चूत में बैगन खीरा दाल कर काम चला रही थी

(Chut Mein Baigan Kheera Dal Kar Kam Chala Rahi Thi)

पति के टूर एंड ट्रेवल बिजिनेस होने के कारण मै अकेली ही रहती थी । इसी बीच महेश जी से खूब चुदवाई। लेकिन फिर मेरी जिंदगी में एक ऐसा मोड़ आया की क्या बताऊँ। महेश जी को अपने गाँव में कुछ कम होने के वजह से एक महीने के लिए जाना पड़ गया। 7 दिन तो जैसे तैसे निकल गए उसके बाद मेरी चूत और गांड लण्ड के लिए तराशने लगी। पति से कुछ होता नही था। लण्ड चूति में डाली 4 से 5 मं चोद कर शांत हो कर सो जाते। फिर उनको अपने काम के वजह से बाहर जाना पड़ता। इसी बीच वो फिर 15 दिन के लिए बाहर गए। Chut Mein Baigan Kheera Dal Kar Kam Chala Rahi Thi.

में रोज कभी चूत में खीरा या बैगन डाल कर खुद को शांत करती पर लण्ड की कमी खलती रहती। मेरे बगल में पड़ोसन गीता रहती उसकी भी 1 महीने पहले ही बेबी हुआ था। तो हम दोनों एक दूसरे के यहाँ आते जाते रहते थे। ज्यादा सूंदर नही थी मोटी थी वो। उनके पति का नाम शुभम था। उनसे भी मिलना जुलना लगा ही रहता । मेरे घर में मै और 1 साल की बेटी थी बस। एक ऐसे ही मै दिन का काम निपटा कर उसके घर गयी हुई थी।उसके बेड पर बैठ कर हमलोगों बाते कर रहे थे मेरी बेटी मेरी गोद में ही थी। गीता बोली की मैं अभी चाय बना के लती हु फिर हमदोनो बाते करते है और वो चली गयी किचन में चाय बनाने।

मैं वही बैठी रही। मेरे पैर में कुछ चुभा तो मै नीचे झुकी। पैर को मैं सहला रही थी तो मेरी नजर बेड के नीचे पड़े कंडोम पे परी । वो इस्तेमाल की हुई थी और उसमें वीर्य भी भरा हुआ था। मेरी तो चूत में जैसे कुलबुलाहट शुरू हो गयी। मैं सोची चलो गीता को छेड़ा जाये मैं  वो कंडोम उठा ली।उफ्फ्फ्फ कंडोम को देख के लग रहा था कि लण्ड काम से कम 9 इंच से कम नही होगा।गीता सच में किस्मत वाली थी की उसका इतना बड़ा लण्ड मिला । मैं कंडोम ले के किचन में जाने लगी ऐसे ही हाथ में लिए की गीता ये क्या है। में हँसते हुए कमरे से बाहर निकली तभी शुभम जी हॉल में सोफे बैठे हुए थे और मै वो कंडोम हाथ में हिलाते लेते जा रही थी गौतम जी मुझे देख रहे थे ।

जब मेरी नजर उनपे पड़ी तो वो भी शर्मा गये और मै भी। मै कंडोम को हाथों में छुपा ली और फिर गीता के बैडरूम में चली गयी। फिर गीता चाय ले के आयी फिर कुछ बाते हुए और में अपने घर चली आई वो भी कंडोम । मेरी चूत मानो लण्ड के लिए तड़पने लगी। तब मैंने सोचा क्यों न दूसरे लण्ड का जुगाड़ शुभम से ही कर लूं। उस रात को मैं चूत में खीरा डाल के शांत की अपने आप को। अब मै जब भी गीता के घर तो थोड़ा बन ठन के ताकि उसके पति की नजर मुझपे पड़े।मै डीप ब्लोज पहन कर जाती थी ताकि गौतम की नजर मेरे चूचियों पर हो। करीब 3 दिन लगे उसे पटाने में अब वो मेरी चूचियों को अच्छे से तारने लगा। मेरी चूत अब लण्ड के लये मचलने लगी थी। इसलिए मुझे ही पहल करनी पड़ी ।

