भाभी की शादीशुदा बहन की सील तोड़ी-2

Bhabhi ki Shadishuda behan ki seal todi-2

अब में उसके ऊपर लेट गया था और उसके होंठो को अपने मुँह में लेकर अपनी जीभ उसके मुँह में डाल दी थी, तो वो भी मेरी जीभ को चूसने लगी थी. फिर 1 मिनट के बाद मैंने थोड़ा ऊपर होकर दूसरा तेज धक्का लगाया, क्योंकि मेरा लंड इतना खड़ा हो गया था कि उसका रूकना मुश्किल था. अब तेज धक्के से मेरा आधे से ज़्यादा लंड झटके से अंदर तो चला गया था, लेकिन वो बहुत ज़ोर से चिल्लाई हाईईईईई में मर गयी, मोहन जी धीरे, अरे निकालिए, में मर गयी, आआआअ, लेकिन मैंने पैरो में कैची डाल रखी थी, तो वो मेरा लंड तो नहीं निकाल पाई, लेकिन कसमसाती रही.

मैंने चुम्मा लेकर उसे पुचकारा और बोला कि क्या हुआ? थोड़ा और है बस, तो वो बोली कि मोहन जी पहली बार है ना इसलिए थोड़ा धीरे-धीरे कीजिए ना. तो मुझे हैरानी हुई और बोला कि क्या मतलब? तो वो बोली कि मोहन जी में आज तक कुंवारी हूँ, क्योंकि उनका लंड खड़ा ही नहीं होता था और कभी थोड़ा बहुत हुआ भी तो बाहर ही झड़ जाता था तो अंदर जाने की तो नौबत ही नहीं आई.

फिर मैंने चुम्मा चाटी और बातों में उलझाकर मौका देखकर एक आख़री जोर का धक्का मार दिया तो मेरा लंड उसकी कुंवारी कच्ची चूत को फाड़ता हुआ पूरा का पूरा घुसकर उसकी बच्चेदानी में लग गया. तो वो बहुत तड़पी, लेकिन में सावधान था और उसको कसकर दबोच लिया था और उसको अपने लंड को बाहर नहीं निकालने दिया था.

अब इतनी उम्र और पूरी औरत होने के बावजूद वो दर्द से रोने लगी थी. फिर मैंने उसके पूरे चेहरे पर चूमा, चूची चूसी और अपने एक हाथ से उसके चूतड़ सहलाए, तो तब उसको थोड़ा आराम मिला. फिर करीब 5 मिनट के बाद मैंने उससे पूछा कि दर्द कम हुआ, तो वो बोली कि हाँ अब थोड़ा कम है. फिर मैंने धीरे से अपने लंड को बाहर करके हल्के-हल्के धक्के लगाने चालू किए, तो धीरे-धीरे उसको भी दर्द की जगह मज़ा आने लगा तो वो बोली कि थोड़ा ज़ोर से धक्का लगाइए.

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फिर मैंने धीरे-धीरे अपनी रफ़्तार बढ़ा दी और लास्ट में पूरा जोर लगाकर उसको चोदना चालू किया. अब वो अपनी दोनों टाँगे ऊपर करके चुदवाने लगी थी और पागलों की तरह बोल रही थी हाए मोहन जी आज पूरा दिन कसकर चोद दो, हाईईईईईईईईईईई अब में आपकी हो गयी हूँ, आज से में आपकी हूँ मोहन जी, मेरे पेट में आज ही अपना बच्चा डाल दो, हाईईईई और ज़ोर-ज़ोर से चोदो और ऐसे कहते हुए वो झटके से मुझसे लिपट गयी और अपने मुँह से आवाजे निकालने लगी हाईईईईई मोहन जी में मररररर गयी, हाईइईईईईई, आहह और फिर वो पूरी तरह से जिंदगी में पहली बार झड़ गयी. अब उसकी चूत इतनी गर्म हो गयी थी कि 4-5 ज़ोर-ज़ोर से धक्के लगाने के बाद में भी झड़ गया और उसकी चूत को अपने वीर्य से पूरा भर दिया.

