वीडियो कॉल में दिखा पोल

(Video call me dikha poll)

यह कहानी कामुक होने के साथ साथ बेहद रहस्यमयी भी है ! जो आपके सिर्फ एक अंग को नहीं उकसाएगी, बल्कि आपके दिमाग, दिल, मन, सबको आनंद पहुंचाएगी ! वैसे तो हम सबके साथ जीवन में कोई घंटना होती ही है, जो हमें याद रह जाती हैं, लेकिन कुछ घटनाएं हमारी ज़िंदगी को पूरी तरह बदल देति है, यह मेरे साथ घाटी एक ऐसी ही घटना है, एक हसीन घटना !

मेरा नाम कल्याणी है, रंग ऐसा सांवला, की साथ खड़ी किसी गोरी लड़की से भी ध्यान हटा दे, फिगर नैचुरली ऐसा सटीक कि मानो, शरीर का हर अंग बनाने वाले नें नाप के बनाया हो, स्तन ना सिर्फ बड़े, बल्कि इतने कैसे हुए कि लोगों के हाथ छूने को मसल उठें, चूत शरीर के कुछ ज़्यादा आगे ही कुछ यूं निकली हुई, की थोड़े भी टाइट कपडे पहने ने पर लकीर साफ़ उभरी हुई सी दिखती है ! जब भी भीड़ में होती हूँ, कितने ही लोग आँखों आँखों में मुझे चोद चुके होते हैं, कई बार तो मैंने लोगों कि पैंट को गीला होते देखा है, मुझे ज़्यादा देर तक घूरने की वजह से ! लेकिन यह सब मैंने कुछ दिनों पहले, उस घटना के बाद महसूस किया !

पिता की मौत के बाद, अचानक से बिज़नेस की सारी ज़िमेदारी मुझ पे आ गई , लड़कों के लंड हाथ और मुँह में लेने वाली उम्र में, मुझे हर रोज़ 15-16 घंटे मीटिंग्स लेना होती थी, हमारा बिज़नेस कई शहरों में फैला हुआ था, मैं हर शहर की रिपोर्ट लेने के लिए, हर रोज़ वीडियो कॉल से घंटों मीटिंग किआ करती थी ! मैंने मीटिंग रूम के सारे कैमरे , अपने लैपटॉप में लेकर रखे हुए थे, जिस से में मीटिंग रूम में हर किसी पे पीठ पीछे नज़र रख सकूं, बिना उनके जाने! ऐसे ही एक बार मैं जब गुडगाँव की टीम से वीडियो कॉल कर रही थी, मैंने एक चीज़ नोटिस की, नया एम्प्लोयी अपनी टेबल के नीचे, बीच मीटिंग में ही कुछ अजीब सी हरकत कर रहा था, उसका हाथ मुझे लगातार हिलते दिख रहा था, मुझे लगा शायद टेबल के नीचे मोबाइल पर गेम खेल रहा है, लेकिन जब मैंने कैमरा ज़ूम किया, मेरे तो मानो होश ही उड़ गए, वो नया लड़का, बीच मीटिंग में, अपना मोटा लंड हाथ में रखकर मुठ्ठ मार रहा था, ऊपर से कोई यह नहीं बता सकता था की, नीचे यह सब चल रहा है, उसका चेहरा ऐसा था मानो वो मीटिंग में बड़ा गौर लगाकर सब सुन रहा हो, लेकिन सबसे ज़्यादा हैरानी मुझे तब हुई, जब मैंने ये देखा की उसके लैपटॉप पर कोई प्रेजेंटेशन नहीं खुला था, बल्कि मेरी फोटो लगी थी, यानी वो लड़का मेरे नाम की मुठ्ठ मार रहा था ? यह पहली बार था मैंने अपनी 25 साल की उम्र में किसी लंड को इस तरह देखा था, हथेली में, अंदर बाहर होता हुआ, कभी पूरा दिखता तो कभी वापस छुप जाता, बादलों में किसी चाँद की तरह !

नरम नरम लंड, उसके कड़क हाथों में देखकर पहली बार मुझे अपने अंदर एक अजब सी सिरहन सी महसूस हुई, पहली बार मेरे निप्पल्स में एक तनाव सा महसूस हो रहा था, पहली बार मेरी चूत में कुछ गीला गीला सा एहसास था, सच कहूँ तो, घर और बिज़नेस की जिम्मेदारिओं में, मैं भूल ही चुकी थी की मेरे शरीर में यह अंग भी हैं, जो अब तक किसी मर्द के हाथों से छुए जाने के लिए बेताब थे, यहाँ तक की मैंने खुद भी अपनी उंगलियां उन पर नहीं फेरी थीं ! पर आज इस लड़के ने अब तक की शांत वासना की आग को हवा दे दी थी !

