भूगोल की मैडम का घमंड चूर चूर कर दिया–3

Bhugol ki madam ka ghamant chur chur kar diya- 3

कहानी के दूसरे भाग में आपने पढ़ा कि किस तरह से मैंने महक मैडम को चोदने के लिए फिल्डिंग जमाई।फिर महक मैडम को छुट्टी होते ही क्लास में पेलने लगा। अब आगे……….

महक मैडम मेरा लन्ड चूस चूसकर मेरा पानी निकालने की कोशिश कर रही थी लेकिन लाख कोशिश करने के बाद भी मेडम मेरे लन्ड का पानी नहीं निकाल पाई। अब मैं बैंचो के बीच  खड़ा हो गया और फिर महक मैडम के सिर को पकड़कर लंड उनके मुंह में अन्दर बाहर अंदर बाहर करने लगा।मैडम आह आह ऊंह आह ऊंह करते हुए लंड को मुंह में ले रही थी। मेडम के बूब्स ज़ोर ज़ोर से हिल रहे थे।  मेरा पूरा लन्ड मेडम के मुंह में नहीं जा पा रहा था।तभी मैंने मैडम के सिर को ज़ोर से पकड़ कर पूरा लंड महक मैडम के मुंह में ठूंस दिया। अब मेडम की जान हलक में आ गई।उन्हें सांस भी नहीं लिया जा रहा था मैंने थोड़ी देर तक मैडम को ऐसे ही लंड खिलाए रखा।फिर वापस मैडम के मुंह में लंड पेलना शुरू कर दिया। मैडम की हालत खराब हो गई थी।

फिर थोड़ी बाद मैंने मेरे लन्ड का पूरा रस मैडम को पिला दिया।लंड का पूरा रस निकलने के बाद मैंने मेडम को छोड़ा। अब जाकर मैडम की जान में जान आई। मेरा लन्ड ढीला पड़ चुका था लेकिन मेरी उंगलियां तो फ्री थी।तभी मैंने महक मैडम को क्लास के गेट से सटाकर खड़ा कर दिया।उनकी गांड़ मेरी तरफ थी और मुंह गेट की तरफ था। तभी मैंने महक मैडम को पीछे से दबोच लिया और उनके बालो को हटाकर उनकी गौरी चिकनी गर्दन पर किस करने लगा।धीरे धीरे मेडम की हॉट सेक्सी बॉडी में सिहरन फूटने लगी।
मेडम– आह आह ओह ऊंह ओह रोहित।

इधर मेरा लन्ड मैडम की गांड में घुसने के लिए तड़पने लगा।तभी मैंने आगे से मैडम के बूब्स भी दबाना शुरु कर दिया। अब मेडम के जिस्म पर चारो तरफ से वार हो रहा था। मैडम मादक सिसकारियां भर भरकर पागल हो रही थी।तभी मै मैडम की मखमली पीठ पर किस करता हुआ मैडम की रसीली चूत को उंगलियों से खोदने लगा।मैडम ज़ोर से चिल्ला उठी।
मैडम– आईईईई आईईईई आईईईई वो रोहित धीरे धीरे डालो ना।
मैं– ओह आह आह ओह मेडम बहुत मज़ा आ रहा है।डालने दो ना।
मैं जल्दी जल्दी मैडम की चूत की खुदाई करने लगा।मैडम की चूत की बर्फ पिघलने लगी।मैडम दर्द से बिलबिला उठी।मेरी तीनो उंगलियां उनकी चूत को खोद रही थी। तभी मैंने महक मैडम को पलट लिया। अब मेडम की चूत और सेक्सी बूब्स मेरे सामने आ गए। मैं फिर से मैडम की चूत को खोदने लग गया।

