आंटी को चोदकर औरत बनाया-1

Aunty ko chodkar aurat banaya-1

Hot Aunty Fucking, हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम लक्की शर्मा है और में गुजरात का रहने वाला हूँ एक दिन सोचा कि क्यों ना में भी अपनी जिन्दगी की एक सच्ची घटना को अपने इसके चाहने वाले दोस्तों के साथ शेयर करूं? जिसमे मैंने एक मस्त, सेक्सी आंटी और उसकी छोटी बहन को चोदा और बहुत मज़े किये वो घटना में आज आप सभी को विस्तार से सुनाने जा रहा हूँ, लेकिन यह मेरी पहली कहानी है और अगर मुझसे इसमें कोई गलती हो तो प्लीज मुझे माफ़ करें दोस्तों में एक प्राईवेट कंपनी में नौकरी करता हूँ

दोस्तों अब आप सभी का ज्यादा समय खराब ना करते हुए में अपनी कहानी शुरू करता हूँ दोस्तों यह दिसम्बर की बात है, जब उस समय मुझे अपने ऑफिस के किसी जरूरी काम से अहमदाबाद जाना था में बस पकड़ने के लिए शहर के बस स्टेंड पर गया, लेकिन वहां पर उस समय कोई भी बस अहमदाबाद जाने के लिए तैयार नहीं थी फिर मैंने पास ही के पूछताछ काउंटर से अहमदाबाद की बस के बारे में पूछा तो उस खिड़की पर बैठे हुए अंकल ने मुझे बताया कि करीब ½ घंटे के बाद बस आ जाएगी और फिर तब तक में बस का इंतजार करने लगा उस समय वहां पर बहुत भीड़ थी और वहाँ अधिकतर लोग भी अहमदाबाद की बस का इंतजार कर रहे थे

तभी कुछ देर खड़े रहने के बाद मेरी नज़र वहाँ पर एक मस्त आंटी पर गई, वो मुझे बार बार चोर नज़रो से देख रही थी वो दिखने में एकदम हॉट सेक्सी आंटी थी, उनकी उम्र करीब 38 साल के आस पास थी, लेकिन में उनको नज़रअंदाज करके अपनी बस का इंतजार करने लगा और करीब 35 मिनट के इंतजार के बाद एक बस अहमदाबाद जाने के लिए अपने प्लेटफार्म पर लगी और जैसा कि मैंने पहले आप सभी को बताया कि उस समय वहां पर बहुत भीड़ थी और वो सभी बस को पकड़ने के लिए बस की तरफ भागे, लेकिन वहाँ सबसे पहले औरतों को बस के अंदर जाने दिया जा रहा था वहां पर कुछ गिनती की ही औरतें थे और वो सब अंदर जा चुकी थी

फिर कुछ देर बाद मेरा नंबर आया और बहुत मुश्किल से में भी बस के अंदर चला गया, लेकिन तब तक सभी सीट फुल हो चुकी थी और तभी मैंने एक प्यारी सी आवाज़ सुनी और जब मैंने पीछे मुड़कर देखा तो वो आवाज़ उन्ही आंटी की थी, जो मुझे बार-बार बस स्टैंड पर देख रही थी और वो मुझे आवाज़ लगा रही थी, क्योंकि उन्होंने मेरी लिए एक सीट रोकी हुई थी फिर में उनके पास गया और उनकी बगल में बैठ गया और फिर मैंने उनको मेरे लिए सीट रोकने के लिए धन्यवाद कहा फिर उन्होंने मुझे वेलकम कहा और उसके कुछ समय बाद बस वहाँ से रवाना हो गई और फिर हमारी इधर उधर की बातें शुरू हो गई, जैसे कि में कहाँ पर जा रहा हूँ और मेरे पूछने पर उन्होंने मुझे बताया कि वो भी अहमदाबाद में अपने किसी रिश्तेदार के घर पर जा रही थी

