चुदाई के पल मेडमो के संग– 3

Chudai ke pal madamo ke sang-3

कहानी के दूसरे भाग में आपने पढ़ा कि किस तरह से मैंने कल्पना मैडम और महक मैडम की चूत को बुरी तरह से चोद चोद दिया था। अब आगे………
कल्पना मैडम को चोदने के बाद मै कुछ देर बाद उनके जिस्म पर से उठा और महक मैडम को दबोच लिया। अब मैने महक मैडम को बोर्ड के सहारे खड़ा कर दिया और उनके मस्त शानदार सेक्सी बूब्स को चूसने लगा। मुझे महक मैडम के गौरे चिट्टे बूब्स को चूसने में बहुत ज्यादा मज़ा आ रहा था।महक मैडम भी बड़े आराम से मेरे बालो में हाथ डालकर मुझे बूब्स चुसवा रही थी।
महक मैडम– चूस ले भड़वे, तेरी मैडम के बूब्स को।पूरा मज़ा ले ले।
मैं लगातार मैडम के बूब्स को चूसे जा रहा था।तभी मैंने महक मैडम की चूत में उंगलियां घुसा दी।महक मैडम फिर से चिहुंक उठी। अब मैं फुल स्पीड में महक मैडम की चूत की बखिया उधेड़ने लगा।
महक मैडम– आईईईई आईईईई आईईईई ऐसा मत कर ना कुत्ते। बहुत दर्द हो रहा है।

मैं मैडम की बात कहां सुनने वाला था। अब मैडम गहरी गहरी सांसे लेने लगी। मैं दे दना दन महक मैडम की चूत में उंगलियां घुसा रहा था।महक मैडम का दर्द बढ़ता जा रहा था।
महक मैडम– आईईईई आईईईई ऊंह आह आह ऊंह ओह आह ओह आह।मत कर कुत्ते।
अब मैने महक मैडम के बूब्स छोड़े और पूरा ज़ोर मैडम की चूत पर लगा दिया।
मैं– अब बोल रण्डी।कितना मज़ा आ रहा है।

महक मैडम– मेरी जान निकल रही है साले कुत्ते।आईईईई आईईईई ओह आह आह।
महक मैडम बुरी तरह से दर्द से तड़प रही थी।मेरी उंगलियां उनकी चूत की चटनी बना रही थी। अब मैं नीचे बैठ गया और महक मैडम की चूत को अच्छी तरह से चाटने लगा। तभी कल्पना मैडम भी उठकर आ गई और वो महक मैडम के सेक्सी बूब्स को जोर जोर से मसलने लगी।
महक मैडम– साली रण्डी तू तो रहने दे।
कल्पना मैडम– दबा दे साली रण्डी।तेरी गांड़ क्यो इतनी फट रही हैं?
महक मैडम– रुक रण्डी तेरी बारी आने दे।फिर मै तुझे दिखाऊंगी।

अब कल्पना मैडम महक मैडम के बूब्स को जोर जोर से मसल रही थी और मैं मैडम की चूत को अच्छी तरह से चाट रहा था। अब मैं महक मैडम की चूत के किनारों को फैलाकर उनकी चूत के दाने को जीभ से सहलाने लगा। अब तो महक मैडम पागल हो उठी।
महक मैडम– आईईईई आह आह आह आह ओह आह आह आह।
अब मैं तबीयत से महक मैडम की चूत के दाने को रगड़ रहा था। मुझे मैडम के चूत के दाने को रगड़ने में बहुत ज्यादा मज़ा आ रहा था।मैडम बुरी तरह से छटपटा रही थी।फिर मैंने बहुत देर तक महक मैडम की चूत के मज़े लिए। अब मैने कल्पना मैडम को बोर्ड की तरफ मुंह करके खड़ा कर दिया और मै उनकी गांड़ में लंड टिकाकर पीछे से मैडम की पीठ को चूमने लगा।मुझे कल्पना मैडम की छरहरी पीठ को चूमने में बहुत ज्यादा मज़ा आ रहा था।इधर मेरा लन्ड मैडम की गांड़ के सुराख में घुसने की पूरी कोशिश कर रहा था।कल्पना मैडम तो बुरी तरह से बोर्ड से चिपक गई थी। मैं मैडम से चिपककर उनके पूरे मज़े लूट रहा था।

