टीचर से सेक्स मार्क्स के चक्कर में-2

Teacher se sex marks ke chakkar me-2

मैं सर की बात सुनते ही सीढ़ी चढ़ते हुए ऊपर सर के बेडरूम में गयी. बेडरूम में बहुत अंधेरा था. मैं लाइट चालू करने के लिए अंधेरे में स्विच ढूँढ रही थी, तभी अचानक रूम की लाइट किसी ने चालू कर दी. मैंने पीछे मुड़कर देखा, तो वो सर ही थे.

मुझे पता चल गया कि मुझे ऊपर रूम में भेजने के लिए सर की यह चाल थी.

फिर सर ने बेडरूम का दरवाजा अन्दर से बंद कर दिया. जैसे ही सर ने दरवाजा बंद किया, तो मैं रूम में एक पुतले की तरह वहां खड़ी रह गई.

मुझे ऐसे देख कर सर बोले- क्या हुआ आशना … क्या तुम्हें अर्पित ने कुछ नहीं बताया??
मैंने कहा- सर अर्पित ने मुझे सब कुछ बताया है कि हम यहां किस लिए आए हैं. पर आप मेरे सर हो, तो मुझे आपके साथ …

वो मेरी बात समझ गए और धीरे से मेरे पास आकर मेरा हाथ पकड़ कर मुझे बेड पर बिठाते हुए बोले- मैं समझता हूँ कि तुम मुझसे शर्मा रही हो … क्या मैं सही हूँ?
मैंने कहा- जी हां सर..!

यह सुनते ही सर ने मेरे होंठों पर जोरदार चुम्मी जड़ दी. अचानक से सर ने इस तरह मुझे चूम लिया, तो थोड़ी देर मुझे कुछ घुटन सी हुई, पर कुछ ही पल में मैं भी सर को साथ देने लगी.

मेरे साथ देते ही सर ने मेरे सिर के बालों को पकड़ के इतनी ज़ोर से किस किया कि मानो सर बहुत दिनों से मुझे चोदना चाहते थे, पर आज मौका मिल गया हो.

किस करते करते सर मेरे पूरे बदन पर हाथ फेरने लगे. थोड़ी देर बाद वो मेरी गांड पर हाथ फेरने लगे. मुझे बहुत हॉट फील हो रहा था … और बहुत मज़ा आ रहा था. उनके दोनों हाथ मेरी गांड सहला रहे थे.
मेरी आह निकलने लगी- आआअहह … उहहहह.

थोड़ी देर बाद सर मेरे सामने देखते हुए बोले- आशना अब तो तुम्हें शर्म नहीं आ रही है ना?
यह सुन कर मैं और भी शर्मा गयी. मुझे शरमाते हुए देख सर और भी मूड में आ गए. उन्होंने बेडरूम की लाइट बंद कर दी … और डिम लाइट चालू कर दी.

डिम लाइट के प्रकाश में सर बहुत हॉट लग रहे थे … उन्होंने अपनी शर्ट निकाल दी. फिर वो मेरी तरफ बढ़े और मेरी टी-शर्ट निकाली. डिम लाइट के प्रकाश में मेरा बदन बहुत ही हॉट लग रहा था.

सर मेरे तने हुए बूब देखते ही रह गए … और बोले- आशना, इतनी कम उम्र में तुम्हारे बूब्स कितने मस्त हैं … दो साल से मैं तुम्हारे इन्हीं मम्मों को देखने के लिए और तुमको चोदने के लिए तरस रहा था. आज मुझे तुम्हारे चूचे देखने का और तुमको मेरे लंड का स्वाद चखाने का मौका मिला है. आज मैं तुम्हें ऐसा चोदूंगा कि तुम मुझे जिंदगी भर याद करोगी.

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सर की ये बात सुनकर मुझे बहुत शर्म आने लगी. फिर सर मेरे पास आए और मेरे दोनों मम्मों को पकड़ कर धीरे धीरे दबाने लगे. मेरे मम्मों पर सर के हाथ का स्पर्श होते ही मैं एकदम से गनगना गई.

आआअहह … मुझे बहुत मज़ा आ रहा था. सर हल्के हल्के हाथों से मेरे मम्मों को दबा रहे थे … ओर मेरी चुचियों के गुलाबी निप्पलों को मसल रहे थे. चूचे दबाते दबाते सर मुझे किस भी कर रहे थे.
आआहह … आआहह!

