कार मकेनिक ने मेरी चूत की सर्विसिंग की-1

Car Mechanic Ne Meri Chut Ki Servicing Ki-1

मैं हिमानी, उम्र 32 साल, गोरी, लंबी, 36-28-38 की फीगर है। अपनी नौकरी ज्वाइन करने से पहले, मेरे पति मेरे लिए एकदम नयी मारुती इस्टीम खरीद कर लाये। यह कार मेरे लिए बहुत उपयोगी बन गयी। मेरा पति ने मुझे ड्राइविंग सिखाया। Car Mechanic Ne Meri Chut Ki Servicing Ki.

अब मैं अकेले ही कार ड्राइव करके बाजार, अपने बच्चों को स्कूल और सभी अन्य स्थानों के लिए जाती हूँ। सच बोलूं तो इस कार ने मेरी आजादी और अधिक बढ़ा दी। हमारे घर के सामने एक गेराज था। वहां गगन नाम का एक मैकेनिक, 25 साल का जवान लड़का था।

वह मेरे पति का बहुत ज्यादा सम्मान करता है क्योंकि मेरे पति ने गैरेज के लिए उसकी बहुत ज्यादा मदद की थी। जब भी मैं अपनी कार के लिए उसके गेराज में जाती हूं तो वह मेरे साथ ठीक से व्यवहार करता है।

लेकिन जब मेरे पति अपने काम के लिए चले गये तो मैंने मेरे प्रति गगन के व्यवहार में कुछ बदलाव देखा। मैं जब भी वहां जाती तो उसने मेरे साथ मजाक करना शुरू कर दिया। मैं जब भी बोनट पर झुकती तो वह मेरी मेरी पोशाक के अंदर, ब्रा के अंदर देखने की कोशिश करता। मैं उसका इरादा समझी जरूर लेकिन इस सब पर ध्यान नहीं दिया।

मैं जब उसकी तरफ देख रही होती तो अक्सर वो पैंट के ऊपर से खुले तौर पर अपने लण्ड को मसलता। मैंने सोचा कि इसमें कोइ नुकसान है और कुछ भी नहीं कहा। इससे उसकी हिम्मत और बढ़ गई और काम के दौरान वो मेरे शरीर को छूने भी लगा। मैंने निर्णय लिया कि अब मैं उसके गैरेज में नहीं जाऊंगी और एक नया गेराज तलाश करूंगी।

तभी मेरे दोस्तों ने तय किया कि हमलोग रविवार को बाहर सैर के लिए जायेंगे। क्योंकी मेरे ग्रुप में केवल मेरे पास कार थी, इसलिये मैंने अपनी कार ले जाने की पेशकश की, यह शुक्रवार की सुबह थी। तब मुझे याद आया की कार का ए॰सी॰ काम नहीं कर रहा था और हेडलाइट कि भी समस्या थी।

अब मेरे पास कोई विकल्प नहीं था, सिवाय गगन के पास मरम्मत के लिए गाड़ी ले जाने के। मैंने उसे समस्यायें बताई और यदि आवश्यक हो तो हेडलाइट को बदलने के लिए कहा

इस समय के दौरान मैंने अपने सारे शरीर पर उसकी आंखों को महसूस किया। उसने कहा कि कार 3:00 बजे तक ठीक हो जाएगी, और मुझे उसके बाद कार ले जाने के लिए कहा। मैं सहमत होते हुए अपने घर चली गयी। मैं ठीक 3:00 बजे उसके गैरेज में पहुँच गयी।

यह एक शुक्रवार था, इसलिये वो अपने गैरेज में अकेला था। मुझे गगन कहीं भी नहीं मिला। मैंने उसे 4-5 बार आवाज दी, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला, तो अंत में मैं उसके कार्यालय-सह-कमरे में चली गई।

वहां मैंने उसे सिर्फ एक लुंगी और टी-शर्ट में फर्श पर सोते हुये पाया। मैं उसे फिर से आवाज देने वाली थी कि मैंने देखा की उसकी लुंगी एक तरफ हट गई थी और उसका लणड बाहर निकला हुआ था, जिसने मुझे रोक दिया। मेरी आवाज मेरे गले में फँस गई और मेरी धड़कन बढ़ऩी शुरू हो गई। उसका लण्ड एक झंडे की तरह खड़ा था जो लंबा और मोटा था और उसका सुपाड़ा प्री-कम से चमक रहा था।

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मैंने उसे अपने लण्ड को सहलाते हुये कुछ फुसफुसाते सुना, तो मैं ध्यान लगाकर सुनने लगी की वो क्या कह रहा था और जो मैंने सुना, उसे सुनकर मैं चौंक गई।

गगन कह रहा था- “ओह्ह्ह्ह… हिमानी, और चूस मेरा लण्ड, ज़ोर-ज़ोर से चूस इसको, बहुत दिनों से मैं, मेरा लण्ड तुझसे चुसवाना चाहता था और बाद में तेरी गुलाबी चूत चोदना चाहता था। आज तू मिली है तो पूरी भड़ास निकालूँगा इस बदन पे हिमानी…”