मै कभी उनकी गर्दन को,तो कभी उनके कानों पर किस करने लगा।मैडम को किस करते हुए मैने आगे से मैडम के मस्त मुलायम बूब्स को पकड़ लिया और ज़ोर ज़ोर से मैडम के बूब्स को भिचने लगा।
कल्पना मैडम दर्द से कसमसाने लगी।उनके बड़े बड़े बूब्स मेरे हाथो में थे।
मैं– ओह मैडम।आपके ये बूब्स बहुत कमाल के हैं। ऊंह बहुत ज्यादा मज़ा आ रहा है।
कल्पना मैडम– आह थोड़ा धीरे धीरे दबा मेरे कुत्ते।तेरी रण्डी को दर्द हो रहा है।
मैं– दर्द होने दे रण्डी।दर्द में ही तो असली मज़ा आता है।
अब मैं ज़ोर ज़ोर से मैडम के बूब्स को मसलने लगा।मैडम ज़ोर ज़ोर से आह आह आह उह आह ओह करने लगी।
महक मैडम– ऐसी ही चीखे निकाल साली की।और ज़ोर ज़ोर से दबा।

कल्पना मैडम बुरी तरह से मचल उठी। मैं उनके बूब्स को बुरी तरह से कस रहा था। अब थोड़ी देर बाद मैंने उनकी चूत को सम्हाल लिया और अब मैं उनकी चूत में ज़ोरदार तरीके से वार करने लगा।
कल्पना मैडम– आह आह आह धीरे धीरे कर ना साले हरामी की औलाद।कुत्ते कमीने।
मैं– ओह रण्डी करने दे ना।बहुत मज़ा आ रहा है
कल्पना मैडम– मेरी जान निकल हलक में आ रहीं हैं साले मैडम चोद कहीं के।धीरे धीरे कर।
अब मैं मैडम की बात कहां मानने वाला था। मैं तो ताबड़तोड़ बल्लेबाजी करते हुए कल्पना मैडम की चूत को खोदने लगा।मैडम तो बुरी तरह से बौखला गई।
कल्पना मैडम– आईईईई आईईईई आह आह ओह मत कर ना कुत्ते कमीने।आह आह आह आह ओह।आह।
मैं लगातार मैडम की चूत को कुरेद रहा था।फिर मैंने कल्पना मैडम को मेरी तरफ घुमा लिया। अब मैं उनके बूब्स को चूसने लगा।तब जाकर कल्पना मैडम को चैन आया। अब वो बड़े प्यार से बूब्स को चुस्सवाने लगी।

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कल्पना मैडम– चूस ले कुत्ते।खाजा मेरे बूब्स को।मेरे चोदु।
मैं– हां साली। भौसडी की।आज तो खा जाऊंगा तेरे बूब्स को।
मैं दोनों बूब्स को हाथो में कसकर मैडम के बूब्स को चूस रहा था। इधर मेरा लन्ड कल्पना मैडम की चूत में घुसने की पूरी कहानी कर रहा था।तभी महक मैडम आ गई और वो कल्पना मैडम की चूत को उंगलियों से चोदने लगी। अब कल्पना मैडम पागल हो उठी।वो बुरी तरह से छटपटाने लगी।
कल्पना मैडम– ओह साली हरामजादी, तू मेरी चूत में क्यो उंगली कर रही है। तू रहने दे साली भैन की लौड़ी।
महक मैडम– चुप कर साली।बहुत मज़ा आ रहा है।आह आह आह आह ये लेे रण्डी।आह आह आह।

