लंड चूसकर प्यार का सबूत दिया-2

Land chuskar pyar ka saboot diya-2

दोस्तों संगीता को वैसे बड़ा अच्छा लगा पंकज की बाहों में आना, उसकी बातें और उसका हाथ अपने जिस्म पर लगाना. फिर वो बोली मैंने बोला ना पंकज में तुमसे कितनी छोटी हूँ, इसलिए मुझे डर लगता है और अब मुझे जाने दो.

अब पंकज संगीता को ज्यादा अंदर ले गया, उस जगह कोई नहीं देख सकता और संगीता को अपनी बाहों में भरकर उसके गाल चूमकर बोला कि संगीता में तुझ पर प्यार बरसा रहा हूँ और तू मुझसे दूर भाग रही है.

फिर गाल चूमने से संगीता हड़बड़ाते हुए पंकज को हल्का सा धक्का देकर उसको दूर करके बोली उम्म्म प्लीज़ छोड़ो मुझे नहीं पंकज यह नहीं हो सकता, दूर रहो ना प्लीज़ पंकज मुझे डर लगता है, संगीता के धक्के से पंकज ज़रा थोड़ा सा दूर हुआ, लेकिन फिर उसको पकड़कर गाल पर किस करके संगीता के बूब्स पर हाथ रखते हुए वो बोला संगीता में जानता हूँ कि तू भी मुझे प्यार करती है, लेकिन बताने से शरमा रही है, संगीता अभी प्यार की शुरुआत नहीं हुई तू सीधे शादी की बात तक पहुंच गई, क्या तेरा सुहागरात मनाने का इरादा है? तो सुहागरात की बातें सुनकर संगीता का चेहरा शरम से लाल हो गया, वो कुछ बोल ही नहीं पाई और संगीता की दुविधा का फ़ायदा उठाते हुए पंकज उसके शर्ट के दो बटन खोलकर उसकी ब्रा पर हाथ रखते हुए बोला कि देख में तुझसे बहुत प्यार करता हूँ मेरी रानी. संगीता रानी देख तेरा दिल मेरे लिए कितना ज़ोर से धड़क रहा है, तेरे इस दिल में मेरे लिए प्यार है.

अब अपनी शर्ट के अंदर ब्रा के ऊपर पंकज के हाथ का स्पर्श होते ही संगीता का दिल और ज़ोर से धड़का और उसको गुदगुदी भी होने लगी और उसका जिस्म कांपने लगा और अब भी जब संगीता ने कोई जवाब नहीं दिया तो पंकज को बड़ा गुस्सा आया, वो किसी भी तरह से इस कमसिन लड़की को चोदना चाहता था, इसलिए दिल में संगीता को गालियाँ देते हुए बूब्स को दबाकर बोला संगीता रानी तुम क्यों मेरे प्यार से इनकार कर रही हो?

इस बात से संगीता खुश हो गई. उसको यकीन हुआ कि पंकज उससे सच्चा प्यार करता है और अपने जिस्म पर चल रहा पंकज का हाथ उसको बड़ा अच्छा लगा और वो कहने लगी ऑश पंकज उफ़फ्फ़ क्या कर रहे हो तुम? आह्ह्हह्ह्ह्ह पंकज मुझे उस दिन के बाद से तुम्हारा ख़याल बार बार आया था और पंकज में उस दिन से हर पल तुमको बहुत याद करती हूँ. अब संगीता के इस जवाब से पंकज समझा कि संगीता उसकी बातों में फंस गई और यह बात जानकर पंकज अब संगीता के शर्ट के सब बटन खोलकर झुककर बूब्स को चूमते हुए बोला संगीता मुझ पर भरोसा रख रानी अब तो संगीता पंकज को ना शर्ट खोलने से रोक रही थी और ना ही अपने बूब्स को मसलने से.

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उसको अब अच्छा लग रहा था, उसको बस डर था कि कोई उनको ना देखे, इसलिए पंकज को दूर करने की नाकाम कोशिश करते हुए वो बोली मुझे नहीं मालूम पंकज प्लीज़ मुझे छोड़ो कोई हमे देख लेगा. फिर पंकज बोला कि कोई नहीं देखेगा, यहाँ पर इस वक़्त कोई नहीं आता है और ब्रा के ऊपर से संगीता के बूब्स को वो दबा रहा था, जिससे संगीता गरम होने लगी और अब एक मोटे पेड़ से संगीता को सटाकर पंकज उसके बूब्स को मसलते हुए अपना लंड उसकी चूत पर हल्के से रगड़ते हुए बोला कि संगीता में तुझे बहुत प्यार दूँगा मेरी रानी.