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एक दिन जब गीता के यहाँ शाम को घर गयी तो गौतम भी वही था। गीता गयी किचन कुछ कम के लिए। गौतम अपनी बेटे के साथ सोफे पे बैठा हुआ था मैं सोफे पे गौतम के सामने बैठ गयी।अपनी बेटी मैंने सोफे पे लिटाया और जान बूझ कर पल्लू गिरा दिया ताकि मामला अब आर या पार हो जाये। मै उनको देख कर मुस्कुरा दी बदले में वो भी मुस्कुरा दिए। फिर उन्होंने आँख मारी बदले में मैंने वही किया।मतलब बात पक्की हो गयी की दोनों एक दूसरे को भोगना चाहते है। उन्होंने नंबर माँगा मैंने उन्हें अपना नंबर दे दिया। फिर गीता आयी कुछ बाते हुई और फिर मै घर चली आयी। थोड़ी देर में कॉल आया । शुभम ने कहा यार मै तुम्हे सके दिल से चाहता हु,मेरी बीबी तुम्हरे सामने कुछ भी नही। वो पूरी तरह बहक कर बोला की मेरे साथ कभी समय बिताओ आप आपका पति आपके साथ नहीं रहता आप कैसे रात गुजरती होंगी। मुझे सेवा का मौका दीजिये। तो मै भी साफ साफ कह दी की आपको मैंने नंबर क्यों दिया सिर्फ बात करने के लिए।

कुछ देर ऐसे बात हुई फिर उन्होंने कहा कि आज रात मिलते है।तो मै बोली कैसे आपकी बीबी मिलने देगी क्या। फिर उन्होंने कहा कि उसकी चिंता आप मत करो मै 11 बजे दरवाजे पे खड़ा रहूंगा आप दरवाजा बस खोल देना। मै बोली ठीक है देखती हूं। मै भी घर का सारा काम करके के खुद को तैयार करने लगी सोची सेक्स ही तो करना है। ब्रा पैंटी रेड रंग पहन ली और ऊपर से नाईटी पहन ली। रात को 11 बजे कॉल आया की भाभी जी आप दरवाजा खोल के रखो मै आ रहा हु। मैं जैसे ही दरवाजे खोली शुभम तुरंत अंदर चले आये और फिर दरवाजा बंद। दरवाजे को बंद करते ही वो मुझ पर टूट पड़े। मेरे होठो को चूसने लगे। चूचियों को दबाने लगे। उनका लौड़ा मेरे नाभि पर ठोकर मार रहा था। मैं उनका साथ देने लगी।

5 मिनट दरवाजे पर चूमा चाटी के बाद उन्होंने गोद में उठाया और सीधे बेडरूम में ले गए वहां उन्होंने ने मेरी नाइटी निकल दिया और मेरे चूचियों को ऊपर से दबाने लगे। ब्रा एक झटके में उतार कर कही फेक दिया और मेरी चूचियों को पिने लगे।मैं मस्ती के उफान में गोते लगाने लगी। मेरे मुंह से सिसकिया निकलने लगी । मममम सससससस आआहह करने लगी मैं। वो मेरी चूचियों को बहुत जोरो से निचोड़ निचोड़ दूध पी रहा था। मैं अपने एक हाथ से उसके बाल सहला रही थी और दूसरे हाथ से उसके लण्ड को मुठी में भर कर दबा रही थी। फिर उसने अचानक से मेरी पैंटी एक झटके उतार फेका और मेरी चूत को चाटने लगा। वो अपना जीभ मेरी चूत के छेद में घुसाता निकालता और एक ऊँगली से चुत की दाने को छेड़ता,, उफ्फ्फ्फ हाय्य्य्य्य मै करने लगी।

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काफी दिनों के बाद किसी ने मेरी चूत को छुआ था। 5 मिनट के चुसाई मै काँपते हुए झड़ने लगी। वो मेरी चूत का सारा रस पि गये। फिर वो उठे और अपने कपडे उतार कर फेंक दिए।गौतम बोले जब भी तुम्हे देखता था मेरा लण्ड तुझे देने लगता है। तुमको पटाने के लिए कब से सोच रहा  था लेकिन आप जल्दी ही पट गयी। अब वो सिर्फ अंडरवियर में थे।में बिस्तर से उठ घुटनो के बल बैठ गयी। मैंने जैसे ही उनका अंडरवियर नीचे किया वैसे ही उनका लण्ड हुंकार मारते हुए खड़ा था लगभग 9 इंच लंबा 2 इंच मोटा और थोड़ा टेढ़ा था। मै लपक कर लण्ड को मुह में चूसने लगी किसी लोलिपोप की तरह। मुह में सूपरे रख कर चूस रही थी और एक हाथ से लण्ड पकर  कर गोल गोल घुमा रही थी। वो बड़बड़ाये जा रहे थे चूस चूस और चूस तेरी सहेली कभी नही चूसती । खा जा मेरे लण्ड को।मैं भी मस्ती से इस दमदार लण्ड को चूसे जा रही थी।