इसका मतलब था कि गगन सपने में मुझसे सेक्स रहा था। उसकी कार्रवाई और शब्दों ने मुझे गर्म करना शुरू कर दिया। अब मैंने समझा और महसूस किया की मेरे बारे में उसके क्या विचार थे। गगन अब अपने हाथ से अपना लण्ड सहला रहा था।

उसका खड़ा लण्ड देखकर मेरी चूत गरम होने लगी और चूचियों में खून तेज़ दौड़ने लगा। मैंने पाया की मेरे निपल्स खड़े हो गये हैं। मैंने आपने हाथों से पैंट के ऊपर से अपनी चूत सहलाई। मुझे ऐसा लगा की मैं अभी जाकर गगन का लण्ड आपने हाथों में लेकर उसको सहलाकर चूस डालूं।

लेकिन बहुत देर तक उसको घूरने के बाद मैं अपने होश में आई तो कमरे से बाहर चली गई और फिर उसे बुलाना शुरू कर दिया।

मैंने कमरे से कुछ आवाज सुनी, इसका मतलब कि गगन जाग गया है। अंत में गगन उसी पोशाक में बाहर आया, मुझे देखकर मुस्कुराया और कहा- “सारी हिमानीजी, आज छुट्टी है ना तो काम करने के बाद मुझे नींद लग गयी। लेकिन आपकी कार के ए॰सी॰ का काम मैंने कर दिया है। आपको ज़्यादा टाइम तो नहीं रुकना पड़ा ना हिमानीजी?”

उसकी लुंगी के नीचे खड़े लण्ड को देखने से अपने आपको रोकते हुये मैंने कहा- “नहीं गगन, मैंने बस 2-3 बार तुमको आवाज़ दी। अच्छा यह बताओ कि ए॰सी॰ में क्या प्राब्लम थी?”

गगन ने कहा- “ए॰सी॰ के साथ गैस की समस्या थी, और कहा कि ए॰सी॰ का एक परीक्षण करने के बाद वो हेडलाइट की जाँच करेगा…”

मैं भी कोई समस्या नहीं चाहती थी इसलिये मैं एक टेस्ट ड्राइव के लिए सहमत हो गई। वह अपने कपड़े बदलने गया, एक शार्टस और टी-शर्ट पहनकर आया और वह ड्राइवर की सीट में बैठ गया और मुझे बगल की सीट में बैठने के लिए कहा। फिर खिड़कियां बंद करके कार स्टार्ट की। उसने कार गेराज के बाहर निकाली और मुझसे पूछा कि हमलोग किधर और कहां तक ड्राइव करें।

मैंने कहा- “कहीं भी, जब तक मैं ठंडा महसूस न करूं…” मैं एक लाल टाप और नीली जींस में थी। शुक्रवार होने के नाते सड़कें खाली थीं तो शहर से बाहर आने के लिए गगन को कोई समय नहीं लगा। मैं अब अच्छी तरह से ठंडा महसूस कर रही थी।            “Meri Chut Ki Servicing”

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निरुद्देश्य इधर-उधर ड्राइव करते, मेरी तरफ देखते हुये गगन ने कहा- “हिमानीजी एक बात बोलू… आपके दोनों हेडलाइटस तो मुझे एकदम अच्छे लगते हैं लेकिन मुझे उनको ज़रा खूब ध्यान से चेक करना है और खराबी ढूँढ़नी है। अभी चेक करू हेडलाइट?”

उसने गलत कुछ भी नहीं कहा, मुझे कुछ भी गलत नहीं लगा, लेकिन मैंने पूछा कि वो चलती कार में उन्हें कैसे जाँच करेगा?”

उसने कहा कि वो गाड़ी पार्क करेगा और जाँच करेगा, जिसके लिये मैं सहमत हो गई। उसने कार एक सूनसान सड़क पर रोकी और उतर गया, हेडलाइट की जाँच करने के लिये बोनट खोला। गलती से मेरी आँखें उसके लण्ड पर चली गईं जो शार्ट के अंदर अभी भी खड़ा था।

मेरी आँखें उस पर गड़ी थीं और मैं अपनी चूत में उत्तेजना होने का संकेत महसूस कर रही थी। हेडलाइट की जाँच के बाद गगन मेरी तरफ आया और मुझे नीचे झुकने के लिए कहा और ढीले तार को दिखाया।

ढक्कन बंद करने के बाद गगन ने कहा- “हिमानीजी ये हेडलाइटस को मैंने चेक कर दिया लेकिन अभी भी आपके दो हेडलाइटस बाकी हैं। आप कहो तो मैं उनको भी चेक करूं?”                                               “Meri Chut Ki Servicing”

मैं कुछ समझी नहीं कि कौन सी दो और हेडलाइटस हैं जिसके बारे में वो बात कर रहा था तो मैंने उससे पूछा- “तुम कौन सी दो हेडलाइट की बात कर रहे हो गगन? तुम्हारा दिमाग़ तो ठीक है ना? और कौन सी दो हेडलाइट हैं मेरे पास, जो तुम चेक करना चाहते हो?”

