुई, तो स्वाती बोली कि साली नखरे तो ऐसे कर रही है जैसे पहली बार लंड देखा हो, पक्की रांड है तू साली. फिर स्वाती ने गीता की पीठ पर कसकर मुक्का मारा और ज़ोर से उसके बाल खींचे, तो गीता का मुँह दर्द के मारे खुल गया और मेरा लंड सट से उसके मुँह के अंदर चला गया.

फिर स्वाती बोली कि गुड, अब चल इसे कसकर चूस. लेकिन अब गीता मेरा लंड अपने मुँह में लेकर अपना मुँह हिला रही थी, लेकिन चूस नहीं रही थी.

फिर ये देखकर स्वाती बोली कि देख रंडी में आखरी चेतावनी दे रही हूँ, चुपचाप चूसना शुरू कर, नहीं तो में कुछ ऐसा कर दूँगी कि तू पागल हो जाएगी. फिर इसके बाद स्वाती पीछे से अपना मुँह गीता के कान के पास ले जाकर बोली कि गीता डार्लिंग तुम्हारे पास दो रास्ते है, या तो इससे क़ायदे से चुदवा ले और या फिर इस भगौने में जो तेरा माल पड़ा हुआ है उसे में तेरे मुँह में डाल दूँगी, बोल डालूँ तेरे मुँह में, तो गीता घबरा गयी और वो तुरंत मेरा लंड चूसने लगी. अब में उसका सिर सहलाने लगा था और पीछे से स्वाती उसकी चूची दबाने लगी थी. अब में 5 मिनट में ही सातवें आसमान में चला गया था.

फिर मैंने स्वाती से कहा कि अब इसकी चूत दिलाओ, नहीं तो में झड़ जाऊंगा. फिर इस पर स्वाती ने गीता से कहा कि चलो मेरी जान अब उठो और बगल में पड़े पलंग पर चलकर लेट जाओ, तो गीता खड़ी हो गयी. अब उसने अपना पेटिकोट कमर तक उठाकर अपने हाथ से पकड़ा हुआ था. फिर गीता बोली कि मुझे अपनी गांड तो धो लेने दो.

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फिर स्वाती बोली कि ये मेरा यार किस लिए है रानी, चल तू घोड़ी बनकर पलंग पर लेट तो इसके बाद गीता आकर पलंग पर घोड़ी बन गयी, क्या गजब का सीन था वो? अब मेरे सपनो की रानी गीता मेरे सामने घोड़ी बनी हुई थी और अब उसकी गांड मटके की तरह लग रही थी, उसकी चूची लटक रही थी.

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अब गीता को घोड़ी बनती देखकर स्वाती भी गर्म हो गयी और उसने झट से अपनी मैक्सी उतार दी और पूरी नंगी हो गयी और बोली कि चल बहुत को चोदा आज अपनी रंडी माँ को भी चोद लूँ और ये कहकर वो पलंग पर आकर बैठ गयी और मुझसे कहा कि चल मेरी माँ की गांड चाटकर साफ कर और उसने अपने दोनों हाथों से गीता की गांड फैला दी. फिर में जाकर गीता की गांड का छेद चाटने लगा और 2 मिनट में ही मैंने उसकी गांड चाटकर साफ कर दी.

फिर इसके बाद स्वाती पलंग पर लेट गयी और गीता के साथ 69 के पोजिशन में आ गयी. अब स्वाती नीचे थी और गीता स्वाती की चूत की तरफ मुँह करके ऊपर लेटी थी. फिर स्वाती ने गीता की चूत में अपना मुँह घुसा दिया और गीता भी स्वाती की चूत चाटने लगी.

फिर मैंने अपना थोड़ा सा थूक गीता की गांड पर लगाया और मैंने अपना लंड गीता की गांड में घुसा दिया. अब मेरा लंड एक बार में ही पूरा अंदर तक घुस गया था, जिससे गीता की सिसकी निकल गयी थी.

फिर में अपने दोनों हाथों से गीता की कमर पकड़कर ज़ोर-ज़ोर से गीता की गांड मारने लगा था. अब नीचे से स्वाती ने अपनी एक उंगली मेरी गांड में डाल दी और गंदी-गंदी बातें बोलने लगी कि मार साले मार, मेरी माँ की गांड मार, रंडी साली अपनी गांड पर बहुत इतराती थी, फाड़ डाल इसकी गांड, देख कितने मज़े से मरवा रही है छिनाल. अब इधर गीता भी सिसकीयाँ लेकर गांड मरवाने का मज़ा लेने लगी थी और उधर स्वाती उसके चूत के दाने को अपने होंठो से कसकर चूस रही थी. इस तरह से करीब 10 मिनट तक हमारी चुदाई होती रही.

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फिर मेरी मस्ती झड़ने के करीब जाने लगी तो में स्वाती से बोला कि में झड़ने जा रहा हूँ. तो स्वाती बोली कि रूको, लंड बाहर निकालो और अपना पूरा वीर्य इस रंडी के मुँह में गिरा दो, तो मैंने अपना लंड बाहर निकाल लिया और गीता और स्वाती भी एक दूसरे से अलग हो गयी.

फिर स्वाती ने गीता के बाल पकड़कर उसका मुँह मेरे लंड से सटा दिया और अपना मुँह भी मेरे लंड के पास ले आई. फिर में अपने लंड को हिलाने लगा और मेरे लंड से 4-5 झटको में वीर्य की बौछार निकली, जो कुछ गीता के मुँह के अंदर गिरी और कुछ बाहर गिरी और फिर में झड़ गया और हांफने लगा. फिर स्वाती गीता के मुँह को चाटने लगी और फिर उसने गीता के मुँह में अपनी जीभ डाल दी और उसे फ्रेंच किस करने लगी.

फिर स्वाती ने मुझसे गीता के मुँह में पेशाब करने को कहा और उसके बाद वो भी गीता के मुँह पर बैठकर ज़ोर-ज़ोर से पेशाब करने लगी और ज़बरदस्ती गीता को पूरा पेशाब पीने को कहा, तो गीता पूरा पेशाब पी गयी. फिर इसके बाद में जल्दी से अपनी पेंट पहनकर स्वाती को पैसे देकर उसके घर से बाहर आ गया. दोस्तों इसके बाद मैंने कई हफ़्तो तक डर के मारे अपना मोबाइल ऑफ कर दिया कि कहीं कुछ ना हो जाये, लेकिन ऐसा नहीं हुआ.

एक दिन बाज़ार में मुझसे गीता टकरा गयी तो मैंने उससे अपनी नज़र चुराने की बहुत कोशिश की, लेकिन उसने मेरा हाथ पकड़ लिया और मुझसे साफ साफ पूछा कि उस दिन मैंने स्वाती को कितने पैसे दिए थे? तो मेरे बताने पर वो ज़ोर से हँसी और बोली कि बेवकूफ़ तुम अगर सीधे मेरे पास आ जाते तो में आधे पैसे में ही उससे ज़्यादा मज़ा देती, चल अगली बार सीधे मेरे मोबाईल पर फोन करना.

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