मैडम– ओह रोहित,बहुत दर्द हो रहा है।आह आह ओह आह।प्लीज अब मत करो ना।
मैं– ओह मेडम करने दो ना।इसमें आपके क्या जा रहा है।
मैडम– ओह रोहित मै मर जाऊंगी।प्लीज बस करो अब तो।
मैं– अब देखो मैडम पानी कैसे निकालते है।
अब मैं फुल स्पीड में मैडम की चूत में उंगलियां घुसाने लगा।मैडम तेज़ आवाज़ में चिल्लाने लगी। तभी कुछ देर बाद मैडम की सेक्सी बॉडी सिहर उठी और मेडम ने आह आह ओह आह करते हुए चूत में से कामरस निकाल दिया। अब मैंने मैडम की चूत से पूरा कामरस मुंह में भर लिया। अब तक मेरा लन्ड फिर से लोहे की रॉड बन चुका था। मैडम चूत का पानी निकालकर बेहाल हो चुकी थी। अब मेडम की चूत ठोकने की बारी थी।
अब मैंने मैडम को बाहों में उठाकर बेंच पर लेटा दिया और जल्दी से मैडम की सेक्सी टांगो को फैला दिया। अब मैंने मैडम की टांगो को पकड़कर मेरे लन्ड का सुपाड़ा मेडम की चूत के मुंह पर रख दिया और जोरदार धक्का मार दिया।मेरा लन्ड दनदनाता हुआ मैडम की चूत के सभी झाड़ झंकाडो को तोड़ता हुआ सीधा मैडम की चूत के पेंदे में प्रवेश कर गया।लंड अंदर चूत में घुसते ही मेडम ज़ोर से बिलबिला उठी। उनकी चूत में मेरा लन्ड फंस चुका था।मैडम दर्द से करहाने लगी।
मेडम– आईईईई आईईईई ओह ओह आईईईई मर गई।आईईईई मम्मी।

अब मैंने लंड को बाहर निकाला और फिर लपक लपककर मैडम को चोदना चालू कर दिया। अब मेरे लन्ड के हर एक शॉट के साथ ही मेडम की दर्द भरी चीखे निकलना शुरू हो गई।
मैडम– ओह आह आह ओह आईईईई ऊऊऊईईई आईईईई ओह।
मैं महक मैडम को चोदने में कोई कसर नहीं छोड़ रहा था।मेरा लन्ड धकाधक उनकी चूत को रगड़ रहा था।मैडम ज़ोर ज़ोर से चीख रही थी।थोड़ी ही देर में मेडम की आंखो से आंसू झरने लगे।आज मैडम के सेक्सी जिस्म की हवा टाइट हो गई थी। अब मैंने चुदाई के साथ साथ मैडम के बूब्स को निचोड़ना चालू कर दिया। अब मेडम की गांड फटकर हाथ में आ गई।
मेडम– आईईईई आईईईई ओह ओह आऊ ओह आह। बस करो रोहित,बहुत हो गया है।
मैं– मैडम अभी तो काम शुरू ही हुआ है।आपकी तो अभी से ही गांड़ फटने लग गई।

मैडम– रोहित अब मुझसे तेरा नहीं झेला जा रहा है।
मैं– ओह आह आह आह आह ओह चोदने दो ना मैडम।बहुत ज्यादा मज़ा आ रहा है।
मैडम–ओह आह ओह आह बस कर रोहित।अब और नहीं। आईईईई ऊईईई।
मैं– मैडम आज तो मै आपकी चूत की चटनी बना दूंगा।आप देखती जाओ।
मैं लगातार मैडम की चूत पर हमला करते हुए उनकी चूत के परखच्चे उड़ा रहा था। तभी महक मैडम धक धक कांपने लगा। अब मैं समझ गया था कि महक मैडम झड़ने वाली है।तभी मैंने मैडम को कसकर बाहों में दबा दिया। अब मेडम ने भी मुझे छाती से चिपका लिया।कुछ ही देर में मेडम आह आह ऊंह आह करती हुई झड़ गई।उन्होंने मेरे लन्ड को गरमा गर्म चासनी में भीग दिया। अब मेडम मैडम के हॉट सेक्सी जिस्म पसीने में लथपथ हो गया। अब मैं महक मैडम की गौरी चिकनी कलाइयां को मसलते हुए उनकी चूत में लंड पेलने लगा। अब मेरे लंड के हर एक शॉट के साथ ही फच् फ्फच फ्फद्द खछ ख़ाच खाछ फ्सच की आवाज़ हॉल में गूंजने लगी। अब महक मैडम चुपचाप आह आह ऊंह आह ओह करती हुई चूत चुदाने लगी। अब महक मैडम का पूरा घमंड चूर चूर हो चुका था।