महक मैडम ज़ोर ज़ोर से कल्पना मैडम की चूत को सहलाने लगी और मैं ताबड़तोड़ तरीके से कल्पना मैडम के बूब्स को चूसने लगा।थोड़ी ही देर में मैंने मैडम के बूब्स को चूस चूसकर लाल कर दिया। अब मैडम की बस की बात नहीं थी।तभी कल्पना मैडम ने कांपते हुए गरमा गर्म पानी की जलधारा छोड़ दी। अब वो बुरी तरह से पानी पानी होकर ढीली पड़ चुकी थी। अब मैने कल्पना मैडम को छोड़ा और महक मैडम को लपेट लिया। अब मैं उन्हें बोर्ड के सहारे खड़ा करके उनके हॉट सेक्सी जिस्म को मसलने लगा। अब मैं उनकी चूत में उंगली करते हुए उनके हॉट सेक्सी बूब्स को मसलने लगा।फिर आहिस्ता आहिस्ता उन्हें चूसने लगा।
महक मैडम– बस कर ना साले कुत्ते। अब छोड़ दे ना।

लेकिन मैं कहां मानने वाला था। मैं महक मैडम की चूत में उंगली करता रहा।
महक मैडम– आह आह आह ऊंह आह आह ओह। मान जा ना साले भड़वे।क्यो इतना तड़पा रहा है।
मैं– तड़पाने में ही तो मज़ा आता है मेरी रानी।
महक मैडम– ओह मेरे सैंया तू नहीं मानेगा।कर ले तेरी मनमानी।आज तो मै भी तेरी गुलाम हूं।
फिर मैंने महक मैडम को आगे और पीछे से अच्छी तरह से बजा डाला। अब महक मैडम की गांड़ में लंड चलाने की बारी थी।तभी मैंने महक मैडम को बेंच के सहारे कुत्तिया बना दिया।
महक मैडम– आज तो तू मेरी जान निकाल कर ही मानेगा।

मैं– हां मेरी प्यारी रण्डी।
तभी मैंने महक मैडम की गांड़ के सुराख पर बहुत सारा थूक लगाया और फिर मेरे लन्ड को भी थूक से पूरा गीला कर लिया। अब मैने महक मैडम की गांड को पकड़ा और ज़ोरदार शॉट लगाकर महक मैडम की गांड में लंड ठोक दिया।एक शॉट में ही मेरा लन्ड महक मैडम की गांड के सभी झाडो को तोड़ता हुआ अन्दर गुफा में जा घुसा।महक मैडम एकदम से झल्ला उठी।
महक मैडम– आईईईई आईईईई आईईईई आई ओह आह आह ओह मर गई मेरे सैंया।आईईईई।
मैं ज़ोर ज़ोर से महक मैडम की शानदार सेक्सी मस्तानी गांड़ को बजाने लगा।मैडम ज़ोर ज़ोर से चीखने चिल्लाने लगी। उनकी चीखों से पूरा हॉल गूंज उठा।मैडम की गांड में मेरा लन्ड भयंकर खलबली मचा रहा था।मेरे लन्ड के वार से मैडम की जान हलक में आ गई थी।

महक मैडम– आईईईई आईईईई आईईईई ओह आह आह ओह।आह आह आह ओह आआईईं।
मैं दे दना दन महक मैडम की गांड मार रहा था।महक मैडम बड़ी मुश्किल से मेरे लन्ड को झेल रही थी।धीरे धीरे महक मैडम की गांड बुरी तरह से चरमराने लगी।
कल्पना मैडम–अब आया मज़ा।मेरे खूब मज़े लूट रही थी ना।अब चख लंड का स्वाद।
मैं– आह आह आह आह ओह आह आह ओह रण्डी।आज तो तेरी गांड़ फाड़ दूंगा।आह आह आह आह ओह।क्या सेक्सी गांड़ है तेरी।आह आह आह।
मैं ज़ोर ज़ोर से मैडम की गांड को चोद रहा था।महक मैडम बेंच पर हाथ पसार कर पड़ी हुई थी।मेरा लन्ड उन्हें बुरी तरह से पेल रहा था।