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फिर उन्होंने ने मेरे सर को पकड़ कर लण्ड को गले तक उतार दिया  और मेरे मुह को चोदने लगे।मै सिर्फ उम्मम उम्मम की आवाज निकल रही थी। थोड़ी में उन्होंने अपना लावा मेरे गले में छोड़ दिया लण्ड को पूरे गले तक उतार कर।जहा तक मुझसे बन पाया में उसे पि गयी और फिर मुझे उबकाई आने लगी तो दौर कर बाथरूम में गयी और फिर वापस  आयी। वो बिस्तर पे बैठे हुए थे। हम दोनों थोड़े से थक गए थे इसलिए उनके पास बैठ गयी। मैंने उनसे पूछा की आप रात को गीता को छोर कर कैसे चले आये। तो उन्होंने जवाब दिया की मैंने उसको नींद की गोली दे कर आया हु।और बेबी रात को करीब 3 बजे हमेशा उठता है। इसलिए कोई टेंशन वाली बात नही है। वो बोले सच में तुम्हारे साथ मजा आ गया। फिर मैंने उनके लण्ड को हाथ लाग्या वो तुरंत फुफकारने लगा।

मैं बोली अब इस लण्ड को चूत में डालो और मुझे चोदो । वो बोले की आप घोड़ी बनो मुझे ऐसे करने में बहुत मजा आता है लेकिन मेरी बीबी करने नहीं देती। में बोली ठीक है और में घोड़ी बन गयी। उन्होंने अपने लण्ड पर थूक लागया और चुत के मुह में लण्ड रखा और लण्ड को अंदर की और धकेला चुत गीली होने कि वजह से लण्ड पूरी पूरी अंदर चली गयी और मेरी चीख निकल गयी।वो मेरी परवाह किये बिना चोदना शुरू कर दिया। मै भी मस्ती में  आकर आआहह अःहः करते हुए चुदवा रही थी। वो भी लगातार बोल रहे रहे थे ले साली मेरा लण्ड खा ।

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मै भी बोल रही थी चोदो और जोर से चोदो चोदते रहो मेरी चूत को आज भोसड़ा बना दो। 10 मिनट के चुदाई मै झड़ गयी।उन्होंने अपना लण्ड निकल मुझे आराम से झड़ने दिया। मेरा सर तकिये पर था गांड पीछे तरफ उठी हुई थी। मेरी गांड की छेद खुल और बंद हो रही थी। वो मेरी गांड की छेद की हरकत को देख रहे थे। फिर उन्होंने अपना लण्ड चूत में डाल कर  नितंबो को फैला दिया जिससे मेरी गांड की छेद खुल गयी। उसमे उन्होंने अपना थूक गिरा क्र ऊँगली से अंदर करने लगे। बोले की मुझे आपकी गांड बहुत अच्छी लगती है क्या मुझे आप मारने दोगी।

मै भी तो कब से यही चाह रही थी की ये अब मेरी गांड मारे।मै नखरा करते हुए बोली नही दुखेगा । तो वो बोले बिलकुल नही दुखेगा बड़े आराम से करूँगा । उन्होंने मुझे अपने मोबाइल में एक फिल्म दिखाई जिसमे लड़की गांड मरवाती और जब लड़का लण्ड बाहर निकालता है तो गांड की छेद बड़ा नजर आता है। वो मुझे वीडियो चोदते हुए दिखा रहे थे थे। उन्होंने मेज पर बेबी आयल लिया और  छेद में डाल कर ऊँगली से गांड चोदने लगे। “Chut Mein Baigan Kheera”

जब छेद अच्छे से तैयार हो गयी तो एक झटके में सूपरे गांड में दाल और मेरी चीख निकल गयी ।धीरे धीरे करते पूरा लण्ड डालकर चोदना शुरू कर दिया । मेँ तकिये पे सर रख कर दोनों हाथों से गेंद खोल कर चुदवा रही थी।बिच बिच में लण्ड निकल देते जिससे गांड की छेद खुली खुली की राह जाती। लण्ड निकलने से गेंद में हवा जाती तो अंडर ठंडक महसूस होती और जब लण्ड अंदर डालते तब मेरी पाद निकल जाती।इसी तरह करीब 30 मिनट के चुदाई में 3 बार झड़ी।

अब वो अपनी स्पीड बड़ा दिए जिससे में समझ गयी की अब ये भी इनका भी होने वाला है और फिर वो कहराते हुए मेरी गांड में झड़ गये। हम दोनो वही बिस्तर पर निढाल पड़े रहे। मै उठ कर बाथरूम गयी ।उनका वीर्य मेरी गांड से निकल कर टपक रहा था । हम दोनो एक दूसरे को साफ किये फिर कपडे पहन अपने घर चले गए। ये बोलकर की किसी दिन अचे चुदाई करूँगा अभी मेरा मन भरा नही । मै भी बोल दी मेरा भी। ये मेरी सच्ची कहानी है। “Chut Mein Baigan Kheera”

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