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फिर उन्होंने मुझसे मेरा नाम पूछा और फिर पूछा कि तुम क्या करते हो फिर मैंने भी उनसे उनका नाम पूछा तो उन्होंने मुझे अपना नाम सुमन बताया और मैंने भी मजाकी अंदाज में कहा कि वाह बहुत मीठा नाम है फिर उन्होंने मुझे एक स्माईल दी और उसके बाद उन्होंने मुझसे मेरे परिवार और मेरे शादीशुदा के बारे पूछा और फिर मैंने उनको बताया कि में अभी तक कुंवारा हूँ और फिर उन्होंने मुझसे मेरी गर्लफ्रेंड के बारे पूछा मैंने कहा कि मेरी कोई भी गर्लफ्रेंड नहीं है फिर मेरे मुहं से मेरा जवाब सुनकर बहुत चकित होकर कहा कि ऐसा तो हो ही नहीं सकता कि तुम्हारे जैसे अच्छे दिखने वाले लड़के की कोई गर्लफ्रेंड नहीं हो? फिर मैंने उनको बहुत देर तक समझाकर विश्वास दिलवाया कि हाँ मेरी कोई भी गर्लफ्रेंड नहीं है और फिर हमारे बीच में बहुत देर तक बातें होती रही फिर मैंने उनसे उनके पति के बारे में पूछा तो उन्होंने मुझे बताया कि उनके पति एक सरकारी विभाग में नौकरी करते है

फिर उसके बाद मैंने उनसे उनके बच्चों के बारे में पूछा तो उन्होंने मुझे बताया कि उनके अभी तक कोई भी बच्चा नहीं है और वो यह बात मुझको बताते समय बहुत उदास लग रही थी और उसके बाद मैंने उनके परिवार के बारे में पूछा तो उन्होंने मुझे बताया कि वो अपने घर पर सिर्फ अपने पति के साथ रहती है और उनके सास-ससुर गावं में रहते है

फिर कुछ देर के बाद बस एक स्टॉप पर रुकी तो वहां से मैंने कुछ पानी के पाउच और स्नेक्स लिए और मैंने आंटी से पानी के लिए पूछा तो उन्होंने मुझसे एक पानी का पाउच ले लिया और मुझे धन्यवाद कहा और उसके बाद बस फिर से रवाना हो गई और मैंने एक स्नेक्स का पाउच खोलकर उनकी तरफ बड़ाया तो उन्होंने उस पैकिट में से कुछ स्नेक्स ले लिए और फिर ऐसे ही एक स्नेक्स के पाउच में से हम दोनों स्नेक्स खा रहे थे तो उसी दौरान मेरा हाथ बार-बार उनको स्नेक्स देते समय उनके एकदम मुलायम बूब्स से छू रहा था, लेकिन उन्होंने मुझसे कुछ नहीं कहा और हर बार स्माईल दे रही थी और अब तो में भी कुछ कुछ गरम हो गया था

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फिर में उनको आजमाने के लिए अपना एक हाथ उनकी कमर की तरफ़ ले जाकर मैंने उनकी कमर को छुआ तो उन्होंने मेरी तरफ देखकर एक स्माईल दी और अपना हाथ मेरी जांघ पर रख दिया और धीरे धीरे हाथ को आगे बड़ाकर मेरे लंड को सहलाने लगी, मुझे उनका यह सब करना बहुत अच्छा लग रहा था फिर में भी अपने हाथ से उनके बूब्स को छूने लगा और वो भी तेज़ी से मेरा लंड सहलाने लगी, लेकिन इस दौरान हमारी कोई बात नहीं हो रही थी, बस हम दोनों अपनी नज़रे झुकाकर यह सब कर रहे थे और कुछ टाईम बाद उन्होंने अपना हाथ मुझसे अलग कर लिया, क्योकि अब हमारी बस अहमदाबाद शहर के अंदर पहुंच गई थी और उसके बाद उन्होंने मुझसे मेरा मोबाईल नंबर माँगा फिर मैंने उनको अपना मोबाईल नंबर दे दिया और मैंने उनसे उनका मोबाईल नंबर ले लिया और कुछ ही मिनट में हमारी बस गीता मंदिर स्टेंड पहुँच गयी हम एक दूसरे को बाय कहकर अलग-अलग दिशा में चले गये फिर मैंने अहमदाबाद में पहुंचकर अपना सारा काम खत्म करके उसी शाम को में बस से अपने घर पर आ गया और जब अगले दिन मैंने उनके नंबर पर कॉल किया तो उनका मोबाईल नंबर स्विच ऑफ आ रहा था

