दोनों बहनों की कामकथा – [Part 4]

Do bahno ki kamkatha-4

फिर उसने अपनी टांगो को चोड़ा कर दिया, जिससे मेरी चूत उसकी चूत के ऊपर आ गई और उसने मेरे चूतड़ों पर अपनी टाँग लपेट ली, जिससे मेरी चूत उसकी चूत से बिल्कुल चिपक गई और में उसके निचले होंठ को अपने दोनों होठों के बीच दबा कर चूसने लगी.

फिर ऐसा ही मैंने उसके ऊपरी होंठ के साथ किया और जब में थक गई तो आईना ने आगे बड़कर मेरे होंठ चूसने शुरू कर दिए. फिर में नीचे अपनी कमर उठा उठाकर अपनी चूत को आईना की चूत पर मारने लगी, जैसे में एक आदमी हूँ और उसे चोद रही हूँ. काफ़ी देर तक हम एक दूसरे को स्मूच करते रहे और फिर नंगे ही सो गये और पूरी दोपहर कब निकल गई मुझे पता ही नहीं चला. शाम को जब में उठी तो आईना कांच के आगे अपने बाल काट रही थी, वो उस समय भी नंगी थी. मैंने उठते ही उसे देखा और बोली, हाय हाय, किसके लिए बाल बना रही है तो वो मुस्कुराते हुए बोली कि तेरे लिए मेरी जान. में भी मुस्कुरा दी और फिर मैंने उससे पूछा टाईम क्या हो रहा है? तो वो बोली शाम के 5 बज रहे है. मैंने कहा ऑहहहहहह हम पूरी दोपहर सो रहे थे, वो बोली में नहीं तू सो रही थी.

में तो 1 घंटे बाद ही उठ गई थी तो मैंने पूछा कि तूने मुझे क्यों नहीं उठाया? तो वो बोली तू सोती हुई इतनी प्यारी लग रही थी कि मैंने तुझे उठाया नहीं. फिर मैंने कहा कि अच्छा, खूबसूरत और में? मुझे तुझ पर विश्वास नहीं है तो वो बोली तो मत मान. फिर मैंने कहा अच्छा उसे छोड़ यह बता तू इतनी देर पहले उठ गई थी तो तूने अभी तक कपड़े क्यों नहीं पहने तो वो बोली पहने थे, लेकिन अभी जब में वापस रूम में आई तो ऊतार दिए मैंने कहा क्यों? और इतनी देर तूने किया क्या?

तो वो बोली कुछ खास नहीं, माँ तो मार्केट चली गई थी तो मैंने अकेले ही लंच किया फिर कुछ देर टी.वी. देखी और फिर ऊपर आई तुझे नंगा देखकर में दुबारा कामुक हो गई तो सारे कपड़े निकालकर तेरे बूब्स से खेलने लगी थी. में बोली तू भी ना, अगर बताया तो होता कि माँ और पापा घर पर नहीं है तो हम एक बार और हस्तमैथुन करते.

फिर वो बोली मैंने तो कर लिया अब तू तड़पती रह. में उठी और आईना के पास गई और उसके चूतड़ों पर एक ज़ोर का थप्पड़ मारा, उसके मुँह से आअहह निकल गई और वो अपने चूतड़ को मसलती हुई बोली कि इतनी ज़ोर की मारते है क्या? मैंने कहा यही है तेरी सज़ा, अकेले अकेले मुझसे तो मज़े ले लिए और में खाली रह गई.

फिर मैंने भी बगल से केंची उठाई और अपने बाल भी काटने लगी. हम दोनों एक दूसरे को कांच में नंगा देख रहे थे तो आईना बोली अच्छा एक बात बता आईशा कि तुझे उस दिन जब लोग तेरे बूब्स को दबा रहे थे कैसा लग रहा था? मैंने कहा देख उस दिन तो में बहुत घबरा गई थी, लेकिन आज जब में उस दिन के बारे में सोचती हूँ तो अच्छा लगता है, वो बोली सेम ऐसा ही मेरे साथ हुआ है.

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मैंने उसकी और देखा और उसके चूतड़ थपथपाये और मज़ाक करते हुए कहा कि शाबाश, वो बोली नहीं सच में मेरे साथ भी ऐसा ही हुआ है, तभी तो में बहुत कामुक हुई और कल रात को हस्तमैथुन कर रही थी. में बोली तो अब क्या फिर से जाना चाहती है उन लोगों के बीच में, वो बोली नहीं, लेकिन उस दिन को सोच कर अभी भी उत्तेजना होती है तो मैंने मज़ाक में बोला तू कहे तो फिर से चलकर देख सकते है, वो मेरे मज़ाक को सच में समझने लगी और बोली सच चल सकते है क्या? मैंने तुरंत अपनी बात बदलते हुए कहा, पागल है क्या. अगर अब वहाँ गये तो हमारा चुदाई हो जायेगा और उस दिन तो उस भले आदमी ने बचा लिया था अब तो कोई बचायेगा भी नहीं.

