दिव्या की दमदार चुदाई 2

Divya ki damdaar chudai-2

मैंने बोला – अरे नहीं, कुछ नहीं। आप नहीं समझोगे।

दिव्या बोली – आप समझाओ तो सही…

मैं कहा – अरे!! कुछ नही मैडम, आपका फ्रिज ठंडा हो गया है। आप चेक कर लो।

तो दिव्या बोली – तो जब से आप क्या कर रहे थे, चेक भी मैं ही करूँ… इतनी देर से टी वी पर ब्लू फिल्म में मस्त थे और मुझे नंगी नहाते देख रहे थे!! !!!

मेरे तो डर से होश ही उड गये और मेरी गर्दन नीचे हो गई।

मैंने कहा – मैडम, आपका फ्रिज ठीक हो गया है। अब मुझे जाना है।

डर के मारे मैंने पैसे भी नहीं माँगे।

दिव्या एक नंबर की रंडी थी तपाक से बोली – फ्रिज का तो ठीक है, अब मुझे कौन ठंडा करेगा… मुझे भी ठंडी कर दो, जो चार्ज लगे, ले लेना…

मित्रों, मेरे मन में तो खुशी की लहर दौड पडी पर अंजान बनते हुए मैंने बोला – मैं कुछ समझा नहीं, दिव्या जी!!

वो बोली – आप बैठो, मैं आपके लिए कुछ लेकर आती हूँ…

फिर वो मेरे लिए एक बीयर और दो गिलास लेकर आई और मेरे पास एकदम चिपक कर बैठ गई।

बीयर पीते पीते दिव्या ने मेरी जाँघ पर हाथ रख दिया, मुझे भी हरी झंडी मिल गई।

मैंने भी पहले दिव्या की जांघ पर हाथ रखा और जांघ को सहलाता रहा, फिर धीरे-धीरे हाथ को उसकी चूत के ऊपर ले गया…

जब मेरा हाथ उसकी चूत के ऊपर गया तो मुझे पता चल गया कि उसने पैंटी नहीं पहन रखी हैं, मेरे ऐसे करने से दिव्या गर्म होने लगी!!

हिंदी सेक्स स्टोरी :  सेलगर्ल रेशमा की चुदाई-3

अब दिव्या ने मेरा लण्ड पकड लिया और दबाने लगी और मैंने अपने होंठ उसके होंठों पर रख दिये और चूसने लगा। अब मेरा एक हाथ उसके चुचे दबा रहा था और दूसरा हाथ उसकी चूत को मसल रहा था, फिर जो हुआ वो मैं क्या कहूँ, मित्रों!!

वो मेरा हाथ पकड कर बेड रूम में लेकर गई और मेरी टी शर्ट और पैंट उतार दी और मेरी पूरी बाडी पर किस करने लगी!!

वो मेरे लण्ड को दबा रही थी और मैंने भी उसको पूरा नंगा कर दिया था… वो दुध की तरह गोरी थी, उफ़!! क्या कयामत लग रही थी, जैसे मानो की स्वर्ग की कोई अपसरा हो!! !!!

मैंने कस कर उसे अपनी बाजू में जकड लिया और अपने होंठ उसके होंठों के ऊपर रख दिये और उसे चूमने लगा। उसने मेरे चुम्बन का उत्तर मेरे मुँह में अपनी जीभ डाल कर दिया!!

फिर तो हम दोनों काफी देर तक एक दूसरे के होंठ और जीभ को बारी बारी चूसते रहे, इस सब के चलते मेरा लण्ड खडा हो गया और मैं दिव्या को चूमने लगा।

यह कहानी आप HotSexStory.xyz में पढ़ रहें हैं।

अब उसने अपने हाथ को दोनों के बदन के बीच में डाल कर लोडे को पकड कर अपनी दोनों टांगों के बीच में सरका दिया। फिर मैंने उसको बोला – दिव्या, मेरा लण्ड चूसो!! तो पहले तो उसने मना कर दिया, लेकिन थोड़ी देर बाद मान गई और मेरे लण्ड को बर्फ के गोले की तरह चूसना शुरू कर दिया…

पाँच मिनट लण्ड चूसने के बाद बोली – अब आप भी मेरी चूत चाटो!!