महक मैडम– आह आह आह ओह आह आईईईई आह आह ।बहुत दर्द हो रहा है साले कुत्ते।आह आह आह।
मैं– तो होने दे साली ,जगत की चोदी।मुझे तो बहुत मज़ा आ रहा है।आह आह आह आह क्या मोटी गांड़ है तेरी।
अब तक महक मैडम की गांड के परखच्चे उड़ चुके थे। मैं उन्हें जबरदस्त तरीके से ठोक रहा था। अब महक मैडम कांपने लगी और कुछ ही पलों में उनकी सेक्सी हॉट बॉडी पसीने पसीने हो गई और उन्होने चूत रस फर्श पर बहा दिया। अब मैने महक मैडम को बेंच से उठाकर फर्श पर कुत्तिया बना दिया।वो घुटनो और हाथो को टेककर कुत्तिया बन गई।
महक मैडम– अब तो मत कर ना मादर चोद।मेरी गान्ड बुरी तरह से जल रही है।

मैं– कोई बात नहीं रण्डी।एकबार और गांड़ में लंड ठुकवा लेे।
महक मैडम– हरामी तू नहीं मानेगा।चल ठोक लेे।तेरे मन की इच्छा पूरी कर ले।
अब मैं फिर से मैडम की कमर कसकर उनकी गांड़ को बुरी तरह से चोदने लगा।मेरा लन्ड घपागप महक मैडम की गांड मारे जा रहा था।कल्पना मैडम आराम। से बेंच पर बैठकर महक मैडम के मज़े ले रही थी।
कल्पना मैडम– फाड़ दे साली छिनाल की गांड को।
मैं– हां रण्डी।बस इसकी गांड़ तो फटने वाली है।फिर तेरी बारी है मेरी रण्डी।

कल्पना मैडम– पहले इसकी तो फाड़ दे।फिर मेरी भी फाड़ देना। मैं तो पहले ही मेरी गांड फड़वाने के लिए तैयार हूं।
अब मैं ज़ोरदार धक्कों के साथ महक मैडम की गांड मारने लगा।महक मैडम ज़ोर ज़ोर से चीख रही थी। मैं फटाफट मैडम की गांड मारे जा रहा था।खचाखच धक्कों से घायल होकर महक मैडम फर्श पर पड़ गई। अब मैं महक मैडम की गांड को उठा उठाकर चोदने लगा।थोड़ी देर में ही महक मैडम बुरी तरह से थक चुकी थी। अब उनकी बस की बात बिल्कुल भी नहीं थी।मेरा लन्ड उनकी गांड़ फाड़ चुका था। अब मेरा भी माल निकलने वाला था।कुछ देर बाद मैंने पूरा गरमा गर्म माल महक मैडम की गांड में भर दिया और फिर मै भी महक मैडम के सेक्सी हॉट जिस्म पर ही पड़ गया।

