ताईजी को चोदा चाय पिलाकर-1

(Tai ji ko choda chudai pilakar-1)

हेलो दोस्तों.. मेरा नाम संजय है और मेरी उम्र 24 साल और मैं दिल्ली मैं रहता हूँ. मैं मेडिकल साइन्स से रिलेटेड पड़ाई कर रहा हूँ.. यह घटना आज से 8 महीने पहले की है और यह कहानी मेरी ताईजी (बड़ी मम्मी) की चुदाई की है जो कि मेरे दूर के रिश्ते मैं है. वो गावं की है.. लेकिन लगती बहुत सेक्सी है. वो हमारे यहाँ पर बहुत पहले से रह रही है क्योंकि उनके पति की मौत के बाद पापा मम्मी ने उन्हे हमारे साथ रख लिया और बचपन से मेरी देखभाल वही करने लगी. उनकी एक लड़की भी है जो कि मेरी ही उम्र की है.. लेकिन वो दूसरे शहर मैं पड़ती है. मैं और ताईजी अकेली ही रहती है और वो बहुत कम ही किसी से मिलती है और ज़्यादातर घर के कामों और मेरे साथ ही व्यस्त रहती है.

मेरे मम्मी, पापा एक प्राईवेट कम्पनी मैं बहुत अच्छी जगह पर हैं और अपने काम मैं ही ज़्यादा व्यस्त रहते हैं. मेरी ताईजी की उम्र 40 साल और उनकी हाईट 5.3 की है और वो बहुत सेक्सी है वो बड़े बड़े फिगर, काले लंबे बाल वाली है उनका फिगर 42-32-42 है बूब्स और कूल्हे इससे कम नहीं ज़्यादा ही होंगे. उनके बूब्स बहुत बड़े और सीना बड़ा है एकदम किसी हिरोईन की कॉपी समझ लीजिए.. उनकी कमर कम और कूल्हे बहुत बड़े है और चलने पर बहुत हिलते है.

वो घर मैं मेक्सी और साड़ी ही पहनती है और मेक्सी उनके बदन पर पूरी टाईट रहती है.. वो अक्सर मेक्सी मैं ब्रा नहीं पहनती और इसलिए उनके निप्पल उभरे हुए दिखते है. मेक्सी मैं उनकी चूची और कूल्हे कसे हुए रहते और पूरे बाहर निकले रहते है.. उनका बड़ा सीना बाहर निकला रहता है और बड़ी गांड पीछे. वो पेट से मोटी नहीं है इसलिए उनका फिगर बड़ा कामुक है.. उनसे बड़े बूब्स और गांड मैंने आज तक कभी नहीं देखे. जब मैं 18 साल का हुआ.. तब से वो मुझे सेक्सी लगने लगी और मैं उनके बूब्स और कूल्हों को देखे बिना नहीं रह सका और मैं मज़ाक मैं उनके कूल्हे, कमर और बूब्स को छू लिया करता था और वो कुछ नहीं कहती थी.

मुझे उनके कोमल जिस्म को छूने मैं बहुत मज़ा आता था. फिर मैं धीरे धीरे उनको छुपकर नहाते हुए और कपड़े बदलते हुए देखने लगा और जब मैंने पहली बार उनका पूरा नंगा शरीर देखा तो मैं हैरान रह गया. मैंने इतने बड़े बूब्स, कूल्हे और मोटी जांघे आज तक किसी ब्लू फिल्म मैं भी नहीं देखी थी. उनके सामान हमेशा कपड़े मैं कसे हुए रहते थे.. लेकिन कपड़े खुलने पर बहुत बड़े लगते थे. मैं उन्हें अक्सर नहाते हुए देखता और सोचकर मुठ मारता था. मैंने उनके साथ सेक्स करने की सोच ली और मुझे एक आईडिया आया और मैंने ताईजी को चोदने का प्लान बनाया.

उस दिन सुबह वह अपना सारा काम पूरा करके नहाई और अपनी मेक्सी पहनकर नाश्ता करने लगी. उनके बाल खुले और गीले थे. हमारी कामवाली भी अपना काम निपटा कर चली गयी थी और अब घर मैं कोई नहीं था.. वो नाश्ते के बाद चाय बनाने लगी. तो मैंने कहा कि आज मैं आपके लिए चाय बनाऊंगा.. पहले तो वो नहीं मानी.. लेकिन बाद मैं मान गयी. तो मैंने उनकी चाय मैं चुपके से एक नशे की दवा मिला दी.. मुझे दवा की अच्छी जानकारी है और उस दवा को लेने बाद 4 घंटे की हल्की बेहोशी होती है. फिर वो किचन मैं काम करने लगी.. मैं उनके पीछे गया और खड़ा हो गया. दो मिनट बाद वो बेहोश होकर गिरने लगी और मैंने उनको पकड़ लिया. मैंने उनको धीरे से बेडरूम मैं ले जाकर बेड पर लेटा दिया और अब मुझे मेरा प्लान सफल होता हुआ लग रहा था.. मैंने उनको हिलाकर चेक किया और उनके चहरे पर पानी भी डाला..

