भाभी की शादीशुदा बहन की सील तोड़ी-1

Bhabhi ki Shadishuda behan ki seal todi-1

हैल्लो दोस्तों, में मोहन एक बार फिर से आप लोगों के सामने अपनी एक आपबीती लेकर आया हूँ. में सबसे पहले तो आप सब चूत वालियों और लंड वालों को मेरा नमस्कार. मेरे बारे में तो आप सब जानते ही है, वैसे मेरे लंड का साईज 9 इंच लम्बा और 3 इंच मोटा है और ये कहानी मेरी और मेरे भाई की साली की है. उस समय में बी.ए फाइनल ईयर में पढ़ता था और में अपने भाई और भाभी के पास अपनी छुट्टियाँ बिताने गया हुआ था और भाई और भाभी अपनी ड्यूटी पर गये हुए थे, तो उनके जाने के बाद भाभी की बहन आ गयी.

मैंने उसको पानी दिया और चाय दी और फिर हम बैठकर बातें करने लगे. अब वो बहुत दुखी लग रही थी, अब में आपको जरा भाभी की बहन के बारे में भी बता दूँ. उनका नाम शालू है और एकदम मस्त शरीर वाली 36-30-36 की थी. उसकी हाईट 5 फुट 5 इंच, वो एकदम स्वर्ग की अप्सरा के समान खूबसूरत थी, वो उस समय 23 साल की थी और 2 साल पहले उसकी शादी हुई थी.

फिर उसने बताया कि उसको बच्चा नहीं होने के कारण उसकी सास ने लड़ झगड़कर उसको मायके भेज दिया और तलाक का नोटीस भेज दिया है इसलिए वो बहुत ही उदास लग रही थी. अब हर समय तलाक की चिंता और अंदर सेक्स की आग. फिर उसके बाद मैंने अचानक से पूछा कि शालू तेरी प्रोब्लम क्या है? तो उसने कहा कि बच्चा नहीं होने के कारण वो लोग मुझे तलाक दे रहे है, तो मैंने पूछा कि बच्चा क्यों नहीं हो रहा है? तुम डॉक्टर को दिखाओ, तो उसने बताया कि मुझमें कोई खराबी नहीं है और मोहन तुम ही बताओ कि बच्चा क्या उंगली से होगा? वो कुछ करते ही नहीं है और करना चाहते है तो भी नहीं होता है.

मैंने कहा कि तब तलाक लेकर आप दूसरी शादी कर लो, तो वो बोली कि मोहन जी एक तो मेरे पिताजी की मेरी दूसरी शादी करने की हैसियत नहीं है और दूसरी बात में उनसे बदला लेना चाहती हूँ क्योंकि उन्होंने जानबूझकर एक कुंवारी लड़की की जिंदगी क्यों बर्बाद की? तो में बोला कि बात तो ठीक है, लेकिन ये तो तभी होगा जब वो तुझे ले जाएँगे और बिना बच्चा हुए, तो वो ले नहीं जाएँगे.

फिर इतना सुनकर वो बेबसी से मजबूर होकर रोने लगी और बोली कि मेरी तो तकदीर ही खराब है मोहन जी, अब मुझे कोई रास्ता नहीं दिख रहा है, में आख़िर में जहर खाकर अपनी जान दे दूँगी. फिर में उसे सांत्वना देने के लिए अपनी बाहों में लेकर पुचकारने लगा और चुप कराने की कोशिश करने लगा.

वो आवेश में आकर और ज़ोर से लिपट गयी और बोली कि मोहन जी एक बात कहूँ तो में बोला कि हाँ कहो, तो वो कहने लगी कि आज मुझे सच में आपकी जरूरत है, अब मुझे मेरी मुसीबत को हल करने का एक यही रास्ता दिख रहा है कि आप मुझे एक बच्चा दे दो.

फिर में बोला कि तू पागल है, ये कैसे हो सकता है? आख़िर तुम मेरे भाई की साली लगती हो और वो बोली कि मोहन जी ये बात हिम्मत करके इतना खुलकर मैंने आपको कह दी, लेकिन हर किसी से तो नहीं कह सकती ना और फिर में किससे संबध करूँ? में घर से बाहर के आदमी से करूँगी तो बहुत बदनामी होगी, मोहन जी तुम्हें ये काम करना ही होगा, ये मेरी जिंदगी का सवाल है, नहीं तो में सचमुच जहर खा लूँगी और ऐसे कहकर वो और ज़ोर से रोने लगी.