फिर वो बोली अरे चुदाई तो तब होगा ना जब हम खुद चुदने से मना करेंगे, लेकिन हम तो अपने आप ही चुदने जा रहे है तो टेंशन कहाँ से होगा. मैंने उसकी और देखा और बोली तू पागल हो गई है अरे वो हमें रंडी बना देंगे और जो भी बस में होगा वो चोदेगा. इतने लंड ले लेगी तू, वो पहले तो सोच में पड़ गई और फिर बोली हो सकता है कि फिर से वो दबा दबाकर के छोड़ दे. मैंने कहा तू पागल है और फिर मैंने अपना टॉप पहना और बिना पेंटी के सीधे शॉर्ट्स कपड़े पहने और आईना से कहा यह पागलपन का आइडिया छोड़ और फटाफट कपड़े पहन, मम्मी और पापा आते ही होंगे.

फिर में किचन में गई और खाना लिया और टेबल पर बैठकर खाने लगी, तभी आईना ऊपर से नीचे आई तो उसने तब भी कुछ नहीं पहना था. में उसे देखकर तुरंत बोली कि अरे तू कुछ पहन तो ले. माँ, पापा आ जायेंगे तो क्या होगा? तो वो बोली वो अभी नहीं आ रहे है, वो रात तक के लिए कह कर गये है और वो डिनर करके आयेंगे और हमारे लिए पैक करा लायेंगे. मैंने कहा ओहह तो यह तूने मुझे पहले क्यों नहीं बताया.

फिर मैंने खिड़की की और इशारा करके उससे पूछा कि इसमें से भी तो तू बाहर दिख सकती है और पड़ोसीयों ने देख लिया तो क्या होगा? इस पर वो बोली तो देखने दो, मुझे तो पूरी आदमीयों से भरी बस ने नंगा देखा है तो यह देख लेंगे तो क्या होगा. में समझ गई कि इसको समझाने का कोई फायदा नहीं, क्योंकि आईना पहले से ही बहुत डिस्टर्ब थी और ऊपर से वो अब अपनी सील तुड़वाने के लिए पागल हो रही थी.

फिर वो मेरे पीछे खड़ी हो गई और अपने निपल्स को मेरे गाल से लगाने लगी, में थोड़ी देर तक कुछ नहीं बोली फिर में गुस्सा होकर बोली कि क्या है? वो बोली बता ना चल सकते है बस में, मैंने कहा नहीं में नहीं जाउंगी, तू देख ले तुझे जाना हो तो अकेली चली जा, वो बोली कि नहीं, तेरे बिना नहीं, तू चल ना, देख मज़ा आयेगा.

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फिर में चिल्लाकर बोली तू पागल हो गई है अपना वहाँ चुदाई हो जायेगा, कितने लोग तेरे साथ चुदाई करेंगे पता भी है तुझे. वो बोली वो ही लोग तो मज़ा भी तो देंगे. मैंने कहा और उनमें से किसी को कोई बीमारी हुई तो वो बोली तो उसे अपने साथ नहीं करने देंगे. मैंने गुस्से में कहा उसे करने नहीं देंगे कैसे? वो बोली वहाँ एक दो आदमीयों से ही हम करायेंगे जो हमें अच्छे लगेंगे, बाकि को तो हम बस अपने बदन को ही छूने देंगे और ज्यादा हुआ तो उनका लंड चूसकर झाड़ देंगे.

मैंने कहा एक बार में तू कितने लंड झाड़ सकती है तो वो बोली बहुत सारे और फिर में कुछ देर तक उसकी बात को सोचती रही, लेकिन फिर भी मेरा मन नहीं माना और मैंने उसे फिर भी मना कर दिया, लेकिन वो कहाँ मानने वाली थी, वो मेरे पीछे ही लगी रही. में यह जानती थी कि में इस बात पर हाँ कहने वाली नहीं हूँ, क्योंकि इस काम में बहुत मुसीबत थी जो आईना करना चाहती थी. उसमें सबसे पहली बात सब आदमी वहाँ पर, फिर किसको क्या बीमारी है इसका पता नहीं और आख़िरकार किसी ने हमें यह सब करते हुये रिकॉर्ड कर लिया तो.

यह सब बात मैंने आईना को खूब समझाने की कोशिश की, लेकिन वो एक ही बात बोल रही थी कि करके देख मजा आयेगा. मैंने उससे साफ शब्दों में मना कर दिया और फिर वो गुस्सा होकर रूम में चली गई.

