चाचा से चूत चुदवाने की आदत-1

Chacha se choot chudwane ki aadat-1

हैल्लो दोस्तों, मेरा टीना है और में पूना में रहती हूँ, मेरी उम्र 20 साल है और मेरी लम्बाई 4.6 फीट है और मेरे बूब्स का आकार 34-30-36 है और मेरे बाल भूरे रंग के और लंबे भी बहुत है, में एकदम गोरी और बहुत सुंदर भी हूँ और कोई भी जवान या बुढा मर्द मुझे देखकर मुझे पाने को बेकरार हो जाता है, क्योंकि में बहुत मस्त हॉट सेक्सी नजर आती हूँ और जैसी में नजर आती हूँ और में ठीक वैसी भी हूँ.

एक बार अगर किसी की नजर अगर मुझ पर पड़े और वो हटने को बिल्कुल भी तैयार नहीं होती. दोस्तों यह जो कहानी आज में आप सभी चाहने वालों के लिए लेकर आई हूँ और यह मेरी एक सच्ची चुदाई की घटना है, इसमें मैंने अपने चाचा के साथ मस्त चुदाई के मज़े लिए और मैंने उनके साथ अपनी पहली चुदाई करवाकर मेरी सील को तुड़वाकर मज़ा किया.

उसके बाद मुझे अब इस काम की एक आदत सी हो गई है और यह आदत अब धीरे धीरे मेरी एक जरूरत भी बन गई है और वैसे यह तब की घटना है जब मुझे नंगी फ़िल्मे देखना बहुत पसंद था और अभी भी बहुत अच्छा लगता है और में हर रोज तीन घंटे तक इंटरनेट पर सेक्सी साईट खोलकर कभी कामुकता डॉट कॉम पर सेक्सी कहानियों के मज़े लेती और कभी सेक्सी फिल्मे देखकर अपना मन बहलाती रहती हूँ और में कभी कभी सेक्स चेट भी करती हूँ.

दोस्तों अब में आप सभी को ज़्यादा बोर करने के बदले अपनी आज की कहानी सुनाती हूँ, जिसके लिए आज में यहाँ आई हूँ. दोस्तों यह कहानी करीब एक साल पहले की है, जब में पिछले साल गर्मियों की छुट्टियों में अपने अंकल के घर गई थी.

दोस्तों मेरे अंकल एक प्रोफेसर है और मेरी आंटी एक प्राइवेट बेंक में मैंनेजर है और गर्मियों के उन दिनों में पूरा दिन में और मेरे अंकल घर पर अकेले ही रहते थे, मेरे अंकल के घर में कंप्यूटर है और में हर रोज उस कंप्यूटर को चालू करके बैठ जाती और में उस पर वही अपने पुराने काम करने लगी थी. फिर एक दिन में कंप्यूटर में कुछ काम करने के थोड़ी देर बाद में अब सही मौका देखकर उसमें सेक्सी फोटो और गंदी फ़िल्मे देखने लगी थी, वैसे दोस्तों जब भी मेरे अंकल अपनी लाइब्ररी में होते या वो कभी सो जाते, तब में कंप्यूटर पर सेक्सी फोटो देखा करती थी और में सेक्सी चुदाई वाली फिल्मे भी देखती थी और उन फोटो, फिल्मो में एक लड़की के साथ तीन या चार मर्द एक साथ सेक्स करते उसको देखकर में गरम हो जाती.

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फिर मैंने उस दिन देखा कि एक पूरी नंगी लड़की लेटी हुई थी और एक बहुत दमदार आदमी उस लड़की की चूत में अपना 7 इंच का लंड डालता है और दूसरा मर्द अपना लंड लड़की के पीछे से उसकी गांड में डालता है और तीसरा मर्द अपना लंड उस लकड़ी के मुहं में जबरदस्ती ठूस देता है और चौथा मर्द लड़की के बूब्स के निप्पल को चूसता है और ऐसे चकित कर देने वाले विडियो को देखकर मेरा भी मन हमेशा सेक्स करने को हो जाता था और उन फिल्मो में भी ऐसे ही किया करते थे और उनमें वो लड़कियाँ अपनी चुदाई करवाकर बड़े मज़े से चीख चीखकर मज़े लेती थी.

