दोस्त के सामने उसकी मम्मी को चोदा-2

(Dost ke samne uski mummy ki chudai-2)

फिर मेरी उंगली आंटी की चूत में अंदर बाहर होने लगी थी और आंटी हल्की-हल्की सिसकियाँ लेने लगी थी.. आंटी की गर्दन को दाँत से हल्के-हल्के काटते हुए मैंने कहा कि आंटी आपकी चूत पर बाल बहुत बड़ गए हैं और लंड को अंदर डालने में बहुत दिक्कत होगी। वैसे मुझे चूत पर बाल तो बहुत अच्छे लगते है लेकिन आप बालों को थोड़ा छोटा करवा लेना और में आपको अगले 8 दिन तक बहुत चोदना चाहता हूँ.. क्यों करोगी ना चूत के बालों को थोड़ा छोटा? यह पूछकर में और स्पीड से उंगली उनकी चूत में अंदर बाहर करने लगा। तभी दरवाज़े पर राजीव के आने की आवाज़ सुनाई दी और आंटी अपनी साड़ी को समेटकर.. मुझे देखे बगैर ही बाथरूम में घुस गयी। तो मैंने उठकर दरवाज़ा खोला और फिर राजीव मेरे खड़े लंड को देखकर चोंक गया। तो मैंने इशारों से कहा कि मामला सेट है और बाद में रात को खाना खाने के बाद बताऊंगा।

फिर रात को हम खाना खाकर कमरे में चले गये और आंटी एकदम ऐसा व्यहवार कर रही थी जैसे कुछ हुआ ही नहीं और हमे खाना देकर आंटी बाथरूम में नहाने के लिए चली गई और अपने साथ में राजीव के शेविंग बॉक्स से कैंची भी बाथरूम में ले गई। तो में समझ गया कि आज आंटी चूत के बाल कम करेंगी। फिर रात के खाने के बाद राजीव को मैंने सब कुछ बताया.. वो भी गरम हो गया और एक घंटे तक मेरे लेपटॉप पर हम दोनों के ब्लूफिल्म देखने के बाद में धीरे से उठा और राजीव को कहा कि अब में तेरी मम्मी को चोदने जा रहा हूँ।

राजीव : तू क्या इस ब्लूफिल्म में जैसे गांड में लंड डाल रहे है वैसा भी करेगा? ओर क्या मेरी मम्मी की चूत को डोगी पोज़िशन में भी चोदेगा?

तो मैंने कहा कि तेरी मम्मी को पहले लंड चुसवाऊंगा.. फिर आखरी में डोगी पोज़िशन में चोदूंगा और अगर वो मान गयी तो आज गांड में भी लंड डालूँगा.. नहीं तो गांड में डालने के लिए और 2-3 दिन धीरे धीरे कोशिश करनी पड़ेगी। फिर राजीव ने कहा कि उसको भी चुदाई देखनी है तो मैंने कहा कि में जाकर शुरू करता हूँ। जब थोड़ी देर बाद चुदाई ज़ोर से चलेगी.. तब तू छुपकर देख लेना और ध्यान रखना की आंटी को पता ना चले और वो राज़ी हो गया। तो में आंटी के बेडरूम की तरफ गया और जैसा मेरा अनुमान था.. दरवाज़ा खुला था और में बिस्तर पर आंटी को सोते हुए देखकर उनके पास बैठ गया और उनके एक बूब्स पर हाथ रखा और दबाने लगा।

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आंटी नींद से उठ गयी और थोड़ा चौंकने का बहाना करके बोली कि तुम यहाँ हो तो राजीव कहाँ है? तो मैंने कहा कि रूम बाहर से लॉक है और वो गहरी नींद में सोया है और अब वो कल सुबह तक ही उठेगा। फिर में उनके ऊपर लेटकर उनके होंठ को चूमने लगा वो भी मेरा साथ देने लगी.. मैंने उनके ब्लाउज को खोल दिया और नंगे बूब्स को दबाते हुए एक निप्पल चूसने लगा और वो भी मस्ती में आने लगी। फिर में ज़ोर-ज़ोर से निप्पल को एक-एक करके चूसने लगा और वो अह्ह्ह उह्ह्ह आअहहह करने लगी.. फिर मैंने अपना लंड ट्राउज़र से बाहर निकालकर आंटी के हाथ में दिया.. आंटी मेरा लंड सहलाने लगी।

आंटी : यह तो बहुत बड़ा है।

में : क्या आपने कभी इतना बड़ा नहीं लिया?

आंटी : नहीं.. मुझे बहुत डर लग रहा है।

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में : आराम से करूँगा। उससे दर्द नहीं होगा.. मन ही मन में सोच रहा था कि आंटी गरम हो चुकी है और मेरा काला मोटा लंड अपनी चूत के अंदर डलवाना चाहती है और डर तो एक बहाना है और जब एक बच्चा इनकी चूत से निकल चुका है तो फिर मेरा लंड कितना बड़ा है? लेकिन उनकी चूत बहुत टाईट हो गई थी.. क्योंकि पिछले 16-17 साल से उन्होंने चूत नहीं मरवाई थी। तो मैंने लंड को उनके मुँह पर रखकर कहा कि इसको चाटकर गीला कर दो और में उनकी चूत पर मुँह रखकर उनके ऊपर सो गया। वो मेरे लंड को चाट रही थी और आईसक्रीम की तरह चूस रही थी और में उनके चूत के दाने को उंगली से रगड़ते हुए उनकी चूत को चाट रहा था और अब उनकी चूत पानी छोड़ना शुरू कर चुकी थी और मेरा लंड लोहे जैसा गरम हो गया था।

