अनीता चाची की चुदाई-4

Anita chachi ki chudai-4

चाची: अब तू चूची को हाथ लगाने के बहाने निकाल रहा है.. जरूरत नहीं है.. जा भाग अब.. !

मैं: चाची आपका मन नहीं है ना मुझे भगाने का ! मुझे पता है आप मुझे सब कुछ करने को देंगी.. देंगी ना चाची.. ?

आप मेरी सबसे अच्छी चाची हो..

चाची: चल हट यहाँ से.. क्या क्या करना है तुझे रे… ज़रा बता तो एक बार..!

मैं: चाची मैं आपको चूमना चाहता हूँ, आपकी दूध पीना चाहता हूँ, आपकी चूत का मज़ा लेना चाहता हूँ, आपकी चूत का रस पीना है मुझे ! फिर मुझे आपको चोदना भी है…

चाची: तू तो एक दम हरामी हो गया है रे.. अपनी चाची को ही चोदेगा… तू तो मादरचोद निकल गया है … तुझसे तो बच के रहना पड़ेगा..

मैं: चाची आप गली भी देती हैं… आप भी कम हरामी थोड़े हैं, आपने अपने भतीजे का लंड पकड़ा है.. उसे अपनी कपड़े दिए हैं.. उसके सामने मुठ भी मारी है.. चाची मुझे मालूम हो गया कि आप बहुत बड़ी चुद्द्क्कड़ हैं… चाची सच बोलिए आपको मेरा लंड चाहिए ना…?

चाची: तू तो बड़ा हरामी है रे… मैंने तेरी मदद की तो आज मुझे ही चुदासी बना दिया.. आज से तुझे कुछ नहीं मिलेगा…!

मैं: चाची आप ऐसा नहीं करो,, मैं तो मर जाऊंगा.. मैंने तो सोचा कि ऐसा बोलने से आप मुझे चोदने दोगी तो मैंने बोल दिया.. मुझे माफ़ कर दीजिए।

चाची: ऐसा बोलने से कोई तुझे चोदने दे देगा..

मैं: तब चाची कब कोई मुझे चोदने देगा.. बोलिए न चाची मुझे आप कब चोदने दोगी..?

हिंदी सेक्स स्टोरी :  मामी बनी मेरी चुदक्कड़ बीवी-2

चाची: तू नहीं मानेगा न.. ठीक है चल तू अपनी माँ के सामने यदि मुझसे बोलेगा कि चाची चोदने दो.. और तेरी माँ भी बोलेगी कि हाँ चुदा ले तो मैं तुझसे जरूर चुदवाऊँगी।

मैं: चाची इतनी मुश्किल शर्त रख दी आपने.. ठीक है मैं आज डिनर के समय ही मम्मी से बात करूँगा..!

फिर उस दिन डिनर पर मैं चाची और मम्मी के साथ ही खाने को बैठा, मुझे काफी डर लग रहा था कि मम्मी से कैसे बात की जाए.. फिर अचानक लगा कि कुछ घुमा के मम्मी से बात कर लेते हैं..

मैं: चाची आप मेरे इच्छा पूरी नहीं करोगी ना, मैं कब से आपसे एक चीज मांग रहा हूँ.. आप क्यूँ नहीं देतीं?

मम्मी: क्या हुआ राज क्या चाहिए तुझे चाची से, जो वो नहीं दे रही है..

मैं: कुछ नहीं मम्मी ! एक बहुत प्यारी चीज है चाची के पास मैं वही मांग रहा हूँ.. पर चाची देने को तैयार ही नहीं होती !

मम्मी: क्यूँ री अनीता ! मेरे बेटे को वो चीज क्यूँ नहीं दे देतीं? देख बेचारा कितना परेशान है?

चाची: ठीक है दीदी ! मैं आज ही दे दूँगी इसे..

यह कहानी आप HotSexStory.xyz में पढ़ रहें हैं।

मैं तो उछल पड़ा.. मैंने मम्मी से हाँ तो करवा लिया था.. फिर चाची ने मुझसे कहा कि कल लंच के बाद आ के ले लेना राज…!