मैंने घबराकर उसे चुप कराने के लिए ज़ोर से अपने से लिपटा लिया और उसकी पीठ और बाल सहलाकर उसका माथा चूमने लगा और यही पर गजब हो गया. अब वो बुरी तरह से मुझसे लिपट गयी थी और मुझे पागलों की तरह मुँह पर, गालों पर, होंठो को चूमने लगी और खूब कसकर लिपटकर मेरे सीने में अपना सिर छुपा लिया था. अब गर्म-गर्म चुम्मे लेने से मेरा लंड खड़ा हो गया था, आख़िर में भी तो जवान था.

फिर उसने मेरी पीठ पर अपना एक हाथ सहलाते हुए अपना दूसरा हाथ धीरे-धीरे आगे से ले जाकर मेरा लंड पकड़ लिया और उसे मसलने लगी. उस समय में लुंगी में था और उसके नीचे अंडरवेयर भी नहीं था. फिर उसने मेरी लुंगी के अंदर अपना एक हाथ डालकर मेरे लंड को बाहर निकाला. अब मेरा मोटा तगड़ा लंड देखकर उसकी आँखों में अजीब सी चमक आ गयी थी.

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उसने अचानक से नीचे झुककर मेरे लंड को चूम लिया, तो मेरा लंड एकदम से फनफना उठा और लोहे की तरह खड़ा हो गया. फिर वो मेरे कान में बोली कि मोहन जी अब मत तड़पाओ, जल्दी से आ जाओ, अब मुझसे बर्दाश्त नहीं हो रहा है. अब में भी पूरा गर्म हो चुका था तो में उसको अपने भाई-भाभी के बेड पर ले गया और पहले उसकी साड़ी उतारी, फिर उसका ब्लाउज भी उतार दिया. फिर उसकी ब्रा के खोलते ही वो थोड़ी शरमाई और उसने अपनी चूची पर अपने दोनों हाथ रख लिए.

फिर मैंने उसके हाथ हटाकर उसकी चूची को अपने मुँह में ले लिया और धीरे-धीरे उसके निपल को चूसने लगा, वॉववववव क्या मस्त चूची थी? ऐसा लगता था उसके साले गांडू पति ने कभी चूसी ही नहीं थी. अब उसकी 36 साईज की चूची संतरे की तरह खड़ी और गुदगुदी थी. फिर थोड़ी देर चूसते ही उसकी सारी शर्म भाग गयी और वो ज़ोर-ज़ोर से सिसकने लगी हाए मोहन जी जल्दी कीजिए, हाईईईईईई में मर जाऊंगी, अब उसकी आँखे मस्ती से लाल हो गयी थी.

उसने मेरा हाथ पकड़कर अपनी चूत पर रख दिया तो मैंने तुरंत उसके पेटीकोट का नाड़ा खोला और उसके पेटीकोट को निकालने लगा, तो वो शर्म से पलट गयी. फिर मैंने खींचकर उसका पेटीकोट उसकी टांगो से निकाल दिया और अपनी लुंगी भी खोलकर फेंक दी, अब हम दोनों बिल्कुल नंगे थे. फिर मैंने उसकी चूत पर चुम्मा लिया, तो वो सीधी हो गयी. फिर मैंने उसकी टाँगे चौड़ी करके उसकी चूत पर अपने होंठ रखकर उसकी चूत का दाना चूसने लगा.

अब तक मैंने जितनी भी चूत चोदी है सबको पहले चाटकर तैयार करता हूँ, क्योंकि एक तो चूत चाटने से लड़की पूरी गर्म होकर साथ में झड़ जाती है और दूसरी बात उस मर्द की दीवानी हो जाती है. अब उसकी चूत चाटते ही वो पूरी तरह से पागल हो गयी थी और मेरे सिर के बाल पकड़कर मुझे अपने ऊपर खींच लिया था. अब उसकी चूत से बहुत रस टपक रहा था और बहुत सारा तो में पी गया था, बहुत मस्त खुशबूदार चूत थी उसकी.

अब उसकी चूत की ख़ुशबू लेते ही मेरा लंड और खड़ा हो गया था. फिर मैंने मेरे लंड का सुपाड़ा उसकी चूत के मुँह पर रखा, तो उसका पूरा बदन कांपने लगा और बोली कि जल्दी से घुसा दीजिए मोहन जी. अब उसकी चूत तो चाटने से और चूत के रस की वजह से पूरी गीली थी, लेकिन फिर भी मैंने अपने हाथ में थूक लेकर मेरे लंड पर और लगा लिया और उसकी चूत के छेद में सटाकर एक धक्का मारा तो मेरा लंड फिसलकर पूरा अंदर चला गया. फिर वो एकदम से चिल्लाई आआआआहह और उसने उसका शरीर कड़क कर लिया.