बहन की ग्रुप चुदाई दो भाई एक साथ मिलकर-2

Behan ki chudai do bhai ek sath milkar-2

फिर हम फिल्म देखने चले गये और एकदम आखरी वाली सीट पर जा बैठे जब फिल्म में रोमेंटिक सीन आया तो मैंने धीरे से उसके कंधे पर हाथ रख दिया। उसने मेरी तरफ देखा और एक सेक्सी सी स्माइल दी जिसकी वजह से मेरी हिम्मत और बढ़ गई और अब में अपने एक हाथ से उसके कंधे को सहलाने लगा, लेकिन वो कुछ नहीं बोली और फिल्म देखती रही और अब में उसकी गर्दन को सहलाने लगा और फिर मैंने उसके बूब्स को सहलाया और वो हल्का सा कसमसाई, लेकिन फिर भी कुछ नहीं बोली तो मेरी हिम्मत और ज़्यादा हो गई और में उसके बूब्स उसकी टी-शर्ट के ऊपर से दबाने लगा।

फिर हम स्मूच करने लगे और फिल्म से उठकर बाहर चले आए और अपने घर पर ले जाकर मैंने उसको बहुत जमकर चोदा। ऐसे ही धीरे धीरे हम सभी दोस्त एक दूसरे की बहनों को अब चोदने लगे और फिर उनके ही भाईयों को उनकी बहनों की चुदाई की सारी बातें बताते हुए हमे बहुत ही मजा आता, लेकिन अब तक मेरी बहन को कोई भी नहीं पटा पा रहा था इस बात का मुझे बहुत दुख था। इसलिए हम सभी ने मिलकर एक प्लान बनाया और जब मेरे दोस्त के मम्मी, पापा बाहर गये तो उसका मेरे पास फोन आया और उसने कहा कि मेरी बहन घर में अकेली है।फिर में उससे बोला कि तू टेंशन मत ले उसका खुद मेरे पास फोन आएगा और ऐसा ही हुआ। उसने फोन करके मुझे उसके घर पर आने को बोला और में फटाफट उसके घर पर चला गया और फिर हम दोनों चिपक गये और मैंने उसको और उसने मुझे नंगा कर दिया और तभी मैंने अपने दोस्त को एक मैसेज कर दिया और वो उसके पास वाली दूसरी चाबी से दरवाजा खोलकर अंदर आ गया और दरवाजे के पीछे से सब देखने लगा और जब मैंने उसकी तरफ देखा तो उसने मुझे स्माइल दी और मैंने उसकी बहन को अपने से ज़ोर से चिपका लिया।

फिर कुछ देर बाद उसने मेरा लंड चूसा और फिर मैंने उसको सीधा लेटा दिया और अब में उसकी चूत को चाटने लगा। तभी मैंने उसको इशारा किया तो वो रूम में आ गया और आकर गुस्से से चिल्लाने लगा कि यह क्या हो रहा है? उसकी बहन अचानक से उसे वहां पर देखकर बहुत डर गई और में भी डरने का नाटक करने लगा और उससे सॉरी बोलने लगा तो वो हम दोनों को धमकी देने लगा और में वैसा ही नंगा उसको सॉरी बोलने लगा और उसकी बहन मेरे पीछे आकर अपना नंगा जिस्म छुपाने लगी तो मेरे दोस्त ने बोला कि अब में मम्मी पापा को तुम दोनों की सारी बात बताऊंगा, फिर मैंने उससे कहा कि यार उससे तुमको कोई फायदा नहीं होगा और ठंडे दिमाग़ से सोचो और अगर तुम किसी को यह बात ना बताओ तब तुम्हारा फायदा जरुर हो सकता है। फिर वो बोला कि वो कैसे? तो मैंने उससे कहा कि तुम भी हमारे साथ मिलकर इसके मज़े कर सकते हो और ठंडे दिमाग से सोचो कि यह तो सबकी जरूरत होती है। फिर उसने कहा कि नहीं यह मेरी बहन है और में ऐसा कभी नहीं कर सकता।