हिंदी सेक्स स्टोरी :  मेरी भतीजी आर्या के साथ यौन सुख-4

मैंने कहा – ठीक है… जब देखा तो क्या चूत थी, बिल्कुल साफ और चिकनी… जैसे कभी बाल उगे ही नहीं!! !!!

मैंने जब चूत को चाटना शुरू किया तो उसकी सिसकारियाँ निकलने लगीं और वो बोली – बस अब मत तड़पाओ… चूत को ठंडा कर दो, साली बहुत गरम हैं!! !!!

अब मैं उठा और अपना लण्ड उसकी चूत पर रखा और उसकी दोनों टाँगों को ऊपर कर दिया, धीरे से एक धक्का लगाया और वो चीख उठी…

मैंने बोला – क्या हुआ? तो वो बोली – आपका बहुत मोटा और बडा भी हैं, मैं मर जाऊँगी!!

तो मैंने बोला – अगर कोई औरत लण्ड लेने से मरती, तो कोई बच्चे ही पैदा नहीं करता… फिर वो थोडा रिलेक्स हूई, मैंने अपने लण्ड को चूत के छेद पर फिट किया और उसके मुँह हाथ पकड़ कर 2-3 धक्के दे मारे, उसकी चीख मेरे मुँह में दब कर रह गई और आँख से आंसू निकल पडे…

फिर मैं उसके ऊपर ऐसे ही पडा रहा, लेकिन जब तक मेरा लण्ड उसकी चूत में आधे से ज़्यादा जा चुका था, मैं उसके बोबे दबाता रहा और किस करता रहा… जब उसका दर्द कम हुआ, तो वो भी मजे से किस करने में मेरा साथ देन लगी!!

मैं समझ गया कि अब दर्द नहीं है और मैंने धीरे-धीरे चोदना चालू कर दिया और वो भी गाण्ड उठा-उठा कर मेरा साथ देने लगी… तभी मैंने 2-3 धक्के और तेज मार दिये और लण्ड पूरा उसकी चूत में समा गया और उसकी बच्चेदानी से टकरा गया!! !!!

हिंदी सेक्स स्टोरी :  पारो के साथ पार्क में मजा

उसको भी मजा रहा था।

पूरा कमरा उसकी सी सी… आह आह… ई ई ई उ उ उ उ… उफ़ उफ़… आ आ आ आ आ… की आवाज़ों से गूँज रहा था, मैं भी उसे धमाधम चोद रहा था, वो मेरे हर धक्के को जबाव खुद की गाण्ड उठा-उठा कर दे रही थी और फिर उसने मुझे कस कर पकड लिया और उसका बदन अकडने लगा!!

मैं समझ गया कि वो अब झडने वाली है, मैंने भी अपनी स्पीड शताब्दी की तरह कर दी और उसकी आ आ आ आ… निकालने लगी।

मैं बिना कुछ सुने उसकी चूत का चबूतरा बनाये जा रहा था, फिर उसकी एक लंबी चीख के साथ वो झड गई और ठंडी पड गई…

मैं भी 5 मिनट बाद झड गया और सारा माल उसकी चूत में छोडता चला गया, मेरा निकल चुका था, लेकिन मैंने चोदना बन्द नहीं किया…

कमरे में फच-फच की आवाज़ें गूंजने लगी, हम दोनो काफी देर तक ऐसे ही चिपके रहे, बाद में अलग होकर अपने आप को साफ किया और दिव्या मैडम ने मुझे दो हजार रूपये दिये, लेकिन मैंने मना कर दिया!! !!!

आपको मेरे सच्ची आप बीती कैसी लगी??

मुझे बताएं, मेरी मेल आई डी है –

HotSexStory.xyz में कहानी पढ़ने के लिये आपका धन्यवाद, हमारी कोशिश है की हम आपको बेहतर कंटेंट देते रहे!