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फिर कुछ देर बाद मैं होश सम्हालकर खड़ा हुआ। अब मैने कल्पना मैडम को बेंच सहारे खड़ा कर दिया और बैठकर कल्पना मैडम की चूत की फांकों को चौड़ा कर उनके गुलाबी दाने को जीभ से रगड़ने लगा।कल्पना मैडम एकदम से सिहर उठी।उन्होंने मेरे। सिर को चूत पर दबा दिया।
कल्पना मैडम– आईईईई मेरे सैंया।ऐसा मत कर।इतना मत तड़पा।
मैं तो मैं ठहरा।मैडम की बात कहां सुनता। मैं कल्पना मैडम की चूत को चाटता ,सहलाता रहा।धीरे धीरे वो पागल सी होने लगी।इधर अब तो मेरा लंड भी फिर से गांड़ में घमासान मचाने के लिए तैयार हो चुका था। अब मैं खड़ा हो गया और कल्पना मैडम से मेरा लन्ड चूसने के लिए कहा। अब कल्पना मैडम नीचे बैठ कर मेरा लन्ड चूसने लगी। तभी मैंने कल्पना मैडम के मुंह में लंड ठूसकर उन्हें अच्छी तरह से बजा डाला।फिर मैंने कल्पना मैडम को नीचे फर्श पर ही कुत्तिया बना दिया और फिर कल्पना मैडम की गांड पर अच्छी तरह से थूक लगाकर गांड को नरम कर लिया।

कल्पना मैडम– तेरा ये घोड़े का लंड मेरी गांड़ फाड़ देगा।
मैं–तेरी गांड़ फटेगी तभी तो मेरे लन्ड राजा को मज़ा आयेगा।
कल्पना मैडम– हां कुत्ते तू तो चाहता ही यही है।
तभी मैंने कल्पना मैडम की गांड के छेद में लंड टिकाया और फिर कल्पना मैडम की कमर पकड़कर ज़ोरदार शॉट के साथ पूरा का पूरा लन्ड मैडम की गांड में पेल दिया। मेरा लन्ड दन दनाता हुआ कल्पना मैडम की गांड के भू लोक में जा पहुंचा। कल्पना मैडम ज़ोर चीख पड़ी।
कल्पना मैडम– आईईईई आईईईई आई आईईईई कुत्ते मार डाला तूने तो।आईईईई आईईईई।
मैं दे दना दन कल्पना मैडम की गांड मारने लगा।मेरे लन्ड के जोरदार प्रहार से मैडम की गांड चू चू चू करने लगी।वो दर्द से बुरी तरह से छटपटाने लगी।

कल्पना मैडम– आईईईई आईईईई आईईईई धीरे धीरे डाल ना कुत्ते के मूत।आईईईई तू तो मेरी गांड़ तोड़ देगा।
मैं लपक लपककर मैडम की गांड मार रहा था।मैडम बुरी तरह से झल्ला रही थी।उनकी चीखे मेरे लन्ड को और ज्यादा उकसा रही थी।मेरा लन्ड लोहे की रॉड बनकर मैडम की गांड के परखच्चे उड़ा रहा था।
कल्पना मैडम– आईईईई आईईईई एईई मर गई।आईईईई आईईईई आह आह आह आह ओह।
मैं– हाए ये तेरी चमचमाती गांड़। आज तो इसे पूरी उदेड दूंगा रण्डी।आह आह आह बहुत मज़ा आ रहा है।आह आह आह आह।
महक मैडम– और ज़ोर ज़ोर से चोद इस रण्डी को।आज तो इसकी गांड़ का कीमा बना दे।
मैं– हां मेरी प्यारी रण्डी।आज तो इसको बुरी तरह से पेलूंगा।

कल्पना मैडम ज़ोर ज़ोर से चिल्ला रही थी। मैं उन्हें बुरी तरह से पेल रहा था।थोड़ी ही देर में कल्पना मैडम पानी पानी हो गई और उन्होने कांपते हुए जिस्म से चूत में से गरमा गर्म पानी निकाल दिया।पूरा रस मैडम की जांघो से होता हुआ फर्श पर बहने लगा।तभी कल्पना मैडम थक हारकर फर्श पर पसर गई। अब मै मैडम के बाल और पीछे से एक हाथ पकड़कर मैडम की बुरी तरह से गांड़ मारने लगा। अब तो कल्पना मैडम की मेरा लन्ड लेने की बस की बात नहीं थी।वो बुरी तरह से थक चुकी थी लेकिन मेरा लन्ड अभी भी उनकी गांड़ की बुरी तरह से ठुकाई कर रहा था। मैं उन्हें फूल स्पीड में पेल रहा था।
कल्पना मैडम– आह आह आह आह आईईईई आह आह ओह आह आह।मेरी गांड़ फट गई है मादर चोद अब तो रहने दे।
मैं– तो और गांड़ फड़वाले भैन की लौड़ी।
कल्पना मैडम– आईईईई आईईईई आईईईई आह आह आह आह बस कर कुत्ते।