जवाब में गगन मेरे पास आया और मेरे स्तनों की ओर इशारा करते हुये कहा- “हिमानीजी, मैं इन हेडलाइटस की बात कर रहा था। मेरी बहुत दिनों की यह तमन्ना है की मैं आपकी शर्ट उतार के और ब्रा खोलके आपको अपने हाथों से नंगा करके अच्छी तरह चेक करूं। बोलिए हिमानीजी, चेक करूं, मैं इनको अब्भी यहाँ? यहाँ तो हम दोनों के सिवा कोई नहीं है। मैं बड़े इतमीनान से इनको चेक कर सकता हूँ…”

ऐसा कहने के दौरान गगन ने मेरा हाथ उसके हाथ में कसकर पकड़ लिया था और हल्के-हल्के सहला रहा था। मैं दंग रह गयी, कुछ भी जवाब नहीं दे पाई, और इसी समय में गगन ने अपने दोनों हाथ मेरे स्तनों पर रख दिये और धीरे-धीरे लेकिन मजबूती से उन्हें सहलाने लगा।

अपने होश में वापस आते ही मैं कार की ओर वापस चली गई और कहा- “गगन क्या कर रहे हो? मेरे बदन से अपने हाथ हटाओ। गगन इस सुनसान जगह पे मुझे लेकर आना और ऐसा करना यही तेरा मक़सद था क्या? चलो अब मुझे जाने दो…” असल में मैं उसके लण्ड को देखने के बाद गर्म भी थी, लेकिन मैं खुद से कह नहीं पाई।

लेकिन इससे गगन रुका नहीं और वो आगे आया और फिर मेरे स्तनों के साथ खेलना शुरू कर दिया और कहा- “हिमानी, आज तो तूने भी मुझे नंगा देखा है तो मुझे भी तेरा नंगा बदन देखना है। कैसा था मेरा लण्ड? तुझे पसंद आया क्या? तुझे पता नहीं मैं कबसे तुझे चोदना चाहता हूँ…”                                                        “Meri Chut Ki Servicing”

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तब मुझे एहसास हुआ कि गगन ने सोने का बहाना बनाया था। सिर्फ मुझे अपना लण्ड दिखाने और मुझे गर्म करने के लिए।

मेरे वापस जाने के लिए कोई जगह नहीं थी इसलिये मैं अभी भी खड़ी थी। फिर गगन ने मेरे टाप के तीनों बटनों को खोलना शुरू कर दिया। उसके बाद उसे मेरी क्लीवेज़ दिखी। फिर गगन ने मेरी ब्रा में हाथ डाल दिया और मेरे स्तनों से खेलना शुरू कर दिया।

मैंने मेरी जर्सी से गगन के हाथों को दूर करने की कोशिश की लेकिन गगन ने मेरी जर्सी के अंदर एक हाथ डालकर मेरी जर्सी को ऊपर उठा दिया, जिससे मेरी ब्रा दिखने लगी। फिर मैं कुछ करूं उससे पहले ही गगन ने मेरी जर्सी को पूरी तरह से निकाल दिया।

मैंने अपने हाथों से अपनी चूचियों को ढका और कार में जाने की कोशिश की लेकिन गगन ने मुझे पीछे से पकड़ लिया और कार के दरवाजे पे मुझे धक्का दिया और मेरे भारी स्तनों का स्पष्ट नग्न दृश्य प्राप्त करने के लिए मेरी ब्रा के सामने के हुक खोल दिये।            “Meri Chut Ki Servicing”

गगन ने तब जल्दी से मेरे शरीर से मेरी जर्सी और ब्रा को निकाल दिया और कमर तक मुझे नंगा कर दिया, इतनी जल्दी कि कुछ भी करने के लिए मेरे पास समय ही नहीं था। मेरे नग्न स्तन पर उसके स्पर्श ने मुझे भी गर्म कर दिया और सेक्स के लिए उत्सुक बना दिया था।

फ़िर जब उसने मेरी चूचियों को चूसना शुरू किया, तब मैं अपने होश में आई और कहा- “गगन, प्लीज़… रास्ते में ऐसा मत करो। कई कारें यहाँ से आती जाती हैं, मुझे कितनी शरम होगी अगर क़िसी ने मुझे ऐसा देखा तो? प्लीज़… कम से कम कार में तो चलो…” यह कहने के साथ मैंने यह स्पष्ट कर दिया कि मैं उससे चुदवाने को तैयार हूँ।

लेकिन मेरी बात सुनने के बजाय उसने मेरी जीन्स और बेल्ट खोलना शुरू कर दिया और कहा- “इसका मतलब है हिमानी की तू भी मुझसे चुदना चाहती है… मेरे लण्ड ने तेरी चूत में चुदाई की इच्छा पैदा की है, है ना हिमानी?”                   “Meri Chut Ki Servicing”

उसका हाथ पकड़े हुए मैंने हाँ कहा।

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