विधवा चाची की मस्त चुदाई

(Vidhwa Chachi ki mast Chudai)

विधवा चाची की मस्त चुदाई
हेलो दोस्तो में मोहित फिर से आप के लिए एक नई कहानी लेकर हाजिर हु दोस्तो ये कहानी मेरी विधवा चाची की है जो कि रतलाम में रहती है एक बार मे किसी काम से रतलाम गया तो मेरे पिताजी ने कहा तुम रतलाम में अपनी चाची के घर पर ही रुक जाना में रतलाम पहुच कर सीधे चाची के घर पर गया उस समय चाची घर पर ही थी मेरी चाची जो जॉब करती थी। चाची की उम्र 38 साल की थी मगर उन्होंने अपने आप को खूब मेंटेन कर के रखा था। चाची का फिगर 36-30-36 का है में जब उनके घर पहुचा तो बहुत खुश हुई क्योकि इतने साल के बाद में उनसे मिला था थोड़ी देर में वहां से निकल गया में अपना जॉब से रिलेटिव काम करके शाम को आते समय मे अपने साथ 2 बियर भी लेकर आया और अपने कमरे में छुपा के रख ली शाम को चाची ने खाने का पूछा तो मैने कहा में थोड़ी देर में खा लुगा आप खा लीजिये उन्होंने ठीक है कह कर अपने कमरे में चली गई में थोड़ी देर में अपने एक gf से चेटिंग कर रहा था और साथ ही बियर भी पी रहा था धीरे से एक हाथ से अपने लंड को हिला रहा था मगर मुझे क्या मालूम था कि चाची कब दरवाजे के पास आगई और मुझे देख रही थी जब मेरा ध्यान उधर गया तो एक बार में डर गया मगर चाची की मुस्कान से सब डर दूर होगया सोरी चाची का नाम नीलम था ये तो में बताना भूल ही गया चाची मेरे पास आई और कहा मुझे मालूम होता कि तू भी पिता है तो हम साथ ही पीते मेने कहा में तो सिर्फ बियर और कभी -कभी ही पिता हु फिर उन्हें एक पेग अपना भी बनाया और हम साथ ही पीने लगे।

हम बातें करने लगे.. तो मैंने भाभी को बताया- मेरी एक गर्लफ्रेंड भी है।
भाभी ने मुझे च्यूंटी भरते हुए कहा- तुम तो बड़े छुपे रुस्तम निकले। वो उसके साथ बात करने की जिद करने लगीं.. तो मैंने उनकी उसके साथ यानि मेरी गर्लफ्रेंड जिसका नाम रीना है.. से करवा दी।
उसके साथ बात करने के बाद भाभी ने मुझे गले लगा कर बधाई दी फिर उन्होंने मुझसे पूछा- कितने साल हो गए तुम दोनों को? मैंने कहा- अभी तो एक महीना ही हुआ है.. जहाँ मेरी जॉब थी.. वहीं वो भी काम करती थी.. तो वहीं पर हमारा प्यार शुरू हुआ था। ऐसे ही कुछ और बातें हुईं.. फिर हमने सोने की तैयारी कर ली।मैंने मजाक में पूछा- मैं कहाँ पर सोऊँगा?

चाची ने कहा- हम दोनों एक ही बिस्तर पर सो जाते हैं। मैं चादर के अन्दर मुँह करके मोबाइल पर चुदाई की वीडियो कम आवाज में देखने लगा.. जिससे मेरे अन्दर की हवस जाग गई। रात के करीब 12.30 के आस-पास मैं चाची के पास खिसका और उनके पेट पर हाथ रखा। धीरे-धीरे मैंने अपना हाथ उनके मम्मों के ऊपर रखा और उन्हें सहलाते हुए दबाने लगा। थोड़ी देर के बाद मैंने अपना हाथ उनकी सलवार की तरफ किया.. तो चाची थोड़ी सी हिलीं.. मैंने अपना हाथ पीछे कर लिया। जब चाची कुछ नहीं बोलीं.. तो मैंने फिर से अपना हाथ उनके पेट पर रखा और चूचे सहलाते हुए उनकी सलवार का नाड़ा पकड़ कर खोलने लगा। चाची ने मेरा हाथ पकड़ कर दूर कर दिया और दूसरी और करवट लेकर सो गईं। चाची के इस विरोध से मैं डर गया और उनसे थोड़ा दूर हो गया। उनके बारे में सोचते-सोचते कब आंख लग गई.. पता ही नहीं चला। सुबह 5 बजे पेशाब के कारण मेरी आंख खुली.. पेशाब करके आने के बाद मुझे चाची की चुदाई की लगी और रात का सारा सीन सामने आ गया। मैंने चाची को चोदने का एक परफेक्ट प्लान सोच लिया। सुबह 6.30 बजे चाची उठीं.. चाय बना कर उन्होंने मुझे उठाया.. वो नॉर्मल लग रही थीं.. जैसे कल रात कुछ भी ना हुआ हो या वो उस बात को छेड़ना नहीं चाहती थीं। मैंने चाय पीते-पीते अपने मोबाइल चुदाई वीडियो खोल दिया..और मोबाइल को वहीं छोड़ कर चाची को ‘बाय’ बोल कर चला आया। शाम को जब मैं वापिस उनके घर गया..