उनके मुँह से मैंने लंड को बाहर निकाला और एक तकिया उनकी गांड के नीचे रखा और में अपने लंड को उनकी चूत के छेद पर रखकर धीरे-धीरे रगड़ रहा था और एक हल्का सा धक्का दिया। तो उन्होंने थोड़ी सी सिसकियाँ लेकर गांड को हटा लिया.. तो लंड अंदर नहीं जा सका और अब मैंने उनकी कमर को एक हाथ से पकड़कर रखा था.. तो आंटी बोलने लगी कि थोड़ा धीरे कर आहह उह्ह्ह मुझे बहुत दर्द हो रहा है बेटा धीरे डालना यह बहुत बड़ा है।

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फिर मैंने अपने लंड को उनकी चूत की दीवार पर रखकर उनकी निप्पल को थोड़ा चूसा और बोला कि आंटी आप बिल्कुल भी डरो मत बस थोड़ा सा लंड पहले अंदर चले जाने दो और फिर आपकी चूत के अंदर मेरा लंड खुद अपनी जगह बना लेगा और बस एक बार लंड को थोड़ा अंदर जाने दीजिए। फिर यह कहकर मैंने उनके दोनों पैरों को घुटनों से मोड़कर ऊपर की तरफ उठाया और कमर के नीचे एक हाथ को डालकर गांड को तकिये के ऊपर खींचकर रखा और उनकी चूत ऐसा करने से और भी ज्यादा खुल गयी तो मैंने लंड को उनकी गुलाबी रसभरी चूत के छेद पर रखकर उनकी हल्के-हल्के झांटो वाली चूत के दाने को दूसरे हाथ की उंगली से सहलाया लेकिन आंटी ने योनसुख के मारे आँखे बंद करके उूउउस्स्स्स्स आअहमम्म्म ऊऊऊहह कर रही थी।

यह सही मौका देखकर मैंने अपने लंड को चूत में एक ज़ोरदार धक्का लगाया.. आंटी उईईईइ माँ मर गयी बाहर निकालो इसे.. मेरी चूत फट गई.. मुझे बहुत दर्द हो रहा है और यह कहकर मुझे धकेलने वाली ही थी कि में उनको अपने दोनों हाथों से पकड़कर उनके होंठो को अपने मुँह में लेकर चूसने लगा और वो दर्द से थोड़ी सी कसमसाने लगी थी।

तभी मैंने अपने पैर और जांघो से उनके दोनों पैर को ऊपर की तरफ धकेल रखा था और लंड का दो इंच से ज़्यादा हिस्सा आंटी की चूत में जा चुका था और आंटी के मुँह में अपना थूक डालते हुए और उनके थूक को उनके मुँह से चूसते हुए उनकी जीभ को अपनी जीभ से चूसता और चूसते हुए मैंने धक्का लगाना ज़ारी रखा और अब करीब 5 इंच का मेरा काला मोटा लंड उनकी नरम, गरम झांट वाली चूत के रस में भीगने लगा था। तो में बीच-बीच में उनकी गरम झांटो वाली चूत को हाथ लगाकर और भी हॉट हो जाता और ज़ोर-ज़ोर से धक्का लगा रहा था और आंटी को भी बहुत मज़ा आ रहा था। तो में अब उन्हे किस करना बंद करके उनके बूब्स दबाता और निप्पल चूसते हुए फुल स्पीड से उनको चोद रहा था। आंटी ने अब अपने दोनों पैरों को मेरी कमर के ऊपर से लॉक कर दिया था और अपनी गांड को उठा उठाकर मेरा साथ दे रही थी।

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तो उनकी सिसकियों की आवाज़ तेज़ हो रही थी और धीरे-धीरे आंटी की सिसकियाँ बढ़ रही थी और उनको यह ख्याल भी नहीं था कि राजीव पास के रूम में सो रहा है लेकिन राजीव तो चुपचाप छुपकर यह सब देख रहा था। फिर आंटी ने मेरे बाल पकड़कर मेरा मुँह अपने निप्पल पर रखा और 15 मिनट हो चुके थे। मेरा शरीर अकड़ रहा था और जोश की वजह से मैंने आंटी को टाईट अपने जिस्म पर दबोच लिया। तो आंटी नाख़ून से मेरी पीठ को पागलों की तरह नोच रही थी।

फिर आंटी और में एक साथ झड़ गये और मेरा लंड ज़ोर-ज़ोर के धक्को के साथ अपना पानी उनकी चूत में छोड़ रहा था और फिर कुछ देर के बाद धीरे-धीरे सिकुड़कर बाहर आ गया और उनकी भी पकड़ मेरे शरीर से ढीली होती गई। फिर आंटी दो तीन मिनट के बाद उठकर बाथरूम गई और में अपने रूम पर वापस आ गया तो वहाँ पर राजीव मेरा इंतज़ार कर रहा था। तभी मेरे वहाँ पर पहुंचते ही उसने कहा कि यार तेरा इतना मोटा लंड मम्मी बड़ी आसानी से अंदर ले रही थी। फिर मैंने उसकी हर बात का जवाब दिया और हम सो गए। उसके बाद मैंने आंटी को बहुत बार चोदा और हर बार राजीव छुपकर हमारी चुदाई देखा करता था।

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