हिंदी सेक्स स्टोरी :  कंचन की कुंवारी चूत 1

मैंने खुद इस लड़के का इंटरव्यू लिए था, उसका नाम अभिमन्यु था ! उस वक़्त भी वो मेरे उभारों को बड़ी गौर से देख रहा था ! मानो उसकी आँखों में कोई एक्स- रे हो, और वो कपड़ों के अंदर मेरे अंगों को देख रहा हो, यह सब सोच कर ही, एक नशा सा मेरी आँखों में छा रहा था, मुझे सब कुछ मानो धुंधला सा दिख रहा था ! मुझे पता भी नहीं चला की कब टेबल के नीचे से मेरा हाथ, मेरी काली स्कर्ट के अंदर होता हुआ, मेरी पैंटी तक पहुँच गया, और मैंने पहली बार अपनी ऊँगली से अपनी चूत की गर्मी महसूस की! चूत को छूते ही, मानो, चूत के छेड़ ने मेरी ऊँगली खींच ली हो, और मेरे मुँह से एक चीख सी निकल पड़ी! जिसे सुनकर मीटिंग के सभी लोग भी चौंक पड़े ! कैमरे से ही, एक एम्प्लोयी नें मुझसे पूछा

एम्प्लोयी : मैडम , व्हाट हैपन ? ( मैडम क्या हुआ ? )

मैंने सँभालते हुए उस से कहा, ‘ कुछ नहीं’, और फिर अपने ख्यालों की दुनिया से बाहर आई ! अब यह सिलसिला रोज़ चलता ! मीटिंग भी अब हफ्ते में एक दिन की जगह 3-4 दिन होने लगी, बिना किसी अजेंडा ( मुद्दे ) के ! मैं रोज़ अभिमन्यु को अपने नाम की मुठ्ठ मारते देखती, फिर टॉयलेट में जाकर अपनी चूत में ऊँगली करती, अपने निप्पल मसलती, अपनी गांड, मसलती, पूरी नंगी होकर, खुद को आईने में देखती ! लेकिन पहले ऊँगली ना करने की वजह से, मेरी चूत पानी नहीं छोड़ती थी ! और मैं प्यासी ही रह जाती थी ! फिर मैंने एक प्लान बनाया ! और उस प्लान की सोचकर ही, मेरे चेहरे पर मुस्कराहट आ गई !
मैंने सभी मीटिंग्स की रिकॉर्डिंग मंगवा ली और उसमें से अभिमन्यु की मुठ्ठ मारने वाली रिकॉर्डिंग कटवाके अपने पास रखली ! और फिर उसे अपने ऑफिसियल मेल से सेंड कर दी, और लिखा की, अब तुम्हारा करियर ख़त्म होने वाला है, जिस कंपनी को भी पता चलेगा की तुम ऑफिस मीटिंग रूम में अपनी बॉस की पिक्चर सामने रख कर मुठ्ठ मारते हो, कोई कंपनी तुम्हे कभी जॉब नहीं देगी, इसके साथ ही, तुम पर पुलिस केस भी होगा !
बदले में उसका सॉरी का लंबा चौड़ा मेल आया, मैंने उस से कहा की, मैं कल शाम गुडगाँव आ रही हूँ, और मैंने उसे होटल के एक कमरे में शाम को 7 बजे मिलने बुलाया ! उस दिन मुझे समझ आया की मैं कितनी हरामी चीज़ हूँ, एक तो मज़े लिए, उसको मुठ्ठ मारते देख, खुद की चूत में ऊँगली डाली, और अब उसी को धमकी दे रही थी ! शाम 6 बजे मैं होटल के कमरे में पहुँच गई, और फॉर्मल ड्रेस में तैयार हो गई , ताकि उसे शुरुआत में शक ना हो !

वो डरा सेहमा सा, ठीख सात बजे मेरे कमरे में दाखिल हुआ, और आते ही सीधा मेरे पैरों पर गिर पड़ा ! और नीचे सर किये हुए ही मुझसे माफ़ी मांगने लगा, उसके मेरे पैरों को छूने से ही मेरे शरीर में एक झटका सा लगा ! मैंने उस से कहा :

मैं: अब तुम्हारी नौकरी तो गई समझो
अभिमन्यु: मुझे माफ़ करदो , मेरी ज़िंदगी तबाह हो जायेगी
मैं: यह तो तुम्हे यह सब करने से पहले सोचना चाहिए था, पता नहीं किसी किस के बारे में ऐसा सोचते होंगे !
अभिमन्यु: नहीं, मैडम, मैं तो सिर्फ आपको ही देख कर

इतना कह कर वो रुक गया, वो अभी भी अपने घुटनोपर था और उसका सर नीचे। मैंने गुस्से का नाटक करते हुए पूछा

हिंदी सेक्स स्टोरी :  छोटी बहू की पहली सुहागरात!

