बहन की गांड ने दीवाना बनाया-4

Bahan ki gaand ne deewana banaya-4

दोस्तों तब मैंने महसूस किया कि कई बार चुदने की वजह से उनकी चूत पूरी तरह से खुल चुकी थी और उसकी वजह से मेरा लंड अब बहुत आराम से अंदर बाहर हो रहा था और लगातार धक्के देकर चोदने लगा, वो अब धीरे धीरे मोन कर रही थी, औहह ऊहग अहह्ह्ह्हह हाँ और ज़ोर से चोदो मेरी प्यासी चूत को आहहऊओह उहहएम्मउूउउ. कुछ देर धक्के देने के बाद वो अब अपनी चूतड़ को उठा उठाकर मेरा पूरा पूरा साथ देने लगी थी, लेकिन पहले से बहुत गरम होने की वजह से में कुछ देर की ताबड़तोड़ चुदाई के बाद अंदर ही झड़ गया.

फिर वो तुरंत उठ गई और फिर उन्होंने मेरा लंड अपने मुहं में लेकर लंड को अच्छी तरह से चाट चाटकर साफ किया और फिर उन्होंने मुझसे कहा कि खाना खाने के बाद आज तुम एक बार मेरी गांड भी मारना और अब उन्होंने बिना ब्रा और पेंटी के अपने कपड़े पहन लिए, दीदी को आवाज देकर नीचे बुलाया और फिर हम तीनों एक साथ बैठकर खाना खाने लगे.

फिर जब खाना खाने के बाद मेरी दीदी टी.वी. देख रही थी, तब ऋतु दीदी ने मुझे आँख मारकर किचन में बुलाया और वो वहां पर पूरी नंगी हो गई, उन्होंने मुझे भी नंगा कर दिया और फिर मेरे सामने झुककर किचन की पट्टी को पकड़कर उन्होंने अपनी गांड को मेरे सामने करते हुए मुझसे कहा कि अब जल्दी से तू मेरी गांड मार. दोस्तों वैसे पहले तो में उनकी इस हरकत से बहुत आश्चर्यचकित हुआ, लेकिन मुझे बस अब वो बड़ी आकार की गांड के सामने कुछ भी नजर नहीं आ रहा था, में बाहर कुछ दूरी पर बैठी हुई अपनी दीदी को भी भूल गया.

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फिर मैंने अपना लंड पूरा ज़ोर लगाकर धक्का देते हुए अंदर डाल दिया और उस दर्द की वजह से वो छटपटाने लगी, लेकिन अपना मुहं बंद रखा. फिर में कुछ देर रुककर धीरे धीरे आगे पीछे करके गांड मारने लगा और फिर कुछ देर के धक्कों के बाद हम दोनों एक साथ झड़ गये, तब हमने अलग होकर देखा कि मेरी दीदी हमे छुपकर देख रही है, उनकी सलवार थोड़ी नीचे थी और चूत पर एक हाथ भी था और वो हमे देखकर अपनी सलवार पहनकर वहां से भाग गई.

अब में और ऋतु दीदी भी ऊपर वाले कमरे में चले गए और मैंने देखा कि बेड पर बैठकर सोना दीदी अपनी सलवार और पेंटी नीचे करके अपनी चूत में उंगली डालकर बैठी हुई थी. मुझे यह सब देखकर रहा नहीं गया और में बेड पर गया और दीदी की उंगली को चूत से बाहर निकालकर उनके मुहं में डाल दिया और मैंने अपना मुहं उनकी चूत पर रख दिया, तभी ऋतु दीदी भी हमारे पास आई और वो दीदी को किस करने लगी. फिर उन्होंने अपना एक बूब्स पकड़कर सोना दीदी के मुहं में दे दिया और हम बहुत फ्री हो चुके थे.

अब ऋतु दीदी सोना दीदी की चूत चाट रही थी और में उठ गया और मैंने दीदी की कमीज़ को उतार दिया और जैसे ही उनके बूब्स बाहर आए तो में उन पर टूट पड़ा. फिर ऋतु दीदी उठी और वो मेरा लंड चूसने लगी. फिर दीदी भी आई और वो भी लंड चूसने लगी, हम दोनों एक दूसरे को भी बीच बीच में किसिंग कर रहे थे. फिर ऋतु दीदी की चूत में मैंने अपना लंड डाल दिया और चोदना शुरू कर दिया, उसी वक्त सोना दीदी ऋतु दीदी के बूब्स चूसने लगी.