फिर मैंने बहुत बार ट्राई किया, लेकिन वो नंबर हमेशा स्विच ऑफ ही रहा और फिर मैंने अगले दिन भी फिर से ट्राई किया, लेकिन फिर भी स्विच ऑफ और मुझे ऐसा करते करते 15 दिन निकल गये और इस दौरान में यह सब बातें बिल्कुल भूल चुका था फिर एक दिन अचानक उनके नंबर से मुझे कॉल आया और मैंने कॉल पिक किया तो उन्होंने मुझे बताया कि वो अहमदाबाद से कल ही आई है और उनका फोन वहां पर पानी में गिरकर खराब हो गया था और उस दिन ऐसे ही हमारे बीच में फोन पर नॉर्मल बातें होने लगी, लेकिन अब हम हर कभी एक दूसरे को फोन करने लगे और लगातार हमे ऐसा करते हुए करीब बीस दिन हो गए तभी एक दिन शाम को 8 बजे उनका फोन आया कि उनके पति दो दिनों के लिए मुंबई जा रहे है और फिर उन्होंने मुझे अपने घर पर 11 बजे बुलाया

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फिर उसके बाद में अपनी बाईक़ लेकर 11 बजे उनके बताए हुए पते पर पहुंच गया और जैसे ही मैंने उनके घर की घंटी बजाई तो उन्होंने दरवाजा खोला और मेरी तरफ स्माईल देकर मुझे अंदर आने को कहा और फिर में तो आज बस आंटी को देखे ही जा रहा था, क्योंकि आज वो हल्के गुलाबी कलर के गाऊन में सेक्स की देवी लग रही थी फिर उन्होंने मुझसे बोला कि क्या तुम मुझे देखते ही रहोगे या बैठोगे भी? फिर मैंने कहा कि आंटी प्लीज आज आप मेरी बात का बिल्कुल भी बुरा मत मानना, क्योंकि आज आप इस ड्रेस में बहुत सेक्सी लग रही हो फिर उन्होंने मेरी तरफ स्माईल देकर मुझसे ब्रेकफास्ट के बारे में पूछा, लेकिन मैंने साफ मना कर दिया फिर वो बोली कि ऐसे थोड़ी चलता है और आज तुम मेरे घर पर पहली बार आए हो, तुम्हे कुछ तो लेना ही पड़ेगा

फिर मैंने उनसे एक कप चाय के लिए बोला और फिर वो चाय बनाने किचन में चली गई और दो कप चाय लेकर ड्रॉयिंग हॉल में आई और एक कप मुझे देकर मेरे पास में बैठ गयी हम दोनों चाय पीने लगे और फिर वो मुझसे मेरे घर के बारे में पूछने लगी और मैंने आंटी से कहा कि आंटी अगर आपकी शादी नहीं हुई होती तो आज ही में आपसे शादी कर लेता

फिर वो मेरी यह बात सुनकर हंसी और मेरा गाल पकड़कर कहने लगी कि फिर शादी के बाद क्या करता? फिर मैंने कहा कि में आपको दिन रात बस प्यार करता और आपका ख्याल रखता फिर वो मेरी यह बात सुनकर ज़ोर ज़ोर से हँसने लगी और कहने लगी कि तो क्या हुआ, अब कर ले? अब तक हम दोनों की चाय खत्म हो चुकी थी

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