उसके बाद मैं हवा में उड़ने लगा था, मैं बस किसी तरह चाहता था कि रात ख़त्म हो.. और लंच का टाइम आ जाए… उस दिन रात काफी लम्बी लग रही थी .. पर आखिर में मेरा इंतज़ार ख़त्म हो गया.. सुबह मैं काफी अच्छे से नहा के सेंट वेंट लगा के लंच करने गया.. जल्दी से लंच करके चाची के कमरे में जा कर इन्तज़ार करने लगा चाची का.. ! आज मैं चाची को चोदने वाला था.. यह सोच कर मेरा मन फ़ूला नहीं समां रहा था.. फिर चाची कमरे में आई..

हिंदी सेक्स स्टोरी :  चाची की चटपटी चूत का मजा

मैं बेड पे लेट के टीवी देख रहा था..

चाची: तो राज आखिर तुमने अपना दिमाग लगा के माँ से हाँ करवा लिया न…!

मैं: चाची मैं आपको चोदने के लिए कुछ भी कर सकता था… !

चाची: आज तो चाची भी तुझसे चुदना चाहती है..देख अच्छे से चोदना चाची को.. जल्दी बाज़ी में मत चोदना.. जैसे बोलूँ वैसे चोदना.. !

मैं: चाची आप जैसा बोलोगी, मैं वैसे ही चोदूँगा..!

चाची: तू आ आज तू मेरी कपड़े उतार …!

फिर मैं चाची के पास गया , और चाची की साड़ी उतार दी.. फिर चाची की चूचियों को ब्लाउज के ऊपर से ही दबाने लगा.. फिर चाची ने ख़ुद ही ब्लाउज उतार दिया.. फिर मुझे लगा कि चाची को पूरा नंगा कर दूँ.. और मैंने चाची की ब्रा, साया, पैंटी सब निकाल दिया.. फिर चाची बिस्तर पर लेट गई और मैं चाची को खड़ा देखने लगा.. चाची को ऐसे देख के तो किसी मुर्दे में भी जान आ जाती..

चाची: क्यूँ रे दूर से ही देखता रहेगा.. या पास भी आएगा.. आ मेरे पास आ ना..

मैं चाची के पास जा के बैठ गया..

चाची: तू कल बोल रहा था न मेरा दूध पिएगा.. ये ले आ जा मेरे दूध पी जा..

मैं भी चाची के चूचियों को प्यार से सहलाने लगा..उनकी चूचियां मेरे हाथों में नहीं आ पा रही थी.. इतनी बड़ी और इतनी मुलायम चूची … बस मन कर रहा था कि दबाता ही रहूँ। फिर मैं चाची की एक चूची को अपने मुँह में लेकर चूसने लगा.. और दूसरी को पूरी ताकत से दबा रहा था.. चाची बड़े प्यार दे मुझे अपना दूध पिला रही थी.. हालाँकि चाची की चूची में दूध अब आता नहीं था, पर चाची की चूची बहुत स्वादिष्ट थी..

हिंदी सेक्स स्टोरी :  मम्मी ने मौसी की चूत का भोसड़ा बनवाया-3

मैं: चाची आपने तो बोला दूध पियो.. पर आपके चूची से तो दूध नहीं निकाल रहा है.. चाची अब दूध कैसे पियूँ?

चाची: अरे मेरे लाल … चूची का दूध ख़त्म हो गया है.. पर आ तुझे अपना खास दूध पिलाती हूँ, मेरी चूत पे जा और चाट जा चूत का सारा दूध …

मैं: चाची आपकी बूर का रस मीठा है न?

चाची: तू चख के देख ले.. चूची का दूध भूल जाएगा..

HotSexStory.xyz में कहानी पढ़ने के लिये आपका धन्यवाद, हमारी कोशिश है की हम आपको बेहतर कंटेंट देते रहे!