तो चाची ने कहा- जनाब ये संभालो अपना मोबाइल.. इसे यहीं भूल गए थे.. आपकी मैडम का आप के बिना मन नही लगता। मैं हँस दिया और मोबाइल पकड़ कर देखा चाची ने काफी सारी वीडियो देखी थीं। मैं मन ही मन खुश हुआ.. फिर वही बातें हुईं और खाना खा कर हम सोने लगे। करीब 11 बजे मैंने चाची के पेट पर हाथ रखा और उनके सूट को थोड़ा ऊपर करके नंगे पेट पर हाथ फेरने लगा। जब कोई आपत्ति नहीं हुई तो कुछ ही देर के बाद मैंने सूट के अन्दर से ही अपना हाथ चाची के बोबों की तरफ बढ़ा दिया और चाची के नंगे चूचे पकड़ लिए। चाची ने आज ब्रा नहीं पहनी थी.. मुझे थोड़ा डर लग रहा था.. पर डर कम था और हवस ज्यादा थी। चाची ने कोई विरोध नहीं किया.. तो मैंने अपना हाथ उनकी सलवार की तरफ किया और एक ही झटके में नाड़ा खोल दिया और चाची की चूत पर हाथ फेरने लगा। मेरा लण्ड एकदम सख्त होकर फटने जैसा हो गया।

चाची सिसकारियाँ लेने लग गईं.. मैं समझ गया कि अब वो भी तैयार हैं और जाग रही हैं। मैंने झट से अपनी कैप्री और अंडरवियर उतार दी और चाची के ऊपर आ कर उनके होंठों पर किस करने लगा। चाची भी रिस्पोंस देने लगीं.. क्यो उनके अंदर भी बहुत आग थी इतने सालों की पर उनकी आँखें अभी भी बंद थीं।मैंने चाची का सूट और सलवार उतार कर उन्हें पूरी नंगी कर दिया। चाची ने अभी भी अपनी आँखें नहीं खोलीं.. और ना ही मुझे कुछ बोलीं.. तो मैंने चाची के दोनों कबूतरों को पकड़ लिया और उन्हें मसलने लगा। अब मैं चाची को हर जगह पर चूमाचाटी करने लगा, चाची जोर-जोर से सिसकारियाँ लेने लगीं।

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मेरा लण्ड उनकी चूत से टकरा रहा था, चाची की चूत बिल्कुल गीली हो चुकी थी। मैं थोड़ा नीचे की तरफ आया और मैंने चाची की चूत पर एक हल्की सी पुच्ची की.. जिससे चाची ने अपने दोनों हाथों से बिस्तर की चादर को कस के पकड़ लिया। अब मैंने अपना लण्ड चाची की चूत पर रखा और छेद पर सैट करके जोर का एक धक्का लगाया.. जिससे मेरा आधा लण्ड चाची की चूत में चला गया।चाची को इस बात का एहसास था, उन्होंने अपना मुँह जोर से भींच लिया और तड़फ कर बिस्तर की चादर को खींच लिया। मैं रुक गया और चाची के मम्मों को चूमने-चूसने लगा। चाची का दर्द कुछ कम हुआ.. तो वो सिसकारियाँ लेने लगीं। मैंने चाची से पूछा- चाची आगे चलूँ? चाची कुछ नहीं बोलीं और आँखें बंद रखते हुए ही मुस्कुराने लगीं। मैंने भी चाची की चूत से लण्ड निकाला और चाची को चुम्बन करने लगा। चाची ने मुझे अपने दोनों हाथों से कस के जकड़ लिया।

मैंने फिर से चाची से पूछा- चाची और आगे चलूँ? चाची फिर चुप रहीं.. तो मैंने 69 की पोजीशन में आने के बारे में सोचा। मैं उल्टा हो कर चाची की चूत को चूसने लगा.. मेरा लण्ड चाची के मुँह के आस-पास टकरा रहा था.. पर उन्होंने उसे चूसा नहीं। एक मिनट में ही चाची की चूत ने पानी छोड़ दिया.. तो मैंने चुदास के जोश में सारा पानी पी लिया। अब मैं सीधा हुआ चाची के होंठों पर किस करते हुए बोला- चाची ‘गेट रेडी’..मैंने लण्ड को उनकी चूत के साथ लगाया और रुक गया.. मैंने जब कुछ नहीं किया तो चाची ने आंख खोली और बोलीं- क्या हुआ?
मैं हँस पड़ा और जोर से एक घस्सा लगाया.. मेरा आधा लण्ड उनकी चूत में चला गया। वो झटके के साथ बैठ गईं.. और मुझे पकड़ लिया और मेरे होंठों पर किस करते हुए बोलीं- आह्ह.. आराम से करो ना..वो फिर से बिस्तर पर लेट गईं.. मैंने एक और झटका देते हुए धक्कों की स्पीड बढ़ा दी और 2-3 मिनट में ही चाची के साथ ढेर हो गया और चाची के ऊपर ही गिर गया। थोड़ी देर बाद मैंने चाची से कहा- चाची आई लव यू..

चाची मुस्कराते हुए मेरे सिर में हाथ फेरते हुए बोलीं- आई लव यू टू..मैंने चाची के मम्मों को चूमते हुए किस करना शुरू कर दिया। मेरा लण्ड फिर से खड़ा हो गया था। मैं बिस्तर से खड़ा हुआ बड़ी वाली लाइट को जला दिया और चाची को कुतिया जैसे बनने को कहा। चाची ने वैसा ही किया और मैंने अपना लण्ड पीछे से उनकी चूत में डाल कर उनको चोदने लगा। अबकी बार काफी देर तक चुदाई के बाद मैं और चाची दोनों झड़ गए और एक-दूसरे की बाँहों में नंगे ही सो गए।सुबह 6.30 बजे मेरी आंख खुली.. तो मैंने चाची को किस किया और उठाया। उसके बाद मेने चाची को कई बार चोदा और उन्होंने मुझे एक कॉल बाय भी बनाया और प्यासी औरतो की चुदाई भी मुझ से करवाती है। दोस्तो केसी है मेरी स्टोरी कमेंट जरूर करना
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