बहन को चुदवाने की मजबूरी-2

Behan ko chudwane ki majburi-2

अब ये देखकर मेरा दिल ज़ोर-ज़ोर से धड़कने लगा था और अब मुझे यकीन नहीं हो रहा था कि ये सब सच में हो रहा है. अब चेतन केवल अंडरवियर में था. फिर वो रितु के पास आया और वो उसके होंठो के पास गया ही था कि रितु ने ऊपर आकर चेतन के होंठो को चूसना शुरू कर दिया.

अब रितु ने चेतन के बाल पकड़ रखे थे और वो चेतन के होंठो को चूस रही थी. अब ये देखकर में बहुत हैरान हो गया था. फिर थोड़ी देर के बाद चेतन ने एकदम से रितु के बाल पकड़कर खुद से दूर किया और फिर दुबारा से उसके होंठो को चूसने लगा.

अब चेतन ने इतनी ज़ोर से उसे पकड़ रखा था कि रितु के हाथ चेतन के बालों में से छूट गये और उसने अपने हाथ हवा में कर लिए. फिर चेतन ने रितु को बेड पर धक्का मारा और वो बेड पर जा लेटी. फिर चेतन ने रितु की टाँगो को पकड़ा और अपने पास किया और रितु की जीन्स की बेल्ट हटा दी और फिर उसके जीन्स का बटन भी खोल दिया और रितु की चैन को खोलकर उसकी जीन्स को पैरों पर से पकड़कर खींचने लगा और रितु दीदी की जीन्स उतरने लगी. अब में सब देख रहा था. रितु ने लाल कलर की पेंटी पहनी थी.

फिर चेतन ने उसकी पूरी जीन्स उतार दी और उसके ऊपर आकर रितु की कमर में हाथ डालकर उसे उठाकर बैठा दिया और रितु ने अपने दोनों हाथ ऊपर कर लिए. फिर चेतन ने उसकी टी-शर्ट भी उतार दी. अब रितु ने ब्रा भी लाल कलर की ही पहन रखी थी.

अब में दीदी के बूब्स देखकर मचल गया था. दीदी के बूब्स बहुत बड़े-बड़े और गोरे थे और ब्रा एकदम फिट आ रही थी. अब दीदी बिल्कुल किसी ब्लू फिल्म की हिरोइन की तरह लग रही थी. अब चेतन रितु दीदी के पीछे से जाकर उनकी कमर की तरफ से उनसे चिपक गया और अपने हाथों से दीदी के बूब्स दबाने लगा. अब दीदी ने अपना सर पीछे करके चेतन के कंधे पर डाल दिया था और उसी तरह से चेतन के साथ मदहोश हो गई थी. फिर चेतन ने पीछे से रितु की ब्रा खोल दी और उसे हटा दिया.

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अब दीदी की ब्रा निकलकर नीचे आ गिरी थी. अब दीदी का फेस मेरी साईड में था और में ये सब देखकर सुन्न रह गया था. मैंने पहली बार किसी के बूब्स देखे थे, दीदी के बूब्स बड़े सुडोल थे, गोरे थे. अब मेरा तो खुद का ही मन हो रहा था कि में उससे जाकर चिपक जाऊं. अब चेतन अपने हाथों से बूब्स को मसल और दबा रहा था.

उसने रितु का फेस अपनी साईड में किया और उसे लेटा लिया और बूब्स चूसने लगा. अब दीदी पूरी तरह से मदहोश थी और वो अपने फेस से हल्की-हल्की सिसकियां ले रही थी. अब चेतन रितु के बूब्स को ज़ोर-ज़ोर से चूसने लगा और इससे दीदी की सिसकियां भी बढ़ गई थी.

फिर चेतन ने ऋतु के बूब्स पर हल्का सा काटा, तो दीदी एकदम से हल्की सी चिल्लाई, तो चेतन ने फिर से दीदी के बूब्स पर काटा और दीदी हल्की सी चीखी. अब ये सब चेतन को बहुत पसंद आ रहा था. फिर उसने दीदी के दोनों बूब्स को अपने एक-एक हाथों से पकड़ा और अपना मुँह उन पर रख दिया और चूसने लगा.

अब वो पागलों की तरह चूसे जा रहा था, फिर उसने फिर से एक बूब्स की निपल को अपने मुँह में लिया और काटा, तो दीदी फिर से हल्की चिल्लाई. अब चेतन पागल हुए जा रहा था, अब वो बार-बार दोनों बूब्स पर काटे जा रहा था और दीदी चिल्लाए जा रही थी. फिर चेतन ने जल्दी से दीदी की पेंटी को उतारा और अब वो दीदी की पेंटी को इतनी जल्दी से उतार रहा था कि दीदी भी पेंटी के साथ थोड़ा सा निचे आई और फिर पेंटी फट गई.