अब संगीता को बहुत मज़ा आने लगा और बार-बार बूब्स दबाने से उसको गुदगुदी भी होती और अब पंकज से अपनी चूत पर गरम लंड को रगड़ाने से वो और गरम होकर बोली, उम्म्म पंकज यह क्या कर रहा है? प्लीज़ मुझे जाने दो में तुमसे बाद में मिलूँगी, प्लीज़ मुझे अभी जाने दो. फिर पंकज भी सोचने लगा कि इसको अब ज़्यादा तंग किया तो कहीं यह नाराज़ ना हो जाए, लेकिन फिर भी उसके जिस्म से खेलते हुए वो बोला कि ठीक है, लेकिन तुझसे प्यार का इज़हार होने के बाद में तुझे जाने दूँगा, संगीता मुझे तुझसे अकेले में मिलकर बहुत सी बातें करनी है, तुझे कब फ़ुर्सत मिलेगी?

फिर वो बोली नहीं पंकज में तुमसे नहीं मिलूंगी, मुझे डर लगता है तुमसे अकेले मिलने में, प्लीज़ अब जाने दो मुझे. फिर संगीता का यह नाटक देखकर पंकज को गुस्सा आया, लेकिन अपने आप पर काबू रखकर उसने ब्रा को हटाकर संगीता के बूब्स नंगे किए.

संगीता के गोरे टाईट बूब्स देखकर पंकज खुश होकर निप्पल को मसलते हुए बोला कि संगीता अगर तूने प्यार का इज़हार और कल मिलने का वादा नहीं किया तो में तुझे अब यहीं पर नंगी करूँगा, अब सोच तुझे क्या चाहिए? इतना कहकर पंकज एक निप्पल को चूसने लगा.

फिर संगीता को अपने निप्पल चुसवाने से गुदगुदी होती, लेकिन अब उसका जिस्म और गरम होने लगा और वो सिसकियाँ लेते हुए बोली उम्म आह्ह्ह्हह पंकज़ नहीं, प्लीज़ मुझे छोड़ो ना पंकज में अब हार गई, हाँ में तुमसे प्यार करती हूँ, प्लीज़ देख मैंने तेरी बात मान ली अब जाने दे मुझे. फिर संगीता की बात सुनकर पंकज बहुत खुश हुआ और बूब्स को किस करके एक निप्पल को चूसते हुए पंकज बोला, ओहह धन्यवाद डार्लिंग में भी तुझसे बहुत प्यार करता हूँ.

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फिर संगीता कहने लगी कि मेरे दिल में सिर्फ़ तुम ही तुम हो, पंकज में कल तुमसे मिलूंगी, में दोपहर को दो बजे तेरे घर पर आ जाउंगी, प्लीज़ पंकज अब मुझे छोड़ो ना. अब संगीता के बूब्स मसलकर चूमते हुए पंकज उसके हाथ चूमने लगा और संगीता भी गरम होकर अपनी छाती को पंकज के हाथ पर दबाते हुए उसके गले में हाथ डालकर किस का जवाब देने लगी.

संगीता की चूत पर लंड रगड़ते हुए पंकज उसको चूमकर बोला कि संगीता क्यों आएगी ना मेरी रानी? संगीता बोली हाँ आउंगी में ज़रूर आउंगी पंकज, लेकिन प्लीज़ अब छोड़ो ना मुझे में घर पर लेट हो गई तो माँ मुझ पर बहुत चिल्लाएगी. अब स्कर्ट के नीचे से उसकी नंगी जांघ को सहलाते हुए वो बोला अच्छा मेरी रानी अब एक किस दो जिसके सहारे मेरी आज की रात गुज़रे.

दोस्तों संगीता को अब यहाँ पर बहुत डर लग रहा था, लेकिन मज़ा भी बहुत आ रहा था, वो असल में चाहती थी कि पंकज उसका जिस्म मसले और पंकज को किस करने की बात से शरमाते हुए वो बोली उम्म पंकज प्लीज ज़िद मत करो, मुझे जाने दो.