मै– आज तो जमकर तेरी गांड़ मारूंगा साली हरामजादी।आह आह आह बहुत ज्यादा मज़ा आ रहा है।आह आह आह आह ओह आह आह।
मैं कल्पना मैडम की गांड को अच्छी तरह से फाड़ चुका था। अब मैने कल्पना मैडम को उठाया और उन्हें अब चेयर पर कुत्तिया बना दिया।
अब मैंने महक मैडम को पकड़कर फिर से उन्हें बेंच पर ही पटक दिया और फटाफट उनकी चूत में ठोक दिया।
महक मैडम– आईईईई एईईईईई ये क्या कर रहा है साले हरामी।मुझे थोड़ा सांस तो लेने दे।
मैं– बहुत सांस लेे लिया तूने रण्डी।

अब मैं महक मैडम की टांगो को मोड़कर ताबड़तोड़ महक मैडम की ठुकाई करने लगा।महक मैडम फिर से चीखने चिल्लाने लगी। मैं उनको जबरदस्त तरीके से ठोकने लगा।थोड़ी देर में ही मैंने महक मैडम को ठोक ठाक कर पानी पानी कर दिया।फिर कुछ देर में ही महक मैडम झड़ गई। अब मैं उन्हें बेंच पर ही छोड़कर कल्पना मैडम के पास आ गया।
महक मैडम– भैन के लौड़े ने फिर से मेरी चूत मार ली।
अब मैंने कल्पना मैडम की गांड में फिर से लंड पिरोया और चेयर पर उनकी गांड़ की अच्छी तरह से क्लास लेने लगा।मैडम फिर से बुरी तरह से दर्द से तड़पने लगी। मैं उनको अच्छी तरह से ठोक रहा था।मैडम चेयर पर टिक कर अच्छी तरह से गांड़ मरवा रही थी।

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कल्पना मैडम– आईईईई आईईईई आह आह आह आह आह आह ओह आह आह बस कर अब तो साले भड़वे।
मैं– आज तो रुकने का काम ही नहीं है मेरी रानी।मारने दे तेरी गांड़।
कल्पना मैडम– मार तो ली अब और कितनी मारेगा।आह आह आह आह ओह आह।
मैं– जितनी देर मेरा लन्ड तेरी गांड़ मारना चाहेगा उतनी देर।आह आह आह मज़ा आ रहा है मेरी रण्डी।आह आह क्या गांड़ है तेरी आह आह आह।
मैं भयंकर तूफान की तरह कल्पना मैडम की गांड की ठुकाई कर रहा था।मैडम तो आज बुरी तरह से पस्त हो चुकी थी। अब तक मैडम की गांड का कीमा बन चुका था।

अब मेरा लन्ड भी जवाब दे चुका था।तभी मेरे लंड ने कल्पना मैडम की गांड में गरमा गर्म माल भर दिया। अब मैं कल्पना मैडम के जिस्म पर ही ढेर हो गया।फिर कुछ देर बाद हम दोनों उठे।आज तो हम सभी को चुदाई का बेहतरीन आंनद मिला था।इतनी देर चुदाई होने की वजह से हम तीनो बुरी तरह से थक चुके थे। अब तो मेरे लन्ड की भी बस की बात नहीं थी।
कल्पना मैडम– चलो,अब चलते है यार।बहुत देर हो चुकी है।
महक मैडम– हां मैडम अब चलते है।
कल्पना मैडम– रोहित चल अब जल्दी से कपड़े पहन ले।
मैं– ओके मैडम।
कल्पना मैडम– आज तो चुदाई करवाने का बहुत ज्यादा मज़ा आ गया।