फिर सर ने मेरे दोनों पैर पकड़ कर मुझे बेड पर लिटा दिया … और मेरे ऊपर आ गए. वो मेरी चुचियों को फिर से अपने मुँह में ले कर चूसने लगे … और अपने दांतों से मेरे निप्पलों को हौले से काटने लगे. आआहह … उनके दांत मेरे दोनों निप्पलों पर गड़ने से मेरे मुँह से सिसकारियां निकलने लगीं.

थोड़ी देर मेरे मम्मों को दबाने के बाद वो खड़े हुए और धीरे से मेरा स्कर्ट निकाल दिया. मैंने तब अन्दर काले कलर का निक्कर पहना था. मुझे सिर्फ़ निक्कर में देखकर वो अपने पैंट में ही अपना लंड मसलने लगे. फिर उन्होंने मेरे निक्कर को भी निकाल दिया.

आआआहह … ऊऊहह …

अब मैं सर के सामने पूरी नंगी चित पड़ी थी. फिर सर ने अपना भी पैंट निकाल दिया. माय गॉड … सर ने अपनी पैंट निकाली, तो मैं थोड़ी शर्मा गयी.
सर बोले- यार आशना अब कैसा शरमाना …
ये सुन कर मैं और भी शर्मा गयी.

सर ने कहा- आशना … क्या तुम्हें लॉलीपॉप चूसना पसंद नहीं है??

ऐसा बोलते हुए उन्होंने मेरा हाथ पकड़ कर अपने लंड पर रख दिया.

आआअहह. … सच कहूँ, तो सर का लंड इतना हॉट और इतना लंबा था कि मैं पहले तो एकदम से डर गई थी. मैं मन में ही सोच कर डरने लगी कि आज पता नहीं मेरी क्या हालत होने वाली है.

फिर मैं भी सर के लंड को अपने हाथों से हिलाने लगी. सर के लंड को अपने हाथों से हिलाते हिलाते, मैंने सर को बेड पर धक्का दे दिया. सर सीधा अपने बेड पर जा गिरे … और मैं जाकर सीधे उनके ऊपर बैठ गई. मैंने धीरे से लंड को अपने मुँह में ले लिया … और लंड को अपने मुँह से ही हिलाने लगी.

मैंने सर की ओर देखा, तो सर बहुत मज़े ले रहे थे. मैं भी बहुत मूड में आ गई थी. सर के लंड को अपने मुँह से ज़ोर ज़ोर से चाटते हुए हिला रही थी.

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फिर थोड़ी देर बाद सर बोले- आशना … बस … अब रूको …
मैंने कहा- क्या हुआ सर?
उन्होंने कहा- अब पहले मैं तुम्हारी गांड में अपना लंड डालना चाहता हूँ.
मैंने कहा- सर प्लीज़ … ऐसा मत करिए.

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पर उन्होंने मुझे कमर से पकड़ कर बेड पर उल्टा लेटा दिया. फिर मेरे चूतड़ों को दोनों तरफ से पकड़ कर ऊपर की तरफ उठा दिया. मुझे बहुत डर लग रहा था … पर मैं क्या करती. वो मेरे सर थे … और मुझे पास जो होना था.

फिर सर ने अपनी तिपाई की दराज में से एक क्रीम निकाली. पता नहीं, ये कौन सी क्रीम थी, पर उन्होंने क्रीम निकाल कर पहले अपनी उंगली पर लगाई और फिर उन्होंने धीरे से वो उंगली मेरी गांड के छेद में डाली.

उउउइईई माँआ … मर गई आज मैं … सर की उंगली मेरी गांड के अन्दर जाने से मुझे इतना ज्यादा दर्द हो रहा था कि क्या बताऊं.

फिर सर ने उंगली धीरे से निकाल ली. उंगली निकालने से मुझे राहत हुई. इसके बाद वो क्रीम सर ने अपने लंड पर भी लगा ली. फिर धीरे से सर ने अपना लंड मेरी गांड के छेद पर रख दिया … और धीरे से उन्होंने मेरी गांड के छेद में लंड का धक्का दे दिया.