मैं: मैं ही क्यों ?
अभिमन्यु: मैडम, जिस दिन से आपने मेरा इंटरव्यू लिया था, उसी दिन से मैं आपकी खूबसूरती का फैन हो गया था !
मैं: किस किस चीज़ का फैन ?
अभिमन्यु: आपका फिगर , आपका रंग,
मैं: और? खुलके बताओ
अभिमन्यु: आपकी चूचियां, उस दिन आपकी शर्ट के ऊपर के दो बटन्स खुले हुए थे, अपने रूई जैसे गोले देखकर मैं पागल सा हो गया था ! मैंने तो उसी दिन टेबल के नीचे से, इंटरव्यू के बीच में ही मुठ्ठ मार ली थी, और मैंने ठान लिया था की, भले सैलरी कम मिले, पर आपकी कंपनी में ही काम करूँगा !

यह कहानी आप HotSexStory.xyz में पढ़ रहें हैं।

पहली बार, किसी से अपनी इतनी बेबाकी से तारीफ़ सुनकर,मेरे तो होश ही उड़ गए ! अब मुझसे गुस्से वाला नाटक और नहीं हो रहा था ! मैं अब अभिमन्युं का लण्ड, अपनी चूत और मुँह में लेने के लिए बेताब हो रही थी ! मैंने उस से कहा

मैं: तुम्हारे बचने का बस एक एक तरीका है, मेरे पाओं छोडो, और थोड़ा ऊपर पकड़ो

वो इतना डरा हुआ था की अब तक उसे कुछ समझ नहीं आया था, उसने मेरे घुटने पकड़ लिए , मैंने उस से कहा

मैं: थोड़ा और ऊंचा

फिर उसने मेरी जांघें पकड़ ली , मुझे समझ आ गया की यह कुछ ज़्यादा ही डरा हुआ है, उसे समझाने के लिए, मैंने अपनी ब्लैक टाइट स्कर्ट की ज़िप खोल दी, वो मेरी मखमली जांघों से फिसलती हुई ज़मीन पर जा गिरी, और अब मैं ऊपर शर्ट और नीचे रेड पैंटी में खड़ी थी ! अब अभिमन्यु भी सब समझ चुका था ! वो हलके हलके हाथों से मेरी नंगी जाँघों को सहलाने लगा ! मेरी तो आह !!! निकल गई, 25 सालों में पहली बार, किसी ने मेरे नंगे बदन को यूँ छुआ था, वो इतने प्यार और धीमे से मेरी जांघों को सेहला रहा था, मानो उसके हाथ मोर पंख हों, उसके हर छुअन से, मेरे बदन में गुदगुदी सी हो उठ जाती थी!

फिर वो और ऊपर बढ़ा और मेरी पैंटी पर हाथ सेहलाने लगा, मेरी तो मानो जान ही निकल गई, फिर उसने घुटनो पर बैठे बैठे ही, मेरी पैंटी को उतार दिआ, अब मेरी चूत और उसके होंठों में नाम मात्र का फासला रह गया था, उसकी गर्म सासें मैं अपनी चूत पर महसूर कर रही थी ! कामुकता के ज्यालामुखी से मेरी चूत में लावा बहने को तैयार था, मेरी चूत ज़रुरत से ज़्यादा ही फूल गई थी, मानो वो अभिमन्युं के होंठों से कह रही हो, ‘ आओ मुझे चूमो
उसने मेरी टांगें फैला दी, और अपनी जीभ से मेरी चूत को चाटने लगा, पहले ऊपर ऊपर और धीरे धीरे, फिर तेज़ तेज़ और अंदर तक, मुझे उसकी जीभ अपने अंदर तक महसूर हो रही थी, फिर उसने मेरा ब्लैक सूट और वाइट शर्ट और रेड ब्रा भी उतार दिए, आज पहली बार मैं किसी के सामने पूरी नंगी थी, उसने धीरे धीरे मेरे बूब्स मसलना शुरू किआ, अपनी उंगलिओं से मेरे निप्पल्स को मलना शुरू किआ, किसी के हाथ भी ना लगाने की वजह से मेरे बूब्स बड़े होने के साथ साथ, अब तक टाइट थे, जिसे वो पागलों की तरह पी रहा था, फिर उसने मुझे पलटाया और मेरे पूरे बदन को पागलों की तरह चूमने लगा !

