बहन के बदले की भावना-2

Behan ke badle ki bhawna-2

मैंने उस पर थोड़ा सा पानी डाला और उसके बाद उसके एक हाथ को पकड़कर उसकी नब्ज़ और साँसे चेक की तो सब ठीक था उसकी चूत को पानी डालकर मैंने उसकी पेंटी से साफ करके उसको जींस टॉप पहनाकर उसको उठाकर अपने कंधे का सहारा देकर में बाहर ले गया. फिर चलते चलते ही उसको थोड़ा सा होश आ गया और अब वो मुझे दूर धकेलकर बोली कि तू पागल और वो बड़े भाई को फोन मिलाकर बुलाने लगी, बड़े भाई ने उस स्थिति को भांपते ही पीछे की दरवाजे पर कार को मंगाई और फिर हम घर चले गए. फिर चलते समय रास्ते में उसने सभी बातें बड़े भाई को बताई और वो रोने लगी और तभी उसका ध्यान इस बात पर गया कि मैंने उसको सबसे आखरी में कपड़े पहनाए और उसने आँखे झुका ली.

अब भाई के मूझसे पूछने पर मैंने उनको बताया कि इसको मैंने टॉयलेट की तरफ जाते हुए देखा था, लेकिन बहुत देर तक वापस ना आते देख मुझे लगा कुछ हो गया है या चक्कर आ गए है इसलिए में उस तरफ चला गया और वहाँ पर इसको नीचे पड़े देख मैंने सोचा कि इसको इस हालत में कोई देख ना ले और में इसको बाहर निकाल लाया. फिर इस बात पर उन दोनों को में थोड़ा सा समझदार लगा और वो यह बात सोचने लगे कि इस बदनामी से अब हम कैसे बचे? फिर दिव्या घर पर पहुंचते ही सो गई और भाई अपने तीन विश्वसनीय दोस्तों और मेरे साथ ऊन दोनों को ढूँढने निकल गए. में भी अब दिव्या को उसकी ग़लतियों को समझने का वक़्त देना चाहता था.

तभी भाई को पता चला कि अमित एक इंडस्ट्रियलिस्ट का बेटा था. उसके दोस्तों ने उन्हे शहर के बाहर एक बीयर बार में पीते हुए देख लिया और उनकी कार का पेट्रोल निकाल लिया जिसकी वजह से लौटते वक़्त उनकी गाड़ी बीच रास्ते में बंद हो गई. वहां से रात को उन दोनों को कार में लिफ्ट देकर बैठाकर दूर एक बिल्कुल सुनसान जगह पर ले गए. उसके बाद उन दोनों को बहुत जमकर पीटकर उनको बोले कि अब अगर हम तुम्हे आज मार भी दे तो तुम्हारे बाप भी नहीं पता कर सकते कि यह सब किसने किया? फिर मैंने दोनों के पास ही में पड़े मोबाइल उठा लिए और वो फोटो खत्म करके देखा उन्होंने अब तक किसी को मैसेज या वो फोटो नहीं दिए थे. फिर हमारी इस पिटाई और धमकी पर वो रो पड़े और हमसे माफी माँगने लगे.

इस पर मैंने कहा कि माफी कुछ नहीं होती इन दोनों ने एक ऐसी हरकत की है इसलिए यह छूटने के बाद कॉलेज में यह बात सभी जगह जरुर फ़ैलाएँगे और यह कहते हुए में उनसे बोला कि थोड़ी सी बदनामी लायक बात तो इनके साथ भी होनी चाहिए जिससे यह भी किसी को अपना दर्द यह चेहरा बता ना सके. फिर मेरी इस बात पर भैया के एक दोस्त और में एक दूसरे की तरफ देखकर मुस्कुराने लगे और अब वो अमन को नंगा करके उसकी जाँघो पर हाथ फेरने लगा. तो मैंने भी भाई की परवाह किए बगैर अमन को अपना लंड चुसवाना शुरू कर दिया. हम दोनों ने उन्हे पूरा नंगा करते हुए उनकी छाती को चूसते हुए उन्हे स्मूच दिया तब भाई कार में बैठ गए और मैंने लंड थोड़ा अंदर डालकर झटके दिए और वो हमारा दोस्त तो तबीयत से अमन की गांड में अपना लंड डालकर धक्के मार रहा था.