दोस्तों मेरे स्कूल की एक बहुत पक्की दोस्त ने भी मुझे एक बार बताया था कि उसने अपने चाचा के लड़के और उसके एक दोस्त के साथ कई बार सेक्स के मज़े लूटे है और उसको उसके अपने चाचा के लड़के के लंड की क्रीम बहुत मस्त मजेदार लगती है और उसको जब भी कोई अच्छा मौका मिलता है और वो अपने चाचा के लड़के और उसके फ्रेंड के लंड की क्रीम अपने मुहं में उनका लंड चूसकर उसको पी जाती है.

फिर एक बार रात को उठकर मैंने भी अपने अंकल और आंटी को अपने रूम में मस्त चुदाई करते हुए देखा. उसके बाद मैंने ऐसा बहुत बार किया, क्योंकि मुझे ऐसा करने में बहुत मज़ा आने लगा था और में उनका वो सेक्स का खेल पास वाले कमरे की खिड़की से देखती थी और यह सब देखकर मेरा भी मन अब यह सब करने को करने लगा था और में उनकी चुदाई को देखकर बहुत गरम जोश में आकर एकदम व्याकुल होने लगी थी, लेकिन में फिर मन ही मन में सोचती थी कि में किसके साथ में यह सब करूं और मेरी चुदाई करके मुझे कौन यह सब मज़े देगा?

अब मेरा भी बहुत मन हो रहा था कि कोई मेरी इस प्यासी चूत में और गांड के छेद में अपना मोटा लंड डालकर मेरी बहुत जमकर चुदाई करे और वो मुझे बहुत जमकर चोदे और में भी उसके लंड को अपने मुहं में लेकर उसके अंदर से निकले, क्रीम को अपनी जीभ से चखकर उसके मज़े लेना चाहती थी. दोस्तों में भी अब हर रोज बाथरूम में जाकर अपने चाचा, चाची की चुदाई को सोचकर उसको याद करके जोश में आकर अपनी चूत में ऊँगली किया करती और में ऐसे ही अकेले अकेले मज़े किया करती.

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मुझे एक दिन अपने अंकल का अपने मन में विचार आ गया और में सोचने लगी कि मेरी आंटी तो हर दिन सुबह दस बजे अपने ऑफिस चली जाती थी और फिर वो शाम को पांच बजे घर वापस लौटती थी, इसलिए पूरा दिन में और अंकल घर में एकदम अकेले ही होते थे और यह सभी बातें सोचकर मैंने सोचा कि क्यों ना अंकल के साथ ही यह सेक्स का खेल खेला जाए?

अब में उस बारे में सोचकर मन ही मन बहुत ख़ुशी थी और अब में उनको अपनी तरफ आकर्षित करने के लिए में जब भी हम घर में अकेले होते थे, तो में जानबूझ कर अंकल के सामने ऐसे झुककर बैठती थी कि जिससे कि उनको मेरे गोरे गोरे बड़े आकार के लटकते हुए बूब्स बिल्कुल साफ साफ दिखाई देने लगते और जब वो मुझे देखते थे, तब में अपने कपड़ो के अंदर हाथ डालकर अपने बूब्स को खुजाने लगती और वो ऐसा करते हुए मुझे घूर घूरकर देखते रहते और टी.वी. में जब भी कोई सेक्सी द्रश्य आता तो में उनके सामने देखकर मुस्कुराती और में बातों ही बातों में उनको आँख मारती और कभी कभी में अंकल से बोलती कि मुझे पीछे खुजली हो रही है, में उनको खुजाने के लिए कहती और वो मेरे कपड़ो के अंदर अपना हाथ डालकर मुझे खुजाने लगते.