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फिर मैंने उससे कहा कि हाँ मगर यह एक लड़की भी है और अगर तुम और में इसके साथ यह सब नहीं करेंगे तो कोई और बाहर वाला करेगा और इससे अच्छा यह है कि हम इसको खुश कर दे और मैंने अपने दोस्त का हाथ पकड़कर उसकी बहन के बूब्स पर रख दिया और अब उसकी बहन को कुछ भी समझ नहीं आ रहा था कि वो क्या करे क्योंकि अगर उसने मना किया तो उसका भाई घर में मम्मी पापा को सब कुछ बता देगा और वो मेरी तरफ देखने लगी। फिर मैंने उसकी तरफ आंख मारकर कहा कि जो चल रहा है चलने दो तब उसने शरम से अपना सर झुका लिया और उसका भाई उसके बूब्स के साथ खेलने लगा। फिर उसने अपने सारे कपड़े उतार दिए और अपना लंड अपनी बहन को पकड़ाकर कहा कि आज से तुम दो दो लंड की मालकिन हो और उसकी बहन उसके लंड को हिलाने लगी, फिर मैंने भी अपना लंड उसकी बहन को हाथ में थमा दिया और बोला कि अब एक दूसरे से शरमाने से क्या फायदा, अब सब लोग एक दूसरे से खुल जाओ और फिर हमने बहुत मजे लिए और उसकी बहन अब पूरी तरह से खुल गई थी और ऐसे ही मेरे सभी दोस्त अपनी अपनी बहनों को भी चोदने लगे थे बस एक मुझे छोड़कर, क्योंकि में अब तक अपनी बहन को छू भी नहीं सका।

फिर एक दिन हम सभी ने निर्णय लिया कि हम सब मिलकर एक साथ एक दूसरे की बहनों के साथ सेक्स करेंगे, लेकिन अब सबसे बड़ी समस्या यह थी कि हम अपनी बहनों को इसके लिए तैयार कैसे करे? तो हमने इसके लिए विचार किया और हमने हमारे एक दोस्त के जन्मदिन का बहाना बनाया और गोआ जाने को कहा। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है।ये सेक्स कहानी,चुदाई कहानी साइट डॉट कॉम पर पड़ रहे है। फिर हम सब की बहनें यह बात सुनकर तुरंत मान गई, लेकिन मेरी बहन ने मुझसे साफ मना कर दिया और दोस्तों गोआ में मेरा एक बहुत बड़ा फार्म हाउस है इसलिए हमने वहां पर जाने का प्लान बनाया था और हमारी बहनों को हमने वहां पर फ्लाइट से भेज दिया और हम कार से चल पड़े तो भगवान की क्रपा से एकदम आखरी समय मेरी दीदी ने भी हमारे साथ चलने को कहा और दीदी कार में आगे आकर बैठ गई और बाकी दोस्त पीछे और में गाड़ी चला रहा था। फिर थोड़ी दूर जाकर में पीछे चला गया और मेरा एक दोस्त गाड़ी चलाने लगा। तब मैंने अपनी दीदी से कहा कि अगर आपको नींद आ रही हो तो पीछे आ जाए तो दीदी मान गई और मैंने दीदी को बीच में बैठा लिया। दीदी के एक तरफ में था और दूसरी तरफ़ मेरा एक दोस्त और तीन लोगों की जगह हम चार लोग बैठे हुए थे जिसकी वजह से हम सभी एक दूसरे से चिपके हुए थे और दीदी ने अपना सर मेरे कंधे पर रख दिया और सो गई।