महक मैडम– हां मैडम।
अब महक मैडम ने पैंटी और ब्रा पहनकर जींस और कुर्ता पहन लिया।इधर कल्पना मैडम ने भी ब्रा और पैंटी पहनकर ब्लाउज और साड़ी पहन ली। अब दोनों ने मिलकर मुझे मेरे कपड़े पहना दिए।
महक मैडम– क्या मस्त लंड है तेरा।हमें ऐसे ही तेरे लंड के मजे देते रहना।
मैं–हां मैडम।
अब हम तीनो हॉल में से बाहर आ गए और ऑफिस की तरफ जाने लगे।जब हम सीढ़ियों से नीचे उतर रहे थे तभी मैंने महक मैडम को पीछे से पकड़ लिया।
महक मैडम – क्या हुआ?

मैं– लंड नहीं मान रहा है।
महक मैडम– अरे यार ये तेरा लंड भी ना।
कल्पना मैडम– ठोक लेे मैडम की चूत में। मैं तो मेम के पास जा रही हूं।
अब मैंने महक मैडम को वहीं सीढ़ियों पर पटक दिया और तुरंत उनकी जींस का बटन खोल कर जींस का थोड़ा नीचे सरका कर पैंटी को भी नीचे खिसका दिया। अब मैने लंड निकालकर फटाफट मैडम की चूत में घुसा दिया और दे दना दन मैडम को चोदने लग गया।
महक मैडम–ऊंह आह आह आह ओह आह आहहहह।बहुत थका दिया यार आज तूने तो।

मैं– मज़ा भी तो इतना ही आया है मैडम।
महक मैडम– हां रोहित,आज तो तेरे लंड ने मेरी चूत की सारी गर्मी शांत कर दी।आह आह आह ओह आह आह।
फिर मैंने कुछ देर में ही महक मैडम की चूत को लंड के रस से भर दिया। अब महक मैडम ने पैंटी पहनकर जींस का बटन लगा लिया। अब मैने भी लंड को पेंट में डाल लिया। अब हम दोनो मेम के पास ऑफिस में पहुंच गए।
मेम– आज तो रोहित तूने ने दोनो मैडम का जमकर मज़ा लूट लिया।
मैं– हां मेम बहुत ज्यादा मज़ा लूटा है आज तो।बस अब तो आप बाकी है।
मेम– अच्छा तो लड़का अभी दोनो मैडम को चोदकर तृप्त नहीं हुआ है इसलिए अब मेरे ऊपर नजर डाल रहा है।
महक मैडम– मेम ये तो कभी तृप्त नहीं होता है।जब देखो तब चूत मांगता ही रहता है।

मेम– अभी उबलता हुआ खून है इसलिए इसका लंड चुप बैठता ही नहीं है।
कल्पना मैडम– हां मेम सही कहा आपने।
मैं– मेरा लन्ड मज़ा भी तो खूब देता है।
मेम– हां ये तो सही कहीं। चलो अब घर चलते है।तुम लोगो ने आज तो बहुत देर लगा दी।
अब कल्पना मैडम महक मैडम के साथ स्कूटी पर बैठकर घर चली गई और मैंने मेम को बाइक पर बैठाकर घर छोड़ा।
मेम के घर पर आज कोई नहीं था।मेम को आज घर पर चोदने का चांस बन गया था।लेकिन मैं बहुत ज्यादा थका हुआ था इसलिए मैंने ज्यादा कोशिश नहीं की और मेम के बूब्स दबाकर ,चूत में उंगली कर घर आ गया।
आपको मेरी ये कहानी कैसी लगी मुझे मेल करके जरूर बताएं। [email protected]

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