चुदाई की कहानियाँ

दोस्त की मम्मी और दोस्त को एक साथ चोदा

Dost ki mummy aur dost ko ek sath choda

नमस्कार दोस्तों, मेरा नाम रोशन है। मेरी उम्र 20 साल है। मेरा लन्ड 8 इंच लंबा और 3 इंच मोटा हैं। मैं इस साइट का नियमित पाठक हूं मैं दिल्ली में रहकर पढ़ाई करता हूं। आज मैं आपको एक सच्ची घटना बताने जा रहा हूं। यह कहानी मेरे, मेरे दोस्त सागर और उसकी मम्मी रेशमा आंटी की है।

सबसे पहले मैं सबसे पहले मैं आप लोगों को रेशमा आंटी के बारे में बताना चाहता हूं  रेशमा आंटी की उम्र 45 वर्ष के करीब होगी लेकिन दिखने में 30 जैसी लगती है। उनकी बदन की चमक ऐसी है कि कोई भी उनको देखने के बाद अपने आप को संभाल ना पाए। उनकी त्वचा ऐसी है कि मानो हाथ रखो तो हाथ फिसल जाए। उनका  फिगर 36-28-36 का है  जो  की बहुत ही कातिलाना है। वह रोज सुबह व्यायाम और एरोबिक्स करती है अपनी फिगर को मेंटेन रखने के लिए।

दोस्तों अब कहानी पर आते है, सागर मुंबई का रहने वाला था। वह दिल्ली में अपनी मां रेशमा आंटी के साथ रहता है।  मैं वहां रूम लेकर रहता था और सागर फ्लैट में अपनी मम्मी रेशमा आंटी के साथ रहता था ।उसके पापा की मुंबई में जॉब है ,वहीं रहते हैं। सागर बहुत ही सीधा और शरीफ बच्चा  है वह बस पढ़ाई में ध्यान लगाता था ; ना खेलना, ना घूमना, ना किसी लड़की से बात करना। फिर भी पढ़ाई में वह थोड़ा मुझसे कमजोर था इसलिए क्लास में मेरे साथ बैठा करता था और इसी तरह  हमारे दोस्ती गहरी हुई थी। एक दिन जब मैं  सेक्स स्टोरी पढ़ रहा था तो सागर मेरे रूम में आया मैंने उसे भी कहानी पढ़ने को कहा पहले तो वह मना करने लगा फिर मैंने ज़िद किया तो वह मान गया।

एक दो बार पढ़ने के बाद उसे इतना मन लग गया कि वह रोज पढ़ने लगा था। फिर मैं उसे साथ बैठाकर कहानी पढ़ाने और पोर्न दिखाने लगा था जिससे वह थोड़ा थोड़ा खुलने लगा था। एक दिन उसने बोला कि यार रोशन मुझे सेक्स करने का मन करता है मैंने उसे सुझाव दिया कि वह किसी को गर्लफ्रेंड बना ले पर वह लड़कियों से बात करने में डरता था इसलिए तो गर्लफ्रेंड नहीं बना सका। फिर मेरे मन में एक आइडिया है ,पहले तो मैंने सोचा बोलूं या नहीं बोलूं फिर मैंने बिना ज्यादा सोचे-समझे बोल दिया कि सागर तेरी मम्मी अपनी हॉट है तो अपनी मम्मी साथ ही सेक्स कर ले पहले तो उसने साफ इंकार कर दिया और फिर गुस्से में वहां से चला गया ।

3 दिनों तक वरना मेरे रूम में आया और ना मुझसे बात किया चौथे दिन में मेरे रूम में आया और उस दिन के गुस्से के लिए सॉरी बोला । मुझे समझ नहीं आया कि सॉरी मुझे बोलना चाहिए पर इसने क्यों बोला । वह बोला रोशन मुझे उस दिन समझ नहीं आया क्योंकि आज तक मैंने अपनी मम्मी के बारे में कभी यह सब नहीं सोचा।  फिर मैंने उसे समझाया कि कोई दिक्कत नहीं और वैसे भी अंतर्वासना में तो इतनी कहानी पढ़ चुका है आजकल यह सब नॉर्मल है । तो फिर उसने बोला कि क्या मम्मी रेडी होगी ?यह सुनकर मेरे मन में लड्डू फूटने लगे। फिर मैं उससे बोला कि रेशमा आंटी सीधे तुम्हारे साथ सेक्स करने के लिए रेडी नहीं होगी पर अगर मैं पहले रेशमा आंटी साथ सेक्स करता हूं तो फिर मैं  उन्हें रेडी कर दूंगा तुम्हारे साथ सेक्स करने के लिए। सागर इस बात से राजी हो गया। फिर हम दोनों ने रेशम आंटी को सेक्स के लिए रेडी करने का प्लान बनाया।