अब बारी मेरी थी, मैंने भी उसके पूरे कपडे उतार दिए, और उसके बदन के हर अंग को चूमने लगी, पहली बार किसी मर्द के बदन की गर्मी मुझे मिली थी, मुझे नहीं पता था इसमें इतना मज़ा आता है, वरना मैं हर रोज़ ऐसा करती! मैंने उसके बड़े से लंड को अपनी हथेलिओं में थाम लिया, और मसलने लगी, फिर उसे अपने चूम कर देखा, उसका स्वाद नमकीन था, पहली बार मुझे थोड़ा अजीब लगा, आज तक मैंने किसी का लौड़ा मुँह में नहीं लिया था, तो मुझे चूसने में प्रॉब्लम जा रही थी, पर अभिमन्यु ने मुझसे कहा, ऐसा सोचो की तुम कोई कुल्फी चूस रही हो, फिर क्या था, मैंने उसका ऐसा लौड़ा चूसा की, वो आनंद की लहरों में गोते लहगाता रहा, फिर वो घडी आई, जिसका मुझे कब से इंतज़ार था

हिंदी सेक्स स्टोरी :  बर्थडे पर भाभी ने अपनी चूत गिफ्ट दी- 2

हम दोनों अब नरम मुलायम बिस्तर पर थे, अभिमन्यु ने मेरी टांगें फैलाई और अपना लंड मेरी चूत पर सटाया, और धीरे से उसे अंदर ढकेला , मेरी चीख ही निकल गई, और सफ़ेद चादर लाल हो गया, मैं थोड़ा घबराई, पर अभिमन्यु ने कहा, यह तो पहली बार का शगुन है, और धीरे धीरे हर दर्द मज़े में बदल गया ! और सारा कमरा, कामुक आवाज़ों और सिसकियों से भर गया, वो अपना लंड मेरे अंदर आखरी कोने तक ले जाता था, थैंक गॉड उसका लंड इतना बड़ा था, जब जब उसका लंड मेरी चूत के आखरी कोने को छूता, मुझे जन्नत दिखने लगती, उस दिन मुझे एहसास हुआ की, धरती पर अगर स्वर्ग है, तो वो, सेक्स में ही है,
फिर मैं अभिमन्यु के ऊपर आ गई और ऊपर नीचे होने लगी, वाह ! ! मज़ा ही आ गया, मैं बीच बीच में, उसके निप्पल्स दबाती, तो कभी उसकी गांड सहलाती, फिर वो मुझे सोफे पे ले गया, और वहां, बैठा कर मेरी टांगें जितनी फ़ैल सकती थी, फैला दी, और फिर से मेरी चूत पर कब्ज़ा कर लिया , इसमें एक अलग ही आनंद था, हम उस दिन 2 बार झड़े थे, मैंने उसका सफ़ेद पानी भी गटक लिया, अभिमन्यु अब थक चुका था,वो बिस्तर पर बेहोश लेट गया !

लेकिन मैं तीसरी बार चुदने को तैयार थी, तभी रूम की बेल बजी, मैंने टॉवल लपेट कर दरवाज़ा खोला, सामने वेटर, था, पता नहीं, मेरे अंदर क्या हुआ, और मैंने अपनी टॉवल उसके आगे गिरा दी, वो मेरे मस्त बदन को देखता रहा, मैंने उसकी शर्ट खींच कर उसे अंदर बुला लिआ, और उसके कपड़े उतार कर बिस्तर के दुसरे कोने पर गिरा दिआ, और उसके लौड़े पर झपट पड़ी, पहले उसका लंड मैंने खूब चूसा, फिर उसके अंडे चूसे, वो तो पागल हो गया, मानो उसे आज ही, वेटर से मैनेजर बना दिआ हो, फिर अपनी चूत उस से चुसवाई, फिर मैंने उसका लंड भी अपनी चूत मरीन लिआ, अभिमन्यु का लंड बड़ा था, और इसका मोटा, दोनों का अपना अलग मज़ा था, वो अंदर तक जाता था , तो यह मेरे चूत को साइड से रगड़ रहा था, मानो कोई ट्रैन किसी सुरंग से होकर गुज़र रही हो, उसने मुझे डॉगी स्टाइल में भी चोदा, और मैं फिर झड़ गई !

पहली बार में ही, मैं 3 बार झड़ी, वैसे भी 25 साल से प्यासी थी, इतना तो बनता है ! और आज उस बात को सिर्फ 6 महीने हुए हैं, और मैं अनगिनित बार चुद चुकी हूँ, नए नए और अजीब अजीब लोगों से, जिसकी कहानियां मैं आपसे शेयर करती रहूंगी, तब तक मुठ्ठ मारो और सो जाओ !

आपने HotSexStory.xyz में अभी-अभी हॉट कहानी आनंद लिया लिया आनंद जारी रखने के लिए अगली कहानी पढ़े..
HotSexStory.xyz में कहानी पढ़ने के लिये आपका धन्यवाद, हमारी कोशिश है की हम आपको बेहतर कंटेंट देते रहे!