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अब मैंने अपना हाथ इस तरह से रख रखा था कि मेरी दीदी का एक बूब्स मेरी हथेली में था और में उसको धीरे धीरे सहलाने लगा और यह सब मेरे सारे दोस्त देख रहे थे और उन सभी के लंड टाईट हो गये थे और मेरा भी लंड फुल टाईट हो गया था। में पूरे रास्ते दीदी के बूब्स के साथ खेलता रहा और दीदी सोती रही। फिर हम गोआ पहुंच गये और हम फार्म हाउस में चले गये और सभी लड़कियाँ एक दूसरे से बातें करने लगी और हम सब ग्रुप सेक्स का प्लान बनाने लगे। तब मैंने देखा कि मेरी दीदी बाथरूम में नहाने गई है तो मैंने सबसे कहा कि हम अपनी अपनी बहनों को सब सच सच बता देते है और उनसे आग्रह करते है कि वो ग्रुप सेक्स को मान जाए और फिर हमने सभी को मना लिया और हमारे साथ साथ वो लोग भी बहुत व्याकुल हो गई और मैंने उनको यह भी बता दिया कि मेरी दीदी को इसके बारे में कुछ भी पता नहीं है।

फिर हमने विचार किया कि रात को मेरी दीदी के सोने के बाद हम लोग ग्रुप सेक्स करेंगे और मेरा फार्म हाउस बहुत बड़ा था तो सभी अपनी अपनी बहनों के साथ एक एक रूम में सो गये। में और मेरी दीदी भी एक ही रूम में और एक बेड पर सोए थे, लेकिन मेरी कुछ करने की हिम्मत नहीं हो रही थी। ये सेक्स कहानी,चुदाई कहानी साइट डॉट कॉम पर पड़ रहे है। तभी मेरे दोस्त ने धीरे से मुझे इशारा दिया और में चुपचाप उठकर अपने रूम के बाहर आ गया और एक बड़े वाले रूम में गया तो वहां पर मैंने देखा कि मेरे सभी दोस्त और उनकी बहनें एक दूसरे के साथ लगे हुए थे। मैंने पहली बार ऐसा नज़ारा देखा था और हम सभी ने रात भर बहुत जमकर मजे किए। फिर में देर रात को अपने कपड़े पहनकर दोबारा अपने कमरे में दीदी के पास में आकर लेट गया और हम लोग दूसरे दिन दो उठे क्योंकि रात भर तो हम एक दूसरे की बहनों को चोद रहे थे।

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फिर हमने खाना खाया और रात होने का इंतजार करने लगे और फिर रात हो गई तो सबने फटाफट खाना खाया और दीदी के सोने का इंतजार करने लगे। में और दीदी एक ही बेड पर लेटे हुए थे। फिर थोड़ी देर में मेरा दोस्त मुझे बुलाने आया और जैसे ही में उठा दीदी जाग गई और वो मुझसे बोली कि कहाँ जा रहे हो? तब मैंने कहा कि कहीं नहीं बस मुझे नींद नहीं आ रही है। फिर दीदी बोली कि क्यों क्या हुआ? में बोला कि मुझे पता नहीं। फिर दीदी उठी और उन्होंने मेरी छाती पर अपना सर रख दिया और वो बोली कि बताओ मुझे क्या समस्या है?

दोस्तों दीदी का एक बूब्स मेरे हाथ से दब रहा था और दूसरा मेरे पेट से में एकदम चुप रहा था, तभी दीदी मुझसे और भी कसकर चिपक गई और वो बोली कि बताओ शरमाओ मत, लेकिन में कुछ नहीं बोला और दीदी ने अपना एक पैर उठाकर मेरे लंड पर रख दिया। अब तो मुझे और भी मजा आने लगा। अब दीदी मुझसे कहने लगी कि मुझे कल रात का सब मालूम है कि तुम सभी ने रात भर क्या क्या किया? और में उनके मुहं से यह सभी बातें सुनकर बहुत डर गया, लेकिन दीदी मुझे स्माइल दे रही थी और अब वो मुझसे कहने लगी कि तुम मुझे वो सारी बातें बताओ वरना में तुम्हारा सारा प्लान खत्म कर दूँगी। फिर मैंने दीदी की धमकी को सुनकर उन्हें सारी बातें बता दी और अब दीदी भी गरम हो गई और वो मुझे स्मूच करने लगी मुझसे कसकर चिपक गई और उधर मेरे सारे दोस्त रूम के दरवाजे से छुपकर यह सब देख रहे थे और हमने करीब 5 मिनट तक स्मूच किया और में दीदी के बूब्स को दबाने लगा।

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