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सागर ने अपनी मम्मी से बोला कि हमारे एग्जाम नजदीक आ रहे है इसलिए अब हम लोग साथ रोज यही पढ़ाई करेंगे। फिर मैं सागर के  फ्लैट गया मैंने रेशमा आंटी को नमस्कार किया और पूछा कैसी हो आंटी? आंटी ने मुस्कुराकर जवाब दिया अच्छी हूं रोशन तुम कैसे हो? मैं बोला मैं भी ठीक हूं आंटी। फिर आंटी ने बोला कि क्या बात है आजकल तो तुम मेरे घर आते ही नहीं? तो मैंने बोला नहीं आंटी क्लास रहता है इस वजह से नहीं आ पाता, आंटी ने बोला ठीक है पर जब भी मौका मिले आ जाया करो। फिर मैं और सागर उसके रूम चले गए। फिर ऐसे ही कुछ दिनों तक चला, फिर एक दिन जब मैं सागर के फ्लैट गया तो उस वक्त रेशमा आंटी नहा रही थी फिर मैंने सागर को कहा कि मैं झांक कर देखता हूं मैंने एक छेद से झांक कर देखा अंदर का नजारा देखकर तो मैं पागल हो गया रेशमा आंटी ब्रा और पेंटी में नहा रहे थे।

उनके बड़े-बड़े बूब्स और सेक्सी गांड देख कर मेरा 8 इंच का लैंड खड़ा हो गया, थोड़ी देर उन्हें वैसे ही देखता रहा जब वह नहा ली तो मैं वहां से हट गया। अब मुझसे रहा नहीं जा रहा था, थोड़ी देर बाद जब वह किचन में गई  तो मैं अभी किचन में गया मैं बोला आंटी पानी पीना है, तो उन्होंने कहा रुको मैं देती हूं। तो बोला नहीं आंटी मैं खुद ले लूंगा और मैं ग्लास उठा लिया। नल आंटी के तरफ था तो मैं नल की तरफ जाने समय अपना हाथ आंटी की गांड में रगड़ दी आंटी ने कुछ नहीं बोला मैंने वापस जाने समय भी अपना हाथ उनके गांड में रगड़  और वापस सागर के कमरे में आ गया और और सारी बात सागर को बताई। फिर मैं सागर को बोला कि जब तू घर से बाहर रहेगा तभी कुछ हो सकता है। तो वह बोला तो ठीक है कल तू मेरे घर आना जब मैं नहीं रहूंगा।

कल जब मैं सागर के घर गया तो आंटी ने बोला कि सागर नहीं है तो मैं बोला ठीक है अंडे में बाद में आऊंगा तो आंटी बोली रोशन रुक जाओ थोड़ी देर ऐसे भी तुम तो आते ही नहीं मैं तो खुश हो गया मैं बोला ठीक है आंटी मैं रुक जाता हूं फिर मैं और आंटी रूम में बैठ टीवी ऑन था आंटी बोली रुको मैं कुछ खाने के लिए लेकर आती हूं फिर रिमोट लिया और एक इंग्लिश मूवी लगा दी फिर आंटी नाश्ता लेकर आई मैं और आंटी बातें करने लगे फिर आंटी ने मुझसे पूछा कि तुम्हें घर की याद नहीं आती तो मैंने कहा आती तो है  पर क्या करूं आंटी पढ़ाई भी तो जरूरी है तो आंटी ने कहा वह तो है पर जब तुम्हें मन नहीं लगे तो तुम मेरे यहां आ जाया करो फिर मैंने आंटी से पूछा की आंटी आपको याद नहीं आती तो उन्होंने हंसते हुए कहा मैं तो रह रही हूं सागर के साथ फिर मैं भी उनसे पूछा की अंकल की याद नहीं आती तो उन्होंने बोला आती है तो कॉल पे बात कर लेती हूं। मैं बोला साथ का अलग मजा है बात में वो मजा थोड़ी हैं।