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फिर चेतन ने पेंटी को सूँघा और दीदी पर टूट पड़ा. फिर उसने अपना मुँह दीदी की चूत पर रख दिया और दीदी कि चूत को चूसने लगा. अब दीदी तो पागल हुए जा रही थी और चेतन भी दीदी की चूत को चूसे ही जा रहा था. अब दीदी का हाल देखकर ऐसा लग रहा था कि चेतन ने कोई पाईप लगाकर दीदी की चूत को पीना शुरू कर दिया हो.

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अब दीदी बार-बार कभी अपने हाथ चेतन के सिर पर रखती, तो कभी अपने हाथ पीछे कर लेती, तो कभी ऊपर हो कर बैठ जाती, लेकिन अब चेतन बिना रुके उसकी चूत को बुरी तरह चूसे जा रहा था. अब काफ़ी देर तक चूसने के बाद दीदी ठंडी सी होकर लेट गई थी. फिर चेतन ने अपना मुँह ऊपर किया और अपना अंडरवेयर निकालकर फेंक दिया. उसका लंड पूरा तना हुआ था और काफ़ी मोटा भी था.

फिर वो दीदी के ऊपर लेटा और अपने लंड को उसकी चूत पर रख दिया और दीदी को कस कर गले लगा लिया और उनके होंठो को अपने होंठो से लॉक कर दिया और अपने लंड को अंदर दबाने लगा. अब धीरे-धीरे चेतन का लंड दीदी की चूत के अंदर जा रहा था, अब दीदी छूटने की कोशिश कर रही थी, लेकिन वो हिल भी नहीं पा रही थी.

अब उसके मुँह से सिर्फ़ ह्म्‍म्महमममहम्म की आवाज़ ही आ रही थी. अब चेतन अपने लंड को अंदर डाले ही जा रहा था और लंड डालते हुए ऋतु को खून भी आ रहा था. अब जब उसका पूरा लंड दीदी की चूत के अंदर चला गया तो चेतन रुक गया और ऋतु का मुँह छोड़ा. अब मुँह के छूटते ही दीदी कहने लगी कि प्लीज बाहर निकाल लो बहुत दर्द हो रहा है, प्लीज निकाल लो, लेकिन चेतन बोला कि चुप हो जा, लेकिन दीदी नहीं मानी और फिर चेतन ने दुबारा से दीदी का मुँह अपने हाथ से दबाया और अपना लंड पूरा बाहर निकाला और फिर से अंदर डाल दिया और फिर ऐसे ही करने लगा. अब ऋतु को देखकर लग रहा था कि वो बहुत दर्द में है, लेकिन चेतन उसे छोड़ने को तैयार नहीं था.

अब वो पूरी तेज़ी से झटके मार रहा था. अब में भी सब देख रहा था कि कैसे मेरी बहन की चुदाई हो रही है? और वो भी इतनी बेरहमी से. अब दीदी की आँखे बंद थी और वो मचल रही थी और चेतन लगातार झटके मारे जा रहा था. फिर काफ़ी देर के बाद वो रुका और मुझे बुलाया और बोला कि जल्दी से यहाँ आ, तो में उठकर उनके पास गया. अब दीदी को इतनी पास से नंगी देखकर में बहुत मस्त हो गया था. फिर चेतन ने मुझे अपना फोन दिया और कहा कि फोटो खींच, तो में हैरान हो गया.

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मैंने उसे मना कर दिया, तो चेतन ने ऋतु के ऊपर लेटते हुए मुझसे कहा कि फोटो खींच वरना अच्छा नहीं होगा. फिर मैंने फिर भी मना कर दिया, फिर चेतन ने यहाँ वहाँ देखा और फिर अपना मुँह दीदी के बूब्स पर ले जा कर बोला कि तूने फोटो नहीं खीची तो में इसके बूब्स को खा जाऊंगा. फिर चेतन ने ऋतु दीदी के एक कान को अपने मुँह में लिया और अपने दातों से काटा, तो अब दीदी चिल्ला रही थी, लेकिन उनका मुँह बंद था, अब उनके कान पर से खून आ रहा था.

फिर चेतन ने कहा कि अब अगला नंबर बूब्स का है, तो अब में डर गया. फिर चेतन बूब्स के पास आया और दीदी के एक बूब को अपने मुँह में ले लिया और चबाने लगा. तो मैंने कहा कि ओके में तैयार हूँ, फिर उसने कहा कि एक फोटो तो ऐसे ही खींच ले. फिर मैंने चेतन की फोटो खींची. उस फोटो में उसने मेरी दीदी का एक बूब्स अपने दातों से पकड़ा हुआ था.

उसने अपना मुँह हटाया, लेकिन फिर भी बूब्स पर उसके दांत छप गये थे. फिर उसने काफ़ी स्टाइल में दीदी की फोटो चुदते हुए खिंचवाई और फिर दीदी को चोदने लग गया. फिर थोड़ी देर के बाद ही उसका पानी निकल गया और वो दीदी पर ही लेट गया और सुबह 4 बजे हमारे घर से गया. फिर वो दीदी को किस करके अपने कपड़े पहनकर चला गया.

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