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फिर ऋतु दीदी झड़ गयी और में फिर भी उनको धक्के देकर चोद रहा था, आअहह दीदी तुम्हारी चूत वाह आआहह क्या मस्त चूत है दीदी आअहह ऋतु दीदी आअहह ऊऊहह.

ऋतु दीदी : अह्ह्ह उह्ह्ह हाँ और ज़ोर से चोदो, तुम बहुत अच्छा चोदते हो, उह्ह्ह मज़ा आ गया.

ऋतु दीदी एक बार फिर से झड़ गई और कपड़े पहनकर बैठ गई. फिर उन्होंने कहा कि अब तुम दोनों चुदाई करो और जी भरकर मज़े लो, मम्मी के आने का वक्त हो गया है और में बाहर नज़र रखती हूँ, बाहर अगर मम्मी आई तो में तुम्हे बता दूँगी. फिर मैंने और सोना दीदी ने कहा कि ठीक है.

में : क्यों दीदी शुरू करे?

दीदी : ( शरमाते हुए ) हाँ अब शुरू हो जा.

फिर दीदी बिल्कुल सीधी लेट गई और में उन पर चड़कर उनके बूब्स चूसने लगा.

दीदी : आअहहा हहाऊओह ऊहह ह्म ऊहह ऑश ईआहह हाँ और ज़ोर से दबाओ, निकाल दो मेरा सारा दूध मेरे बूब्स से.

फिर मैंने उनके होंठ भी चूसे और मैंने अपना लंड उनकी चूत में डाला और जो बहुत आसानी से फिसलता हुआ पूरा का पूरा अंदर चला गया तो मैंने दीदी से पूछा कि क्यों यह कैसे हुआ?

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दीदी : वो आकाश.

में : हाँ में समझ गया दीदी मुझे सब पता है, लेकिन मुझे यह सब नहीं पता था कि आपने कभी उसके साथ सेक्स भी किया है?

फिर में ज़ोर ज़ोर से लगातार धक्के लगाने लगा.

दीदी : आअहह ऊहह हाँ और ज़ोर से चोदो मेरी चूत को आज तुम बिल्कुल शांत कर दो, ऑश आअहह आअहह उुउउहह ऊओहऑश मैंने कभी तेरे बारे में उह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह सोचा नहीं था कि मेरा ही भाई मेरी चूत मारेगा, आअहह हाँ और ज़ोर से चोद मुझे.

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में : उह्ह्ह हाँ दीदी, लेकिन अब में झड़ने वाला हूँ, आअहह.

दोस्तों में दीदी की चूत में झड़ गया.

दीदी : कोई बात नहीं हमेशा की तरह में गर्भनिरोधक गोली खा लूँगी, आकाश के साथ सेक्स करते वक़्त भी मैंने कई बार गोली खाई है.

में : अच्छा, अब मुझे आपकी गांड मारनी है दीदी, प्लीज़ मना मत करना.

दीदी : मेरे भाई, लेकिन आकाश ने मेरी गांड भी कई बार मारी है, कोई बात नहीं फिर भी तुम मार लो.

में : हाँ दीदी में आपकी गांड का बहुत दीवाना हूँ, मुझे बस आपके चूतड़ में ज़िंदगी भर अपना सर घुसाकर सोना है.

फिर मैंने अपने होंठ दीदी की गांड के होल पर रखकर जी भरकर चाटा. अब दीदी मचल मचलकर अपनी गांड मेरे मुहं में दबा रही थी. फिर मैंने दीदी से लंड चुसवाया और दीदी की गांड में लंड डाल दिया और फुल स्पीड से धक्के मारने लगा.

दीदी : आअहहहहा उउउइई माँ आआहह हाँ बहुत अच्छे ऐसे ही चोदो मुझे आससस्स एेआअहह.

फिर में उनकी गांड में झड़ गया और हम कपड़े पहनकर बाहर आ गए. फिर कुछ ही देर में मामी भी आ गई. दोस्तों हम एक हफ्ते तक मामा के घर पर थे और रोज़ हम तीनों मिलकर सेक्स करते थे और अभी भी दीदी और में घर पर सेक्स करते है.

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