पंकज अब ज़िद पकड़कर बैठा था और संगीता की जांघ और नंगे बूब्स को मसलते हुए उसको और गरम करते हुए पंकज बोला जाने दूँगा रानी पहले तुझसे प्यार तो जताने दे, तेरे जैसी गर्लफ्रेंड तो नसीब वालों को मिलती है. संगीता फिर से पंकज का हाथ पकड़कर बोली पंकज अगर तुम मुझे प्यार करते हो तो प्लीज़ मुझे जाने दो, देखो मुझे बहुत डर लग रहा है. मैंने तेरी बात मानी ना, तो प्लीज़ मुझे जाने दो.

अब संगीता की जांघो पर हाथ फेरते हुए वो उसकी चूत को पेंटी के ऊपर से हल्के सहलाते हुए पंकज बोला अरे रानी डरेगी तो मज़ा कैसे लेगी, देखो में हूँ ना तो डरना नहीं समझी तू मुझे किस करके चली जा, लेकिन तुझे क्यों इतनी जल्दी जाना है? क्या तुझे मेरा साथ अच्छा नहीं लग रहा? अब पंकज चूत को सहलाते हुए बूब्स को बार-बार चूसने लगा, संगीता को अपनी चूत गीली होने का अहसास हुआ और उसके जिस्म में बड़ी गरमी भर गई.

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पंकज के मसलने से उस पर एक नशा सा छा गया और वो पंकज को बाहों में भरते हुए बोली उम्म पंकज मुझे बड़ा अच्छा लग रहा है, में भी तुमसे दूर होना नहीं चाहती मैंने वादा किया है ना तुझे कि में कल आ जाउंगी तो ज़रूर आउंगी, अभी मुझे जाने दे पंकज और संगीता तो गरम थी ही, लेकिन पंकज की हरकतों से वो डर रही थी कि कहीं उसको यहीं पर नंगी ना कर दे.

पंकज को अपने बदन पर खींचकर संगीता मादक स्वर में बोली हाँ पंकज में भी तेरे साथ बहुत सारा वक़्त गुजारना चाहती हूँ, लेकिन प्लीज़ मेरी मजबूरी समझ, मुझे बहुत देरी हो रही है और माँ ने पूछा तो में क्या जवाब दूँगी?

पंकज बोला में हमेशा के लिए तुझे मेरी बाहों में भरकर रखना चाहता हूँ मेरी रानी संगीता, प्लीज़ रूको ना थोड़ा समय मेरा दिल अभी भरा नहीं रानी, पंकज अब संगीता के बूब्स और निप्पल खींचने लगा, जिससे संगीता और गरम हो रही थी और दिल ही दिल में वो कहता है साली हरामी लड़की एक बार मेरे हाथ से नंगी हो जा फिर देख में तुझसे क्या क्या करवाता हूँ? अब संगीता आहे भरते हुए पंकज से ज़्यादा चिपकते हुए बोली पंकज मुझे भी तुमसे दूर होने का दिल नहीं होता है, लेकिन यहाँ पर किसी के आने का डर लग रहा है.

फिर संगीता की स्कर्ट को पूरा ऊपर करके उसकी नंगी जांघे और छोटी पेंटी को देखकर पंकज और खुश होकर नीचे बैठकर जांघ चाटकर बोला अरे मेरी रानी यहाँ पर कोई नहीं आता और वैसे भी हम कोने में खड़े है, तू बिल्कुल भी मत घबरा बस मेरे साथ जवानी का मज़ा ले, तो अपनी जांघे चटवाकर संगीता भी मज़ा लेकर पंकज से और चिपकने लगी, उसको ऐसा कभी महसूस नहीं हुआ था, जब पंकज पेंटी के ऊपर से उसकी चूत चूमता तो संगीता बेहाल होकर कमर आगे करके चूत पंकज के मुहं पर दबाकर बोली, ऊईईईईइ उम्म्म्ममम यह क्या कर रहे हो? मुझे अजीब सा लग रहा है और अब बस करो पंकज मुझे जाने दो, कल में आउंगी ना अभी तो जाने दो मुझे.

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