मैं गांड़ हिला हिलाकर लगातार महक मैडम को पेले जा रहा था। अब तक मैडम की चूत चुदकर भोसड़ा बन चुकी थी।वो चुदाई करवाकर बेहाल हो चुकी थी।
अब मैंने महक मैडम को बेंच पर से उठाया और नीचे गैलरी में लेटा दिया। अब मै फिर से मैडम के भोसड़े में लंड ठोकने लगा।
मैडम– आह आह आह ओह आह ओह आह।रोहित तूने तो आज मेरी जान निकाल दी है।
मैं– मेडम मुझसे चुदोगी तो ऐसे ही मज़ा मिलता रहेगा।
मैं– आह आह ओह मेडम, आप सच में एकदम मक्खन जैसी माल हो। आपको चोदकर तो मेरा लन्ड धन्य हो गया।
मैं मैडम की कलाइयां को मसलते हुए मैडम की चूत की जोरदार ठुकाई कर रहा था। अब तक मैडम के जिस्म का पुर्जा पुर्जा हिल चुका था। थोड़ी देर बाद मेडम फिर से कांप उठी और पूरा रस मेरे लन्ड को पिला दिया।

अजब गजब नज़ारा था यारो जिस महक मैडम के तेवर देखकर मै कभी उनसे नज़रे नहीं मिलाता था आज उन्हीं महक मैडम को पूरी नंगी करके हमारी क्लास में ही चोद रहा था। मैं अपने आप को धन्य समझ रहा था जो मुझे इतनी शानदार माल चोदने को मिल रही थी।
अब थोड़ी देर बाद मैंने मेडम को मेरे जिस्म की बाहों में कस लिया और फिर मेरे लन्ड का पूरा गरमा गर्म माल मैडम के भोसड़े में गिरा दिया। अब हम दोनों पसीने से लथपथ होकर एक दूसरे के ऊपर पड़े रहे।
कुछ देर बाद मैंने मेडम को उठाकर चेयर पर बैठा दिया।ये वही चेयर थी जिस पर मैंने कल्पना मैडम को चोदा था। अब मैं नीचे बैठकर मैडम के चिकने भोसड़े को चाटने लगा।उनके भोसड़े में से अभी भी लावा टपक रहा था। मैडम आह आह आह ओह आह ओह करती हुई मेरे सिर को भोसड़े पर दबाने लगी।धीरे धीरे मेडम को भोसड़े को चटवाने में मज़ा आने लगा।
मैडम– आह आह ओह आह रोहित, तूने तो आज मेरी चूत की सच में चटनी ही बना दी है।

मैं– ओह मैडम आपकी चूत की चटनी बनानी ही थी।
मैडम– खाजा मेरी चूत को,,ओह आह ओह रोहित बहुत मज़ा आ रहा है।
अब मैं मैडम के भोसड़े के गुलाबी दाने को जीभ से सहलाने लगा।मैडम ने मेरे सिर को ज़ोर से भींच लिया। थोड़ी देर बाद मैंने मेडम के भोसड़े को फिर से उंगलियों से कुरेदना चालू कर दिया।
मैडम– ओह रोहित , तू यहीं मत कर ना।बहुत ज्यादा दर्द होता है। आहाहाह आह आह ओह ओह।
मैं– मैडम दर्द के साथ मज़ा भी तो आता है।
मैडम– आह आह ओह आह्ह ।बहुत दर्द हो रहा है यार। प्लीज मत कर ना यार।
लेकिन मैं मैडम की बात क्यो मानता। पता नही फिर इस मस्त माल को चोदने का मौका कब मिले। मैं फुल स्पीड में मैडम के भोसड़े की आंतरिक कंदराओं को खोद रहा था। मैडम दर्द से बहुत ज्यादा तड़प रही थी।
मैडम– बस कर रोहित। अब छोड़ दें ना।