लेकिन वो धीरे से उउउंम्म करके हिली और फिर चुप हो गयी. उनकी आँखें हल्की सी खुली थी तो मुझे लगा कि बाद मैं उनको कुछ याद ना आ जाए तो मैंने उनकी आँखों पर अपना रुमाल रखकर बांध दिया. मैंने सोचा कि मुझे पता नहीं अगली बार कब ऐसा मौका मिले तो मैंने अपना कैमरा निकाला और टेबल पर रख दिया.. जिसमे बेड का फुल सीन आने लगा और रिकोर्डिंग शुरू करके वापस अपने काम पर लगा गया. मैंने अपने सारे कपड़े जल्दी से उतार दिए और नंगा हो गया और मैंने सोच लिया था कि आज मैं उनके जिस्म का पूरा मज़ा लूँगा. वो बेड पर पड़ी हुई थी.. फिर मैंने उनके लाल होंठो पर अपने होंठ चिपका दिए और कसकर चूमने लगा और मुझे मज़ा आने लगा. मैंने उनके गोरे-गोरे गालों को भी बहुत चूमा उनके कोमल होंठ और गाल चूमने मैं मुझे बहुत मज़ा आने लगा. फिर मैंने उनकी दोनों चूची को टाईट मेक्सी के ऊपर से अपने हाथों मैं भर लिया और दबाने लगा. बहुत कोमल चूची थी उनकी और दबाने पर पूरी दब जाती.. मुझे बहुत मज़ा आने लगा.. उनकी चूची इतनी बड़ी थी कि पूरी मेरे हाथ मैं आ ही नहीं रही थी.

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तो मैंने उनकी टाईट मेक्सी के अंदर ऊपर से हाथ घुसा दिया और चूची दबाने लगा. उनकी छाती की त्वचा बहुत मुलायम थी और चूची दबाने मैं मुझे बहुत मज़ा आने लगा.. ऐसा लग रहा था जैसे कोई पानी का गुब्बारा हो. उनके निप्पल छूने पर मुझे गज़ब का एहसास होने लगा. कुछ देर तक उनकी चूची दबाने के बाद मैंने उनके बड़े कूल्हे देखने के लिए उनको उल्टा कर दिया ताकि उनकी मोटी गांड का मज़ा ले सकूँ. फिर मैंने उनको बेड पर उल्टा कर दिया और मेक्सी के ऊपर से ही बड़े-बड़े कूल्हे दबाने लगा. उनके कूल्हे बहुत कोमल और गुदगुदे थे. चिकनी मेक्सी मैं कूल्हे दबाने मैं बहुत आनंद आने लगा. मेक्सी उनके कूल्हे और जांघो पर एकदम टाईट थी मैंने उनकी टाईट मेक्सी को पैरों से ऊपर करके कूल्हे से ऊपर कमर पर कर दिया. उन्होंने नीले कलर की पेंटी पहन रखी थी..

जो उनके बड़े-बड़े कूल्हे पर पूरी टाईट थी. उनकी गोरी-गोरी कमर और बड़ी जांघो पर गहरे कलर की पेंटी कमाल की लग रही थी. मैं उनकी गोरी-गोरी जांघे चूमने लगा और दोनों हाथों से दबाने लगा. मैंने उनकी पेंटी को धीरे से उतार दिया और जब मैंने उनकी पेंटी अपने हाथ मैं ली तो वो बहुत बड़ी थी. फिर मैं उनके बड़े-बड़े कूल्हों को चूमने और मसलने लगा.. कुछ देर बाद मैंने उनके बड़े कूल्हे को अपने हाथों मैं लेकर ज़ोर से हिलाने लगा जिससे वो और भी गज़ब के दिखने लगे.

फिर मैंने पूरे कूल्हे कसकर बहुत देर तक दबाए और अब मैंने उनकी जांघो को पकड़कर खोल दिया और मुझे उनकी गांड का होल और चूत की लाईन नज़र आने लगी. तो मैंने पहले उनकी गांड के होल और चूत को ऊपर से ही ऊँगली से छुआ. दोनों बहुत मुलायम थी और मैंने पहले उनकी गांड के मज़ा लेने कि सोची. कुछ देर तक मैंने उनकी गांड को अपनी जीभ से चाटा और फिर जीभ को होल के अंदर तक डालकर चाटा.. उनका होल बहुत टाईट था.