भाभी की नंगी टांगो पर पैर रगड़ कर गरम किया-1

(Bhabhi Ki Nangi Tango Par Pair Ragad Kar Garam Kiya-1)

Desi Bhabhi Ki Chudai ये स्टोरी मेरी छोटी भाभी की चुदाई की कहानी है, जिसमें मैंने अपनी ही छोटी भाभी की कसी हुई चूत को जमकर चोदा था. अब सबसे पहले में आप लोगों को अपने बारे में बता दूँ कि में लखनऊ में रहकर पढ़ाई कर रहा हूँ और मेरी पूरी फैमिली गाँव में रहती है, मेरी उम्र 24 साल है. Bhabhi Ki Nangi Tango Par Pair Ragad Kar Garam Kiya.

यह बात उन दिनों की है, जब में लखनऊ में था और मेरे एग्जॉम का टाईम था. फिर जब में गाँव गया तो मेरे परिवार के लोगों ने मुझसे कहा कि अपनी छोटी भाभी को लखनऊ अपने साथ ले जाओ, क्योंकि वो अभी घर पर थोड़ी परेशान है, शायद भाई से झगड़ा हो गया था. फिर में तुरंत राज़ी हो गया कि यह तो बहुत ही अच्छा है, वो मेरे लिए खाना बना दिया करेगी और मुझे भी एग्जॉम देने में कोई दिक्कत नहीं होगी, तो में ख़ुशी-ख़ुशी अपनी छोटी भाभी को अपने साथ ले आया. में एक ही रूम लेकर रह रहा था, उन दिनों सर्दी काफ़ी ज़्यादा थी और मेरे पास कपड़े भी कम थे, क्योंकि में बिल्कुल अकेला रहता था.

फिर हम शाम तक रूम पर पहुँच गये. भाभी अपने साथ अपने 2 साल के लड़के को भी लाई थी. अब कपड़े कम होने की वजह से मैंने भाभी से कहा कि आप बेड पर सो जाओ, में नीचे सो जाता हूँ, क्योंकि मेरे पास एक ही सिंगल बेड था. फिर भाभी नहीं मानी और वो नीचे ही सो गयी. फिर मैंने अपने सारे कपड़े भाभी को दे दिए और अपने लिए खाली एक कंबल ही रखा और फिर में बेड पर बैठकर पढाई करने लगा. अब रात के करीब 12 बजे भाभी बहुत गहरी नींद में सो रही थी और बहुत सेक्सी लग रही थी.

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अब में आपको बता दूँ कि भाभी बहुत ही सुंदर, गोरी और कसी हुई है, उनका साईज 34-36-34 होगा. अब उनको देखकर एकदम से मेरा दिमाग़ पढ़ाई से हट गया और मेरा लंड खड़ा हो गया और मेरा दिल भाभी को चोदने के लिए मचल उठा, लेकिन में करता क्या? तो में बेबस मुठ मारकर सो गया, लेकिन अब मुझे नींद नहीं आ रही थी, क्योंकि मुझे सर्दी काफ़ी लग रही थी, वाकई में जब सर्दी काफ़ी थी, क्योंकि जनवरी का महीना था और लखनऊ में सर्दी बहुत ज़्यादा पड़ती है. फिर वो रात मैंने जैसे तैसे निकाली.

अगली रात भी भाभी नीचे ही सोई और में बेड पर सोया, लेकिन अब मुझसे रहा नहीं जा रहा था. फिर मैंने अपना कंबल भी भाभी को ओढ़ा दिया और खुद उनके बिस्तर में लेट गया. अब भाभी गहरी नींद में थी. फिर में बिस्तर के अंदर जैसे ही घुसा तो मैंने महसूस किया कि भाभी की साड़ी और पेटीकोट उनकी जांघों तक चढ़े हुए है और उनकी जांघे बिल्कुल नंगी है.