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लेकिन मैं नहीं माना और लगातार मैडम के भोसड़े को कुरेदता रहा। अब तक मैडम बहुत ज्यादा गर्म हो चुकी थी।
अब क्या होता।वो ही हुआ जो मै करना चाहता था।मैडम ने एक बार फिर भोसड़े में से गरमा गर्म चासनी बाहर उड़ेल दी। अब मै जल्दी जल्दी मैडम की चासनी को पीने लगा। कुछ देर बाद मेडम शांत हुई। अब मैंने मैडम को चेयर पर से उठाया और खुद चेयर पर बैठ गया। अब मेडम ने पहले तो मेरे लंड को अच्छे से सहलाया।फिर मुंह में भरकर अच्छी तरह से चूसने लगी। अब मै बीच बीच में मेरे लन्ड को मेडम के मुंह में पूरा ठूसने लगा।अबकी बार मैडम मेरे पूरे लंड को खा जाती थी।
मैडम– वाह रोहित,तेरा लंड तो कमाल का है।
मैं– तो फिर ज़ोर ज़ोर से चूसो ना मैडम।
मैडम– ज़ोर ज़ोर से ही चूस रही हूं यार।

अब मैं मैडम को भड़काने लगा।
मैं– ओह मेडम आप तो धीरे धीरे लंड चूस रही हो।थोड़ा ज़ोर लगाकर चूसो ना।तभी तो मेरे लन्ड को पूरा मज़ा आयेगा।
मेरी बात सुनकर मैडम पूरा ज़ोर लगा कर मेरे लन्ड को नोचने लगी।उन्होंने मेरे लन्ड को चूस चूसकर लाल कर दिया। अब तक मेरा पूरा लन्ड मैडम के थूक से पूरा गीला हो चुका था।
मैडम– अब देख मै तेरा पानी कैसे निकलाती हूं।
अब मेडम पूरे जोश से मेरे लन्ड की हालत खराब करने लगी। अब मेरा लन्ड भी बेचारा कब तक खुद को रोक पाता। इसलिए अब मेरे लन्ड ने भी मैडम के मुंह को पूरा लन्ड रस से लबालब कर दिया। फिर मैडम ने मेरे लन्ड का पूरा रस निचोड़ निचोड़ कर पी लिया।
मैडम–अब बोल। पहले बड़ा इतरा रहा था ना।

मैं– ओह मैडम आप तो पक्की खिलाड़ी निकली।
मैडम– वो तो मैं हूं ही सही।
लंड का पानी निकलते ही मै बुरी तरह से पसीने में भीग गया।मेरा लन्ड भी बुरी तरह से ढीला पड़ गया।
अब मैं मैडम की गांड मारना चाहता था तभी मैंने थोड़ी देर बाद महक मैडम को बेंच पर झुका दिया और उनकी गांड़ के चूतड़ों को सहलाने लगा। वाह! क्या गजब के चूतड़ थे मैडम के। मैं उन्हें अच्छी तरह से किस करने लगा।धीरे धीरे मेरा लन्ड फिर से उठने लगा।तभी मैंने मैडम की गांड के छेद में उंगली घुसा दी।मेरी उंगली आसानी से मैडम की गांड में घुस गई। अब मैं समझ गया था कि महक मैडम पहले से ही गांड़ में लंड ठुकवा चुकी है। ये जितनी सेक्सी है उतनी चुदक्कड़ भी है। अब मैं मैडम की गांड में उंगली डालने का मज़ा लेने लगा। तभी महक मैडम का मोबाइल बज उठा। उन्होंने झट से कॉल रिसीव किया। कल्पना मैडम का कॉल था। कल्पना मैडम ने कहा– प्रिंसिपल मेम किसी भी वक्त ऊपर आ सकती है। फटाफट निपटा लो।