अब वो खूब कसकर मुझसे लिपट गयी थी और मेरे कान में बोली कि मोहन जी अभी बाहर मत निकालना बच्चा होने के लिए आपका पूरा पानी बच्चेदानी में जाना जरूरी है. तो में उसकी चूत में अपना लंड डाले उसके ऊपर ही लेट गया और उसे चूमने लगा और अपना एक हाथ नीचे ले जाकर उसकी चूत को टटोल कर देखा तो मेरे हाथ में खून लग गया तो मुझे फिर से हैरानी हुई.

फिर वो बोली कि मोहन जी अब तो आपको विश्वास हो गया ना, मैंने आपको बिना चुदी चूत दी है. फिर में बोला कि हाँ शालू आज से तू मेरी जान है, तू मेरी रानी है, क्योंकि तूने अपना कुंवारा शरीर मुझे अर्पण किया है, तो वो भी खुश हो गयी. फिर 15-20 मिनट के बाद में उसके ऊपर से उठा और अब उसकी चूत ने मेरा सारा पानी अपने अंदर सोख लिया था और फिर थोड़ा बहुत बाहर आया, तो उसमें पूरा खून लगा था.

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फिर मैंने उससे कहा कि हम दोनों भाइयों ने तुम दोनों बहनों को एक बेड पर ही औरत बना दिया है और उससे कहा कि तेरी बहन का खून भी इसी चादर पर लगा था, तो वो हँसने लगी और बोली कि ये सब बहुत अच्छा हुआ और नीचे चादर पर भी खून लग गया था. फिर उसने मेरे लंड को साफ करके चुम्मा लिया और फिर अपनी चूत भी साफ की.

अब वो कहने लगी थी कि मोहन जी आज आपने मुझे आख़िर औरत बना ही दिया, तो मैंने कहा कि नहीं आप अभी पूरी तरह से औरत नहीं बनी हो, तो वो कहने लगी कि क्यों? अब औरत बनने में क्या रह गया? तो में उसके कूल्हों को सहलाता– सहलाता उसकी गांड में अपनी एक उंगली डालकर कहने लगा कि अभी आपकी गांड कुँवारी है, जब इसके अंदर लंड चला जाएगा और आपकी गांड चुद जाएगी तो तब आप पूरी औरत बनोगी, अभी तो आप आधी ही औरत बनी हो.

फिर वो मना करने लगी, लेकिन अब में कहाँ मानने वाला था? तो फिर मैंने उसको पेट के बल उल्टा लेटाकर उसकी गांड में थूक लगाकर उसकी गांड के छेद पर अपना लंड रख दिया और धीरे- धीरे धक्के लगाकर अपना पूरा लंड उसकी गांड में घुसा दिया. वो दर्द से करहाने लगी और रोने लगी, लेकिन में कुछ देर तक उसके ऊपर ही लेटा रहा और 5 मिनट के बाद उसकी गांड की चुदाई शुरू कर दी.

फिर उसने भी अपनी गांड उछाल-उछालकर अपनी गांड चुदवाई और फिर उस दिन उस बेड पर मैंने उसको 5 बार चोदा और शाम को 4 बजे तक हम दोनों ऐसे ही नंगे ही लिपटे रहे. फिर उसके बाद तो मैंने उसे लगभग 3 साल तक चोदकर 2 बच्चे पैदा किए, उसको पहली बार में ही गर्भ (पेट) रह गया था, तो उसके पति को एक रात के लिए किसी बहाने से बुलाया, तो वो कर तो कुछ नहीं पाया, लेकिन जब उसे पता चला कि वो गर्भवती हो गयी है, तो वो खुशी से उसे अपने घर ले गया, शायद उसे अपनी कमज़ोरी का पता था, उसे ये भी अच्छी तरह से पता था कि ये बच्चा उसका नहीं है फिर भी इसलिए चुप रहा.

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अब वो अपनी ससुराल में खुश है और उसने अपना इलाज भी करा लिया है, उसे पक्का तो नहीं मालूम, लेकिन शक पूरा है कि यह दोनों बच्चे मेरे है और इसका कारण यह है कि उन दोनों बच्चो की शक्ल मुझसे मिलती है. अब दिक्कत ये है कि वो मुझे अपने यहाँ आने नहीं देता है और शालू को भी नहीं भेजता है.

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