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थोड़ी देर में वो कार्यक्रम खत्म करके हम उन्हे वहीं पर छोड़ आए. अब कार में बैठकर वापस अपने घर पर आते समय मेरे भाई ने मुझे उस बेवकूफी के लिए शाबाशी देते हुए कहा कि वो अब हमें मरवा सकते है, लेकिन बाकि सभी ने मेरा साथ देते हुए कहा कि उनको तो हम वैसे भी छोड़ देते तब भी वो हमें मरवाते. अब कम से कम वो यह बातें कहीं फ़ैलाएँगे तो नहीं और किसी को अपने साथ हुए इस काम को बताने में हिचकिचाएंगे. अपने बाप को भी वो नहीं बता सकते, लेकिन हम सभी यह बात सोचकर थोड़ा सा परेशान भी थे कि वो अपने बाप को यह बात कहेंगे या नहीं, लेकिन थोड़े दिनों में सब शांत हो गया और वो शरम की वजह से किसी से कुछ भी नहीं बोले. फिर जब दिव्या को पता चला कि मैंने उनके साथ ऐसा काम किया तब वो मेरी तरफ बहुत झुक गई, लेकिन उसे उनसे छीने हुए मोबाइल में अपनी कोई भी फोटो नहीं मिली तो उसको अब मुझ पर शक होने लगा था.

फिर एक दिन जब घर पर कोई भी नहीं था तो उसने मुझसे पूछा कि अमन ने उसके मोबाइल से बहुत सारी एक फोटो खींची थी, लेकिन उसके मोबाईल में वो एक भी नहीं थी, ऐसा कैसे हो सकता है? तब मैंने बताया मैंने उसका वो कैमरे वाला मोबाइल देखकर शक किया था, इसलिए इसमें वो वीडियो और सब कुछ मैंने खुद उड़ा दिया. फिर मेरी इस बात पर उसने थोड़ी राहत की साँस ली, लेकिन तब में बोला कि आख़िर और कोई मेरी बहन की वीडियो बनाए यह सब में कैसे सहन करता? मेरी इस बात पर उसने मुझे एक ज़ोर का थप्पड़ मारा और अब वो मुझे बहुत गुस्से से मुझे देखने लगी, तो मैंने उससे कहा कि तुम भी तो यही चाहती थी कि कोई भी तुमसे एक बार जीत कर तो दिखाए और हर किसी को नीचा दिखाने का मतलब और क्या होता? अब वो मेरी बातें सुनकर एकदम चकित हो गई और वो मुझसे कहने लगी कि तुम मुझे वो वीडियो दे दो.

फिर मैंने उससे कहा कि इस बात से क्या फ़र्क पड़ता है में किसी को वो सब दिखाने वाला नहीं हूँ बस तुम्हे बेबस लाचर चुदते हुए कभी कभी में देख लूँगा और तुम भाई को भी बता दो भले तब में इसको इंटरनेट पर डाल दूँगा घर के सभी लोग इंटरनेट पर डालने से वो मुझे उतनी ही बुरी तरह से मारेंगे, लेकिन उससे तुम्हारा क्या होगा? तुम तो फेमस हो जाओगी तुम्हारा क्लिप सबके मोबाइल में होगा.

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अब वो मेरी पूरी बातें सुनकर ज़ोर ज़ोर से रोने लगी aur इन घटनाओं से वो पहले से ही बहुत घबराई हुई थी. अब मैंने उसको चुप करवाते हुए कहा कि तुम एक बार मुझसे चुपचाप चुद जाओ तो में तुम्हारा वो वीडियो तुम्हारे सामने खत्म करा दूँगा और वैसे भी तुम एक बार उन दोनों से चुद तो चुकी ही हो फिर बदनाम क्यों होना चाहती हो? वो अब बिल्कुल चुप हो गई और थोड़ा सोचकर उसने अपने आँसू साफ करते हुए वो मुझसे बोली कि तुम तो मेरे साथ वो सब करने के बाद भी मुझे हमेशा ब्लॅकमेल करोगे. तो मैंने उसको कहा कि नहीं में यह सब कुछ मिटा दूँगा. मेरा तुमसे यह पक्का वादा रहा, दोस्तों उस पल मुझे ऐसा लग रहा था कि वो उस वीडियो के लिए अब कुछ भी कर सकती है और उसी समय मैंने उसे होंठो पर चूम लिया और एक लंबा स्मूच लेकर उसके होंठ अपने दाँतों में दबा लिए उस दर्द की वजह से वो करहा उठी और वो मुझे थप्पड़ मारने लगी.

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उसको अपनी बाहों में तड़पते हुए देख मैंने माफ़ करने को कहा और अब उसकी जींस को घुटनों तक उतारकर में अब उसकी गोरी मुलायम जाँघो पर अपने एक हाथ को फेरते हुए उसको स्मूच करने लगा और उसी के साथ साथ में उसके टॉप और ब्रा को भी अब तुरंत उतारकर उसके बूब्स को ज़ोर से मसलने दबाने लगा था. तो इस पर वो मुझसे कहने लगी कि थोड़ा आराम से कर अमित ने इन्हे बहुत ज़ोर से काटा था इसलिए मुझे बहुत दर्द हो रहा है.