तभी महक मैडम की गांड़ फट गई और वो जल्दी जल्दी उनके कपड़े ढूंढने लगी जो पूरे क्लासरूम में तीतर बीतर पड़े हुए थे। तभी मेडम पैंटी को ढूंढने लगी लेकिन नहीं मिली।वो बहुत ज्यादा परेशान होने लगी तभी मैंने मैडम को मेरी अंडरवियर पहना दी। अब मेडम ने फटाफट ,ब्लाउज पेटीकोट पहन लिया।फिर जल्दी से साड़ी पहन ली।तब तक मैंने भी मेरे कपड़े बिना अंडरवियर के पहन लिए। अब मेडम ने खुद को ठीक कर लिया।  फिर हम दोनों ने जल्दी से बैंचो के नीचे से टेस्ट पेपर इक्कठे किए।
अब महक मैडम ने टेस्ट पेपर को हाथ लिया और प्रिंसिपल मेम के पास चल पड़ी। अब मैं भी बेग उठाकर लंड मसलता हुआ मैडम के पीछे पीछे आ गया। तभी प्रिंसिपल मेम हमें सीढ़ियों पर ही मिल गई।
प्रिंसिपल मेम– बहुत टाइम लगा दिया।
मैडम– हां मैडम देखो ना,इसको कुछ आता ही नहीं है, ये देखो टेस्ट में कुछ नहीं लिखा है।
फिर प्रिंसिपल मेम ने मुझे अच्छी तरह से डांटा और घर पर पढ़ाई करने के लिए कहा। मैं मन ही मन सोचने लगा कि प्रिंसिपल मेम को कैसे बताऊं कि अब मेरा मन पढ़ाई करने में नहीं चुदाई करने में लगता है।

खैर अब महक मैडम तो स्कूटी स्टार्ट कर घर चली गई और मैं कल्पना मैडम की एक्स्ट्रा क्लास में लंड पकड़कर बैठ गया।
फिर मै क्लास ख़तम होने के बाद वापस ऊपर चुदाई वाले हॉल में गया और वहां पर फर्श पर लगे चूत और लंड रस के धब्बों को मिटा दिया। अब मैंने महक मैडम की पैंटी को ढूंढा लेकिन साली नहीं मिली।

फिर रास्ते में मैंने कल्पना मैडम को महक मैडम की पूरी स्टोरी बताई। कल्पना मैडम महक मैडम की चीखे निकलने की बात सुनकर बहुत ज्यादा खुश हुई।
अब मैं कल्पना मैडम को उनके घर पर छोड़कर मेरे घर पहुंचा लेकिन मुझे महक मैडम की पैंटी की टेंशन होने लगी। महक मैडम भी पैंटी की टेंशन में आ गई।  फिर सुबह हम दोनों ने जल्दी  स्कूल पहुंचकर  मैडम की पैंटी को फिर ढूंढा लेकिन नहीं मिली। अब मैं महक मैडम की गांड मारने की इच्छा को छोड़कर मैडम की पैंटी की टेंशन में डूब गया।
फिर तीन चार दिन बाद अचानक सुबह सुबह बेंच के नीचे चार पांच लड़कियों को महक मैडम की पैंटी दिख गई। वो पैंटी के बारे में बाते करने लगी। थैंक्स गॉड तभी कल्पना मैडम ने आकर सब कुछ सम्हाल लिया।
आपको मेरी ये कहानी कैसी लगी मुझे मेल करके जरूर बताएं– [email protected]