चूत की धार-2

Chut Ki Dhar-2

उनका लण्ड सीधा खड़ा था। मैंने लण्ड पकडा और सहलाने लगी।उन्होंने मेरी ब्रा निकाल दी और चूचियों को चूसने और मसलने लगे। मेरे मुँह से लगातार सिसकारियाँ निकल रही थी।

अब मुझसे नहीं रुका जा रहा था दिल कर रहा था बस पकड़कर लण्ड चूत में डाल लूँ। मैंने उनका अन्डरवीयर उतार दिया।

वाह क्या लण्ड था- 7-8 इन्च लम्बा और 1.5-2 इन्च मोटा।मैं घुटनों पर बैठ गई और लण्ड की आगे की खाल पीछे करके चुम्बन कर दिया, फिर मुँह में लेकर चूसने लगी। भईया आहें भर रहे थे।

उन्होंने मुझे खड़ा किया और मेरी पेन्टी उतार दी। अब हम दोनों बिल्कुल नंगे खड़े थे। यह कहानी आप HotSexStory.xyz पर पढ़ रहे हैं।

भईया ने मुझे लिटा दिया और मेरे पैरों के बीच बैठकर मेरी चूत को सहलाने लगे। फिर उन्होने मेरी चूत को खोलकर जीभ लगा दी और हिलाने लगे। मुझे कितना मजा आ रहा था बता नहीं सकती। मैं आँखे बन्द करके बस सिसकारियाँ ले रही थी।

भईया मेरी चूत में जीभ फिराने लगे, मेरी तो जान ही निकलने लगी।

फिर हम 69 की अवस्था में आ गये और एक दूसरे के अंगों को चूसने लगे।

15-20 मिनट बाद मेरा पानी निकल गया, वो पूरा पानी चाट गये, बोले- पायल, मेरा निकलने बाला है। तुम सारा पी जाना।

मैंने लण्ड मुँह से निकाल दिया और वीर्य पीने मना कर दिया।

उन्होंने मुठ मारकर मेरी चूचियों पर डाल दिया और चाटने लगे।

मैं बोली- तुम रात को लण्ड के साथ क्या कर रहे थे?

भईया ने मेरी तरफ प्यार से देखा और बोले- पायल जान अगर घर में तेरी जैसी मस्त और सेक्सी बहन हो तो। मुठ मारे बगैर कैसे लण्ड शांत हो सकता है।

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“भईया, मैंने भी तुम्हें देखकर चूत को रगड़ कर अपनी मुन्ऩी को चुप सुलाया।”

“मैं तो जान, तुम्हें कब से चोदने की सोच रहा था और बाथरूम में तेरी पेन्टी पहन कर मुठ मारता हूँ।

“धत्त ! तुम तो बहुत कमीने हो।”

“कमीना?”

“कमीना तो तेरी गाण्ड और चूचियों ने बनाया है जिन्हें देखकर लण्ड बगैर कुछ बोले खड़ा हो जाता है और आज तू मिली है तो बगैर तेरी चूत फाड़े नहीं छोडूँगा। तेरी चूत का भौसड़ान बना दूँ तो कहना।”

“तो मना कौन कर रहा है, लो चाहे भोसड़ा बनाओ या नाला, बस माँ मत बनाना।” कहते हुए मैंने अपनी टागें फैला दी।

भईया फिर मेरी चूचियों और चूत को चाटने लगे, अब मुझसे नहीं रुका गया, मैं बोली- भईया अब तड़पाते ही रहोगे या चूत को फाड़ोगे भी?

“जानू मैं तो फाडूँगा ही, पर तुम्हें दर्द होगा।”

“दर्द को छोड़ो, तुम बस अब चूत में अपना लण्ड डाल दो।”

“ठीक है।”

उन्होंने मेरी गाण्ड के नीचे तकिया लगारा और लण्ड को चूत के छेद पर रखा।

मेरा दिल कर रहा था कि खुद ही लण्ड चूत में डाल लूँ और गाण्ड उपर उठाने लगी।

भईया समझ गये कि मैं तैयार हूँ और उन्होंने कमर पकडकर एक झटका मारा। उनका लगभग 3 इन्च लण्ड चूत में चला गया। मेरी न चाहते हुए भी चीख निकल गई- आ अ म मर गई ई . .भ भईया न निकालो ओ !

भईया ने मेरे हाथ पकड़े और होंठ अपने होंठों में दबा लिए। मेरी आवाज मुँह में ही रह गई। उन्होंने धीरे-धीरे पूरा लण्ड मेरी चूत में ठोक दिया।

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मैं दर्द से तड़प रही थी और आँखों से आँसू निकल रहे थे।

भईया थोड़ी देर रुके और चूचियों को मसलने लगे। 5 मिनट बाद मुझे कुछ राहत मिली और मैं गाण्ड हिलाने लगी।

फिर भईया ने कमर पकड़ी और झटके मारने लगे।

मेरे मुँह से पता नहीं क्या-क्या निकल रहा था- कमीने ! पेन्टी में मुठ मारता है? ले अब मार। ले फाड़ मेरी चूत को ! लगा गाण्ड तक का जोर। देखती हूँ कितना दम है तेरे लौड़े में ! फ फाड़ ! ले बना भोसड़ा ! कुत्ते, बहन मत समझ, कुतिया समझ कर मार।

“ले राण्ड झेल इसे !”

कहते हुए तेज-तेज़ झटके मारने लगे।

“बहुत उछल रही थी चुदने के लिए? ये ले !”

और कन्धे पकड़ कर लगातार झटके मारने लगे।

“कुत्ते मार ओ और तेज ज् आ ऊ ई आ अ और तेज फ् फाड़ ब् भोसड़ा कम् आन फ् फक मी फास्ट ओ यस स् हाँ ऐसे ही ओ और तेज बस थ थोडी द देर और कम आन फास्ट !”

कहते हुए गाण्ड उछाल-उछाल कर साथ दे रही थी।

15-20 मिनट बाद मेरा शरीर अकड़ने लगा और मैंने भईया को कस कर पकड़ लिया।

मैं तो क्या बताऊँ बस ! मेरी चूत से पानी निकलने लगा।

भईया ने मुझे अलग किया और 10-12 झटकों में मेरी चूत वीर्य से भर दी और निढाल होकर पीछे की ओर लेट गये।

मैं बैठ कर अपनी चूत को देखने लगी।

मेरा पानी और वीर्य चूत से ऐसे निकल रहा था जैसे नदी बह रही हो।

आज पहली बार चूत से इतना पानी निकला कि धार लग गई। मैं पूरी सन्तुष्ट और खुश थी और सोच रही थी कि पहले क्यूँ नहीं चुदी मैं !

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मैं उठी और भईया के ऊपर लेट गई और सॉरी बोला।

“किसलिए?”

“वो ! मैंने आपको गाली दी।”

“जान चुदाई में यह तो चलता ही है। गालियों से चोदने का जोश बढ़ता है !” कहते हुए मुझे चूमने लगे।

घर वालों के आने का समय हो गया तो हम नहाकर तैयार हो गये।

उसके बाद जब भी मौका मिलता हम चुदाई का खेल खेलते।

मेरी और भी चुदाई की कहानियाँ है जो मैं बाद में भेजूँगी।

यह जरूर बताना कि मेरी पहली चुदाई कैसी लगी।

HotSexStory.xyz में कहानी पढ़ने के लिये आपका धन्यवाद, हमारी कोशिश है की हम आपको बेहतर कंटेंट देते रहे!