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वो हसने लगी और बोली किस मजे कि बात कर रहे हो। मैं बोला कुछ नहीं आंटी। वो हंस कर बोली मैं सब समझती हूं। मुझे लगा अब काम हो जाएगा। फिर दोनों टीवी देखने लगे इतने में एक सेक्स सीन आ गया। मैं अपना सिर झुका लिया और तिरछी नजरों से आंटी को देखा वो बड़े गौर से देख रही थी। आंटी की सांसे तेज होने लगी थी। उनका चेहरा लाल होने लगा था। इतने मे मैं आंटी के करीब गया और बोला मैं इस मजे की बात कर रहा था। वो मेरी आंखो मे गौर से देखने लगी। वो मेरी आंखो मे वासना साफ देख रही थी। मैं अपना हाथ उनकी हाथ में सटाया और सहलाना शुरू किया। कुछ सेकंड मे वो नजर नीचे झुका ली और उठकर जाने लगी और बोली मैं काफी बनाकर लाती हूं। जब वो जाने लगी तो उनकी मटकती गांड़ देखकर मेरे तने हुए लंड मे और उफान आ गया। मैं भी उनके पीछे किचन में चला गया। वो बोली तुम वही बैठेते मैं काफी बनाकर लाती हूं। मैं बोला आंटी मुझे भी सीखना है। वो कातिलाना स्माइल देकर बोली ठीक है। फिर वो चीनी का डब्बा निकालने लगी तो जानबुझ पीछे कर दी और मुझसे स्माइल देकर बोली चीनी का डब्बा निकालने में हेल्प करो रोशन।

मैं समझ गया मेरा काम हो गया। मैं उनके पीछे जाकर डब्बा निकालने लगा। मैं अपना तना हुआ लंड उनके गांड़ के उभरो के बीच दबा दिया । रेशमा आंटी की आहह निकल गई। उन्होंने कुछ नहीं बोला मैं थोड़ा और दबाया तो उन्होंने अपना मुठ्ठी जोर से बंद कर के तेज सांस लेने लगी। अब मैं सीधा पीछे से उनकी बूब्स पकड़ लिया और गर्दन पे किस करने लगा । वो जोर जोर से सांस लेने के साथ आहें भरने लगी।  मैं उनकी गर्दन पर अपनी जीभ फेरने लगा करण के कान के निचले हिस्से को अपनी जीभ से सहलाने लगा। वह मछली की तरह छटपटाने लगी। फिर वह पीछे मुड़कर मेरे होंठ को जोर से चूसने लगी।फिर मैं अपने दोनों हाथों से उसके गोल गोल गांड को पूरी जोर से मसल रहा था अब वो अपना हाथ मेरे लंड पर लाकर उसे ऊपर से सहला रही थी। मैं भी उनकी नाइटी के ऊपर से उसकी चूत को सहलाने लगा।

वह जोर-जोर से आहें भर रहे थी फिर उसने मेरे लंड को बाहर निकाला उसे देख कर वह चौक गई और बोली रोशन इतना बड़ा लंड तो मैंने आज तक नहीं देखा, मैं तो तुम्हें बच्चा समझती थी और उसके बाद वह मेरा लंड अपने मुंह में लेकर चूसने लालिपॉप की तरह चूसने लगी। रेशमा आंटी जब मेरा लंड चूस रही थी तो मैं जैसे जन्नत में था। 10 से 15 मिनट लंड चूसने के बाद वह बोली अब मुझसे रहा नहीं जा रहा प्लीज रोशन मेरी चुत की गर्मी शांत कर दे। बड़े दिनों से प्यासी है मेरी चुत। इतना कह कर वो मुझसे किस करते हुए बेडरूम की तरफ ले जाने लगी।