‘आआहह … उम्म्ह… अहह… हय… याह… मर गई सर …’

मुझे पता भी नहीं चला और सर ने अपना आधा लंड मेरी गांड में डाल दिया. थोड़ी देर तो मेरी आंखों से आंसू निकल गए. मुझे बहुत जलन हो रही थी … पर सर थोड़ी देर बाद अपना लंड मेरी गांड के अन्दर हिलाने लगे. मुझे बहुत ज़्यादा दर्द हो रहा था … मैं सिसकारियां भर रही थी. मेरे मुँह से बस सिसकारियां ही निकल रही थीं. मेरी सिसकारियों से सर ज़्यादा उत्तेजित हो चुके थे … और वो ज़ोर ज़ोर से मेरी गांड मार रहे थे.

करीबन बीस मिनट तक मेरी गांड मारने के बाद उन्होंने लंड बाहर निकाला … लंड के बाहर आने से मुझे जलन कम हुई.

फिर सर ने मुझे सीधा लेटा दिया … और मेरे दोनों पैर ऊपर करके मेरी चूत को चाटने लगे. वे मेरी चुत में अपनी जीभ फेरने लगे … चुत के अन्दर जीभ फेरने से मैं बहुत गर्म हो गई.

थोड़ी देर मेरी चुत को चाटने के बाद सर ने अपना लंड मेरी चुत पर रख दिया … और धीरे धीरे अपना लंड मेरी चुत पर रख कर हिलाने लगे.

आआअहह … ऐसा करने से मुझे बहुत मज़ा आ रहा था.

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सर ने पूछा- आशना, क्या तुम्हें ऐसा पसंद है?
मैंने भी हां में जवाब दिया तो सर ने धीरे से अपना लंड मेरी चुत के अन्दर पेल दिया.

‘आआआअहह …’ अचानक लंड अन्दर जाने से मुझे थोड़ा दर्द हुआ … पर फिर सर मेरी चुत में धीरे धीरे धक्का देने लगे.

‘आआहह … आआहह … उफफ्फ़ … आआआहह …’ मुझे बहुत ज़्यादा मज़ा आ रहा था.

मैं भी सर को अपनी बांहों में लेकर उनके लंड का मज़ा ले रही थी. फिर थोड़ी देर बाद सर मुझे अचानक ज़ोर ज़ोर से धक्का देने लगे. फिर उन्होंने अपना लंड धीरे से निकाल कर मेरे मुँह पर रख दिया … और अपना सारा वीर्य मेरे मुँह पर छोड़ दिया. उनके वीर्य इतनी ज़ोर से मेरे चेहरे पर उड़ा कि मेरा पूरा मुँह वीर्य से भर गया.

आआआअहह. … फिर सर ने मुझे एक लंबी सी किस की … और मुझसे कहा- आशना … जो मैं दो साल से चाहता था, वो मुझे आज मिला … मैं तुम्हें दो साल से चोदना चाहता था. आज मेरी इच्छा पूरी हुई.

फिर मैं भी बाथरूम में जाकर फ्रेश हुई और कपड़े पहने. इतने में अर्पित ने रूम का दरवाजा खटखटा दिया. वो बाहर से बोला- सर जल्दी कीजिए … बहुत देर हो गई है … हमें घर भी जाना है.

अर्पित के बोलते बोलते अचानक सर ने दरवाजा खोल दिया … और बाहर आ गए.

वो दोनों हंसते हुए सीढ़ी उतर कर नीचे चले गए. थोड़ी देर में मैं भी धीरे धीरे नीचे आ गई … और अर्पित के पास बैठ गई.
फिर अर्पित ने सर से हंसते हुए पूछा- सर … अब तो आशना पास हो गई ना?
ये सुनकर सर बोले- आशना ने तो तीस में से तीस मार्क्स ले लिए अर्पित. उसकी सहेली भी समझो पास हो गई.

ये सुनकर मुझे बहुत शर्म आई … और वो दोनों एक दूसरे के सामने हंसने लगे.

इसके बाद मैं अर्पित के साथ कार में बैठ कर घर वापस आ गई. उस रात अर्पित भी मुझे चोदना चाहता था, लेकिन मेरी गांड बुरी तरह से परपरा रही थी. इसलिए मैंने उससे दूसरे दिन की कह दी.

दोस्तो, ये मेरे जीवन की सच्ची सेक्स कहानी है. आपको मेरी टीचर सेक्स कहानी पसंद आई या नहीं … मुझे कमेंट पर ज़रूर बताइए.

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