दोस्तों धीरे धीरे में अपनी उस सोची समझी चाल में एकदम कामयाब हो रही थी और में उस बात को सोचकर बहुत खुश रहने लगी थी और मेरी हिम्मत बढ़ने से में अब और भी आगे बढ़ती चली गई.

एक दिन रविवार के दिन आंटी घर में थी और उनको उस दिन अपने सर में बहुत ज़ोर से दर्द हो रहा था और इसलिए वो अपने रूम में जाकर लेट गई. कुछ देर बाद उनको नींद भी आ गई. अब में और अंकल बाहर छेद में बैठकर टी.वी. देख रहे थे. तभी कुछ देर बाद मैंने अंकल से झूठ कहा कि मेरे सर में भी आज बहुत दर्द हो रहा है और इसलिए मैंने उनको मेरा सर दबाने को कहा.

फिर उन्होंने कहा कि हाँ ठीक है और फिर मैंने अपना सर उनकी गोद में रख दिया और वो धीरे धीरे मेरा सर दबाने लगे. तभी थोड़ी देर के बाद मैंने अंकल को कहा कि देखिए ना अंकल आज मेरा दिल बहुत ज़ोर से धड़क रहा है, पता नहीं मुझे आज जाने क्या हो गया है और यह बात कहकर मैंने उनका एक हाथ जबरदस्ती पकड़कर तुरंत अपनी छाती पर रख दिया.

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अब उन्होंने मेरी छाती को छूकर महसूस करके कहा कि तुम्हारा दिल तो एकदम सही तरह से ही धड़क रहा है और तभी मैंने उनका हाथ अपनी छाती पर थोड़ा ज़ोर से दबाते हुए कहा कि ज़रा आप ध्यान से देखो और ऐसा कहकर मैंने उनको आँख मारी. अब वो मेरे बूब्स को दबाते हुए मुझसे कहने लगे कि हाँ अब यह बहुत ज़ोर से धड़क रहा है और फिर वो मेरे बूब्स को सहलाने लगे और सही मौका देखकर मैंने भी उनकी लूँगी के ऊपर से उनके तनकर खड़े लंड को अपने एक हाथ से पकड़ लिया और में उसको सहलाने लगी. फिर मैंने अंकल के बाल पकड़े और उनके होंठो को मेरे होंठो से लगा लिया और अब में उनको किस करने लगी थी.

फिर मैंने कुछ देर किस करते हुए अपनी पूरी जीभ को अंकल के मुहं में डालकर मज़े लेने लगी. दोस्तों सच में मुझे उनके साथ यह सब करने में बहुत मज़ा आ रहा था. फिर उसके बाद मैंने अपनी टी-शर्ट को थोड़ा सा ऊपर किया और अब मैंने अंकल को मेरे बूब्स को चूसने के लिए कहा और फिर अंकल ज़ोर ज़ोर से मेरे बूब्स को सक करने लगे, जिसकी वजह से मुझे बहुत मज़ा आ रहा था और में बहुत जोश में आ चुकी थी.

फिर मैंने उसी समय सही मौका देखकर अपनी जींस को भी उतार दिया और अब अंकल मेरे बूब्स को छोड़कर मेरी चूत की तरफ नीचे आकर वो अपनी जीभ को मेरी चूत पर घुमा रहे थे, उस वजह से में तो एकदम पागल हो गई थी और मुझसे अब बिल्कुल भी रहा नहीं गया और मैंने उसी समय अंकल की लूँगी को ऊपर की तरफ उठा दिया और मैंने देखा कि उन्होंने अंदर अंडरवियर नहीं पहना था और उनका वो दमदार मोटा लंबा लंड देखकर तो मेरे होश ही उड़ गये, उनका लंड लम्बाई में करीब 5 इंच लंबा और 1.5 इंच मोटा था.

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