अब मैंने उसके लटकते हुए एक बूब्स को अपने मुँह में भरकर दूसरे बूब्स को अपने एक हाथ से निचोड़ डाला और वो उस दर्द से करहा उठी और अब मैंने उसको सोफे पर लेटाते हुए उसके दोनों बूब्स को बारी बारी से जमकर चूसा और फिर उसकी दोनों जाँघो पर अपने होंठो और जीभ से में उसको चाटने लगा. मैंने उसको सम्भलने का मौका दिए बिना उसकी पेंटी को फाड़ दिया और फिर उसकी चूत में पास ही में पड़ी मोटी लंबी मोमबत्ती को डाल दिया उस दर्द की वजह से वो बहुत ज़ोर से चिल्ला उठी और उस मोमबत्ती को अपनी चूत से बाहर निकालकर वो अपने रूम में भागने लगी थी.

अब मैंने झट से उसके हाथ को पकड़ लिया वो ज़मीन पर गिर पड़ी में उसको हाथों से पकड़ते हुए ड्राइंग रूम से नंगी ही अपने रूम लेकर बेड पर लाकर पटक दिया. वो बुरी तरह से डर चुकी थी और रो भी रही थी. अब मैंने अपने कपड़े उतारे और उसके हाथ पलंग से बाँध दिए में उसकी छाती पर चड़कर उसके बूब्स को लंड के दोनों और दबाकर उनके बीच की जगह में रगड़ने लगा.

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थोड़ी ही देर में मेरा वीर्य निकल गया और तब मैंने अपनी अंगुली से अपना वीर्य उसके मुँह में डाल दिया और वो बोली तुम्हे देखकर तो लगता है कि तुम मुझसे आज कोई बदला ले रहे हो. फिर मैंने उसके मुँह में अपने लंड को डालते हुए उससे कहा कि तुम्हे अगर वो वीडियो चाहिए तो तुम मूझे पूरा पूरा मज़ा दो और अब उसने थोड़ी सी आनाकानी करते हुए मेरे लंड को अब चुपचाप चूसना शुरू कर दिया था.

में अब भी उसकी छाती पर बैठा हुआ था और वो मेरा लंड चूस रही थी और बहुत देर तक लंड को चूसने के बाद मैंने उसकी दोनों जांघे फैलाई और उसके बाद अपनी उँगलियों को में उसकी चूत के अंदर बाहर करने लगा जिसकी वजह से वो गरम होने लगी और बहुत देर तक अपनी ऊँगली को रगड़ने के बाद वो अब झड़ने को तैयार ही थी कि तभी मैंने अपनी उंगलियाँ उसकी चूत से बाहर निकाल दी जिसकी वजह से वो अब एकदम तिलमिला उठी, उसको कुछ भी समझ में नहीं आया कि वो अब क्या करें? मैंने कुछ सेकेंड्स रुके रहने के बाद उसकी चूत में अपना लंड डाल दिया और थोड़े झटको के बाद वो झड़कर एकदम ठंडी हो गई उसकी चूत से रस बहकर बाहर निकलने लगा था. यह उसका पहली बार झड़ना था और मेरा लंड उसके पानी में नहा चुका था.

अब मैंने अपनी तरफ से उसको झटके देना तेज कर दिया और थोड़े टाइम बाद में उसके नीचे लेट गया और पीछे से उसकी चूत को धक्के देकर चोदने लगा था. फिर कुछ समय बाद मैंने उसमे अपने वीर्य की पिचकारी दाग दी और वो मेरे ऊपर अपने बंद हाथों से लेती हुई बोली मुझे इतना मज़ा पहले कभी नहीं आया, क्या तुम्हे आया? मैंने जवाब देने की जगह उसको पास में पड़े मोबाइल में वीडियो दिखाते हुए बोला लोग हर बात को अन्धरुनी बात समझते है अपने आप को लोगों से अलग दिखाते है और फिर उन्ही से उम्मीद भी रखते है, तुम्हे तुम्हारे उस बलत्कार के बाद उसके बारे में सोचकर कैसा लगता है?

दिव्या बोली कि में बहुत चकित रहती हूँ क्यों तुम मुझसे यह सब बातें क्यों पूछ रहे हो? मैंने उसके सामने वो वीडियो खत्म किया और उसके हाथ खोले. दोस्तों जो भी हुआ सब कुछ ठीक हुआ अब हम दोनों का ही स्वभाव बिल्कुल बदल चुका था और हम दोनों एक दूसरे के साथ हमेशा बहुत खुश रहने लगे थे.

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