दोस्तों फिर थोड़ी देर में माँ, पापा मार्केट से आ गये और माँ ने आते ही मुझे पूरी दोपहर सोने के लिए डांट लगाई, फिर माँ ने पूछा आईना कहाँ है तो मैंने कहा कि रूम में है माँ ने कहा कि देखो हम लोग तो डिनर करके आये है और तुम्हारा डिनर पैक करा लाये है. अब तुम लोग देख लो कहाँ खाना है या तो अपने रूम में ले जाकर खा लो, या यहीं खा लो, तुम्हारी मर्ज़ी. हम लोग बहुत थक गये है और सोने जा रहे है मैंने कहा ठीक है.

फिर मैंने सारा डिनर प्लेट में लगाया और आईना को आवाज़ दी, लेकिन वो नहीं आई तो में समझ गई अब ऊपर जाकर ही उसे मनाना पड़ेगा. फिर में डिनर प्लेट में लगाकर ऊपर ही ले गई आईना एक कोने में गुस्सा होकर बैठी थी और उसने अभी तक कुछ नहीं पहना था. मैंने उससे बोला पागल ऐसे गुस्सा नहीं होते और कुछ पहन ले माँ, पापा आ गये है, वो गुस्से में बोली ना मुझे कुछ खाना है और ना ही में कुछ पहनूंगी.

मैंने मज़ाक करते हुए कहा तो तू सारी ज़िंदगी ऐसे ही नंगी रहेगी, वो मुँह फेर कर बैठ गई में उसके पास गई और उसकी नंगी पीठ पर हाथ फेरते हुए बोली, जो तू सोच रही है वो कभी नहीं हो सकता है आईना बहुत ज्यादा कठिन काम है तो इस बात पर वो गुस्सा हो कर बोली रिस्की माई फुट. में भी उसे समझा समझा कर हार गई थी. मैंने थक हार कर कहा चल कल देखते है उसके होठों पर मुस्कान आ गई और वो तुरंत मुझसे लिपट गई और बोली सच कल चलेगी तू, मैंने कहा हाँ देखते है कल चल सकते है कि नहीं.

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फिर वो बोली कि नहीं कल पक्का चलेंगे और अगर वो ही बस मिल गई तो अन्दर चल के मज़े लेंगे और तू चिंता मत कर हमें कुछ नहीं होगा. मैंने बोला चल ठीक है चल तू अब कुछ पहन ले और फिर डिनर करते है उसने टॉप और शॉर्ट्स पहन लिया और फिर हम लोगों ने डिनर किया और फिर उसने कहा चल डिनर के बाद बाहर एक राउंड घूम कर आते है तो में बोली माँ, पापा नहीं जाने देंगे तो वो बोली अरे अपनी कॉलोनी में क्या डर? यहाँ तो घूम ही सकते है. फिर मैंने कहा चल में पूछती हूँ और फिर में पूछने माँ के रूम में गई तो देखा कि गेट हल्का सा खुला था. मैंने गेट और दरवाज़े के बीच की हल्की सी दरार से अंदर देखा तो काफ़ी अंधेरा दिखा तो मैंने सोचा शायद पापा, माँ सो गये है तो मैंने हल्के से दरवाज़ा बंद किया और आईना को नीचे आने का इशारा किया.

फिर आईना नीचे आ गई उसने सफ़ेद कलर का टॉप और नीचे शॉर्ट्स पहन रखा था. मैंने भी गुलाबी टॉप और नीचे लाल कलर का पायजामा पहन रखा था. मैंने आईना को देखा कि वो शॉर्ट्स में ही उतरकर आ रही है तो मैंने उससे धीरे से बोला पागल है क्या तू? वो बोली क्यों? मैंने कहा शॉर्ट्स में ही बाहर चलेगी क्या? उस पर वो हंसी और फिर बोली हाँ.

मैंने उसकी और देखा और फिर बोली इतने छोटे शॉर्ट्स पहनकर बाहर निकलेगी तो सड़क पर सब तुझे ही देखेंगे, तुझे शर्म नहीं आयेंगी? वो बोली अरे यार इतनी रात को बाहर कोई नहीं होगा और ऊपर से कोई देख भी लेगा तो क्या? मैंने उसकी और देखा और उसके बेफिक्र चेहरे पर चुदने की इच्छा को देखकर में मुस्कुरा दी और उसके चूतड़ों पर हल्का सा थप्पड़ मारा और बोली तू तो बिल्कुल रंडी हो गई है. उसने मेरी और देखा और मुस्कुराते हुए मेरे चूतड़ पर हल्का सा ज़ोर का थप्पड़ मारा और बोली आख़िर हूँ तो तेरी छोटी बहन ही ना. फिर हम दोनों एक दूसरे की तरफ हंस पड़े और मैंने मेन गेट खोला और हम दोनों बाहर आ गये और बाहर रोड़ बिल्कुल खाली था और हमारे घर से हर 20 मीटर के अंतराल में एक रोड़ लाईट थी.

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