बेडरूम में जाते ही मैंने रेशमा आंटी की नाइटी खोली अब उनकी रसीली बूब्स पूरी तरह आजाद हो चुके थे मैं उनके बूब्स को जोर-जोर से चूसने लगा रेशमा आंटी जोर-जोर से आह आह कर रही थी मैं जीभ फेरते हुए उनकी नाभि तक आया और उनकी नाभि के चारो तरफ अपनी जीभ की नोक से सहलाने लगा आंटी जोर जोर से छटपटाने लगी फिर मैंने उनकी पैंटी उतारी और उनकी चुत को चाटने लगा। रेशमा आंटी अपने हाथ से मेरे सिर को अपनी चूत में दबाने लगी फिर मैंने उनकी चूत के अंदर अपना  जीभ डाल कर अंदर जीभ को फेरने लगा।फिर रेशमा आंटी  ने कहा रोशन अब मत तड़पाओ मेरी चूत मे अपना लंड डाल और मेरी चूत की गर्मी शांत करो।

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फिर मैंने अपना लंड उनकी चूत के मुंह पर रखा और धीरे-धीरे दबाने लगा। उनकी चूत काफी कसी हुई थी फिर मैंने अपना लंड का टोप उनकी चूत के अंदर डाला तो वह जोर-जोर से सिसकारी लेने लगी। फिर मैंने उनके ओठ से ओठ सटया और एक झटके में अपना आधा लंड अंदर डाल दिया। रेशमा आंटी चिल्लाई और बोली प्लीज धीरे करो मैं बहुत दिन से नहीं चुदी हूं और मेरे पति का लंड भी तुमसे बहुत छोटा था। फिर मैंने दूसरा झटका दिया और पूरा लंड अंदर  था वह जोर-जोर से सिसकारी लेने लगी। मैं जोर जोर से झटका मारने लगा और उनकी ओंठ को चूसने लगा। रेशमा आंटी भी मेरे पीठ पर हाथ फेरने लगी । दोनों एक दूसरे मे समा गए। लगभग एक घंटे की चुदाई मे मैं 2 बार और वो 3 बार झड़ गई।

चुदाई के बाद दोनों एक दूसरे को किस किए और एक दूसरे की शरीर पे हाथ फेरने लगे।रेशमा आंटी ने मुझसे कहा रोशन तुमने जो आज मुझे प्यार दिया वो मैं कभी महसूस नहीं की थी। मैं बोला आंटी आप हो ही इतनी प्यारी कि में खुद को रोक ही नहीं पाया आपको प्यार करने से। तो मेरे मेरे ओंठ पे अपना अंगुली रखी और बोली आज से मैं आंटी नहीं तुम्हारी रेशमा बेबी हूं डार्लिंग और मुझे किस करने लगी।फिर दोनों कपड़े पहने और मैं जाने लगा तो वो बोली इस प्यार की भूखी थी मैं जो आज तुमसे दिया। फिर हमने किस किया और मैं आ गया।

शाम को मैं सागर को कॉल कर क अपने रूम पे बुलाया और उसे सारी कहानी सुनाई तो बोला मुझे भी चुदाई करनी है। तो मैं बोला ठीक है मैं रेशमा आंटी को राजी कर दुगा। तो वो बोला मुझे रेशमा आंटी के साथ नहीं तुम्हारे साथ करना है।दोस्तो यह सुनकर मैं चौंक गया। फिर उसने मुझे सारी बात बताई कि जब मैं पोर्न देखता हूं तो मुझे लडको वाली पसंद आती है और मैं स्टोरी भी गे वाली पड़ता हूं।
मैं मन मे सोचने लगा एक तीर से दो निशाना। वो बोला मैं चाहता हूं जैसे तुमने मेरी मम्मी की चुदाई की वैसे ही मेरी भी करो। इतना कहकर वो मेरा लंड पे अपना हाथ रख दिया।

दोस्तो अब अगली कहानी में बताऊंगा कि कैसे मैंने सागर की गांड़ मेरी और फिर दोनों मां और बेटे की एक साथ एक बिस्तर पर चुदाई की।
आप मुझे मेल [email protected] कर के बताए मेरी यह कहानी कैसी लगी ।