होटल में करी किरन की चुदाई 1

Hotel me kari kiran ki chudai-1

ये कहानी मेरी यानी राहुल गुप्ता की है।

मैं एक बी एस सी दूसरे वर्ष का छात्र हूँ। पहले मैं अपने बारे में बता दूँ कि मैं 6 फुट लम्बा हूँ, एक्साइज करने से मैं तगडा हो चुका हूँ और मेरा रंग साफ है। ये तो रही मेरी बात, अब आता हूँ अपनी कहानी पर।

बात उन दिनों की है जब मैंने पहली बार स्नातक कालेज में एडमिशन लिया था और कालेज में मेरा कोई दोस्त नहीं था।

मैं क्लास में जब गया तो वहाँ सबसे पहले मेरी नज़र एक बहुत सुन्दर सी लड़की पर गयी। उसने मुझे देखा और सब कुछ ठहर सा गया। लगा कि जैसे वक्त रूक गया है फिर मैं उस लड़की की बाराबर वाली बेंच पर जाकर बैठ गया और रूक-रूक कर उसी को देखता रहा।

पता नहीं कब सर क्लास में आ गये और मुझे खड़ा कर दिया और कहा – मेरे आने के बाद भी लडकियों को देख रहा है, अब जब तक मैं नहीं जाता ऐसे ही खड़े रहे।

मुझे बहुत शर्म आ रही थी कि पहले ही दिन सर ने मुझे खड़ा कर दिया।

क्लास के बाद मैंने उस लड़की को रोका और उसका नाम पुछा, उसने बताया उसका नाम किरन है।

किरन – आप मेरी वजह से सबके सामने शर्मिंदा हो गये, मुझे माफ कर देना।

मैं – आप की वजह से? मैं कुछ समझा नहीं।

किरन – वो मेरे पिता जी थे जिसने तुमको खड़ा कर दिया, क्योकि तुम मुझे कब से घूरे जा रहे थे। ये पिता जी ने देख लिया और आपको खड़ा कर दिया।

मैं – ओह!!!! तभी तो।

किरन – तभी तो क्या?

मैं – नहीं कुछ नहीं। किरन, क्या तुम मेरे साथ काफी पीने चलोगी?

किरन – ओ, आई एम सो सारी। मुझे घर जाना है, फिर कभी चलेंगें।

मैं – ओके, बाय।

किरन – रूको, आपना नाम तो बताते जाओ।

मैं – मेरा नाम राहुल गुप्ता है।

किरन – अच्छा राहुल, कल मिलेंगें और जरूर काफी पीने जायेगें।

फिर वो बाय कह कर चली गयी।

मैं किरन के बारे में बता दूँ कि वो बहुत ही सेक्सी और कामुक है, वो लम्बी है और उसका फिगर 36-26-36 है और जब वो चलती है तो ना चाहते हुए भी नज़र उसकी गाण्ड पर आकर रूक जाती है।

अगले दिन जब मैं तैयार होकर कालेज आया तो उसने अपने बिल्कुल पास वाली सीट पर बैठने का इशारा किया। मैं तुरन्त जाकर बैठ गया और हाय बोल कर हाथ मिलाया। क्लास खत्म होने के बाद हम एक रेस्टोरेन्ट में गये।

मैं – क्या लोगी?

किरन – तुम शायद मुझे यहाँ काफी पीलाने लाये हो, ना।

मैं – काफी का तो आर्डर दे ही रहा हूँ पर और कुछ नहीं लोगी?

किरन – नहीं, मैं डाईटिंग पर हूँ और कुछ भी नहीं ले सकती हूँ।

मैं – ओ रेयली, पर आपको इसकी क्या जरूरत है?

किरन – अरे नहीं यार, मेरा वेट काफी बढ़ गया है। पता है मेरा वेट 53 किलो है।

मैं – अरे, ये कोई ज्यादा नहीं है। ये तो नार्मल वेट है।

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फिर हमने काफी पी और काफी सारी बातें की। बातों-बातों में मैंने उसका हाथ पकड़कर उसके हाथों को किस किया। उसने कोई विरोध नहीं किया।

फिर मैंने उसका मोबाइल नम्बर माँग लिया। उसने बडे आराम से बता दिया। मैंने उसको मिस्ड-काल करके अपना नम्बर दे दिया।

फिर हम वहाँ से निकल लिए। मैंने उसको उसके घर से कुछ पहले छोड़ा और बाय करके चला गया।

फिर उसी दिन मैंने रात को उसको फोन किया और खूब सारी बातें की और उसके बारे में सब कुछ पूछा, उसने भी सब बताया।

अब मैंने हिम्मत करके उसको कल कालेज बंग करके पार्क चलने को कहा। पहले तो उसने खूब मना किया पर मेरे बार-बार कहने पर उसने हाँ कह दी।

अगले दिन मैं कालेज जाकर उसको पिक करके पार्क ले गया। फिर उससे बातें की उसके बाद उसका हाथ पकड़ कर उसको आई लव यू बोल दिया। वो कुछ नहीं बोली।

मैं – किरन, प्लीज कुछ तो बोलो वरना मैं तो जीते जी मर जाऊँगा।

किरन – मरे, तुम्हारे दुश्मन। आई लव यू टू, राहुल।

इतना सुनकर मैंने उसको अपनी बाहों में भर लिया। थोड़ी देर ऐसे ही रहने के बाद फिर मैंने उसको किस करने के लिए उसकी गर्दन को दोनों हाथ से पकड़ कर किस करना चाहा पर उसने विरोध किया।

किरन – राहुल, ये जगह सही नहीं है ये सब करने के लिए।

मैं – ठीक है, कहीं और चलते हैं।

किरन – पर कहाँ?

मैं – अरे चलो, तो मेरी जान।

मैं उसको एक 3 स्टार होटल में ले गया। होटल के पार्किग में पहुँच कर गाडी खड़ी ही की थी कि वो मुझ पर बिगडने लगी।

किरन – मैं जानती हूँ तुम मुझे यहाँ क्यों लाये हो। ये सब सही नहीं हैं।

मैं – अरे, मेरी जान तुम तो सब जानती हो पर घबराओ मत हम वो नहीं करेंगे जो तुम सोच रही हो। अब अन्दर चलो।

मैं उसको मना कर कमरे में ले गया।

फिर कमरे में क्या हुआ ये जानने के लिए अगले भाग का इंतज़ार कीजिये…