फिर मैंने अपनी एक टांग भाभी की टाँगों पर रख दी और एक हाथ उनकी छाती पर रख दिया, क्या जांघे थी? एकदम चिकनी और काफ़ी गर्म. अब में उनकी टाँगों पर अपनी टाँगें रगड़ने लगा था, अब मेरा लंड एकदम तनकर खड़ा हो गया था, जो कि करीब 8 इंच लंबा है. अब मेरा लंड उनकी जांघों से टकरा रहा था और में उनकी जांघों पर अपना हाथ फैर रहा था.

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अब भाभी बहुत गहरी नींद में थी. फिर मैंने अपना एक हाथ उनकी चूत पर रख दिया, वाउ एकदम हॉट गर्म-गर्म क्या चूत थी? मज़ा आ गया, मुझे तो ऐसा लगा जैसे मैंने अपना हाथ किसी गर्म पॉव रोटी पर रख दिया हो, एकदम फूली हुई गर्म-गर्म चूत थी. भाभी ने पेंटी पहन रखी थी और वो एकदम सीधी अपनी टाँगे फैलाकर लेटी थी, जिससे उनकी चूत एकदम फैली हुई थी और अंदर से गर्म-गर्म भाप सी छोड़ रही थी, अब मेरे लंड का बुरा हाल था. फिर मैंने उनकी पेंटी एक साईड में खिसकाकर मेरी एक उंगली धीरे से भाभी की चूत में डाल दी, उफफ्फ क्या रसीली एकदम टाईट चूत थी? अब मेरा दिल तो कर रहा था कि इसी वक़्त अपना लंड भाभी की चूत में डाल दूँ. अब मेरी उंगली ही बड़ी मुश्किल से अंदर ज़ा रही थी.

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फिर भी मैंने होशियारी से अपनी उंगली अंदर डाली, ताकि वो जाग ना जाए, शायद उनके पैर फैल होने की वजह से मेरी उंगली चूत में चली गयी थी, वरना वो ऐसे ज़ाने वाली नहीं थी, क्योंकि उनकी चूत बहुत टाईट थी. फिर मैंने सोचा कि जब उंगली इतनी टाईट जा रही है, तो लंड डालूँगा, तो क्या होगा? और यही सोचकर मेरा दिल रोमांच से भर गया.

मैंने अपनी एक उंगली उनकी चूत में धीरे-धीरे चलानी शुरू कर दी. अब उनकी चूत थोड़ा-थोड़ा पानी छोड़ने लगी थी, जिससे मेरी उंगली आसानी से भाभी की टाईट चूत में फिसल रही थी और में अपने एक हाथ से अपने लंड को भी हिला रहा था. फिर मैंने अपनी उंगली की स्पीड थोड़ी बढ़ा दी, क्योंकि अब मुझे जोश आने लगा था. अब स्पीड तेज़ होने की वज़ह से शायद भाभी की नींद खुल गयी थी, लेकिन वो सोने का नाटक करती रही. अब इस सारे खेल से मेरे लंड और भाभी की चूत में काफ़ी पानी आ गया था.

अब भाभी की साँसे तेज-तेज चलने लगी थी और अब भाभी कसमसा रही थी और फिर भाभी ने अपने दोनों पैरों और अच्छी तरह से खोल दिया और अच्छी तरह से फैला दिया, जिससे उनकी चूत काफ़ी हद तक फैल गयी, जिससे मेरी उंगली आसानी से अंदर बाहर हो रही थी. फिर मैंने अपनी एक उंगली और भाभी की चूत में डाली, यानि कि अब में अपनी पूरी दो उंगलियाँ उनकी चूत में चला रहा था और भाभी केवल कसमसा रही थी, लेकिन वो अपनी आँखें नहीं खोल रही थी.

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अब में समझ चुका था कि भाभी अब जाग रही है और मज़ा ले रही है, अब उनकी चूत से ढेर सारा पानी निकल रहा था. फिर में ऐसे ही अपना लंड हिलाता हुआ और उनकी चूत में उंगली डालता हुआ झड़ गया और सो गया. फिर अगले दिन सुबह भाभी मुझसे बोली कि मुझे घर छोड़ आओ, मुझे घर जाना है. फिर मैंने कहा कि क्यों जाना है? कल ही तो आई हो. “Bhabhi Ki Nangi Tango”

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